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Anar ke fayde: अनार के हैं बहुत अनोखे फायदे – Balkrishna Ji (Patanjali)

  • October 30,2018
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आप अनार (pomegranate in hindi) खाते हैं तो अनार के फायदे (Anar ke fayde) के बारे में जरूर जानते होंगे। सभी लोग अनार को बहुत ही पसंद से खाते हैं। अनार के लाल-लाल छोटे-छोटे दाने देखने में जितने अच्छे लगते हैं खाने में उतने ही मीठे होते हैं। जिन लोगों को खून की कमी होती है या जिन्हें कमजोरी महसूस होती है उन्हें भी डॉक्टर प्रायः अनार खाने या जूस (Patanjali Anar juice) पीने की सलाह देते हैं क्योंकि शरीर को अनार के सेवन से फायदे बहुत होते हैं।

Anar ke fayde
Anar ke fayde

इसके अलावा अनार के फायदे (anar khane ke fayde) और भी हैं जिनकी शायद आपको जानकारी नहीं होगी! जी हां, आपको यह तो पता है कि अनार स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, लेकिन आप यह नहीं जानते होंगे कि आयुर्वेद में अनार को बहतु ही चमत्कारिक फल (anar fruit in hindi) बताया गया है जिसके इस्तेमाल से एक-दो या तीन रोग ही नहीं बल्कि कई सारी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। जब अनार में इतनी खूबियां हैं तो आप जरूर इसके बारे में जानना चाहेंगे। आइए जानते हैं।

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अनार क्या है (What is pomegranate in Hindi)

अनार (pomegranate in hindi) का केवल फल ही नहीं, बल्कि पूरा वृक्ष ही औषधीय गुणों से भरपूर होता है। स्वाद में अंतर होने के कारण अनार की तीन किस्में पाई जाती हैं।

  1. देशी अनार खट्टे-मीठे होते हैं।
  2. कन्धार के अनार मीठे होते हैं।
  3. काबुल अनार भी मीठे होते हैं। काबुली अनारों में एक गुठली रहित अत्यन्त मीठा अनार होता है, जिसे बेदाना अनार कहते हैं, यह सर्वोत्तम होता है। फल (anar fruit in hindi) की अपेक्षा कली व छिल्के में अधिक गुण पाए जाते हैं।

रस में अंतर होने के कारण अनार (pomegranate in hindi) के फल तीन प्रकार के होते हैः-

  1.  मीठे रस वाला अनार
  2. खट्टे रस वाला अनार
  3. मीठा और खट्टा रसयुक्त वाला अनार

अन्य भाषाओं में अनार के नाम (Anar name in different languages in Hindi)

अनार (anar ke fayde) का वानस्पतिक नाम प्यूनिका ग्रैनेटम् (Punica granatum L., Syn-Punica nana Linn., Punica, spinosa Lam, प्यूनिकैसी (Punicaceae है लेकिन अनार को देश-विदेश में कई नाम से बुलाया जाता है, जो ये हैंः-

Anar in-

  • Name of Pomegranate in Hindi (pomegranate in hindi)– अनार, दाड़िम
  • Name of Pomegranate in Urdu– गुल अनार (Gul anar)
  • Name of Pomegranate in English (anar meaning in english)– ऐपल ऑफ ग्रेनाडा (Apple ofGrenada), पोमग्रेनेट ( Pomegranate)
  • Name of Pomegranate in Sanskrit– दाडिम, करक, रक्तपुष्पक, लोहितपुष्पक, दलन
  • Name of Pomegranate in Oriya– दालिम (Dalim), दालिम्बो (Dalimbo)
  • Name of Pomegranate in Uttrakhand– दाड़िम (Dadim)
  • Name of Pomegranate in Assamese– डालिम (Dalim)
  • Name of Pomegranate in Kannada– दालिम्बे (Dalimbe), हुलिडलिम्बे (Hulidalimbe)
  • Name of Pomegranate in Kankani– दालिम्ब (Dalimb)
  • Name of Pomegranate in Gujarati– दाड़म (Dadam), गुलनार (Gulnar)
  • Name of Pomegranate in Tamil (pomegranate benefits in tamil)- मादलै (Madalai), मडुलै (Madulai), मडलम (Madlam)
  • Name of Pomegranate in Telugu– दालिम्बकाया (Dalimbkaya)
  • Name of Pomegranate in Bengali– दाड़िम गाछ (Dadim Gachh)
  • Name of Pomegranate in Punjabi– दारूण (Darun), धारू (Dharu), जामन (Jaman)
  • Name of Pomegranate in Malayam– मातलम (Matalam), दाड़िमन (Dadiman)
  • Name of Pomegranate in Marathi (pomegranate in marathi)– दालिम्बा (Dalimba)
  • Name of Pomegranate in Nepali– अनार (Anar)
  • Name of Pomegranate in Arabic– रूमन (Rumman)
  • Name of Pomegranate in Persian– अनार (Anar), दरख्तेगुलनार (Darakhtegulnar)

 

Anar khane ke fayde
Anar khane ke fayde

अनार के फायदे (Anar benefits and uses)

अब आपको बताते हैं कि आप किस-किस परेशानी या बीमारी में अनार का इस्तेमाल कर सकते हैं-

