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किडनी की पथरी समेत कई अन्य बीमारियों में उपयोगी औषधि है गोखरु

किडनी की पथरी समेत कई अन्य बीमारियों में उपयोगी औषधि है गोखरु(Gokshura in hindi))

अभी भी कई ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ मौजूद हैं जिनके संपूर्ण गुणों के बारे में अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है। गोक्षुर (Tribulus terrestris) भी ऐसी ही एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जो आमतौर पर वनस्पति के रुप में जमीन पर फैली हुई पायी जाती है। ये मानसून के समय अपने आप ही खेतों और जंगलों में उग जाते हैं।  इसके फल कांटेदार होते हैं और ये गायों और अन्य जानवरों के पैरों (खुरों) में फंस जाते हैं इसी वजह से इन फलों का नाम गोखरु (Gokhru) पड़ा। इसे गोक्षुर (Gokshura in hindi), त्रिकंटक, गोखरु कांटा आदि नामों से भी जाना जाता है।

इस पौधे की दो प्रजातियां पायी जाती हैं : छोटा गोखरु और बड़ा गोखरु। गोखरु का मुख्य इस्तेमाल बांझपन दूर करने और सेक्स क्षमता (Sex Power) बढ़ाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद और चीन की चिकित्सा पद्धति में इस पौधे की जड़ों,  फलों और बीजों का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है। गोक्षुर के फायदों (Gokshura benefits in hindi) के बारे में बात करें तो यह मूत्र संबंधी रोगों, किडनी और प्रजनन अंगों के लिए यह बहुत ही गुणकारी औषधि है।आयुर्वेद के अनुसार गोखरु मूत्रवर्धक, वीर्यवर्धक और शक्तिवर्धक औषधि है।

पोषक तत्वों की मात्रा : इस औषधि में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। जिनमें क्वेरसेटन,केम्फेरोल, सैपोनिन, सोडियम, पोटैशियम  मुख्य रुप से शामिल हैं। इसके अलावा गोक्षुर विटामिन ए, कैल्शियम और आयरन का भी अच्छा स्रोत है।

गोखरु के फायदे (Gokhru benefits in Hindi) :

गोखरु सेहत के लिए कई तरीके से फायदेमंद है। इससे कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है और यौन शक्ति बढ़ती है। इस लेख में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार सोनी गोखरु के फायदे, नुकसान और खुराक से संबंधित तमाम सवालों के जवाब विस्तार से दे रहे हैं। आइये जानते हैं :

मैं इरेक्टाइल डिसफंक्शन से पीड़ित हूं। क्या गोखरु का सेवन करना मेरे लिए फायदेमंद है?

आयुर्वेद के अनुसार गोखरु में कामोत्तेजक गुण होते हैं। इसके सेवन से लिंग की मांसपेशियों में खून का प्रवाह बढ़ता है। यह लिंग के ऊतकों को मजबूती प्रदान करता है जिससे लिंग की उत्तेजना बनाये रखने में मदद मिलती है। इसलिए यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद औषधि है। इसकी उचित खुराक के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या गोखरु डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है?

जानवरों पर किये शोध में यह पता चला कि गोखरु में पाए जाने वाला सैपोनिन नामक तत्व में रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। सैपोनिन सीरम ग्लूकोज, सीरम ट्राईग्लिसराइड और सीरम कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। हाल में हुए शोध में यह पता चला कि गोखरु, मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में ब्लड ग्लूकोज लेवल कम करने में और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को गोखरु का सेवन कर सकते हैं।  

मैं किडनी की पथरी से पीड़ित हूं। क्या गोखरु का सेवन किडनी की पथरी (gokhru for kidney) में फायदेमंद है?

आयुर्वेद के अनुसार गोखरु में पोटैशियम और नाइट्रेट की मात्रा काफी अधिक होती है और इसमें मूत्रवर्धक गुण पाए जाते हैं। यह किडनी की पथरी को छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़कर उन्हें मूत्र मार्ग से बाहर निकालने में मदद करती है साथ ही यूरिक एसिड की मात्रा भी बढ़ाती है। इस लिहाज से देखा जाए तो गोक्षुर का नियमित सेवन किडनी की पथरी और किडनी से जुड़ी अन्य बीमारियों में बहुत फायदेमंद है।

क्या गोखरु ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है?

गोखरु में मूत्रवर्धक गुण होते हैं और यह शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर निकाल देती है जिस वजह से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। हालांकि अगर आप हाइपरटेंशन के मरीज हैं तो इसके सेवन और खुराक की सही जानकारी के लिए डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।  

क्या गोखरु के सेवन से पुरुषों में बांझपन या नपुंसकता (Male infertility) की समस्या ठीक हो सकती है?

