


कोलिसिग 2 इंजेक्शन
लेखक डॉ. सायेडा आफिया, एमबीए, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. राजीव शर्मा, एमबीए, एमबीबीएस,
लास्ट अपडेटेड on 25 नवंबर 2025 | 03:05 पीएम (Ist)
अतिरिक्त ऑफ़र के साथ अधिक बचत करें







सामान्य जानकारी
शामिल है
साल्ट के अन्य नाम
मार्केटर
स्टोरेज के निर्देश



परिचय
कोलिसिग 2 इंजेक्शन हेल्थकेयर प्रोफेशनल की देखरेख में दिया जाता है. आपको घर पर यह दवा खुद से नहीं लेनी चाहिए. डोज़ और इलाज का समय, इन्फेक्शन के प्रकार और गंभीरता के आधार पर आपके डॉक्टर द्वारा बताए जाएंगे. अधिकतम लाभ पाने के लिए, जब तक आपके डॉक्टर ने बताया है तब तक नियमित रूप से इन्जेक्शन लगवाएं.
इससे इंजेक्शन लगाए जाने की जगह पर दर्द, सूजन या लालिमा हो सकती है. हालांकि, ये आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के दौरान जब आपका शरीर दवा के प्रति एडजस्ट हो जाता है तो ठीक हो जाते हैं. अगर ये साइड इफेक्ट आपको परेशान करते हैं या नहीं जाते हैं तो डॉक्टर से परामर्श करें. इससे कुछ लोगों में किडनी को नुकसान भी हो सकता है. इस दवा को लेने के दौरान आप पर निगरानी रखने की आवश्यकता पड़ सकती है.
अगर आपको किसी एंटीबायोटिक दवा से एलर्जी है या लिवर या किडनी की कोई समस्या है, तो इस दवा से इलाज शुरू करने से पहले, आपको अपने डॉक्टर को इस बारे में बताना चाहिए. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली माताओं को इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए. किडनी फंक्शन और आपके खून में इस दवा के लेवल की निगरानी करने के लिए आपका डॉक्टर नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करवा सकता है.
कोलिसिग पाउडर फॉर इंजेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
- गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन का इलाज
कोलिसिग पाउडर फॉर इंजेक्शन के फायदे
कोलिसिग 2 इंजेक्शन एक एंटीबायोटिक दवा है जिसका इस्तेमाल कुछ बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसे कि पेट और आंत्र के इन्फेक्शन का इलाज करने के लिए किया जाता है. यह इन्फेक्शन फैलाने वाले बैक्टीरिया को मारकर काम करता है. डॉक्टर द्वारा पर्ची में लिखी गई सटीक खुराक और अवधि में लें. यह दवा आमतौर पर आपको जल्द ही बेहतर महसूस कराती है लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए, कि सभी बैक्टीरिया मर गए हैं और रेज़िज़्टेन्ट नहीं होंगे, आपको इसे बताए गए अनुसार लेते रहना चाहिए, चाहे आप बेहतर महसूस कर रहे हों.
कोलिसिग पाउडर फॉर इंजेक्शन के साइड इफेक्ट
- डायरिया
- किडनी ख़राब होना
- मिचली आना
- उल्टी
कोलिसिग पाउडर फॉर इंजेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
कोलिसिग पाउडर फॉर इंजेक्शन किस प्रकार काम करता है
ख़ास टिप्स
- इसे डॉक्टर की देखरेख में नसों में ड्रिप या इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है.
- इसका इस्तेमाल पेट की सर्जरी करने से पहले पेट में मौजूद प्राकृतिक बैक्टीरिया को मारने के लिए भी किया जा सकता है.
- इसका इस्तेमाल किसी अन्य प्रकार के बैक्टीरिया संक्रमण के लिए न करें.
- भले ही आप बेहतर महसूस करना शुरू कर दें, तो भी निर्धारित कोर्स को खत्म करें. इसे जल्दी बंद करने से इन्फेक्शन वापस आ सकता है और इलाज करना मुश्किल हो सकता है.
- डायरिया साइड इफेक्ट के रूप में हो सकता है लेकिन जब आपका कोर्स पूरा हो जाता है तो इसे बंद करना चाहिए. अगर यह बंद नहीं होता है या अगर आपको मल में रक्त मिलता है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग

किडनी

लिवर

अन्य दवाओं के साथ पारस्परिक प्रभाव (इंटरैक्शन)
केप्रियोमाइसिन (इंजेक्शन रूट)
वैंकोमायसिन (इंजेक्शन रूट)
एमिकासिन (इंजेक्शन रूट)
जेंटामायसिन (इंजेक्शन रूट)
कैनामायसिन (इंजेक्शन रूट)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
रासायनिक वर्ग
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
एक्शन क्लास
संबंधित लैब टेस्ट




और अधिक जानना चाहते हैं
हम आपको प्रमाणिक, भरोसेमंद और प्रासंगिक जानकारी प्रदान करते हैंक्या आपको यहां दी गई जानकारी से कोई समस्या है?
डिस्क्लेमर
मार्केटर की जानकारी
Address: प्लॉट नं. 10, फ्लैट नं. 1, ग्राउंड फ्लोर ज्ञानयोग अपार्टमेंट, देव नगर, खमला रोड नागपुर महाराष्ट्र 440015 भारत , - , .
विक्रेता विवरण
हमारे पास उपलब्ध टेस्ट
- सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)
- एफबीएस (फास्टिंग ब्लड शुगर)
- थायरॉइड प्रोफाइल टोटल (T3, T4 और TSH)
- HbA1c (ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन)
- पीपीबीएस (पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर)
- लिपिड प्रोफाइल
- विटामिन डी (25-हाइड्रॉक्सी)
- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
- ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट)
- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)