बच्चों को बार-बार प्यास लगती है तो करें अनार का प्रयोग (Quenches excessive thirst in children)

बच्चों को बहुत अधिक प्यास लगती हो तो अनारदाना, जीरा तथा नागकेशर को समान मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में चीनी एवं मधु मिलाकर बच्चों को चटाने से प्यास खत्म हो जाती है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार से करें बच्चों की दस्त का इलाज (Cures Diarrhea in Children)

जिस बच्चे को बार-बार दस्त की शिकायत होती है उसके लिए अनार की ताजी कलियों के साथ छोटी इलायची के बीज और रुमीमस्तगी को पीस लें। इसमें चीनी मिलाकर अवलेह तैयार कर लें। इसे चटाने से बच्चों के दस्त और पेचिश में विशेष लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

पेट में कीड़े को खत्म करता है अनार का सेवन (Pomegranate benefits for Intestinal worms)

पेट के कीड़े को खत्म करने के लिए 50 ग्राम अनार की जड़ की छाल, पलाश बीज 6 ग्राम, वायविडंग 10 ग्राम लें। सबको कूटकर 1.25 लीटर पानी में धीमी आग पर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए तो उसे उतार कर ठंडा कर छान लें। इसे 50 मिली की मात्रा में आधा-आधा घंटे के अंतर से पिलाएं। इसके प्रयोग से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।

इसी तरह अनार (annar) के पत्तों को छाया में सुखाकर, बारीक पीस कर छान लें। इसे 3-6 ग्राम की मात्रा में सुबह छाछ के साथ या ताजे पानी के साथ पीएं। इसके प्रयोग से पेट के कीड़े ठीक हो जाते हैं।

इसके अलावा पेट के कीड़े के लिए 10 ग्राम अनार के पेड़ (anar tree) के जड़ की छाल, 6 ग्राम वायविडंग और 6 ग्राम इद्र जौ को कूटकर काढ़ा बनाकर सेवन करने से पेट में कीड़े खत्म होते हैं।

Anar ke chilke ke fayde: पेट में कीड़े से परेशान लोग ये तरीका भी आजमा सकते हैं। 20 ग्राम खट्टे अनार (annar) के छिलके और 20 ग्राम शहतूत को 200 मिली पानी में उबालकर पिलाने से भी पेट के कीड़े खत्म होते हैं। [Go to: Anar ke fayde]

 

बच्चों में सूखा रोग (रिकेट्स) को ठीक करता है अनार का उपयोग (Benefits of Pomegranate for rickets disease)

रिकेट्स बच्चों को होने वाली गंभीर बीमारी है। भारत सहित कई देशों में सूखा रोग से बच्चे पीड़ित रहते हैं। सूखा रोग में भी अनार का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। इसमें 20-25 ग्राम अनार की कली के रस में थोड़ा दूध मिला लें। इसे रोज पिलाने से बच्चों के सूखा रोग का उपचार होता है। [Go to: Anar ke fayde]

चेहरे के दाग-धब्बे ठीक करता है अनार (Pomegranate benefits for facial scars)

चेहरे पर दाग-धब्बे एक आम समस्या है। अनेक लोग इससे परेशान रहते हैं। पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं चेहरे पर दाग-धब्बों होने की शिकायत अधिक करती है। अगर आप भी चेहरे की झांई से परेशान हैं तो अनार के प्रयोग से फायदा ले सकते हैं।

इसके लिए अनार के ताजे हरे पत्तों के रस में 100 ग्राम अनार के पत्तों का पेस्ट और आधा लीटर सरसों का तेल मिला लें। इस तेल को पकाकर छान लें। इस तेल से मालिश करने से चेहरे की कील, झांई और काले धब्बे ठीक होते हैं। [Go to: Anar ke fayde]

मुँह के छाले में करें अनार का उपयोग (Pomegranate fruit benefits in mouth ulcers)

मुंह के छाले में अनार का प्रयोग फायदेमंद होता है। अगर आप भी मुंह में छाले से परेशान हैं तो अनार के 25 ग्राम पत्तों को 400 मिली पानी में उबालें। जब पानी एक चौथाई बच जाए तो उससे कुल्ला करने से मुँह के छाले सहित मुंह की अन्य बीमारी भी ठीक हो जाती है।

इसी तरह अनार के छाल का चूर्ण बनाकर मुँह में रगड़ने से या धमासे के पानी का काढ़ा कर कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।

इसके अलावा 10 ग्राम अनार (aanar) के पत्तों को 400 मिली पानी में उबालें और जब पानी एक चौथाई रह जाए तो काढ़ा से कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के इस्तेमाल से हिचकी में फायदा (Benefits of Pomegranate in hiccups)

अनार से हिचकी की परेशानी में फायदा मिलता है। इसके लिए 20 मिली अनार के रस (Patanjali Anar juice) में छोटी इलायची के बीज, वंशलोचन, सूखा पुदीना, जहरमोहरा खताई और अगरु 1-1 ग्राम तथा 500 मिग्रा पिप्पली का बारीक चूर्ण मिलाकर चटनी बना लें। इसे आवश्यकतानुसार थोड़ी-थोड़ी चटनी चाटने से हिचकी ठीक हो जाती है। [Go to: Anar ke fayde]

