

हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml
लेखक डॉ. स्वाति मिश्रा, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. मेखला चंद्रा, एमडी, एमबीबीएस,
लास्ट अपडेटेड on 29 सितंबर 2026 | 01:01 AM (Ist)


भुगतान, रिटर्न और एक्सपायरी
कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध है
पहले अपना प्रोडक्ट प्राप्त करें, फिर अपने ऑर्डर से संतुष्ट होने के बाद ही भुगतान करें
हम यह प्रोडक्ट वापस नहीं लेते
इस तरह के प्रोडक्ट्स वापस नहीं किए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अगले व्यक्ति को इस्तेमाल की गई वस्तु न मिले
प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट मई 2027 है
समाप्ति तिथि बैच के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. सभी बैच में डिस्पैच की तिथि से 3-महीने की शेल्फ लाइफ होती है.
कीमत की जानकारी
MRP बैच के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. पैकेजिंग, हैंडलिंग, शिपिंग या डिलीवरी शुल्क सहित कोई भी अतिरिक्त शुल्क खरीदने से पहले स्पष्ट रूप से प्रकट किया जाएगा.
अतिरिक्त ऑफ़र के साथ अधिक बचत करें







सामान्य जानकारी



परिचय
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml को हेल्थ केयर प्रोफेशनल द्वारा नसों, मांसपेशी या त्वचा में इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है. डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य सभी दवाओं के बारे में बता दें क्योंकि इनमें से कुछ इस दवा को प्रभावित कर सकती हैं या इस दवा का प्रभाव उन पर पड़ सकता है. डॉक्टर ने जितने समय तक लेने को कहा है, उतने समय तक इस दवा को लेते रहें. अगर आप इलाज को जल्दी रोकते हैं तो आपके लक्षण वापस आ सकते हैं और आपकी स्थिति और भी खराब हो सकती है.
कब्ज, मुंह में सूखापन और सिरदर्द इस दवा के कुछ सामान्य साइड इफेक्ट हैं. इनमें से अधिकांश आमतौर पर थोड़े समय में दूर हो जाते हैं. अगर आपको इनसे परेशानी होती है या ये लंबे समय तक रहते हैं, तो अपने डॉक्टर या नर्स से बात करें. मुंह में सूखापन और सिरदर्द को दूर करने के लिए हाइड्रेटेड रहने या बहुत सारे तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है. अगर इस दवा से आपको चक्कर आते हैं तो आपको ड्राइव नहीं करना चाहिए.
इस दवा को लेने से पहले, अगर आपको लिवर या किडनी रोग था या अल्सरेटिव कोलाइटिस था, तो अपने डॉक्टर को बताएं. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. डॉक्टर को आपके द्वारा ली जाने वाली अन्य सभी दवाओं के बारे में बता दें क्योंकि इनमें से कुछ इस दवा को प्रभावित कर सकती हैं या इस दवा का प्रभाव उन पर पड़ सकता है.
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
- इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम का इलाज
- दर्द निवारक
- पेप्टिक अल्सर डिजीज का इलाज
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन के फायदे
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम बड़ी आंत (कोलन) का एक क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी रोग है जिसमें आमतौर पर लॉन्ग-टर्म मैनेजमेंट की आवश्यकता होती है. इससे ब्लीडिंग, बार-बार होने वाले दस्त, गैस बनना, ऐंठन और पेट में दर्द हो सकता है. हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml आपके पेट और गट (आंत) की मांसपेशियों को रिलेक्स करता है तथा इन लक्षणों में प्रभावी रूप से आराम देता है. आमतौर पर, आपकी स्थिति को सुधारने के लिए इसका इस्तेमाल अन्य दवाओं के साथ किया जाता है. जब तक डॉक्टर आपको इसे लेने के लिए कहे तब तक इसे लेना जारी रखें. इससे अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आपको नियमित रूप से इस दवा का सेवन करने की आवश्यकता होगी. इसे लेने के दौरान हाइड्रेटेड रहने के लिए फाइबर से भरपूर आहार लें, तेल या मसालेदार भोजन से बचें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिएं.
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml पेट में विभिन्न स्त्रवणों जैसे कि एसिड स्त्रवण में कमी करता है और पेट और गट (आंत) की मांसपेशियों के मूवमेंट में सुधार करता है. यह पेट और आंत में दर्द, अचानक से मांसपेशियों में आ गए खिंचाव या पेट या आंतों में मरोड़ों को प्रभावी रूप से राहत देता है, जिससे मांसपेशियों में आराम मिलता है और पेट में भोजन की गति में सुधार होता है. यह पेट में दर्द (या पेट दर्द) के साथ-साथ ऐंठन, ब्लोटिंग और बेचैनी का इलाज करने में मदद करता है. पूरे फायदे के लिए इसे डॉक्टर के बताए अनुसार ही लें. आखिरकार, यह आपको अपनी दैनिक गतिविधियों के बारे में अधिक आसानी से जाने में और बेहतर, अधिक सक्रिय, जीवन स्तर प्राप्त करने में मदद करेगा.
