Categories: आहार विहार

थायरॉइड रोग के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Thyroid Gland Disorder)

थायराइड एक गंभीर रोग है। यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। जब भी किसी व्यक्ति को थायराइड होता है तो शुरुआत में रोगी को थायरॉयड के लक्षणों का पता नहीं चलता, लेकिन जब बीमारी बढ़ जाती है तो कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। आमतौर पर यही देखा जाता है कि जब किसी व्यक्ति को थायराइड होता है तो वह डॉक्टर से थायराइड का इलाज कराता है, लेकिन क्या आपको पता है कि थायराइड का इलाज कराने के दौरान आपको उचित खान-पान की भी जरूरत होती है।

जी हां, उचित खान-पान से ना सिर्फ आप थायराइड पर नियंत्रण पा सकते हैं बल्कि बीमारी की रोकथाम भी कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि थायराइड होने पर आपका खान-पान कैसा होना चाहिए।

थायराइड रोग में क्या खाएं (Your Diet in Thyroid Gland Disorder)

थायराइड होने पर आपका आहार ऐसा होना चाहिएः-

और पढ़ें: फालसा के फायदे व नुकसान

थायरॉयड रोग में क्या ना खाएं (Food to Avoid in Thyroid Gland Disorder)

थायरॉयड होने पर आपको इनका सेवन नहीं करना हैः-

  • अनाज: नया चावल, मैदा।
  • दाले: कुलथ, उड़द, राजमा, छोले।
  • फल एवं सब्जियां: बैंगन, नींबू, पत्तेदार सब्जियाँ, टमाटर, खट्टे अंगूर, कटहल, अरबी, अंकुरित अनाज, गाजर, सोयाबीन।
  • अन्य: मछली, पनीर, तीखा भोजन, तैलीय मसालेदार भोजन, कोल्डड्रिंक्स, फास्टफूड, जंक फ़ूड, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ।
  • सख्त मना :- तैलीय मसालेदार भोजन, अचार, अधिक तेल, कोल्डड्रिंक्स, मैदे वाले पर्दाथ, शराब, फास्टफूड, सॉफ्टड्रिंक्स, जंक फ़ूड, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, मांसहार सूप,. कच्ची सब्जी, ब्रोकोली, पत्तागोभी, फूलगोभी, भिंडी

थायरॉयड के लिए आपका डाइट प्लान (Diet Plan for Thyroid Disease)

सुबह उठकर दांतों को साफ करने (बिना कुल्ला किये) से पहले खाली पेट 1-2 गिलास गुनगुना पानी एवं नाश्ते से पूर्व पतंजलि आवंला व एलोवेरा रस पिएं। इसके साथ ही इन बातों का पालन करें।

समय आहार योजना ( शाकाहार )
नाश्ता (8 :30 AM) 1कप दिव्य पेय पतंजलि + 2-3 बिस्कुट (आरोग्य, पतंजलि) / पोहा /उपमा (सूजी ) /दलिया / कॉर्नफ्लैक्स /ओट्स / मुरमुरे /  1-2 पतली रोटी (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा ) + 1 कटोरी हरी सब्जियां /1 प्लेट फलों का सलाद / फलों का जूस (केला, अनार, संतरा, सेब, पपीता) + ½ चम्मच पंचकोल चूर्ण के साथ
दिन का भोजन (12:30-01:30 PM 1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा ) + 1 कटोरी हरी सब्जियां + 1 कटोरी दाल + 1 कटोरी मटठा /छाछ + 1 प्लेट सलाद + पंचकोल चूर्ण
शाम का नाश्ता (3:30pm 1कप दिव्य पेय पतंजलि + 2-3 बिस्कुट आरोग्य, पतंजलि / सब्जियों का सूप /मूंग दाल + पंचकोल चूर्ण
रात का भोजन (7: 00 – 8:00 Pm) 1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा ) + 1 कटोरी हरी सब्जिया (रेशेदार) + 1 कटोरी दाल मूंग (पतली)
सोते समय 10:00:00 PM 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण / पतंजलि हरिद्राखण्ड पाउडर हल्का गर्म दूध /पानी के साथ

सलाह: यदि मरीज को चाय की आदत है तो इसके स्थान पर 1 कप पतंजलि दिव्य पेय दे सकते हैं

