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Mouth ulcers home remedies: मुँह के छाले में बहुत उपयोगी हैं यह घरेलु नुस्खे

  • November 06,2018
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मुंह के छाले (mouth ulcer) एक सामान्य समस्या है जो लगभग सभी लोगों को कभी न कभी होती है। यह छाले गालों के अन्दर, जीभ पर और होंठो के अन्दर की तरफ होते हैं। यह सफेद या लाल घाव की तरह दिखाई देते हैं। यह ऐसे तो कोई बड़ी समस्या नहीं है पर यह बहुत ही कष्टकारक है, छालों की वजह से मुंह में जलन तथा कुछ भी खाने में परेशानी होती है तथा कईं बार मुंह से खून भी निकलता है। समय पर इसका इलाज न कराने से यह कभी-कभी कैंसर का कारण भी बन जाता है।

What is Mouth Ulcer

Causes of Mouth Ulcer

Symptoms of Mouth Ulcer

How to prevent Mouth Ulcer

Home remedies of Mouth Ulcer

Mulethi help to get relief from Mouth Ulcer

Catechu mixture paste beneficial in Mouth Ulcer

Betal leaf help to heal Mouth Ulcer

Adulsa help to ease Mouth Ulcer pain

Lemon water gargle help to deal with Mouth Ulcer

Coriander powder beneficial in Mouth Ulcer

Tulsi leaves benefit for Mouth Ulcer

Honey help to get relief in Mouth Ulcer

Jasmine leaf paste help to deal with Mouth Ulcer

Haritaki decoction help to get relief from Mouth Ulcer

Gulkand help to ease pain of Mouth Ulcer

Jamum bark decoction beneficial in Mouth Ulcer

Nutmeg decoction gargle help to deal with Mouth Ulcer

Amla mixture beneficial in Mouth Ulcer

Banyan bark decoction good for Mouth Ulcer

Milk and Camphor paste help to get relief from the pain of Mouth Ulcer

Coconut oil help to deal with Mouth Ulcer

Clove oil benefit in Mouth Ulcer

Turmeric water gargle help to get relief from Mouth Ulcer

Ghee help to ease pain of Mouth Ulcer

When to see a Doctor

जैसा कि पहले ही कहा गया है कि मुंह के छाले (Muh ke chale) कोई भयंकर बीमारी नहीं है। लेकिन समय पर इसका सही इलाज नहीं करने पर ये कष्टदायक बन सकती है। इसके लिए सबसे पहले इसके होने के कारण और घरेलू उपायों (mouth ulcers home remedies)के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

मुंह में छाले पड़ना असल में क्या होता है (What is Mouth Ulcer)

आयुर्वेद में मुंह के छालों (muh me chaale) की समस्या को मुखपाक कहा गया है। अधिक तीखा, पेट की खराबी या कब्ज होने पर यह स्थिति देखी जाती है। इसमें जलन तथा कुछ भी खाने में बहुत कठिनाई होती है। इसमें मुख्यत पित्त दोष के कारण होता है अतः आयुर्वेदिक उपचार द्वारा बढ़े हुए पित्त को कम करने के साथ दूसरे दोषों को सन्तुलित अवस्था में लाया जाता है।

मुंह के छाले (Muh ke chale) बहुत तरह के होते हैं, जैसे छोटे और बड़े। मूल रूप से कारण के आधार पर ये दो प्रकार के होते हैं।

एप्थस छाले- यह पेट की खराबी, तीखा भोजन या अन्य उपरोक्त कारणों से होने वाले छाले हैं। यह किसी बीमारी के कारण और दूसरों को फैलने वाले नहीं होते हैं। यह गैर संक्रामक रोग होते हैं।

बुखार के छाले (Fever blisters)- यह होठों के आस-पास हर्पिस सिम्प्लेक्स वायरस के कारण होता है।

मुंह के छाले होने का कारण (Causes of Mouth Ulcer)

मुंह में छाले (Muh me chaale) पड़ने के बहुत सारे कारण होते हैं, जो निम्नलिखित है-

