









माइक्रोगेस्ट 100mg इन्जेक्शन
लेखक डॉ. साक्षी जैन, एमएस, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. मेखला चंद्रा, MD, MBBS,
लास्ट अपडेटेड on 19 Aug 2026 | 01:04 AM (IST)


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समाप्ति के बाद
दिसंबर, 2026
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सामान्य जानकारी
शामिल है
मार्केटर
स्टोरेज के निर्देश











परिचय
माइक्रोगेस्ट 100mg इन्जेक्शन को आमतौर पर किसी प्रोफेशनल स्वास्थ्यकर्मी की देखरेख में लगाना चाहिए और इसे कभी भी खुद से ना लगाएं. आपको माइक्रोगेस्ट 100mg इन्जेक्शन का इस्तेमाल अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार करना चाहिए. दी गई सलाह से अधिक या कम इस्तेमाल न करें और निर्धारित से अधिक समय तक इसका इस्तेमाल न करें. आपको गर्भवती होने के बाद भी इस दवा को कुछ समय तक लेते रहने के लिए कहा जा सकता है.
सबसे सामान्य साइड इफेक्ट में पेट में ऐंठन, पीठ दर्द, स्तन में दर्द, हाइपोटेंशन और चक्कर आना, हाइपरकोग्युलेंट की स्थिति और योनि से ब्लीडिंग शामिल हैं. आपका डॉक्टर इन्हें कम करने या रोकने के तरीके सुझा सकता है. कभी-कभी गंभीर एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकता है जिसके लिए तत्काल मेडिकल अटेंशन की आवश्यकता होती है.
अपने डॉक्टर को सूचित करें यदि आपको पहले कभी ब्रेस्ट कैंसर, योनि से असामान्य ब्लीडिंग, या लिवर, किडनी, या हृदय रोग रहा है तो अपने डॉक्टर को बताएं. अपने जो भी दवाएं ले रहे हैं उनके बारे में डॉक्टर को बताएं क्योंकि ये इस दवा को प्रभावित कर सकती हैं. इस दवा के इलाज से पहले और उसके दौरान आपके कई टेस्ट किए जाएंगे. माइक्रोगेस्ट 100mg इन्जेक्शन आपकी सोच या प्रतिक्रियाओं को बदल सकता है और आप बहुत थका हुआ महसूस कर सकते हैं इसलिए ड्राइविंग करते समय या कुछ भी ऐसा करते समय सतर्क रहें.
माइक्रोगेस्ट इन्जेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
माइक्रोगेस्ट इन्जेक्शन के फायदे
माइक्रोगेस्ट 100mg इन्जेक्शन में प्रोजेस्टरोन, एक फिमेल हार्मोन मौजूद है जो अंडाशय और मासिक धर्म के नियमन में महत्वपूर्ण है. यह महिलाओं में मासिक धर्म का कारण बनता है जिन्होंने मेनोपॉज नहीं पाया है लेकिन शरीर में प्राकृतिक प्रोजेस्टेरोन की कमी के कारण मासिक धर्म नहीं हो रहा है. यह दवा गर्भाशय के अस्तर (एंडोमेट्रियम) को मोटा करके गर्भावस्था के लिए गर्भाशय को तैयार करने में मदद करती है. इससे सफल गर्भधारण की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. बेहतर असर के लिए दवा का इस्तेमाल निर्देशों के अनुसार ही करें. गर्भवती होने के बाद आपको इस इलाज को जारी रखने के लिए कहा जा सकता है.
हॉर्मोन प्लेसमेंट थेरेपी (एच.आर.टी.) मेनोपॉज़ के लक्षणों जैसे हॉट फ्लैश, नाइट स्वेट, मूड स्विंग, वेजाइनल ड्राइनेस और घटी हुई सेक्स ड्राइव से राहत देने के लिए एक इलाज है. चूंकि मेनोपॉज कई वर्षों तक रह सकता है, इसलिए यह उपचार आपके दैनिक जीवन और मूड में सुधार कर सकता है. प्रोजेस्टरोन इस इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले दो महत्वपूर्ण हार्मोन में से एक है (दूसरा एस्ट्रोजन है). हालांकि, हो सकता है यह आपके सभी लक्षणों को ठीक नहीं कर पाए, अपने डॉक्टर से परामर्श करें. आपको इस दवा का इस्तेमाल डॉक्टर के निर्देशानुसार और जब तक कहा गया हो तब तक करना चाहिए.
माइक्रोगेस्ट इन्जेक्शन के साइड इफेक्ट
- बाल झड़ना
- मिचली आना
- स्तन में दर्द
- सिरदर्द
- अनियमित माहवारी चक्र
- पेट में क्रैम्प
- पेट फूलना
- उल्टी
- फ्लूइड रिटेंशन
- योनि में यीस्ट इन्फेक्शन
माइक्रोगेस्ट इन्जेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
माइक्रोगेस्ट इन्जेक्शन किस प्रकार काम करता है
All substitutes for Microgest 100mg Injection
Strone 100 Injection
Sugest 100mg Injection
GestoFIT 100 Injection
Hald 100mg Injection
NATURogest 100mg Injection
ख़ास टिप्स
- माइक्रोगेस्ट 100mg इन्जेक्शन सूक्ष्म फॉर्मूलेशन के रूप में उपलब्ध प्राकृतिक प्रोजेस्टरोन है जो इस दवा को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है.
- इसका इस्तेमाल हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के एक भाग के रूप में आमतौर पर एस्ट्रोजन के साथ कॉम्बिनेशन के साथ किया जाता है.
- इसका इस्तेमाल माहवारी से संबंधित समस्याओं जैसे कि एमेनोरिया (माहवारी न आना) के इलाज में भी किया जा सकता है.
- यह उन महिलाओं में प्रेगनेंसी को सुरक्षित बनाए रखने में मदद करता है जिनमें गर्भपात का जोखिम अधिक होता है.
- इससे नींद या सुस्ती आ सकती है. अगर ऐसा आपके साथ होता है, तो ड्राइव या मशीनरी का उपयोग न करें.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग

किडनी

लिवर

अन्य दवाओं के साथ पारस्परिक प्रभाव (इंटरैक्शन)
टैमोक्सीफेन (ओरल रूट)
लेट्रोजोल (ओरल रूट)
लोरलैटिनिब (ओरल रूट)
डैरूनाविर (ओरल रूट)
माइकोफेनोलेट मोफ़ेटिल (ओरल रूट)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
रासायनिक वर्ग
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
एक्शन क्लास
संबंधित लैब टेस्ट
संदर्भ
- Chrousos GP. The Gonadal Hormones & Inhibitors. In: Katzung BG, Masters SB, Trevor AJ, editors. Basic and Clinical Pharmacology. 11th ed. New Delhi, India: Tata McGraw Hill Education Private Limited; 2009. pp. 706-707.
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- Cable JK, Grider MH. Physiology, Progesterone. [Updated 2023 May 1]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2023 [Accessed 25 Jul. 2023] (online) Available from:




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- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
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- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)














