
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों के लिए शुगरी ड्रिंक्स की जगह गर्म चाय पीना फायदेमंद विकल्प हो सकता है। ग्रीन-टी, अदरक की चाय और गुड़हल की चाय जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। वज़न घटाने की कोशिश करने वाले लोगों के बीच ये चाय (herbal teas for weight loss in hindi) लोकप्रिय हैं, क्योंकि इन्हें बनाना आसान है और ये डाइट में कुछ फायदेमंद कंपाउंड भी शामिल कर सकती हैं।
हालाँकि, वज़न घटाने में ज़्यादातर चाय की प्रभावशीलता को लेकर वैज्ञानिक सबूत सीमित हैं। कुछ चाय में कैफीन और कैटेचिन होते हैं, जो शरीर में ऊर्जा खर्च होने की प्रक्रिया पर थोड़ा असर डाल सकते हैं। वहीं, दूसरी चाय मुख्य रूप से अपने स्वाद, शरीर में पानी की कमी पूरी करने या पाचन से जुड़ी परेशानी में राहत पाने के लिए पी जाती हैं। इंसानों पर हुई स्टडीज़ के नतीजे भी एक जैसे नहीं हैं। अलग-अलग तरह की चाय का असर अलग हो सकता है [1, 2]।
सबसे ज़रूरी बात यह समझना है कि केवल चाय पीने से बहुत ज़्यादा और लगातार फैट लॉस नहीं होता। इस आर्टिकल में वज़न घटाने के लिए अलग-अलग चाय को अब तक हुई रिसर्च और उपलब्ध सबूतों के आधार पर बताया गया है। साथ ही, हर चाय को बनाने का समय भी दिया गया है, जिसे आप अपने स्वाद के हिसाब से बदल सकते हैं।
इस सूची में ग्रीन-टी को पहले स्थान पर रखा गया है, क्योंकि यहाँ बताए गए ड्रिंक्स में वज़न घटाने के लिए इसके पक्ष में सबसे ज्यादा सबूत मिले हैं। इसके बाद अदरक की चाय है, क्योंकि अदरक पर हुई कई स्टडीज़ में संभावित फायदे सामने आए हैं। हालाँकि, अदरक के सप्लीमेंट से मिलने वाले फायदे ज़रूरी नहीं कि एक कप अदरक की चाय से भी मिलें। बाकी चाय के लिए वज़न घटाने से जुड़े सबूत थोड़े कमज़ोर या अप्रत्यक्ष हैं।
वज़न घटाने के लिए चाय के साथ अपनी डाइट पर ध्यान देना भी ज़रूरी है। इसके लिए कम कैलोरी वाले फूड्स को अपने खाने में शामिल करने के तरीके जानें।
रिसर्च के सबूतों के आधार पर, वज़न घटाने के लिए 8 चाय

1. ग्रीन टी
बनाने का समय: 2–3 मिनट
ग्रीन टी में कैटेचिन भरपूर मात्रा में होते हैं। इनमें एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (EGCG) भी शामिल है। इसमें अक्सर कैफीन भी होता है। ये कंपाउंड शरीर में ऊर्जा खर्च होने और फैट ऑक्सिडेशन की प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा, 2024 में प्रकाशित एक सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि ग्रीन टी पीने से वज़न में थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन इन नतीजों के सबूतों की गुणवत्ता कम थी। कोक्रेन डेटाबेस में प्रकाशित पहले के निष्कर्षों के अनुसार, ज़्यादातर लोगों में वज़न घटाने पर ग्रीन टी का असर बहुत कम या न के बराबर होता है [1, 2]।
कैसे बनाएँ: एक टी बैग या लगभग एक छोटा चम्मच खुली ग्रीन टी की पत्तियों को गर्म पानी में 2–3 मिनट तक डालकर रखें। पानी बहुत ज़्यादा उबलता हुआ न हो। कम कैलोरी वाला ड्रिंक पाने के लिए इसमें चीनी न मिलाएँ।
2. अदरक की चाय
बनाने का समय: 5–10 मिनट
अदरक में कई तरह के कंपाउंड होते हैं, जिनमें जिंजरॉल भी शामिल है। 27 रैंडमाइज़्ड कंट्रोल्ड ट्रायल के मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि अदरक का सेवन शरीर के वज़न और बॉडी कंपोज़िशन पर असर डाल सकता है। हालाँकि, इन नतीजों के सबूतों की गुणवत्ता बहुत कम थी। इस रिसर्च में मुख्य रूप से अदरक के सेवन या सप्लीमेंट से जुड़ी स्टडीज़ शामिल थीं, न कि सिर्फ अदरक की चाय पर हुई स्टडीज़ [3]।
कैसे बनाएँ: ताज़े अदरक के कुछ टुकड़ों को पानी में डालकर लगभग 5–10 मिनट तक धीमी आँच पर उबालें। इसके बाद छानकर पी लें। अदरक की चाय मीठे ड्रिंक्स का स्वादिष्ट विकल्प हो सकती है, लेकिन इससे फैट बर्न होने की ज्यादा उम्मीद न करें।
