घरेलु नुस्खे

Home remedies for Asthma: अस्थमा में गारंटीड लाभ – घरेलु नुस्खे

  • अगस्त 12,2018
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अस्थमा के लिए घरेलु नुस्खे Home Remedies For Wheezing

परिचय

दमा फेफड़ों की ऐसी बीमारी होती है जिसके कारण व्यक्ति को साँस लेने में कठिनाई होती है। यह फेफड़ों में वायुमार्ग से जुड़ी एक बीमारी है। दमा होने पर श्वास नलियों में सूजन होकर श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। इन वायुमार्गों यानी ब्रॉनकायल टयूब्सके माध्यम से हवा फेफड़ों के अन्दर और बाहर जाती है और अस्थमा में यह वायुमार्ग सूजे हुए रहते हैं। जब यह सूजन बढ़ जाती है और वायुमार्ग के चारों ओर मांसपेशियो के कसने का कारण बनती है और साँस लेने में कठिनाई के साथ खाँसी, घरघराहट और सीने में जकड़न जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। खाँसी के कारण फेफड़े से कफ उत्पन्न होता है लेकिन इसको बाहर लाना काफी कठिन होता है।

Asthma

 

Table of Contents

  • What is Asthma

    Symptoms of Asthma

    How to prevent Asthma

    Home remedies to treat Asthma

  • Garlic good for Asthma
  • Ginger helps to ease Asthma
  • Ajwain or thyme helps to treat Asthma
  • Fenugreek help to fight with Asthma
  • Fig good for Asthma
  • Karela or Bitter Gourd benefits for Asthma
  • Mustard oil help to fight with Asthma
  • Onion help to relieve from Asthma
  • Vitamin C foods help to treat Asthma
  • Milk mixture help to get relief from Asthma
  • Honey mixture help to treat Asthma
  • Tulsi Asthma helps to ease Asthma
  • Bayleaf benefits for Asthma
    • शरीर की भीतरी एलर्जी को खत्म करने में मेथी सहायक होती है। मेथी के कुछ दानों को एक गिलास पानी के साथ तब तक उबालें जब तक पानी एक तिहाई न हो जाए। इस पानी में शहद और अदरक का रस मिलाकर रोज सुबह-शाम सेवन करें।
      • अदरक की चाय में लहसुन की दो पिसी कलियाँ मिलाकर पीने से भी अस्थमा नियंत्रित रहता है।
      • अदरक का एक चम्मच ताजा रस, एक कप मेथी का काढ़ा और स्वादानुसार शहद इस मिश्रण में मिलाएँ। दमा के मरीजों के लिए यह मिश्रण लाभदायक है।

        Ayurvedic remedies for Asthma

        When to see a Doctor

        आमतौर पर सुबह-सुबह या व्यायाम और ठण्डी हवा की प्रतिक्रिया के कारण इसके लक्षण और भी बिगड़ जाते हैं। उपचार न करने पर फेफड़ो में वायु प्रवाह गंभीर रूप से अवरूद्ध हो जाता है और मृत्यु का कारण बनता है। 

        अस्थमा या दमा क्या है (What is Asthma)

        आयुर्वेद में अस्थमा को तमक श्वास कहा गया है। यह वात एवं कफ दोष के विकृत होने से होता है। इसमें श्वास नलियाँ संकुचित होता है जिसके कारण छाती में भारीपन का अनुभव होता है तथा साँस लेने पर सीटी जैसी आवाज आती है।

        अस्थमा के प्रकार

        पेरिनियल अस्थमा (Perennial asthma)

        सिजनल अस्थमा (Seasonal Asthma)

        एलर्जिक अस्थमा (Allergic Asthma)

        नॉन एलर्जिक अस्थमा (Non Allergic Asthma)

        अकुपेशनल अस्थमा (Occupational Asthma)

        एलर्जिक अस्थमा (Allergic Asthma)- के दौरान किसी विशेष चीज से एलर्जी होती है जैसे धूल मिट्टी के सम्पर्क में आते ही साँस फूलने लगती है या मौसम में बदलाव के कारण भी दमा हो सकता है।

        नॉन एलर्जिक अस्थमा (Non Allergic Asthma) जब कोई बहुत अधिक तनाव में हो या बहुत सर्दी या खाँसी जुकाम लगने पर यह होता है।

        सिजनल अस्थमा (Seasonal Asthma)- पूरे वर्ष न होकर किसी विशेष मौसम में पराग कण या नमी के कारण होता है।