थकान और कमजोरी को दूर करता है अनार (Pomegranate benefits for fatigue & weakness)

अनेक लोगों को थकान और कमजोरी की शिकायत रहती है जो अनार के सेवन से दूर की जाती सकती है। ऐसे लोग 20 ग्राम अनार के ताजे पत्ते लेकर 400 मिली पानी में उबालें और जब पानी 100 मिली शेष रह जाएं तो इसमें गर्म दूध मिलाकर पीयें। इससे शारीरिक व मानसिक खत्म होती है। [Go to: Anar ke fayde]

नींद न आने की बीमारी में फायदेमंद अनार का सेवन (Anar benefits in insomnia)

जो व्यक्ति नींद न आने की परेशानी से पीड़ित हैं वे 20 ग्राम अनार के ताजे पत्ते लेकर 400 मिली पानी में उबालें और जब पानी 100 मिली शेष रह जाएं तो इसमें गर्म दूध मिलाकर पीयें। इससे नींद न आने की परेशानी खत्म होती है। [Go to: Anar ke fayde]

नाखून से जुड़े रोगों में करें अनार का प्रयोग (Benefits of Anar in nail related disorder)

नाखून के रोग में भी अनार के इस्तेमाल से फायदा मिलता है। अनार के फूल, धमासा और हरड़ को बराबर-बराबर मात्रा में पीस लें और इसे नाखून पर लगाएं। इससे नाखून के भीतर की सूजन और नाखून के दर्द ठीक होते हैं। [Go to: Anar ke fayde]

घाव को सुखाने में उपयोगी है अनार (Benefits of Anar in wound healing)

अनार के फूलों की कलियों को सुखा लें और पीसकर भस्म बना लें। इसे चोट पर डालने से घाव शीघ्र सूख जाते हैं।

इसी तरह अनार के 50 ग्राम पत्तों का 1 लीटर पानी के साथ काढ़ा बना लें। जब काढ़ा एक चौथाई बच जाए तो उससे घावों को धोने से विशेष लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

हाथ-पांव के सूजन में करें अनार का उपयोग (Anar benefits in inflammation )

हाथ-पांव में सूजन होने पर 10-12 अनार के ताजे पत्तों को पीसकर हथेली और पाँव के तलवों पर लेप करें। इससे हाथ-पाँव की सूजन तथा हाथ-पांव में पानी लगने की परेशानी ठीक होती है। [Go to: Anar ke fayde]

त्वचा रोग में अनार से फायदा (Pomegranate benefits for skin disease)

त्वचा रोग में भी अनार का प्रयोग बहुत फायदा पहुंचाता है। त्वचा की बीमारी में 250 ग्राम अनार के ताजे पत्तों को 5 लीटर पानी में उबाल कर काढ़ा बना लें। इस काढ़े से नहाने के लिए प्रयोग करने से त्वचा रोग जैसे पित्ती की बीमारी ठीक होती है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार से गंजेपन का इलाज (Pomegranate juice benefits for Baldness)

सैकड़ों लोग बाल के झड़ने से परेशान हैं और बालों को झड़ने से रोकने के लिए तरह-तरह का उपाय करते हैं। कई लोगों को बालों के झड़ने के कारण गंजेपन की समस्या हो जाती है।

बालों को झड़ने से रोकने के लिए अनार के ताजे हरे पत्तों के रस में 100 ग्राम अनार के पत्तों का पेस्ट और आधा लीटर सरसों का तेल मिला लें। इस तेल को पकाकर छान लें। इससे बालों का झड़ना रुक जाता है और सिर का गंजापन दूर होता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के सेवन से त्वचा में निखार आती है (Pomegranate benefits in glowing skin)

अनार का इस्तेमाल त्वचा में निखार लाने के लिए भी किया जाता है। अगर आप त्वचा को सुंदर बनाना चाहती हैं तो 1 किग्रा अनार के फल (anar fruit in hindi) के छिल्के को 4 ली पानी में डालकर उबाल लें। जब पानी 1 ली शेष रह जाए तो उसमें 250 मिली सरसों का तेल डालकर इस तेल को पका लें। इस तेल की मालिश करने से कुछ ही दिनों में मांस का ढीलापन दूर हो जाता है। चेहरे की झुर्रियां मिटती हैं तथा त्वचा में निखार आती है।

अगर आप सरसों के तेल की जगह बादाम रोगन का इस्तेमाल करती हैं तो और भी बेहतर होता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार का इस्तेमाल बना सकता है स्तनों को सुडौल (Pomegranate benefits for maintaining Breast size and shape)

Anar ke chilke ke fayde: अनेक महिलाएं स्तन को सुडौल बनाने के लिए भी कई तरह के उपाय करती हैं। इसके लिए अनार के पत्ते, छिलका, फूल, कच्चे फल तथा जड़ की छाल को बराबर-बराबर मात्रा में लें। इसे मोटा पीस लें। इस दोगुना सिरका तथा चार गुना गुलाब पानी में भिगोएं। चार दिन बाद इसमें सरसों का तेल मिला धीमी आंच पर पकाएं।

तेल जब थोड़ा सा रह जाए तो इसे छानकर बोतल में भरकर रख लें। इस तेल की रोज स्तनों पर मालिश करें तो इससे स्तनों की ढीलापन दूर होता है और स्तन सुडौल बनता है। चेहरे की झुर्रियां भी ठीक होती हैं।