3. ब्लैक टी

बनाने का समय: 3–5 मिनट
ब्लैक-टी में पॉलीफेनॉल कंपाउंड होते हैं, जिनमें थियाफ्लेविन और थियारूबिजिन शामिल हैं। ये कंपाउंड चाय की पत्तियों को प्रोसेस करने के दौरान बनते हैं। मेटाबॉलिज़्म पर इनके संभावित असर को लेकर रिसर्च की जा रही है।
हालाँकि, क्लिनिकल स्टडीज़ यह साबित नहीं करतीं कि ब्लैक-टी वज़न घटाने का भरोसेमंद तरीका है। हाल ही में हुए एक नेटवर्क मेटा-एनालिसिस में भी कंट्रोल ड्रिंक्स की तुलना में ब्लैक-टी पीने से वज़न घटने का फायदा साबित नहीं हुआ [1]।
कैसे बनाएँ: एक टी-बैग या एक छोटा चम्मच ब्लैक-टी को गर्म पानी में 3–5 मिनट तक डालकर रखें। इसमें चीनी या मीठी सिरप न मिलाएँ। अगर कैफीन की वजह से आपकी नींद प्रभावित होती है, तो शाम को ब्लैक-टी पीने से बचें।
4. ऊलोंग टी
बनाने का समय: 3–5 मिनट
ऊलोंग-टी को आंशिक रूप से ऑक्सिडाइज़ किया जाता है। इसका स्वाद ग्रीन-टी और ब्लैक-टी के बीच का होता है। इसमें पॉलीफेनॉल और कैफीन दोनों होते हैं, इसलिए मेटाबॉलिज़्म पर इसके संभावित असर को लेकर रिसर्च में दिलचस्पी दिखाई गई है।
हालाँकि, इंसानों पर हुई स्टडीज़ के पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं हैं, जिनके आधार पर यह कहा जा सके कि ऊलोंग-टी से वज़न में कोई ख़ास कमी आती है।
कैसे बनाएँ: एक छोटा चम्मच ऊलोंग टी की पत्तियों को गर्म पानी में 3–5 मिनट तक डालकर रखें। पैकेट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।
5. गुड़हल की चाय
बनाने का समय: 5–7 मिनट
गुड़हल की चाय (Hibiscus sabdariffa) के सूखे फूलों के बाहरी हिस्से से बनाई जाती है। इसका स्वाद प्राकृतिक रूप से खट्टा होता है और इसमें पॉलीफेनॉल सहित कई दूसरे प्लांट कंपाउंड मौजूद होते हैं।
छह रैंडमाइज़्ड स्टडीज़ के सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि शरीर के वज़न, कमर के माप या बीएमआई में कमी के मामले में गुड़हल की चाय का कोई खास फायदा नहीं दिखा। इसलिए इसे वज़न घटाने के असरदार प्रोडक्ट के बजाय एक ताज़गी देने वाले ड्रिंक के रूप में देखना बेहतर है [4]।
कैसे बनाएँ: सूखे गुड़हल के फूलों को गर्म पानी में डालकर 5–7 मिनट तक रखें। फिर छान लें। इसे बिना चीनी मिलाए गर्म या ठंडा, दोनों तरह से पी सकते हैं।
6. दालचीनी की चाय

बनाने का समय: 8–10 मिनट
दालचीनी में वाष्पशील कंपाउंड होते हैं, जिनके ब्लड शुगर मैनेजमेंट और मेटाबॉलिज़्म पर संभावित असर का अध्ययन किया गया है। हालाँकि, दालचीनी के सप्लीमेंट और एक्सट्रैक्ट से जुड़े नतीजे यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि दालचीनी की चाय पीने से वज़न घटता है।
इसका मुख्य फायदा यह है कि यह बिना चीनी मिलाए ड्रिंक को स्वादिष्ट बना सकती है।
कैसे बनाएँ: दालचीनी की एक छोटी स्टिक को पानी में डालकर 8–10 मिनट तक धीमी आँच पर उबालें। इसे मोटापे के इलाज के बजाय कभी-कभी बिना शुगर वाले ड्रिंक के रूप में पिएँ।
7. पुदीने की चाय
बनाने का समय: 5–7 मिनट
पुदीने की चाय एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें कैफीन नहीं होता और इसे दिन में किसी भी समय पिया जा सकता है। इसे बनाना भी आसान है। हालाँकि, स्टडीज़ में पुदीने की चाय का भूख या फैट लॉस पर असर साबित नहीं हुआ है।
कैसे बनाएँ: ताज़े पुदीने की पत्तियों या सूखे पुदीने की चाय पर उबलता पानी डालें। इसे 5–7 मिनट तक रखा रहने दें और फिर पी लें। एसिड रिफ्लक्स की समस्या वाले लोगों के लिए पुदीने की चाय सही विकल्प नहीं हो सकती, क्योंकि पुदीना इस परेशानी को बढ़ा सकता है।
8. रूइबोस टी
बनाने का समय: 5–7 मिनट