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml का इस्तेमाल पेप्टिक अल्सर के इलाज के लिए किया जाता है. यह आपके पेट द्वारा बनाए जाने वाले एसिड की मात्रा को कम करता है जो अल्सर को और नुकसान से सुरक्षित रखता है जब वह प्राकृतिक रूप से ठीक हो रहा होता है. अल्सर के कारण क्या हुआ है उसके आधार पर आपको अन्य दवाएं दी जा सकती हैं. आपको दवा के प्रभावी तरीके से काम करने के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई अवधि तक इसे लेते रहना होगा, भले ही लक्षण दिखाई देना बंद हो जाए. इसे पेट में एसिड की मात्रा को कम करके अल्सर बनाने से रोकने के लिए भी डॉक्टर की पर्ची में लिखा जा सकता है.
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन के साइड इफेक्ट
- कब्ज
- चक्कर आना
- सुस्ती
- ड्राइनेस इन माउथ
- पेशाब करने में कठिनाई
- चक्कर महसूस होना
- सिरदर्द
- धुंधली नज़र
- फ्लशिंग (चेहरे, कान, गर्दन और शरीर में गर्मी महसूस होना)
- प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन किस प्रकार काम करता है
ख़ास टिप्स
- हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml का इस्तेमाल पेट और आंतों से जुड़े रोगों जैसे कि पेप्टिक अल्सर डिजीज और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के इलाज में किया जाता है.
- यदि आपको पेशाब की समस्या, प्रोस्टेट बढ़ना, पेट या आंत में गड़बड़ी (पैरालिटिक एलियस सहित), गर्ड, या गंभीर अल्सरेटिव कोलाइटिस है, तो हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml लेने से पहले अअपने डॉक्टर को बताएं.
- जब आप हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml ले रहे हों, तो उस समय एंटासिड लेने से बचें. एंटासिड आपके शरीर के लिए हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml को अवशोषित करने में कठिनाई पैदा कर सकता है. यदि आप एंटासिड का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml लेने के 2 घंटे के बाद लें.
- व्यायाम के दौरान और गर्म मौसम में शरीर के ज़्यादा गरम होने या पानी की कमी से होने से खुद को बचाएं. हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml के कारण पसीना कम हो सकता है और आपको लू लगने की संभावना अधिक हो सकती है.
- अपने डॉक्टर को बताएं अगर आप गर्भवती हैं या गर्भवती होने की प्लानिंग कर रही हैं.
- इस दवा का इस्तेमाल करते समय स्तनपान कराना सुरक्षित नहीं होता है. किसी भी जोखिम के बारे में अपने डॉक्टर से पूछें.
- हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml का इस्तेमाल पेट और आंतों से जुड़े रोगों जैसे कि पेप्टिक अल्सर डिजीज और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के इलाज में किया जाता है.
- हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml का इस्तेमाल पेप्टिक अल्सर और सहित कई अलग-अलग पेट और आंतों के डिसऑर्डर्स के इलाज के लिए किया जाता है.
- यदि आपको पेशाब की समस्या, प्रोस्टेट बढ़ना, पेट या आंत में गड़बड़ी (पैरालिटिक एलियस सहित), गर्ड, या गंभीर अल्सरेटिव कोलाइटिस है, तो हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml लेने से पहले अअपने डॉक्टर को बताएं.
- जब आप हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml ले रहे हों, तो उस समय एंटासिड लेने से बचें. एंटासिड आपके शरीर के लिए हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml को अवशोषित करने में कठिनाई पैदा कर सकता है. यदि आप एंटासिड का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml लेने के 2 घंटे के बाद लें.
- व्यायाम के दौरान और गर्म मौसम में शरीर के ज़्यादा गरम होने या पानी की कमी से होने से खुद को बचाएं. हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml के कारण पसीना कम हो सकता है और आपको लू लगने की संभावना अधिक हो सकती है.
- अपने डॉक्टर को बताएं अगर आप गर्भवती हैं या गर्भवती होने की प्लानिंग कर रही हैं.
- इस दवा का इस्तेमाल करते समय स्तनपान कराना सुरक्षित नहीं होता है. किसी भी जोखिम के बारे में अपने डॉक्टर से पूछें.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग
हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml से सुस्ती, चक्कर आना या धुंधली नज़र हो सकते हैं जिससे ड्राइविंग प्रभावित हो सकती है.

