


एम रैब 20mg इंजेक्शन
लेखक डॉ. लिपिका खुराना, पीजीडीएचएचएम, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. सचिन गुप्ता, एमडी फैर्मकोलोगी, MBBS,
लास्ट अपडेटेड on 05 Aug 2026 | 01:04 AM (IST)



₹85
अतिरिक्त ऑफ़र के साथ अधिक बचत करें







सामान्य जानकारी
शामिल है
मार्केटर
स्टोरेज के निर्देश



परिचय
एम रैब 20mg इंजेक्शन तेज़ी से काम करता है और एसिडिटी से संबंधित समस्याओं से तुरंत राहत प्रदान करता है. इसका इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों में स्ट्रेस अल्सर की रोकथाम के लिए भी किया जाता है और एस्पिरेशन-संबंधित परेशानियों की रोकथाम के लिए एनेस्थेटिक दवा से पहले दिया जाता है. यह प्रोटोन पंप इंहिबिटर (पीपीआई) के नाम से जानी जाने वाली दवाओं की श्रेणी से संबंधित है.
यह दवा पेशेवर स्वास्थ्यकर्मी द्वारा नस में दी जाती है और अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि गोली की तुलना में इन्जेक्शन आपके लिए उपयुक्त है, तभी यह दी जाती है. डोज़ आपकी अंडरलाइंग कंडीशन और दवा के प्रति आपके रिस्पॉन्स पर निर्भर करेगी. आपका डॉक्टर इलाज की अवधि निर्धारित करेगा लेकिन आपको इसे वैसे ही लेना चाहिए जैसा निर्धारित है, भले ही आपके लक्षण जल्दी से गायब हो जाएं. आप समय समय पर काम मात्रा में भोजन करके इलाज की कुशलता बढ़ा सकते हैं और जैसे चाय और कॉफी जैसे कैफीन युक्त ड्रिंक्स, और मसालेदार या फैटी खाना खाने से बच सकते हैं.
इस दवा से होने वाले सबसे सामान्य दुष्प्रभावों में मिचली आना, उल्टी, सिरदर्द, चक्कर आना, पेट की गैस, डायरिया, पेट दर्द, और थ्रोम्बोफ्लेबिटिस (जिसमें नस में दर्द, लालिमा और सूजन शामिल है) शामिल हैं. ये लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं, लेकिन अगर वे आपको परेशान करते हैं या नहीं जाते, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें. लंबे समय तक इस दवा के इस्तेमाल से साइड इफेक्ट का जोखिम बढ़ सकता है. उदाहरण के लिए, 1 वर्ष से अधिक समय तक इस दवा का इस्तेमाल आपके हड्डी के फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ा सकता है, विशेष रूप से हाई डोज़ के साथ. हड्डियों की क्षति (ऑस्टियोपोरोसिस) को रोकने के तरीकों जैसे कैल्शियम और विटामिन डी सप्लीमेंट लेने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें.
3 महीने या उससे अधिक समय तक यह दवा लेने वाले कुछ लोगों में लो ब्लड मैग्नीशियम लेवल (हाइपोमैग्नीसिमिया) देखा गया है. मैग्नीशियम के ये कम स्तर थकान, भ्रम, चक्कर आना, मांसपेशियों के ट्विच और अनियमित हार्टबीट का कारण बन सकते हैं. इसकी रोकथाम के लिए आपका डॉक्टर आपके मैग्नीशियम लेवल की निगरानी कर सकता है.
एम रैब 20mg इंजेक्शन कुछ लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है. इस दवा को लेने से पहले, अगर आपको लिवर संबंधी गंभीर समस्याएं हैं, एचआईवी के लिए दवाएं ले रहे हैं, और अतीत में इसी तरह की दवाओं से कभी एलर्जिक रिएक्शन हुए, या हड्डी के नुकसान (ऑस्टियोपोरोसिस) से पीड़ित है तो आपको अपने डॉक्टर को बताने की जरूरत है. गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसे लेने से पहले डॉक्टर से भी परामर्श करना चाहिए. शराब पीने से बचें क्योंकि इससे आपके पेट में अत्यधिक एसिड बनता है और आपके लक्षण और अधिक बिगड़ सकते हैं. अपनी बंद आंखों पर गर्म या ठंडा पैक रखने की कोशिश करें.
एम रैब इंजेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
- एसिडिटी
- गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (एसिड रिफ्लक्स)
- पेप्टिक अल्सर डिजीज
एम रैब इंजेक्शन के फायदे
एम रैब 20mg इंजेक्शन का इस्तेमाल पेट में अतिरिक्त एसिड को कम करके एसिडिटी से राहत देने के लिए किया जाता है. यह हार्टबर्न, अपच और पेट में परेशानी जैसे लक्षणों को कम करने में मदद करता है, और अल्सर जैसे एसिड से संबंधित स्थितियों के इलाज में मदद करता है.
जी.ई.आर.डी. एक क्रोनिक (लंबे समय तक चलने वाली) कंडीशन है जो कभी-कभी होने के बजाय हर समय हार्टबर्न होने के जैसी होती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके पेट के ऊपर की मांसपेशी बहुत अधिक आराम करती है और पेट की सामग्री को आपके एसोफेगस या मुंह में वापस आने देती है. एम रैब 20mg इंजेक्शन प्रोटोन पंप इनहिबिटर्स नामक दवाओं के समूह से संबंधित है. यह आपके पेट द्वारा बनाए जाने वाले एसिड की मात्रा को कम करता है और हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स से जुड़े दर्द से राहत देता है. इसके प्रभावी होने के लिए आपको इसे ठीक वैसे लेना चाहिए जैसा आपको बताया गया हो.