थायरॉयड के दौरान जीवनशैली (Your Lifestyle in Thyroid Disease)

थायरॉयड होने पर आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  • तनाव मुक्त जीवन जीने की कोशिश करें।
  • योगासन करें।
  • जंक फूड एवं प्रिजरवेटिव युक्त आहार को नहीं खाएं।
  • धूम्रपान, एल्कोहल आदि नशीले पदार्थों से बचें।
  • टहलें, हल्का व्यायाम करें।
  • रात में ना जागें।
  • धूप का सेवन करें।
  • उपवास करें।

थायरॉयड में ध्यान रखने योग्य बातें (Points to Remember in Thyroid Disease)

थायरॉयड होने पर आपका इन बातों का ध्यान देना चाहिएः-

(1) ध्यान एवं योग का अभ्यास रोज करें।

(2) ताजा एवं हल्का गर्म भोजन अवश्य करें।

(3) भोजन धीरे-धीरे शांत स्थान में शांतिपूर्वक, सकारात्मक एवं खुश मन से करें।

(4) तीन से चार बार भोजन अवश्य करें।

(5) किसी भी समय का भोजन नहीं त्यागें एवं अत्यधिक भोजन से परहेज करें।

(6) हफ्ते में एक बार उपवास करें।

(7) अमाशय का 1/3rd / 1/4th भाग रिक्त छोड़ें।

(8) भोजन को अच्छी प्रकार से चबाकर एवं धीरे-धीरे खाएं।

(9) भोजन लेने के बाद 3-5 मिनट टहलें।

(10) सूर्यादय से पहले [5:30 – 6:30 am] जाग जाएं।

(11) रोज दो बार दांतों को साफ करें।

(12) रोज जिव्हा करें।

(13) भोजन लेने के बाद थोड़ा टहलें।

(14) रात में सही समय [9-10 PM] पर नींद लें।

और पढ़े: हाइपरथायरायडिज्म के घरेलू इलाज

थायरॉयड में योग और आसन (Yoga and Asana in Thyroid)

थायरॉयड होने पर आपको ये योग और आसन करना चाहिएः-

  • योग प्राणायाम एवं ध्यान: भस्त्रिका, कपालभांति, बाह्यप्राणायाम, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, उज्जायी, प्रनव जप
  • आसन: सूक्ष्म व्यायाम, सूर्यनमस्कार, उत्तानपादासन, भुजंगासन, मर्कटासन, शशांकासन, शवासन,पश्चिमोत्तानासन, सिंहासन

    और पढ़ेंः थायरॉयड के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज

    आचार्य श्री बालकृष्ण

    आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

    Share
    Published by
    आचार्य श्री बालकृष्ण

    Recent Posts

    कब्ज से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं पतंजलि दिव्य त्रिफला चूर्ण

    आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार, त्रिफला चूर्ण पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए बेहद फायदेमंद है. जिन लोगों को अपच, बदहजमी…

    12 months ago

    डायबिटीज को नियंत्रित रखने में सहायक है पतंजलि दिव्य मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर

    डायबिटीज की बात की जाए तो भारत में इस बीमारी के मरीजों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही…

    12 months ago

    त्वचा से जुड़ी समस्याओं के इलाज में उपयोगी है पतंजलि दिव्य कायाकल्प वटी

    मौसम बदलने पर या मानसून सीजन में त्वचा से संबंधित बीमारियाँ काफी बढ़ जाती हैं. आमतौर पर बढ़ते प्रदूषण और…

    12 months ago

    युवाओं के लिए अमृत है पतंजलि दिव्य यौवनामृत वटी, जानिए अन्य फायदे

    यौन संबंधी समस्याओं के मामले में अक्सर लोग डॉक्टर के पास जाने में हिचकिचाते हैं और खुद से ही जानकारियां…

    12 months ago

    मोटापे से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं पतंजलि मेदोहर वटी

    पिछले कुछ सालों से मोटापे की समस्या से परेशान लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. डॉक्टरों के…

    12 months ago

    पेट से जुड़े रोगों को ठीक करती है पतंजलि दिव्य गोधन अर्क, जानिए सेवन का तरीका

    अधिकांश लोगों का मानना है कि गौमूत्र के नियमित सेवन से शरीर निरोग रहता है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ भी इस बात…

    12 months ago