इसी तरह अनार के पत्तों का 1 लीटर रस निकाल लें। इसमें आधा लीटर मीठा तेल (तिल तेल) मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। तेल थोड़ा रह जाए तो इसे छानकर बोतलों में भर कर रख लें। इसे दिन में 2-3 बार मालिश करने से स्तन का ढीलापन ठीक होता है। [Go to: Anar ke fayde]

दांत के दर्द में अनार का सेवन लाभदायक (Anar fruit benefits in dental pain)

दांत में दर्द होना एक आम परेशानी है और कई लोग दांत के दर्द से परेशान रहते हैं। दांत के दर्द की परेशानी में अनार तथा गुलाब के सूखे फूल को पीस लें और उससे मंजन करें। इससे मसूड़ों से पानी आना बन्द हो जाता है।

केवल अनार की कलियों के चूर्ण का मंजन करने से मसूड़ों से खून आना तो बंद होता ही है साथ ही दांत का दर्द खत्म (benefits of pomegranate in hindi) हो जाता है। [Go to: Anar ke fayde]

दाँत हिलते हैं तो अनार का इस्तेमाल फायदेमंद (Benefits of Pomegranate in dental problems)

दांत हिलने की बीमारी भी बहुत आम है। अगर आप भी दांत हिलता है तो मीठे अनार के 8-10 पत्तों को छाया में सुखा कर पीस लें। इस चूर्ण का मंजन करने से दाँतों का हिलना ठीक हो जाता है। [Go to: Anar ke fayde]

मसूड़ों से खून और पीव आता है तो अनार के सेवन से लाभ (Anar fruit helps deal with oral diseases)

कई लोगों को मसूड़ों से खून आने की परेशानी होती है। इसमें अनार की छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से लाभ (pomegranate benefits) होता है।

इसी तरह मीठे अनार (also known as dalim fruit) के 8-10 पत्तों को छाया में सुखा कर पीस लें। इस चूर्ण का मंजन करने से मसूड़ों से खून और पीव का आना बन्द हो जाता है तथा सूजन भी कम हो जाती है। [Go to: Anar ke fayde]

नाक और कान में दर्द हो तो करें अनार का उपयोग (Benefits of pomegranate in nasal and ear pain)

कई लोगों को नाक या कान में घाव हो जाता है और उसमें दर्द की शिकायत रहती है। ऐसे लोग 2-2 बूँद अनार-छाल के काढ़ा को डालें। इससे नाक-कान के दर्द में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के प्रयोग से सिर दर्द में आराम (Benefits of eating Pomegranate in headache)

सिर दर्द में आराम पाने के लिए अनार के आधा किलो अनार के पत्तों को छाया में सुखा लें और इसमें सूखी धनिया मिलाकर महीन चूर्ण बना लें। इसमें 250 ग्राम गेहूं का आटा मिलाएं और गाय के घी में भून लें। जब यह ठंडा हो तो इसमें 1 किलो खांड मिला लें।

इसे 50 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम गर्म दूध के साथ तक सेवन करें। इससे सिर दर्द से राहत तो मिलती ही है साथ ही सिर चकराना भी दूर होता है। अनार खाने के समय का जरूर ध्यान रखें।

इसी तरह अनार की छाल को पीसकर लेप करने से भी सिर दर्द या अधकपारी में लाभ (anar ke fayde in hindi) होता है। [Go to: Anar ke fayde]

नाक से खून बहता है तो करें अनार का प्रयोग (Pomegranate juice benefits for nasal bleeding)

नाक से खून आता है तो अनार के फूलों का 1-2 बूंद रस नाक से सूंघें। इससे नाक से खून बहना बन्द हो जाता है। नाक से खून आने पर यह बहुत ही फायदेमंद तरीके से काम करता है।

इसी तरह अनार के छिलके (anar ke chilke ke fayde in hindi) को छुहारे के पानी के साथ पीसकर नाक द्वारा लेने से भी नाक से खून बहना रुक जाता है। इससे लेप करने से सूजन में भी लाभ होता है।

इसके अलावा अनार के पत्तों का काढ़ा (10-30 मिली) या पत्ते के रस (10 मिली) पीने से और पीसकर सिर पर लेप करने से नाक से खून आने की बीमारी रमें फायदा होता है। [Go to: Anar ke fayde]

कान के दर्द में अनार के सेवन से फायदा (Health benefits of Pomegranate in ear pain)

कान दर्द में अनार के ताजे पत्तों का 100 मिली रस, 400 मिली गोमूत्र और 100 मिली तिल के तेल को मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं। जब तेल थोड़ा सा रह जााए तो छानकर रख लें। आप इसकी कुछ बूदें थोड़ा गर्म कर सुबह और शाम कान में डालें। इससे कान के दर्द, कान में आवाज गूंजना और बहरेपन में लाभ (anar ke fayde in hindi) होता है। [Go to: Anar ke fayde]

कंठ रोग में करें अनार का सेवन (Benefits of eating Pomegranate for throat problem)