        अकुपेशनल अस्थमा (Occupational Asthma)– यह कारखानों में काम करने वाले लोगों को होता है।

        अस्थमा के लक्षण (Symptoms of Asthma)

        दमा या अस्थमा का मूल लक्षण सांस लेने में तकलीफ होती है। इसके अलावा भी और लक्षण होते हैं जिनके बारे में आगे लिखा जा रहा है-

        • बार-बार खाँसी आना। अधिकतर दौरे के साथ खाँसी आना।
        • साँस लेते समय सीटी की आवाज आना।
        • छाती में जकड़ाहट तथा भारीपन।
        • साँस फूलना।
        • खाँसी के समय कठिनाई होना और कफ न निकल पाना।
        • गले का अवरूद्ध एवं शुष्क होना।
        • बेचैनी होना।
        • नाड़ी गति का बढ़ना।

        अस्थमा को रोकने के उपाय (How to prevent Asthma)

        अस्थमा से बचाव के लिए मरीजों को कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना चाहिए।

        • दमा के मरीज को बारिश और सर्दी और धूल भरी जगह से बचना चाहिए। बारिश के मौसम में नमी के बढ़ने से संक्रमण बढ़ने की संभावना होती है।
        • ज्यादा ठण्डे और ज्यादा नमी वाले वातावरण में नहीं रहना चाहिए।
        • घर से बाहर निकलने पर मास्क लगा कर निकलें।
        • सर्दी के मौसम में धुंध में जाने से बचें।
        • ताजा पेंट, कीटनाशक, स्प्रे, अगरबत्ती, मच्छर भगाने का कॉइल का धुआँ, खुशबुदार इत्र से जितना हो सके बचे।
        • धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।

        इसके अलावा जीवनशैली और आहार में बदलाव लाने पर इन दमा के प्रभाव को कम किया जा सकता है-

        आहार-योजना-

        क्या खाना चाहिए-

        • गेहूँ, पुराना चावल, मूँग, कुल्थी, जौ, पटोल का सेवन करें।
        • अस्थमा के मरीजों को आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। पालक और गाजर का रस अस्थमा में काफी फायदेमंद होता है।
        • आहार में लहसुन, अदरक, हल्दी और काली मिर्च को जरूर शामिल करें, यह अस्थमा से लड़ने में मदद करते हैं।
        • गुनगुने पानी का सेवन करें।
        • शहद का सेवन करें।

        क्या खायें-

        • मछली, गरिष्ठ भोजन, तले हुए पदार्थ न खाएँ।
        • अधिक मीठा, ठण्डा पानी, दही का सेवन न करें।
        • अस्थमा के रोगियों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए।
        • कोल्ड ड्रिंक, ठण्डा पानी और ठण्डी प्रकृति वाले आहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।
        • अण्डे, मछली और मांस जैसी चीजें अस्थमा में हानिकारक है।

        जीवन शैली-

        • प्रिजरवेटिव युक्त एवं कोल्डड्रिंक आदि का बिल्कुल भी सेवन न करें।
        • नियमित रूप से प्राणायाम एवं सूर्य नमस्कार करने से अस्थमा से राहत मिलती है।
        • ठण्डे तथा नमीयुक्त वातावरण में न रहें।
        • अत्यधिक शारीरिक व्यायाम न करें।

        योगासन

        • वीरासन
        • सुप्तबद्धकोणासन
        • सुप्त वीरासन
        • अधोमुख श्वानासन
        • उत्तानासन
        • ताड़ासन

        दमा या अस्थमा से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्ख़ें (Home remedies to treat Asthma)

        लहसुन अस्थमा में फायदेमंद (Garlic good for Asthma)

        लहसुन अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत लाभदायक होता है। 30 मि.ली. दूध में लहसुन की पाँच कलियाँ उबालें और इस मिश्रण का हर रोज सेवन करने से अस्थमा के प्रारम्भिक अवस्था में काफी लाभ मिलता है।

        अदरक अस्थमा से दिलाये राहत (Ginger helps to ease Asthma)

      अजवाइन दमा के लिए फायदेमंद (Ajwain or thyme helps to treat Asthma)

      पानी में अजवायन डालकर इसे उबालें और इस पानी से उठती भाप लें।

      मेथी सांस की परेशानी को करे कम (Fenugreek help to fight with Asthma)

    अंजीर अस्थमा में लाभकारी (Fig good for Asthma)