गोखरु के सेवन से शुक्राणुओं की संख्या और उनकी गतिशीलता बढ़ती है साथ ही सेक्स की इच्छा में भी बढ़ोतरी होती है। सेक्स की इच्छा में कमी से पीड़ित मरीजों को इसका सेवन ज़रुर करना चाहिए। बांझपन और नपुंसकता में गोखरु की उपयोगिता को लेकर अभी उतनी रिसर्च नहीं की गयी है फिर भी ज्ञात शोधों और आयुर्वेद के अनुसार ऐसा देखा गया है कि गोखरु का नियमित सेवन करने से नपुंसकता के लक्षणों में कमी आती है।

गोखरु के साइड इफ़ेक्ट (Gokshura side effects in hindi) क्या-क्या हैं?

अगर आप सीमित अवधि के लिए गोखरु का सेवन करते हैं तो इससे कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। लम्बे समय तक इसके सेवन या ज़रुरत से ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट में दर्द, उल्टी, मिचली, दस्त और सोने में दिक्कत होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

गोखरु का सेवन कैसे और कितनी मात्रा में करना चाहिए?

गोखरु या गोक्षुर (Gokshura in hindi) तीन अलग अलग रुपों में उपलब्ध है : गोक्षुर चूर्ण, गोक्षुर क्वाथ, गोक्षुर टैबलेट।

-गोक्षुर चूर्ण : आधा से एक चम्मच दिन में दो बार दूध के साथ।

-गोक्षुर क्वाथ : 15-30 ml गोक्षुर क्वाथ में समान मात्रा में पानी मिलाकर दिन में दो बार खाना खाने के बाद लें।

-गोक्षुर टैबलेट : रोजाना एक से दो कैप्सूल को दूध के साथ दिन में दो बार खाने के बाद लें।

 

क्या गोखरु का सेवन दूध के साथ करना ज्यादा फायदेमंद होता है?

हां, दूध के साथ गोखरु का सेवन करने से इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं।

क्या गोखरु के सेवन से चर्म रोग ठीक हो जाता है?

अगर आप त्वचा संबंधी समस्याओं से पीड़ित रहते हैं तो गोखरु के सेवन से निश्चित तौर पर आपकी समस्या कम हो सकती है। चर्म रोग से पीड़ित लोगों को गोक्षुर फल को पानी में पीसकर उसका लेप अपनी त्वचा पर लगाने से त्वचा रोगों के लक्षणों में कमी आती है।

क्या गोखरु के सेवन से टेस्टोस्टेरोन का लेवल बढ़ता है?

आयुर्वेद में गोक्षुर को कामोत्तेजना बढ़ाने वालीं औषधि के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। कुछ शोधों में इस बात की पुष्टि हुई है कि गोक्षुर में पाए जाने वाला सैपोनिन, ल्यूटनाइजिंग हार्मोन की मात्रा बढ़ाता है, स्पर्म कोशिकाओं को विकसित करने में मदद करता है जिससे टेस्टोस्टेरोन अधिक सक्रिय हो जाता है। इसके सेवन से स्पर्म की क्वालिटी भी बेहतर होती है। अगर आप सेक्स की इच्छा में कमी से पीड़ित हैं या टेस्टोस्टेरोन का लेवल कम है तो आप नियमित रुप से गोक्षुर का सेवन कर सकते हैं।

क्या महिलाएं, स्त्री रोगों के इलाज में गोखरु का सेवन कर सकती हैं?

जो महिलाएं मूत्र संबंधित स्त्री रोगों से पीड़ित हैं उन्हें गोखरु के सेवन से फायदा मिल सकता है। यूटीआई और अन्य मूत्र संबंधित स्त्री रोगों में गोखरु का सेवन करना बहुत ही गुणकारी होता है। हालांकि इसका सेवन करने से पहले एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह ज़रुर लें।

मेरा वजन बहुत बढ़ गया है। क्या गोखरु के सेवन से वजन कम (Gokhru for weight loss) किया जा सकता है?

कई बार वजन बढ़ने का कारण अतिरिक्त चर्बी नहीं होती बल्कि अधिकांश मामलों में कोशिकाओं में जमा पानी (water weight) के कारण भी वजन बढ़ने लगता है। अगर इकठ्ठा हुए पानी की वजह से आपका वजन बढ़ा है तो गोखरु का इस्तेमाल करना आपके लिए फायदेमंद है लेकिन अगर किसी और वजह से वजन बढ़ रहा है तो उसके लिए डॉक्टर की सलाह लें।  

क्या गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान गोखरु का सेवन करना चाहिए ?

महिलाओं को गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान किसी भी आयुर्वेदिक औषधि के सेवन से परहेज करना चाहिए। इस दौरान किसी भी औषधि के सेवन से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से ज़रुर सलाह लें।

बेशक गोखरु हमारी सेहत के लिए बहुत उपयोगी है लेकिन गोखरु का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में या किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही करें। अगर गोखरु के सेवन के दौरान आपको किसी भी तरह की समस्या होती है तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।

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