किडनी

लिवर
अन्य दवाओं के साथ पारस्परिक प्रभाव (इंटरैक्शन)
ट्राइहेक्सीफेनिडील (इंजेक्शन रूट)
क्लोजापाइन (ओरल रूट)
ट्राइहेक्सीफेनिडील (ओरल रूट)
प्रोसायक्लीडाइन (ओरल रूट)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
रासायनिक वर्ग
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
एक्शन क्लास
संबंधित लैब टेस्ट




और अधिक जानना चाहते हैं
हम आपको प्रमाणिक, भरोसेमंद और प्रासंगिक जानकारी प्रदान करते हैंक्या आपको यहां दी गई जानकारी से कोई समस्या है?
डिस्क्लेमर
मार्केटर की जानकारी
Address: जाइडस टावर, सैटेलाइट क्रॉस रोड,अहमदाबाद – 380015 गुजरात, इंडिया.
विक्रेता विवरण
A लाइसेंस वेंडर पार्टनरआपकी सबसे नज़दीकी लोकेशन से हायोसिमैक्स-एस इन्जेक्शन 1ml डिलीवर करेगा. जैसे ही फार्मेसी आपका ऑर्डर स्वीकार कर लेती है, फार्मेसी का विवरण आपके साथ शेयर किया जाएगा. आपके ऑर्डर की स्वीकृति आपके डॉक्टर की ℞ की वैधता और इस दवा की उपलब्धता पर आधारित है.
किसी भी समस्या के मामले में, हमसे संपर्क करें
ईमेल आईडी: [email protected]फोन नंबर: 0124-4166666
पता: 5th फ्लोर, प्रेसीडेंसी बिल्डिंग टावर-बी, 46/4 महरौली गुडगाँव रोड, सेक्टर-14, गुरुग्राम, हरियाणा -122001, भारत
हमारे पास उपलब्ध टेस्ट
- सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)
- एफबीएस (फास्टिंग ब्लड शुगर)
- थायरॉइड प्रोफाइल टोटल (T3, T4 और TSH)
- HbA1c (ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन)
- पीपीबीएस (पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर)
- लिपिड प्रोफाइल
- विटामिन डी (25-हाइड्रॉक्सी)
- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
- ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट)
- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)

















