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कम दिन जीते हैं रात में ज्यादा देर से सोने वाले लोग : रिसर्च

कम दिन जीते हैं रात में ज्यादा देर से सोने वाले लोग : रिसर्च

आज के समय में अधिकतर लोग देर रात तक जागकर अपना काम करते रहते हैं या फ़िल्में देखा करते हैं। देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना आजकल एक फैशन सा बन गया है और अधिकतर लोग इसे आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा मानने लगे हैं। जबकि वास्तव में देर रात तक जागना या रात की शिफ्ट में काम करना सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। इसका असर आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में देर रात तक जागने से जुड़े चौकाने वाले नतीजे सामने आये हैं।

रिसर्च के अनुसार जो लोग काफी देर रात तक जागते हैं उनके मरने की संभावना सुबह जल्दी जागने वाले लोगों की तुलना में 10% अधिक होती है। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा किये इस रिसर्च में लगभग 50 हजार लोगों को शामिल किया गया। शोध में शामिल लोगों के वजन, धूम्रपान की आदत, सामाजिक-आर्थिक स्थिति का डेटाबेस तैयार किया गया और साढ़े छह साल के दौरान इनमें हुई मौतों की सूची तैयार की गई। इसी आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि देर रात तक जागने वाले लोग कम जीते हैं।

विशेषज्ञों का दावा है कि देर रात तक जागने वाले लोगों की मृत्यु समय से 6.5 साल पहले हो सकती है। जो लोग रात में जल्दी सोते हैं और सुबह जल्दी जागते हैं वे प्रकृति के ज्यादा करीब होते हैं यही उनकी अच्छी सेहत का मूल कारण है। इंग्लैंड की सरे यूनिवर्सिटी के रिसर्चर और रिपोर्ट के सह-लेखक मैल्कम वैन शेंटज कहते हैं कि यह लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मसला है और इसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

शिकागो की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के रिसर्चर और रिपोर्ट के सह-लेखक क्रिस्टन कुनटसन ने कहा, “रात में जागने वालों में शारीरिक समस्याएं भी अधिक होती हैं”। देर रात तक जागने से शरीर का मेटाबोलिज्म बिगड़ जाता है जिससे डायबिटीज और पेट संबंधित कई तरह की बीमारियों की संभावना बढ़ने लगती है। ऐसे लोग सिगरेट-शराब का भी ज्यादा सेवन करने लगते हैं. रिसर्च टीम के अनुसार देर रात तक जागने वाले लोगों में मौत का जोखिम इसलिए भी अधिक होता है क्योंकि सुबह देर से उठने से शरीरे का बायोलॉजिकल क्लॉक अपने आसपास के वातावरण से मेल नहीं खाती है। पहले के जमाने में लोग सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार जागते और सोते थे और ऐसा करने से वे प्रकृति के ज्यादा करीब रहते थे और लम्बी उम्र जीते थे।

अगर आप भी लम्बी उम्र जीना चाहते हैं तो अपनी जीवनशैली में कुछ अच्छी आदतों को शामिल करें। खुद को मानसिक तनाव से पूरी तरह दूर रखें क्योंकि ये अनिद्रा का सबसे मुख्य कारण है। इसके अलावा रोजाना सुबह उठकर व्यायाम करें और रात में जल्दी खाना खाकर जल्दी सोएं। अच्छी सेहत के लिए भरपूर नींद लेना बहुत जरुरी है.

इस शोध को जर्नल क्रोनोबायोलॉजी इंटरनेशनल में प्रकाशित किया गया है।

साभार : ANI

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