


रैनिटिडाइन 50mg इन्जेक्शन
लेखक डॉ. लिपिका खुराना, पीजीडीएचएचएम, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. राजीव शर्मा, एमबीए, एमबीबीएस,
लास्ट अपडेटेड on 17 दिस 2025 | 04:35 पीएम (Ist)



₹32.5
अतिरिक्त ऑफ़र के साथ अधिक बचत करें









सामान्य जानकारी



परिचय
रैनिटिडाइन 50mg इन्जेक्शन का उपयोग अल्सर (पेट या आंत के अस्तर में घावों) के इलाज के लिए भी किया जाता है जो अन्य दवाओं के साथ ठीक नहीं हो पाते हैं. इसे आमतौर पर डॉक्टर या नर्स द्वारा दिया किया जाता है. इस दवा को घर पर खुद से न लें. डोज़ इस बात पर निर्भर करेगी कि आप इसे किस लिए ले रहे हैं. दवा लेते समय अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें. यह दवा अपच और हार्टबर्न से कुछ घंटों के अंदर राहत देती है. जब आपके लक्षण होते हैं तो आपको केवल थोड़े समय के लिए इसका उपयोग करना होगा. अगर आप अल्सर या अन्य स्थितियों की रोकथाम के लिए इन्जेक्शन ले रहे हैं तो आपको इन्हें लंबे समय तक लेना पड़ सकता है. भविष्य में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए आपको नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करना चाहिए. आप समय समय पर छोटी छोटी मात्रा में भोजन करके और मसालेदार या फैटी फूड के सेवन से बचकर, अपने लक्षणों में सुधर लाने में मदद कर सकते हैं.
इस दवा को लेते समय अधिकांश लोगों को किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट का सामना नहीं करना पड़ता है. हालांकि, कुछ लोगों को सिरदर्द, कब्ज, सुस्ती या थकान महसूस हो सकती है, और डायरिया का अनुभव हो सकता है. आमतौर पर ये साइड इफेक्ट हल्के होते हैं और जब आप इस दवा का सेवन बंद करते हैं या जैसे ही आप इसे समायोजित करते हैं तो यह दूर हो जाता है. यदि इन दुष्प्रभावों में से कोई भी आपको परेशान करता है तो अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
इसे लेने से पहले, अगर आपको किडनी या लिवर से संबंधित कोई समस्या है तो आपको अपने डॉक्टर को इसके बारे में बताना चाहिए. अपने डॉक्टर को उन सभी अन्य दवाओं के बारे में बताएं, जिनका आप इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि इससे दूसरी दवाएं प्रभावित हो सकती हैं या दूसरी दवाओं से यह प्रभावित हो सकती है. किसी डॉक्टर के सुझाव पर, इस दवा को आमतौर पर गर्भावस्था और स्तनपान कराने के दौरान लेने के लिए सुरक्षित माना जाता है. शराब पीने से बचें क्योंकि इससे पेट में एसिड की मात्रा बढ़ सकती है और आपके लक्षण बिगड़ सकते हैं.
रैनिटीडाइन इन्जेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
- गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (एसिड रिफ्लक्स)
- पेप्टिक अल्सर डिजीज
रैनिटीडाइन इन्जेक्शन के फायदे
गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग (जी.ई.आर.डी.) एक क्रोनिक कंडीशन है जो कभी-कभी होने के बजाय हर समय हार्टबर्न होने जैसी होती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके पेट के ऊपर की मांसपेशी बहुत अधिक आराम करती है और पेट की सामग्री को आपके एसोफेगस या मुंह में वापस आने देती है. रैनिटिडाइन 50mg इन्जेक्शन आपके पेट में बनने वाले एसिड की मात्रा को कम करता है और छाती में जलन और एसिड रिफ्लक्स से संबंधित दर्द से राहत देता है. इसके प्रभावी होने के लिए आपको इसे ठीक वैसे लेना चाहिए जैसा आपको बताया गया हो.
जीवनशैली में कुछ आसान बदलाव हार्टबर्न को रोकने या कम करने में मदद कर सकते हैं. उन भोजनों के बारे में सोचें जिनसे हार्टबर्न होता है और उनसे बचने की कोशिश करें; थोड़ी-थोड़ी देर में, कम मात्रा में भोजन खाएं; अगर आप ओवरवेट हैं तो वजन घटाने की कोशिश करें और आराम के तरीके खोजने की कोशिश करें. बिस्तर पर जाने के 3 से 4 घंटे के भीतर भोजन न करें.
पेट के अल्सर आमतौर पर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग (एन.एस.आई.ए.डी.) के इस्तेमाल या हेलिकोबैक्टर पायलोरी नामक बैक्टीरिया के कारण होते हैं. वे दोनों उस एसिड के खिलाफ पेट की सुरक्षा को खत्म कर देते हैं जिसे खाने को पचाने के लिए पेट बनाता है. यह पेट को नुकसान पहुंचाता है और जिसके कारण अल्सर बनता है. इन अल्सर के इलाज के लिए रैनिटिडाइन 50mg इन्जेक्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह आपके पेट द्वारा बनाए जाने वाले एसिड की मात्रा को कम करता है जो अल्सर को और नुकसान से सुरक्षित रखता है जब वह प्राकृतिक रूप से ठीक हो रहा होता है. अल्सर के कारण क्या हुआ है उसके आधार पर आपको अन्य दवाएं दी जा सकती हैं. इसे पेट में एसिड की मात्रा कम करके पेट में अल्सर होने से बचाने के लिए भी दिया जा सकता है.
रैनिटीडाइन इन्जेक्शन के साइड इफेक्ट
- डायरिया
- सिरदर्द
- गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिस्टर्बेंस
रैनिटीडाइन इन्जेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
रैनिटीडाइन इन्जेक्शन किस प्रकार काम करता है
All substitutes for RANITIDINE 50MG INJECTION
ख़ास टिप्स
- इसे डॉक्टर की देखरेख में नसों में इन्जेक्शन के रूप में दिया जाता है.
- अगर आप एसिडिटी (जैसे, एंटासिड) का इलाज करने के लिए अन्य दवाएं भी ले रहे हैं , तो रैनिटिडाइन 50mg इन्जेक्शन को लेने से 2 घंटे पहले या बाद में उन्हें लें.
- सॉफ्ट ड्रिंक्स, संतरे और नींबू जैसे खट्टे फल लेने से परहेज़ करें, जो पेट में परेशानी कर सकते हैं और एसिड का स्त्राव बढ़ा सकते हैं.
- अगर आपको 2 सप्ताह तक रैनिटिडाइन 50mg इन्जेक्शन लेने के बाद बेहतर महसूस नहीं होता है, तो अपने डॉक्टर को बताएं, क्योंकि इससे आपको कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं.
- अगर आपको कभी भी किडनी से जुड़ी किसी बीमारी के लिए डायग्नोस किया गया है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें क्योंकि आपकी दवा की खुराक एडजस्ट करने की आवश्यकता हो सकती है.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग

किडनी

लिवर
अन्य दवाओं के साथ दुष्प्रभाव
डैसाटिनिब (ओरल रूट)
पेजोपैनिब (ओरल रूट)
थैलिडोमाइड (ओरल रूट)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
रासायनिक वर्ग
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
एक्शन क्लास
संदर्भ
- Ranitidine. Triangle Park, NC: GlaxoSmithKline; April 2009. [Accessed 28 Mar. 2019] (online) Available from:
- Drugs and Lactation Database (LactMed) [Internet]. Bethesda (MD): National Library of Medicine (US); 2006. Ranitidine. [Updated 2018 Oct 31]. [Accessed 20 Feb. 2020] (online) Available from:
- Central Drugs Standard Control Organisation (CDSCO). [Accessed 28 Mar. 2019] (online) Available from:
- Ranitidine Hydrochloride Injection [Patient Information Sheet]. Indrad, Gujarat: Torrent Pharmaceuticals Ltd.; 2022. [Accessed 20 Feb. 2024] (online) Available from:




और अधिक जानना चाहते हैं
हम आपको प्रमाणिक, भरोसेमंद और प्रासंगिक जानकारी प्रदान करते हैंक्या आपको यहां दी गई जानकारी से कोई समस्या है?
डिस्क्लेमर
मार्केटर की जानकारी
Address: 16th फ्लोर, गोदरेज बीकेसी, प्लॉट – सी, “g” ब्लॉक, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा (ईस्ट), मुंबई – 400 051, इंडिया
विक्रेता विवरण
हमारे पास उपलब्ध टेस्ट
- सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)
- एफबीएस (फास्टिंग ब्लड शुगर)
- थायरॉइड प्रोफाइल टोटल (T3, T4 और TSH)
- HbA1c (ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन)
- पीपीबीएस (पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर)
- लिपिड प्रोफाइल
- विटामिन डी (25-हाइड्रॉक्सी)
- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
- ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट)
- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)