कंठ के रोग में अनार के ताजे पत्तों के 1 लीटर रस (Patanjali Anar juice) में मिश्री मिलाकर शर्बत बना लें। इसे 20-20 मिली दिन में 2-3 बार पीने से आवाज का भारीपन, खांसी, तथा कण्ठ के रोग में लाभ होता है।

अनार के पत्तों को छाया में सुखाकर, पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में शहद या गुड़ मिलाकर झड़बेरी जैसी गोलियां (0.5-1 ग्राम) बनाकर छाया में सुखा लें। इन गोलियों को मुँह में रख कर चूसने से कण्ठ रोग ठीक होते हैं।

यदि आप खांसी से परेशान हैं तो अनार का अर्क 2-2 चम्मच दिन में तीन-चार बार पिलाएं। [Go to: Anar ke fayde]

आंखों के रोग में अनार से फायदा (Health benefits of Pomegranate for eye problem)

आंख के रोग को ठीक करने के लिए अनार के 5-6 पत्तों को पानी में पीसकर दिन में 2 बार लेप करें। इन पत्तों को पानी में भिगोकर पोटली बनाकर आंखों पर रखने से भी आंख के रोग ठीक होते हैं।

इसी तरह अनार के पत्तों के रस को आंखों पर लगाने से आंख का दर्द और लालिमा आदि नेत्र रोग खत्म होते हैं। [Go to: Anar ke fayde]

मोतियाबिन्द में फायदेमंद अनार का उपयोग (Health benefits of Pomegranate for cataract)

अनार के इस्तेमाल से मोतियाबिंद में फायदा लिया जा सकता है। मोतियाबिंद के उपचार के लिए अनार के वृक्ष की छाल को पके हुए अनार के फल के रस (Patanjali Anar juice) में घिस लें। इसमें 1 या 2 लाल गुंजा का छिलका भी घिस लें। इसे आंख की फूली पर दिन में 3 बार लगाने से लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

भूख बढ़ाता है अनार का प्रयोग (Benefits of eating Pomegranate in improving appetite)

अनार का उपयोग कर भूख न लगने की परेशानी में भी आराम पाया जा सकता है। आप अनार के पत्ते को छाया में सूखा लें और इसमें सेंधा नमक मिलाकर महीन पीसकर चूर्ण बनाकर रखें। इसे 4-4 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम को खाने से पहले पानी के साथ सेवन करें। इससे भूख बढ़ती है और खाना सही से पचता (anar ke fayde in hindi) है। अनार खाने का समय को भूलें नहीं। [Go to: Anar ke fayde]

अपच को ठीक करता है अनार का इस्तेमाल (Anar juice benefits in Indigestion)

Anar juice benefits in Hindi: अपच की बीमारी में फायदे के लिए पूरी तरह से पके हुए अनार के 10 मिली रस  (Patanjali Anar juice) में भुना हुआ 2 ग्राम जीरा और 5 ग्राम गुड़ मिला लें। इसे दिन में 2 या 3 बार प्रयोग करने से सभी प्रकार की अपच की परेशानी ठीक होती है।

इसी तरह 20 मिली अनार का रस, 20 मिली शहद और 10 मिली तिल के तेल में 6 ग्राम जीरा का चूर्ण और 6 ग्राम खांड मिला लें। इसे मुंह में लेकर थोड़ी देर मुंह को चलाते रहें। ऐसा करने से अपच में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

पाचन तंत्र को ठीक रखता है अनार का इस्तेमाल (Pomegranate benefits in keeping digestive system healthy)

पाचनतंत्र को सही रखने के लिए 100 ग्राम सूखा अनारदाना, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, दालचीनी, तेजपात तथा इलायची 50-50 ग्राम को मिलाकर चूर्ण बना लें। इसमें इतनी ही मात्रा में खांड मिला लें।

इसे मधु के साथ दिन में दो बार 500 मिग्रा से 1 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से पाचन सही रहता है और खाने का उत्तम स्वाद मिलता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के प्रयोग से उल्टी को रोकें (Anar juice benefits in stoping vomiting)

उल्टी की परेशानी को ठीक करने के लिए 10 मिली अनार के गुनगुने रस (Patanjali Anar juice) में 5 ग्राम चीनी मिलाकर पीएं। इससे उल्टी ठीक होती है।

Anar ke chilke ke fayde: अनार के फल को छिलके सहित कूट कर रस निचोड़ लें। इसे 30-50 मिली की मात्रा में पिलाएं। इसमें चीनी मिलाकर पिलाने से पित्त रोग के कारण होने वाली उल्टी, खुपानी और थकान आदि ठीक होती है। [Go to: Anar ke fayde]

हैजा में फायदेमंद अनार का उपयोग (Pomegranate benefits in cholera)

हैजा के उपचार के लिए 6 ग्राम अनार के हरे पत्तों को 20 मिली पानी के साथ पीसकर उसे छान लें। इसमें 20 मिली चीनी का शरबत मिलाकर 1-1 घंटे बाद तब तक पिलाएं, जब तक बीमारी ठीक न हो जाए।  

Benefits of pomegranate juice: इसी तरह 10-15 मिली खट्टे अनार-रस का नियमित रूप से सेवन भी हैजा में लाभ होता है। यह उल्टी को भी बन्द करता है। [Go to: Anar ke fayde]

