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काले घने, स्वस्थ बालों के लिए क्या डायट होना चाहिए

Diet Tips for Healthy Hair in Hindi

बालों का झड़ना ना सिर्फ मौसम के प्रभाव, प्रदूषण के प्रभाव, देखभाल की कमी, तनाव, आनुवांशिकता आदि ऐसे बहुत सारे कारणों से होता हैं बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण है जिसके बारे में लोग अक्सर अनजाने रह जाते हैं या नजरअंदाज करते हैं। वह है खान-पान यानि डायट में पौष्टिकता की कमी। ये एक ऐसा कारण है जिसपर आम तौर पर लोग ध्यान ही नहीं देते हैं। क्योंकि लाइफस्टाइल का भी बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है। टेलोजेन एफ्लूभियम बालों के झड़ने का एक बहुत ही आम कारण होता है [1]।

शायद आपको पता नहीं कि बाल के उगने और झड़ने तक उसको तीन चरणों से गुजरना पड़ता है। जब बालों का विकास शुरू होता है यानि प्रथम चरण जिसको एनाजेन (anagen) , दूसरे चरण यानि विकास के दौरान के समय को कैटाजेन (catagen) और आखिरी चरण को टेलोजेन  (telogen) कहते हैं। इस तीन चरणों के गुजरने के बाद आखिरी चरण में कुछ दिनों तक बाल रहते हैं और फिर गिर जाते हैं। यानि इस साइकल (cycle) या क्रम में परिवर्तन ही बालों के झड़ने या गिरने का कारण होता है।

पौष्टिकता की कमी बालों की संरचना और विकास दोनों को प्रभावित करता है। आजकल सभी को वेट लॉस करने के पीछे दौड़ रहे हैं, इसके लिए बिना डॉक्टर के सलाह के लोग खुद से अपना डायट निर्धारित करते हैं, जिसका फल बालों को भुगतना पड़ता है। साथ ही प्रोटीन की कमी से टेलोजेन एफ्लोवियम होने की संभावना रहती है। उसी तरह नियासिन की कमी से एलोपेशिया के आसार नजर आने लगते हैं। इसलिए जरूरी है कि प्रत्येक व्यक्ति को आहार पौष्टिक ही लेना चाहिए [2]।

वैसे तो 50 के उम्र के बाद महिला हो या पुरुष सबके बाल झड़ने लगते हैं। लेकिन असमय जब बाल झड़ने लगते हैं तो दूसरे कारणों में से अपौष्टकारक आहार भी एक वजह होता है। जिनमें विटामिन ई, विटामिन ए, विटामिन डी, सेलेनियम, आयरन, जिंक, नियासिन, फैटी एसिड्स, बायोटिन आदि की कमी मुख्य कारण है।

चलिये अब ये जानते हैं कि कैसे विटामिन्स, आयरन, जिंक, नियासिन आदि की कमी को पूरा किया जा सकता है। यानि किन फूड्स को अपने आहार में शामिल करने से बालों का झड़ना कम किया जा सकता है-

आयरन

शाकाहारियों में मांसाहारियों के तुलना में आयरन की कमी ज्यादा होती है। शाकाहारियों में मांसाहारी खाने वालों की तुलना में 1.8 गुना तक कमी हो सकती है। क्योंकि पौधों  में नॉन हेम आयरन होता है और हेम आयरन मांस और मछली में होता है जो आयरन की कमी को पूरा करने में सक्षम होता है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है, जो बालों को हेल्दी बनाता है।

आयरन के शाकाहारी स्रोत: पालक, ओट्स. किडनी बीन्स, ब्रोक्ली
आयरन के मांसाहारी स्रोत: झींगा मछली (श्रिम्प)

विटामिन ई

विटामिन हेयर फॉलिकल सेल्स में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने में मदद करता है। साथ ही स्कैल्प में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करता है जो बाल गिरने के कारण होता है।

विटामिन ई के शाकाहारी स्रोत: ओट्स, सूर्यमूखी के बीज, आलमंड
विटामिन ई के मांसाहारी स्रोत: घोंघा

विटामिन सी

ये एक एन्टीऑक्सिडेंट होता है, जो बालों को सफेद होने से बचाता है और स्कैल्प में रक्त संचार को बेहतर बनाता है। जिससे हेयर फॉलिकल का विकास होता है।

विटामिन सी के शाकाहारी स्रोत: बॉक चॉय, स्ट्रॉबेरीज, धूप में सूखे टमाटर

विटामिन बी5

विटामिन बी5 बालों के विकास में मदद करता है। ये हेयर फॉलिकल के कोशिकाओं के विभाजन में मदद करके नए कोशिकाएं बनने में मदद करता है, जिससे बाल लंबे होते हैं।

विटामिन बी5 के शाकाहारी स्रोत: आवाकाडो, धूप में सूखे छोट-छोटे टमाटर

विटामिन ए

ये बालों को फ्री रैडिकल्स से बालों को होने वाली क्षति से बचाता है और जिससे बालों का गिरना कम हो जाता है। साथ ही ये बालों को रूखा होने से भी बचाता है।

विटामिन ए के शाकाहारी स्रोत: धूप में सूखा टमाटर, पालक

प्रोटीन

बालों के रेशे या तंतू एक तरह के केराटीन नामक प्रोटीन से बने हुए होते हैं। प्रोटीन से भरपूर आहार खाने से बालों के केराटीन का स्तर बना रहता है जिससे बाल रूखे-सूखे या दो-मुँहे होकर गिरने से बच जाते हैं।

प्रोटीन के मांसाहारी स्रोत: टर्की, चिकन
प्रोटीन के शाकाहारी स्रोत: दाल

बायोटीन

बायोटीन प्रोटीन बनने में सहायता करता है। बायोटीन बी-कॉम्लेक्स परिवार के अंतर्गत आता है। ये बालों को काला, घना और मजबूत बनने में मदद करता है।

बायोटीन के शाकाहारी स्रोत: आलमंड

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स

ये बालों को रेशमी काले घने बनाने में मदद करते हैं।

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के मांसाहारी स्रोत: अखरोट

ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के शाकाहारी स्रोत: सालमन, अंडा

जिंक

ये बालों का गिरना या बालों का झड़ना कम करके बालों के विकास में मदद करता है।

जिंक के मांसाहारी स्रोत: घोंघा

यानि हम ये कह सकते हैं कि विटामीन ए ,बी,सी,जिंक,बायोटीन, आयरन, प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड के कम होने से  बालों का झड़ना शुरू हो जाता है। इसलिए अपने आहार यानि डायट में इन फूड्स को शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए।

संदर्भ

1-Trost LB, Bergfeld WF, Calogeras E. The diagnosis and treatment of iron deficiency and its potential relationship to hair loss. J Am Acad Dermatol 2006;54:824-44.

2-Guo EL, Katta R. Diet and hair loss: effects of nutrient deficiency and
supplement use. Dermatol Pract Concept. 2017 Jan 31;7(1):1-10.

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