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ओमेगा 3 फैटी एसिड के शाकाहारी-मांसाहारी स्रोत और फायदे

Omega 3 Fatty Acid sources in hindi

आपने अखबारों में, टी.वी. या और अन्य स्थानों पर अनेकों बार ओमेगा 3 का नाम सुना या पढ़ा होगा। क्या आपको पता है कि ओमेगा 3 है क्या? नहीं न? ओमेगा 3 एक फैटी एसिड है।  वास्तव में, यह एक ऐसा पोषक तत्व है जो आपको कई तरह के फायदे पहुंचाता है और अनेक रोगों से बचाने में मदद करता है। जब आप इसकी उपयोगिता के बारे में जानेंगे तो आश्चर्य मेें पड़ जाएंगे।

असल में, ओमेगा 3 फैटी एसिड के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है। हो सकता है आप भी इसके गुण के बारे में पहली बार पढ़ रहे हैं। अगर सही में ऐसा है तो आपको यह जानना बहुत जरूरी है क्योंकि इसकी कमी से बहुत गंभीर नुकसान हो सकता है।

क्या है ओमेगा 3 फैटी एसिड?

ओमेगा 3 एक फैटी एसिड है। यह मुख्यतः तीन प्रकार का होता है जिनमें एएलए (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) ओमेगा पौधों में पाया जाता है, जबकि डीएचए (डोकोसाहेक्सानोइक एसिड) और ईपीए (इकोसापैनटोइनिक एसिड) ओमेगा पशु खाद्य पदार्थों में होता है। यह शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी पोषक तत्व है जिसकी पर्याप्त मात्रा से आपका शरीर स्वस्थ बना रहता है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे

त्वचा के लिए फायदेमंद होता है ओमेगा 3 फैटी एसिड

ओमेगा 3 फैटी एसिड आपकी त्वचा को मुलायम, नमी से युक्त, और झुर्रियों से मुक्त रखता है। त्वचा को डिहाइड्रेट होने से बचाता है। यह मुंहासों को आने से रोकता है। इतना ही नहीं यह सूर्य की रोशनी से त्वचा को होने वाले नुकसान से रक्षा करता है।

गर्भावस्था एवं गर्भस्थ शिशु को फायदा

गर्भावस्था के दौरान ओमेगा 3 फैटी एसिड के सेवन से गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ गर्भस्थ शिशु का शरीर भी निरोग रहता है। शिशु का शरीर और मस्तिष्क का सही ढंग से विकास होता है।

ह्रदय संबंधी रोगों में असरकारक होता है ओमेगा 3 फैटी एसिड

ह्रदय संबंधी रोगों से आज दुनिया भर में लाखों लोग पीड़ित हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड ऐसे रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। चिकित्सकों के अनुसार, जो लोग मछली खाते हैं उनको पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है। इससे सामान्य लोगों की अपेक्षा उनको ह्रदय संंबंधित रोग होने की कम संभावना रहती है।

इसके साथ ही ओमेगा 3 फैटी एसिड मेटाबोलिक सिंड्रोम को सही कर ह्रदय संबंधी जोखिम में भी सुधार करता है। हालांकि इससे संबंधित किसी तरह का प्रमाणिक तथ्य का अभी तक  पता नहीं चला है[ 3]।

मोटापा में लाभदायक

अमेरिका स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ) के अनुसार, ओमेगा 3 फैटी एसिड मोटापा में फायदा पहुंचाता है।

आंखों के लिए फायदेमंद होता है ओमेगा 3 फैटी एसिड

इसके सेवन से आंखों की रेटिना स्वस्थ रहती हैं और इससे आंखों से संबंधित परेशानी के होने की संभावना कम हो जाती है।

उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर)  को कम करना

ओमेगा 3 फैटी एसिड का काम उच्च रक्तचाप को कम करना और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) के लेवल को बढ़ाना भी है। रक्त के थक्के जो शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं ओमेगा 3 फैटी एसिड उसको बनने से रोकता है। इसके साथ ही यह सूजन को कम करता है और धमनियों के कार्य को गतिशील रखता है।

ऑटोइम्यून रोग में राहत पहुंचाता है ओमेगा 3 फैटी एसिड

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ (एनआईएच) के अनुसार, इस बीमारी में रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर हो जाती है और शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने लगता है। टाइप 1 डायबिटीज इसका एक प्रमुख उदाहरण है। इसमें पैनक्रियाज में इंसुलिन का उत्पादन रुक जाता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड इसमें भी मदद पहुंचाता है।

मानसिक विकार में फायदेमंद

जो लोग मनोवैज्ञानिक विकार से पीड़ित होते हैं उनके शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी हो सकती है। इसकी कमी से आंत संबंधी रोग, भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

कैंसर रोकने में असरकारक

ओमेगा 3 फैटी एसिड को कैंसर में भी फायदेमंद माना जाता है। एक शोध के अनुसार, जो लोग अधिक मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन करते हैं उनमें कोलोन कैंसर होने की संभावना  55% कम हो जाती है। इसके साथ ही यह कैंसर के कई और प्रकार में भी फायदेमंद होता है। हालांकि इससे संबंधित प्रामाणिक तथ्यों का अभी तक पता नहीं चला है।