खांसी और दमा रोग में फायदा पहुंचाता है अनार का सेवन (Anar juice benefits for Cough and Asthma)

अनार के सेवन से खांसी और दमा रोग में भी लाभ लिया जा सकता है। खांसी से परेशान लोग और दमा रोगी 100 ग्राम सूखा अनारदाना, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, दालचीनी, तेजपात तथा इलायची 50-50 ग्राम को मिलाकर चूर्ण बना ले। इसमें इतनी ही मात्रा में खांड मिला लें।

इसे मधु के साथ दिन में दो बार 500 मिग्रा से 1 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से खाँसी, साँस फूलना, हृदय की बीमारियाँ और जुकाम में आराम मिलता है। केवल अनार के फल के छिलके (anar ke chilke ke fayde in hindi) को मुहँ में रखकर चूसने से भी खाँसी में लाभ होता है।

80 ग्राम गुड़ की चाशनी बनाकर उसमें 40 ग्राम अनार का छिलका, 6-6 ग्राम पीपल और जवाखार (यवक्षार) का महीन चूर्ण मिलाकर 500-500 मिग्रा की गोली बनाकर रख लें। 2-2 गोली दिन में 3 बार गुनगुने पानी से सेवन करें। इसके प्रयोग से खांसी में लाभ होता है। इसमें 10 ग्राम काली मिर्च मिला लेने से कफ में विशेष लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

गर्भपात को रोकता है अनार का प्रयोग (Pomegranate benefits during Pregnancy)

Anar khane ke fayde: अनार के सेवन से गर्भपात को भी रोका जा सकता है। जिन गर्भवती महिलाओं को गर्भपात होने की परेशानी रहती है वे गर्भधारण के पांचवें महीने में अनार के पत्ते के चूर्ण और चन्दन के चूर्ण में दही और मधु मिलाकर सेवन करें। इससे लाभ होगा।

इसी तरह अनार के ताजे पत्ते (20 ग्राम) को 100 मिली पानी में पीसकर इसे छान लें। इसे पीने से गर्भपात की रोकथाम होती है। इसके साथ ही इसके पत्ते के पेस्ट को पेट के नीचे वाले भाग पर लेप करने से गर्भस्राव की बीमारी भी ठीक होती है। [Go to: Anar ke fayde]

ल्यूकोरिया में फायदेमंद अनार का सेवन (Anar juice benefits for Leucorrhoea)

अनार के उपयोग से ल्यूकोरिया में भी फायदा (anar ke fayde) हो सकता है। अनार के फल के छिलके के काढ़े में थोड़ा हल्दी चूर्ण मिलाकर योनि को धोने से ल्यूकोरिया में तुरंत लाभ होता है। इसे योनि द्वारा देने से भी ल्यूकोरिया में फायदा (anar khane ke fayde) होता है। [Go to: Anar ke fayde]

सुजाक में लाभदायक अनार का सेवन (Pomegranate health benefits for Gonorrhea)

सूजाक को ठीक करने के लिए 25 ग्राम अनार की छाल में इतने ही खाँड को मिलाकर 200 मिली पानी में पका लें। इसे प्रतिदिन सुबह-सुबह पीने से तीन दिन में ही सुजाक में लाभ होने लगता है। अनार खाने का समय ध्यान रखना है। [Go to: Anar ke fayde]

गर्भाशय भ्रंश (गर्भाशय के खिसकने) में फायदेमंद अनार का इस्तेमाल (Pomegranate health benefits for uterine prolapse)

गर्भाशय भ्रंश का मतलब होता है गर्भाशय का अपने स्थान से खिसक जाना। आमतौर पर महिलाओं में ऐसा मेनोपॉज के बाद ही होता है। इसमें भी अनार का उपयोग लाभ  पहुंचाता है। अनार की एक-दो ताजी कली को पानी में पीसकर पिलाने से, गर्भधारण की शक्ति बढ़ती है और गर्भाश्य भ्रंश में फायदा (anar ke fayde) होता है।

Anar ke fayde for pregnant women: यदि गर्भवती का हृदय कमजोर हो तो मीठे अनार के दानों का सेवन कराएं। [Go to: Anar ke fayde]

हिस्टीरिया रोग में लाभदायक अनार का उपयोग (Pomegranate health benefits for Hysteria)

हिस्टीरिया को ठीक करने के लिए 10 ग्राम अनार के पत्ते और 5 ग्राम गुलाब के ताजे या सूखे फूल लेकर आधा लीटर पानी में पकाएं। जब पानी 250 मिली रह जाए तो उसमें 10 ग्राम गाय का घी और खांड मिलाकर सुबह-शाम पिलाने से हिस्टीरिया में लाभ (anar khane ke fayde) होता है। [Go to: Anar ke fayde]

सिफलिस रोग में फायदेमंद अनार का इस्तेमाल (Benefits of Patanjali Anar juice in syphilis)

Anar ke chilke ke fayde: सिफलिस (उपदंश) एक यौन रोग है जो जीवाणु संक्रमण से होती है। अगर समय पर इसका उपचार नहीं किया गया तो इससे गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। इसमें 1 किग्रा अनार के फल के छिल्के को 4 ली पानी में डालकर उबाल लें।