रूइबोस टी Aspalathus linearis पौधे से बनाई जाती है। यह एक हर्बल ड्रिंक है, जिसमें कैफीन नहीं होता। इसमें पॉलीफेनॉल कंपाउंड भरपूर मात्रा में होते हैं और इसका स्वाद हल्का मीठा होता है।
कुछ रिसर्च में वज़न घटाने पर रूइबोस टी के असर का अध्ययन किया गया है, लेकिन इसकी प्रभावशीलता साबित करने वाले पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
कैसे बनाएँ: रूइबोस-टी के एक टी बैग को गर्म पानी में डालकर 5–7 मिनट तक रखें।
वज़न घटाने के लिए चाय पीते समय किन बातों का ध्यान रखें?

वज़न घटाने के लिए सही चाय चुनना एक असरदार प्लान का सिर्फ़ एक हिस्सा है। बेहतर नतीजों के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- चीनी न मिलाएँ: शहद और दूसरे स्वीटनर भी कैलोरी बढ़ाते हैं। आमतौर पर बिना कुछ मिलाई हुई चाय बेहतर विकल्प होती है।
- कैफीन का ध्यान रखें: ग्रीन टी, ब्लैक टी और ऊलोंग टी जैसी चाय में कैफीन होता है। इन्हें बहुत ज़्यादा मात्रा में पीने से संवेदनशील लोगों को दिल की धड़कन तेज़ होने और एंग्जायटी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
- डिटॉक्स टी से बचें: कुछ डिटॉक्स टी में सेना जैसी चीज़ें होती हैं, जिनका लैक्सेटिव यानी मल त्याग बढ़ाने वाला असर हो सकता है। इससे शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन हो सकता है। वज़न में तेज़ी से होने वाली कमी असल में फैट घटने के बजाय शरीर से पानी निकलने की वजह से भी हो सकती है।
- साधारण चाय को प्राथमिकता दें: सामान्य तरीके से बनी चाय और ग्रीन टी के कॉन्सन्ट्रेटेड एक्सट्रैक्ट एक जैसे नहीं हैं। ग्रीन टी के कॉन्सन्ट्रेटेड एक्सट्रैक्ट का संबंध लिवर को नुकसान पहुँचने के दुर्लभ मामलों से पाया गया है [5]।
- उम्मीदें वास्तविक रखें: लंबे समय तक वज़न कम रखने के लिए हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज़, पर्याप्त नींद और खाने-पीने की अच्छी आदतें ज़रूरी हैं। हर्बल चाय इन आदतों का हिस्सा हो सकती है, लेकिन उनकी जगह नहीं ले सकती।
प्रेग्नेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, प्रिस्क्रिप्शन दवाएँ लेने वाले लोगों और किसी मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे लोगों को हर्बल उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। एसिड रिफ्लक्स की समस्या वाले लोगों को भी पुदीने की चाय से बचना पड़ सकता है, खासकर अगर इससे उनके लक्षण बढ़ते हों।
लंबे समय तक वज़न मैनेज करने के लिए डाइट में सही फूड्स शामिल करना मददगार हो सकता है। वज़न घटाने के लिए हेल्दी फूड्स के बारे में भी जानें।
निष्कर्ष

वज़न घटाने के लिए हर्बल चाय एक अच्छा विकल्प हो सकती है, खासकर जब इसे मीठे ड्रिंक्स की जगह पिया जाए और साथ में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाई जाए। ग्रीन टी के पक्ष में सबसे ज़्यादा रिसर्च उपलब्ध है, जबकि अदरक की चाय के संभावित फायदों के लिए अप्रत्यक्ष सबूत हैं। गुड़हल, ब्लैक टी और कई दूसरी हर्बल चाय के वज़न घटाने में महत्वपूर्ण फायदे होने के सबूत सीमित हैं।
वज़न घटाने के शॉर्टकट के रूप में चाय पर निर्भर रहने के बजाय हेल्दी डाइट लें, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर खाएँ, नियमित एक्सरसाइज़ करें, अच्छी नींद लें और खाने-पीने की बेहतर आदतें अपनाएँ। डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करने के लिए आप फाइबर बढ़ाने के 9 तरीके जान सकते हैं। चाय को बताई गई अवधि तक उबालें, जहाँ तक हो सके उसमें स्वीटनर न मिलाएँ और अपनी पसंद की चाय चुनें। सबसे ज़रूरी बात, ऐसे किसी भी प्रोडक्ट से दूर रहें जो बहुत कम समय में चमत्कारी रूप से वज़न घटाने का दावा करता हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. वज़न घटाने के लिए कौन-सी चाय सबसे असरदार है?