स्तन एवं प्रोस्टेट कैंसर के लिए फायदेमंद

अगर शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड  की बहुत अधिक कमी हो गई तो स्तन और प्रोस्टेट कैंसर जैसी बीमारी हो सकती है। हालांकि अब तक इससे संबंधित किसी तरह का प्रामाणिक तथ्य का पता नहीं चला है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड से अस्थमा की रोकथाम

अस्थमा (कफ, सांसों का उखड़ना, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना) फेफड़े से जुड़ी एक क्रोनिक बीमारी है। यह फेफड़े में संक्रमण और सूजन के कारण होती है। यह छोटे बच्चों में अधिक देखा जाता है। शोध के अनुसार, शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा से छोटे एवं किशोरावस्था के बच्चों को अस्थमा में आराम मिलता है।

लीवर के फैट को कम करता है ओमेगा 3 फैटी एसिड

एनआईएच के अनुसार, यह लीवर को फैटी होने से रोकने में मदद पहुंचाता है। इसके साथ ही लीवर की सूजन को भी कम करता है।

हड्डी एवं जोड़ों के रोग में भी फायदा करता है ओमेगा 3 फैटी एसिड

आज कई लोग ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया से पीड़ित हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड हड्डियों में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने में मदद कर हड्डी की शक्ति में सुधार लाता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम कम होता है। यह गठिया से भी मदद करता है। ओमेगा -3 की खुराक लेने वाले मरीजों के अनुसार यह जोड़ों के दर्द में कमी लाता है और मांसपेशियों में मजबूती देता है। इतना ही नहीं यह पीठ दर्द और जकड़न आदि परेशानियों में भी राहत पहुंचाता है।

आपको रोजाना कितनी मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड की जरूरत

एनआईएच ने पुरुष, महिला एवं बच्चों के लिए उनकी उम्र के अनुसार भिन्न-भिन्न मात्राएं निर्धारित की हैं।

शिशु (12 महीने तक) – 0.5 g

बच्चे (1 से 3 साल तक) – 0.7 g

बच्चे (4 से 8 साल तक)- 0.9 g

लड़के  (9 से 13 साल तक)- 1.2 g

लड़कियां (9 से 13 साल तक)- 1.0 g

युवक (14 से 18 साल तक)- 1.6 g

युवतियां (14 से 18 साल तक)- 1.1 g

पुरुष (19 से 50 साल तक)-1.6 g

महिलाएं (19 से 50 साल तक)-1.1 g

पुरुष (50 साल से अधिक)-1.6 g

महिलाएं (50 साल से अधिक)- 1.1 g

गर्भवती महिलाएं- 1.4 g

स्तनपान कराने वाली महिलाएं- 1.3 g

ओमेगा 3 फैटी एसिड के स्रोत

राष्ट्रीय पोषण संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशियन) के अनुसार निम्न खाद्य पदार्थों में ओमेगा फैटी एसिड प्रचुर मात्रा* में होता हैः-

ओमेगा 3 के शाकाहारी स्रोत और मात्रा

अलसी, सोयाबीन तेल, सरसों और मेथी की बीज, काला चना, लाल राजमा, सहजन की पत्तियां, पालक, अखरोट, खोआ आदि।

अलसी- 12.96 g

अखरोट- 8.71 g

सरसों के बीज- 3.34 g

सफेद सोयाबीन- 1.3 g

मेथी के बीज – 1.08 g

काला चना – 0.6 g

लाल राजमा – 0.5 g

सहजन की पत्तियां – 0.4 g

खोआ – 0.2 g

पालक -0.2 g

ओमेगा 3 के मांसाहारी स्रोत और मात्रा

सैल्मन मछली और गौमांस आदि ओमेगा 3 के मुख्य मांसाहारी स्रोत हैं।

पकाया हुआ गोमांस (85 g) – 0.04 g

सूखा सैल्मन (85 g) –  0.04 g

अब आपको ओमेगा 3 से होने वाले फायदे की पूरी जानकारी हो चुकी है। इसलिए अगर आपको उपरोक्त लक्षण महसूस हों तो डॉक्टर की सलाह से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

(डॉ.शिल्पा चुग गर्चा, जनरल फिजिशियन ने इस लेख की समीक्षा की है।)

*यहां पर हर मात्रा आनुमानित मूल्य (approximate value) पर निर्धारित हैं।

संदर्भः

1.Omega 3 Fatty Acids. Fact Sheet for Health Professionals. National Institute Of Health

2.Arterburn LM, Oken HA, Bailey Hall E, Hamersley J, Kuratko CN, Hoffman JP.

Algal-oil capsules and cooked salmon: nutritionally equivalent sources of
docosahexaenoic acid. J Am Diet Assoc. 2008 Jul;108(7):1204-9.

3.Knapik JJ, Austin KG, Farina EK, Lieberman HR. Dietary Supplement Use in a Large, Representative Sample of the US Armed Forces. J Acad Nutr Diet. 2018 Junpii: S2212-2672(18)30484-2.

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