    • अंजीर के सूखे फल बहुत गुणकारी होते हैं। यह कफ को जमने से भी रोकते हैं। सूखी अंजीर को गर्म पानी में रातभर भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इसे खा लें। ऐसा करने से श्वास नली में जमा बलगम ढीला होकर बाहर निकलता है और इससे संक्रमण से भी राहत मिलती है।
    • सूखी अंजीर के चार टुकड़े लेकर रात को पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट इसे पीसकर खाएँ।

    करेला दमा से दिलाये आराम (Karela or Bitter Gourd benefits for Asthma)

    करेला का एक चम्मच पेस्ट शहद और तुलसी के पत्ते के रस के साथ मिला कर खाने से अस्थमा में फायदा होता है।

    सरसों के तेल का मसाज अस्थमा में फायदेमंद (Mustard oil help to fight with Asthma)

    अस्थमा होने पर छाती और रीढ़ की हड्डी पर सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करनी चाहिए। मालिश करने के कुछ देर बाद स्टीमबाथ भी करनी चाहिए।

    प्याज दमा के बीमारी में लाभकारी (Onion help to relieve from Asthma)

    अस्थमा में कच्चे प्याज का सेवन लाभदायक होता है। प्याज में मौजूद सल्फर फेफड़ों की जलन और अन्य समस्याओं को कम करने में सक्षम होता है।

    विटामिन सी युक्त आहार अस्थमा में फायदेमंद (Vitamin C foods help to treat Asthma)

    विटामिन-सी अस्थमा में बहुत लाभदायक है। विटामिन-सी युक्त फलों और सब्जियों का सेवन करें। नींबू, संतरे, जामुन, स्ट्रॉबेरी एवं पपाया विटामिन-सी के अच्छे स्रोत हैं। इनका सेवन करें। सब्जियों में फूलगोभी एवं पत्तागोभी का सेवन करें।

    दूध का मिश्रण अस्थमा से दिलाये आराम (Milk mixture help to get relief from Asthma )

    • दूध में हल्दी डालकर पिएँ।
    • दूध में लहसुन पकाकर पिएँ।

    शहद का मिश्रण दमा के मरीजों के लिए लाभकारी (Honey mixture help to treat Asthma)

  • अस्थमा का दौरा बार-बार न पड़े इसलिए हल्दी और शहद मिलाकर चाटना चाहिए।
  • बड़ी इलायची, खजूर और अँगूर को समान मात्रा में पीसकर शहद के साथ खाएँ। यह अस्थमा की खाँसी में बहुत लाभदायक है।
    • बड़ी इलायची, खजूर और अँगूर को समान मात्रा में पीसकर शहद के साथ खाएँ। यह अस्थमा की खाँसी में बहुत लाभदायक है।

    तुलसी अस्थमा में फायदेमंद (Tulsi Asthma helps to ease Asthma)

    सोंठ, सेंधा नमक, जीरा, भुनी हुई हींग और तुलसी के पत्ते को पीसकर एक गिलास पानी में उबाल लें। इसे पीने से अस्थमा की समस्या दूर हो जाएगी।

    तेजपत्ता दमा के रोगी से दिलाये आराम (Bayleaf benefits for Asthma)

    तेजपत्ता और पीपल के पत्ते की 2 ग्राम मात्रा को पीसकर मुरब्बे की चाशनी के साथ खाएँ। प्रतिदिन इसे खाने से अस्थमा में लाभ होता है।

    अस्थमा के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic remedies for Asthma)

    आयुर्वेद मतानुसार तमक श्वास दूषित कफ से उत्पन्न होने वाला एक विकार है। कफ के आमाशय द्वारा फेफड़ो तथा श्वास नली में आने से यह रोग होता है। कफ को आमाशय में लाकर उसे चिकित्सा द्वारा बाहर निकाला जाता है।

    आयुर्वेदिक औषधियाँ

    कण्टकारी अवलेह

    वासावलेह

    सितोपलादि चूर्ण

    कनकासव

    अगस्त्यहरीतकी अवलेह

    च्यवनप्राश

    वासा-यह सिकुड़ी हुई श्वसन नलियों को चौड़ा करने का काम करती है।

    कण्टकारी-यह गले और फेफड़ो में जमें हुए चिपचिपेपन को साफ करती है।

    पुष्करमूल-यह एंटीहिस्टामिकन(Antihistaminic) और एन्टीबैक्टिरीयल (Antibacterial) गुणों से भरपूर औषधि है।

    मुलेठी-यह खाँसी को ठीक करता है।

    डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए (When to see a Doctor)

    जब दमा के लक्षण जटिल होने लगे और पांच दिनों से ज्यादा दिनों तक रहे तो तुरन्त डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्श...

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