  • पेट की खराबी या कब्ज रहना।
  • दाँतों को कड़क बालों वाले ब्रश से साफ करना या चबाते समय गलती से गाल का कट जाना।
  • हेलिकोबैक्टर पाइलोरी नामक बैक्टीरिया की मौजूदगी की वजह से।
  • विटामिन बी-12, जिंक, फोलिक एसिड और आयरन की शरीर में कमी होना।
  • अत्यधिक तला-भुना एवं मिर्च-मसाले वाला भोजन करना।
  • महिलाओं में मासिक धर्म के समय होने वाले हार्मोन्स में बदलाव के कारण।
  • ऐसे टूथपेस्ट या माउथवॉश का प्रयोग करना जिसमें सोडियम लॉरियल सल्फेट मौजूद हो।
  • कुछ लोगों में किसी विशेष खाद्य सामग्री के प्रति संवेदनशीलता या एलर्जी देखी जाती है जैसे अण्डा, स्ट्रॉबेरी, नट्स या तीखा भोजन।
  • एस्पिरिन या एल्कोहल जैसे रसायन हमारे मुंह की श्लेष्मा झिल्ली के सम्पर्क में आने से उसको परिगलित करते हैं जिससे यहाँ छाले बन सकते हैं।

इन वजहों के अलावा कुछ रोगों के कारण भी मुंह में छाले होते हैं-

  • लम्बे समय से कब्ज की समस्या रहने वालों में बार-बार मुंह के छाले हो जाते हैं।
  • आंत्र के रोग जैसे क्रोन रोग (Crohns disease) और अल्सरेटिव कोलाइटिस(Ulcerative colitis)  होने पर।
  • सीलिएक रोग (Celiac disease) नामक आंत्र विकार, इसमें व्यक्ति को ग्लूटेन के प्रति संवेदनशीलता होती है, ग्लूटेन अनाज में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमजोर होना।
  • एच.आई.वी. होना, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

मुंह में छाले होने के लक्षण (Symptoms of Mouth Ulcer)

मुंह में छाले (Muh me chaale) पोषक तत्वों की कमी के कारण भी होता है लेकिन इसके लक्षण लगभग समान ही होते हैं। चलिये आगे मुंह के छाले के लक्षणों के बारे में जानते हैं-

  • खाते समय मुंह में जलन एवं दर्द होना।
  • जीभ तथा गालों पर सफेद या लाल घाव जैसा छाला पड़ना।
  • कभी-कभी छालों के साथ बुखार भी आना।
  • बोलने और चबाने में दर्द होना।
  • मुंह से दुर्गन्ध आना।
  • स्वभाव में चिड़चिड़ापन।

मुंह के छाले रोकने के उपाय (How to prevent Mouth Ulcer)

अगर बार-बार मुंह में छाले (Muh me chaale) हो रहे हैं तो अपने आहार और जीवनशैली में बदलाव लाना होगा, जैसे-

  • मिर्च एवं अधिक मसाले युक्त खाने से परहेज करें।
  • बहुत ज्यादा च्युइंगम चबाने की आादत के कारण भी मुंह में छाले होते हैं। अत इससे बचे।
  • विटामिन-सी से युक्त फलों एवं सब्जियों का सेवन करें।
  • दूध से बने खाद्य पदार्थ जैसे दही, मक्खन, पनीर और दूध का अधिक सेवन करें ताकि शरीर में विटामिन-बी की कमी न हो जो कि छाले होने का एक कारण है।
  • भोजन के साथ सलाद के रूप में कच्चे प्याज का इस्तेमाल करें।
  • पोषक तत्वों से युक्त आहार करें क्योंकि विटामिन-बी6, फोलिक एसिड, जिंक, आयरन की कमी की वजह से भी छाले होते हैं।
  • प्रतिदिन 7-8 गिलास पानी पिएँ।
  • कब्ज की समस्या से बचाव करें इसलिए भोजन में रेशेदार सब्जियों एवं फलों का सेवन करें।
  • ग्रीन-टी का सेवन करें।
  • मुंह की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • दाँतों की सफाई नरम बालों वाले टूथब्रश से करें।

मुंह के छालों से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्ख़ें (Home remedies to treat Mouth Ulcer)

वैसे तो आम तौर पर लोग मुंह के छालों (Muh ke chale) से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले घरेलू नुस्ख़े (mouth ulcers home remedies) ही अपनाते हैं। चलिये विस्तार से इनके बारे में जानते हैं-