लाइफस्टाइल में कुछ आसान बदलाव जी.ई.आर.डी. के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं. उन भोजनों के बारे में सोचें जिनसे हार्टबर्न होता है और उनसे बचने की कोशिश करें; थोड़ी-थोड़ी देर में, कम मात्रा में भोजन खाएं; अगर आप ओवरवेट हैं तो वजन घटाने की कोशिश करें और आराम के तरीके खोजने की कोशिश करें. बिस्तर पर जाने के 3-4 घंटे के भीतर भोजन न करें.
एम रैब 20mg इंजेक्शन प्रोटोन पंप इनहिबिटर्स नामक दवाओं के समूह से संबंधित है. यह आपके पेट द्वारा बनाए जाने वाले एसिड की मात्रा को कम करता है जो अल्सर को और नुकसान से सुरक्षित रखता है जब वह प्राकृतिक रूप से ठीक हो रहा होता है. अल्सर किस वजह से हुआ है, इसके आधार पर डॉक्टर इस दवा के साथ दूसरी दवाएं भी दे सकते हैं. इसे आपके डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोवाइडर द्वारा एक इन्जेक्शन के रूप में दिया जाता है.
एम रैब इंजेक्शन के साइड इफेक्ट
- पेट में दर्द
- कमजोरी
- डायरिया
- थ्रोम्बोफ्लेबिटिस
- सिरदर्द
- मिचली आना
- उल्टी
- पेट की गैस
- चक्कर आना
एम रैब इंजेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
एम रैब इंजेक्शन किस प्रकार काम करता है
All substitutes for M Rab 20mg Injection
Shirab Injection
Paxo Rab 20mg Injection
Rabimed 20mg Injection
Biorab 20mg Injection
Aciright-RB Injection
ख़ास टिप्स
- आपका डॉक्टर एम रैब 20mg इंजेक्शन को नस में इंजेक्शन के रूप में देगा.
- यह आमतौर पर अच्छी तरह सहन की जाने वाली दवा है और लंबे समय तक राहत प्रदान करती है.
- एसिडिटी की रोकथाम के कुछ उपयोगी सुझाव:
- कार्बोनेटेड पेय/सॉफ्ट ड्रिंक, सिट्रस जूस, तला भुना भोजन, कैफीन युक्त पेय जैसे चाय और कॉफी आदि के अत्यधिक सेवन से बचें.
- शराब और धूम्रपान से बचें.
- देर रात या सोने से पहले खाने से बचें.
- अगर आपको पानी से दस्त, बुखार या पेट दर्द होता है जो दूर नहीं होता है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.
- एम रैब 20mg इंजेक्शन के लंबे समय तक इस्तेमाल से हड्डियां कमजोर हो सकती है और मैग्नीशियम जैसे मिनरल की कमी हो सकती है. डॉक्टर ने जितने कैल्शियम और मैग्निशियम या उसके सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी है उसका पर्याप्त मात्रा में सेवन करें.
- यदि आपको कम पेशाब, एडिमा (फ्लुइड रिटेंशन के कारण सूजन), कमर दर्द, मतली, थकान, और दाने या बुखार की समस्या हो रही है तो अपने डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें. ये किडनी की समस्या के लक्षण हो सकते हैं.
- एम रैब 20mg इंजेक्शन should be taken 1 hour before a meal, preferably in the morning.
- यह आमतौर पर अच्छी तरह सहन की जाने वाली दवा है और लंबे समय तक राहत प्रदान करती है.
- एसिडिटी की रोकथाम के कुछ उपयोगी सुझाव:
- कार्बोनेटेड पेय/सॉफ्ट ड्रिंक, सिट्रस जूस, तला भुना भोजन, कैफीन युक्त पेय जैसे चाय और कॉफी आदि के अत्यधिक सेवन से बचें.
- शराब और धूम्रपान से बचें.
- देर रात या सोने से पहले खाने से बचें.
- अगर आपको पानी से दस्त, बुखार या पेट दर्द होता है जो दूर नहीं होता है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.
- 14 दिनों तक लेने के बाद अगर आपको बेहतर महसूस नहीं हो रहा है क्योंकि आप किसी और समस्या से पीड़ित हो रहे हैं तो ध्यान देने की जरूरत है.
- एम रैब 20mg इंजेक्शन के लंबे समय तक इस्तेमाल से हड्डियां कमजोर हो सकती है और मैग्नीशियम जैसे मिनरल की कमी हो सकती है. डॉक्टर ने जितने कैल्शियम और मैग्निशियम या उसके सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी है उसका पर्याप्त मात्रा में सेवन करें.
- यदि आपको कम पेशाब, एडिमा (फ्लुइड रिटेंशन के कारण सूजन), कमर दर्द, मतली, थकान, और दाने या बुखार की समस्या हो रही है तो अपने डॉक्टर से तुरंत परामर्श करें. ये किडनी की समस्या के लक्षण हो सकते हैं.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग

किडनी

लिवर

अन्य दवाओं के साथ पारस्परिक प्रभाव (इंटरैक्शन)
मेथोट्रेक्सेट (इंजेक्शन रूट)
मेथोट्रेक्सेट (इंजेक्शन रूट)
मेथोट्रेक्सेट (इंजेक्शन रूट)
मेथोट्रेक्सेट (इंजेक्शन रूट)
डैसाटिनिब (ओरल रूट)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
रासायनिक वर्ग
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
एक्शन क्लास
संदर्भ




और अधिक जानना चाहते हैं
हम आपको प्रमाणिक, भरोसेमंद और प्रासंगिक जानकारी प्रदान करते हैंक्या आपको यहां दी गई जानकारी से कोई समस्या है?
डिस्क्लेमर
मार्केटर की जानकारी
Address: नं. 1/1, एम. एम. लेन, कॉटन पेट, 2nd क्रॉस, कॉटनपेट, बेंगलुरु-560053, कर्नाटक, भारत
विक्रेता विवरण
हमारे पास उपलब्ध टेस्ट
- सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)
- एफबीएस (फास्टिंग ब्लड शुगर)
- थायरॉइड प्रोफाइल टोटल (T3, T4 और TSH)
- HbA1c (ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन)
- पीपीबीएस (पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर)
- लिपिड प्रोफाइल
- विटामिन डी (25-हाइड्रॉक्सी)
- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
- ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट)
- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)
