जब पानी 1 ली शेष रह जाए तो उसमें 250 मिली सरसों का तेल (यदि बादाम रोगन हो तो उत्तम है) और अनार की छाल को पीसकर लेप करें। इससे सिफलिश रोग की बीमारी ठीक होती है।

इसी तरह रोज अनार के पत्ते के पेस्ट का लेप करने और 5-10 ग्राम पत्ते के चूर्ण का सेवन करने से सिफलिश में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के सेवन से टाइफाइड का इलाज (Benefits of Pomegranate in Typhoid)

टाइफायड एक खतरनाक बीमारी है। इसे मियादी बुखार भी कहा जाता है। टाइफायड बैक्टीरिया के इंफेक्शन के कारण होता है। टाइफाइड के उपचार के लिए अनार के पत्ते के काढ़े में सेंधा नमक मिलाकर सेवन करे। इससे टाइफाइड में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

मूत्र रोग में अनार के इस्तेमाल से लाभ (Benefits of Patanjali Anar juice in Urinary disease)

मूत्र रोग (पेशाब संबंधित बीमारी) में लाभ पाने के लिए अनार के रस (Patanjali Anar juice) में छोटी इलायची के बीज और सोंठ का चूर्ण मिलाकर पीएं। इससे मूत्र विकार में लाभ होता है।

इसी तरह 10 ग्राम अनार के पत्ते और 10 ग्राम हरा गोखरू को 150 मिली पानी में पीस लें और इशे छान कर पीने से पेशाब संबंधी बीमारी में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

दस्त में फायदा पहुंचाता है अनार (Benefits of Patanjali Anar juice in Diarrhea)

आप दस्त को ठीक करने के लिए भी अनार का उपयोग कर सकते हैं। इसमें 2-3 ग्राम अनार के फल के छिल्के के चूर्ण को सुबह-शाम ताजे पानी के साथ पीने से दस्त में लाभ (anar ke fayde in hindi) होता है।

इसी तरह 1 ग्राम अनार की छाल (फल या जड़ की छाल लें) के चूर्ण में बराबर मात्रा में जायफल के चूर्ण और 250 मिग्रा केशर को मिला लें। इसे खरल कर शहद के साथ सेवन करने से दस्त रुकता है। [Go to: Anar ke fayde]

बवासीर में अनार के इस्तेमाल से लाभ (Anar benefits for Hemorrhoids)

बवासीर के रोगी 5-10 मिली अनार के पत्ते के रस के सेवन से बवासीर में लाभ होता है। अनार के 8-10 पत्तों को पीसकर टिकिया बनाकर गाय के घी में भून कर सेवन करने से भी बवासीर में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के इस्तेमाल से खूनी बवासीर का इलाज (Anar ke fayde in Piles)

खूनी बवासीर के उपचार के लिए अनार के जड़ की छाल से 100 मिली काढ़ा बनाए और उसमें 5 ग्राम सोंठ के चूर्ण को मिलाकर दिन में 2-3 बार पीएं। इससे खूनी बवासीर में लाभ होता है।

इसी तरह 250 ग्राम अनार के ताजे पत्तों को 1 लीटर पानी में पका लें। जब पानी आधा रह जाए तो इसे छान लें। इस पानी से दिन में 2-3 बार गुदा को धोएं। इससे खूनी बवासीर और गुदा संबंधी अन्य बीमारी जैसे मस्सा के बाहर निकलने आदि में लाभ होता है।

इसके अलावा अनार की जड़ के 100 मिली काढ़ा में 5 ग्राम सोंठ चूर्ण मिलाकर दिन में दो-तीन बार पीने से भी खूनी बवासीर में लाभ होता है।

खूनी बवासीर के इलाज के लिए 20 ग्राम अनारफल की छाल और 20 ग्राम कड़वे इन्द्र जौ को कुट लें और 640 मिली पानी में मिलाकर काढ़ा बना लें। जब काढ़ा एक चौथाई हो जाए तो इसे दिन में 3 बार पिलाएं।

खूनी बवासीर के उपचार के लिए 80 ग्राम कुटज को कूटकर 640 मिली पानी में पकाएं। जब पानी एक चौथाई रह जाए तो उसे उतार कर छान लें। अब इसमें 160 मिली अनार का रस  (Patanjali Anar juice) मिलाकर पुन पकाएं। जब यह गाढ़ा हो जाए तो उतार कर रख लें। इसे 20 मिली छाछ के साथ सेवन करने से खून वाले दस्त या खूनी बवासीर में फायदा (anar ke fayde) मिलता है।

अनार के फल के छिलके के चूर्ण, सोंठ तथा चंदन को समान मात्रा में लेकर काढ़ा बनायें। 10-20 मिली काढ़े में गाय का घी मिलाकर पीने से खूनी बवासीर में लाभ होता है। केवल अनार छाल का काढ़ा बनाकर पिलाने से भी खूनी बवासीर का उपचार होता है।

खूनी बवासीर के रोगी 100 मिली अनार के रस में 10 ग्राम गाय का घी तथा 65 मिग्रा यवक्षार मिलाकर पीने से बवासीर के दर्द और रक्तस्राव ठीक होते हैं। [Go to: Anar ke fayde]

गुदा भ्रंश (गुदा से मस्सा बाहर निकलना) में फायदेमंद अनार का सेवन (Anar benefits for Rectal prolapse)