वज़न घटाने के लिए बताए गए आठ तरह के ड्रिंक्स में ग्रीन टी के पक्ष में सबसे ज़्यादा रिसर्च उपलब्ध है। फिर भी, रिसर्च के अनुसार ग्रीन टी पीने से वज़न में होने वाली कमी बहुत कम होती है [1, 2]।
2. क्या हर्बल चाय पेट की चर्बी घटाने में मदद करती है?
कोई भी चाय शरीर के किसी एक हिस्से की चर्बी को खास तौर पर कम नहीं करती। वज़न घटने पर खान-पान, शारीरिक गतिविधि, जेनेटिक्स और कई दूसरे फैक्टर असर डालते हैं।
3. वज़न घटाने वाली चाय कब पीनी चाहिए?
बिना चीनी वाली वज़न घटाने के लिए पी जाने वाली चाय दिन में किसी भी समय पी जा सकती है और इसे पीने का समय फैट लॉस पर असर नहीं डालता।
4. वज़न घटाने के लिए रोज़ कितनी चाय पीनी चाहिए?
चाय के कपों की ऐसी कोई निश्चित संख्या वैज्ञानिक रूप से तय नहीं की गई है, जिससे वज़न घटने की गारंटी मिलती हो। कैफीन को सहन करने की अपनी क्षमता, अदरक की चाय के अलावा कैफीन के दूसरे स्रोतों से होने वाले सेवन और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखें।
5. क्या अदरक की चाय वज़न घटाने में मदद करती है?
अदरक की चाय पर सीधे तौर पर उपलब्ध सबूत कम हैं। हालाँकि, कुछ स्टडीज़ में अदरक के सप्लीमेंट से संभावित फायदे सामने आए हैं। अदरक की चाय को हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन केवल इसे पीने से वज़न घटने की उम्मीद न करें।
6. क्या वज़न घटाने वाली चाय में शहद मिलाना सही है?
अगर आपको पसंद है, तो शहद मिला सकते हैं। लेकिन इससे चाय में कैलोरी और चीनी की मात्रा बढ़ जाती है। अगर आप कैलोरी कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो आमतौर पर बिना स्वीटनर वाली चाय पीना बेहतर है।
7. क्या वज़न घटाने के लिए डिटॉक्स-टी सुरक्षित है?
वज़न घटाने के लिए प्रचारित की जाने वाली कई डिटॉक्स-टी सुरक्षित लग सकती हैं, लेकिन सभी ऐसी नहीं होतीं। कुछ डिटॉक्स-टी में लैक्सेटिव होते हैं, जिनसे शरीर में पानी की कमी और इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन हो सकता है। इनसे वज़न घटने का असर लंबे समय तक बना रहना भी ज़रूरी नहीं है। इसलिए लैक्सेटिव वाली चाय से बचना बेहतर है।
8. वज़न घटाने वाली चाय कितनी जल्दी असर करती है?
वज़न घटाने वाली चाय का असर कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे चाय का प्रकार, व्यक्ति की डाइट, लाइफस्टाइल और रोज़ पी जाने वाली चाय की मात्रा। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुछ लोगों को नियमित रूप से वज़न घटाने वाली चाय पीने के बाद भी कोई नतीजा नहीं दिख सकता।
(यह लेख दीक्षित राजपूत , Executive (Ayurveda and Multilingual Content) द्वारा लिखा गया है और इसकी समीक्षा डॉ. स्वाति मिश्रा, मेडिकल एडिटर ने की है)
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References
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