छोटे बच्चों का शरीर बहुत की कोमल होता है। छोटे बच्चों को दस्त की बीमारी हो जाने पर कभी-कभी गुदा से मुलयाम मांस बाहर निकल आता है। इसमें अनार के फल के छिलके (anar ke chilke ke fayde in hindi) के चूर्ण या पेस्ट को लगाने से आराम मिलता है। अनार के ताजे पत्ते से बने काढ़ा को गुदा पर लगाने से भी गुदभ्रंश में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

खून की उल्टी में अनार से फायदा (Pomegranate benefits in blood vomiting)

जिस किसी व्यक्ति को खून की उल्टी की बीमारी है। वे लोग अनार का सेवन कर फायदा (anar khane ke fayde) ले सकते हैं। रोगी 5-10 मिली अनार (aanar) के पत्ते के रस को दिन में दो बार पीए। इससे खून की उल्टी में आराम तो मिलता ही है साथ ही खूनी बवासीर में भी फायदा होता है। [Go to: Anar ke fayde]

एनीमिया और पीलिया रोग में करें अनार का सेवन फायदेमंद (Patanjali Anar juice benefits for Anemia and jaundice)

एनीमिया और पीलिया रोग को पाण्डु या कामला रोग भी कहते हैं। एनीमिया और पीलिया रोग के उपचार के लिए 250 मिली अनार के रस में 750 ग्राम चीनी मिलाकर चाशनी बना लें। इसे दिन में 3 या 4 बार सेवन करें। इससे एनीमिया और पीलिया में फायदा होता है।

इसी तरह एनीमिया और पीलिया रोग से ग्रस्त लोग 3-6 ग्राम अनार के पत्ते को छाया में सुखा लें और इस चूर्ण को सुबह गाय के दूध से बने छाछ के साथ पीएं। इसी तरह शाम को उसी छाछ से बनी पनीर के साथ सेवन करें। इससे एनीमिया और पीलिया रोग में फायदा होता है। [Go to: Anar ke fayde]

फेफड़ों के रोग में अनार से फायदा (Fights lungs disease)

फेफड़ों के रोग को ठीक करने के लिए भी अनार (aanar) का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। फेफड़ों के विकार से परेशान लोग दिन में 2-3 बार 10-20 मिली अनार के पत्ते का काढ़ा पीएं। इससे आराम मिलता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के सेवन से टीबी में फायदा (Fights T.B. disease)

Benefits of pomegranate juice: टीबी एक जानलेवा रोग है। टीबी रोगी को टीबी के उपचार के लिए यह करना है। अनार के 200 मिली स्वादिष्ट रस (Patanjali Anar juice) में पीपल, सफेद जीरा, सोंठ और दालचीनी का चूर्ण 40-40 ग्राम मिला लें।

इसमें 1-2 ग्राम बढ़िया वाला केशर और 200 ग्राम पुराना गुड़ मिलाकर धीमी आग पर पकाएं। यह काढ़ा जब गोली बनने योग्य हो जाए तो 10 ग्राम छोटी इलायची का चूर्ण डालकर 1-2 ग्राम की गोलियाँ बना लें। सुबह-शाम 1-1 गोली को बकरी के दूध के साथ सेवन करें। टीबी में फायदा होता है। [Go to: Anar ke fayde]

हृदय रोग में अनार के सेवन से फायदा (Patanjali Anar Juice Beneficial in heart disease)

ह्रदय रोगी भी अनार के सेवन से फायदा (Anar khane se fayda) ले सकते हैं। ह्रदय की बीमारी में 10 ग्राम अनार के ताजे पत्तों को 100 मिली पानी में पीस छान लें। इसे सुबह और शाम पिलाने से हृदय के विकारों में लाभ होता है।

इसी तरह 20-25 मिली अनार का शर्बत पीने से हृदय रोग में लाभ होता है। [Go to: Anar ke fayde]

अनार के सेवन की मात्रा (How much to consume Anar?)

अनार का सेवन इतनी मात्रा में किया जा सकता हैः-

1.चूर्ण- 2-4 ग्राम

2.रस- 20-40 मिली

बीमारियों में अनार का पूरा लाभ लेने के लिए चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

अनार के इस्तेमाल का तरीका (How to use Anar?)

अनार (anaar) का इस्तेमाल इस तरह से किया जा सकता हैः-

  1. फूल (Anar flower)
  2. फल (dalim fruit)
  3. बीज (Anar seeds)
  4. अनार के पौधे के पत्ते
  5. अनार के पौधे के तने
  6. अनार के फल के छिलके
  7. अनार के पेड़ (anar tree) की छाल

अनार के सेवन से नुकसान (Side effect of Pomegranate in Hindi)

  1. जिन लोगों का शरीर शीत प्रकृति वाला (ठंडा रहता हो) हो उन्हें अनार (anaar) का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. अनारदाना :  इसका दर्पनाशक जीरा है।

अनार की खेती कहां होती है (Where is Pomegranate found or grown?)

भारत में अनार के वृक्ष (anar tree) हर जगह पाए जाते हैं। पश्चिमी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड की पहाड़ियों पर अनार की खेती बहुत होती है। इसी तरह ईरान एवं अफगानिस्तान में यह पाया जाता है।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्श...

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