मुलेठी मुंह के छालों से दिलाता है राहत (Mulethi help to get relief from Mouth Ulcer)

शहद में मुलेठी का चूर्ण मिलाकर इस लेप को मुंह के छालों पर लगाए और लार को मुंह से बाहर टपकने दें। इस घरेलू नुस्ख़े से (mouth ulcers home remedies) तुरन्त आराम मिलेगा।

कत्था का मिश्रण मुंह के छालों का दर्द करता है कम (Catechu mixture paste beneficial in Mouth Ulcer)

कत्था मुंह के छालों (Muh ke chale) के लिए बहुत लाभकारी है। कत्था, मुलेहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुंह के छालों पर लगाए।

पान का पत्ता मुंह के छालों को ठीक करने में करता है मदद (Betal leaf help to heal Mouth Ulcer)

पान के पत्तों का रस निकालकर देशी घी में मिलाएँ और इसे छालों पर लगाए।

अडूसा के पत्ते चबाने से मुंह के छाले होते है कम (Adulsa help to ease Mouth Ulcer pain)

अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर खाए।

नींबू पानी और शहद से गरारा मुंह के छालों को करे कम( Lemon water gargle help to deal with Mouth Ulcer)

नींबू पानी में शहद मिलाकर इससे कुल्ला करें। ये घरेलू नुस्ख़ा (mouth ulcers home remedies) बहुत ही आसान और फायदेमंद है।

धनिया पाउडर मुंह के छालों का दर्द करे कम (Coriander powder beneficial in Mouth Ulcer)

एक कप पानी में एक चम्मच धनिया पाउडर मिलाकर उबालें। पानी ठण्डा होने पर इससे दिन में 3-4 बार कुल्ला करें।

तुलसी का पत्ता मुंह के छालों के लिए फायदेमंद (Tulsi leaves benefit for Mouth Ulcer)

दिन में दो बार तुलसी के 4-5 पत्ते चबाकर खाएं। तुलसी के पत्ते का गुण मुंह के छालों (Muh ke chale) को कम करने में मदद करता है इसलिए ये घरेलु नुस्ख़ा (mouth ulcers home remedies) बहुत ही लाभकारी है  

शहद मुंह के छालों से दिलाये राहत (Honey help to get relief in Mouth Ulcer)

शहद और इलायची का पाउडर मिलाकर छालों पर लगाए। इसके अलावा थोड़ा शहद मुंह के अल्सर पर लगाकर छोड़ दें। फिर कुछ घण्टे बाद यह प्रक्रिया दोहरायें। ऐसा करने से अल्सर ठीक होता है, साथ ही दर्द व खुजली में भी आराम मिलता है।

चमेली के पत्तों का पेस्ट मुंह के छालों का आना करे कम (Jasmine leaf paste help to deal with Mouth Ulcer)

चमेली के पत्तों को पीस कर उसके रस को छालों पर लगाने से छालें कम हो जाते है।

हरीरतकी का काढ़ा मुंह के छालों में लाभकारी (Haritaki decoction help to get relief from Mouth Ulcer)

हरीतकी का काढ़ा बनाकर इससे गरारा करें। ऐसा करने से मुंह के छाले तथा घाव ठीक हो जाते है।

गुलकंद मुंह के छालों में फायदेमंद (Gulkand help to ease pain of Mouth Ulcer)

गुलकन्द को मुंह के छालों (Muh ke chale) पर लगाने से आराम मिलता है।

जामून का छाल मुंह के छालों में लाभकारी (Jamum bark decoction beneficial in Mouth Ulcer)

जामुन की छाल का काढ़ा बनाकर गरारा करें।

जायफल मुंह के छालों में लाभकारी (Nutmeg decoction gargle help to deal with Mouth Ulcer)

मुंह में छाले (muh me chaale) होने पर जायफल का काढ़ा बनाकर इससे दिन में 5-6 बार कुल्ला करें। 

आंवला मुंह के छालों का दर्द करे कम (Amla mixture beneficial in Mouth Ulcer)

25 ग्रा. आँवला, 10 ग्रा. सौंफ, 5 ग्रा. सफेद इलायची और 25 ग्रा. मिश्री को कूटकर चूर्ण बना लें। इसे आधे ग्रा. की मात्रा में दिन में दो बार पानी के साथ लें।

बरगद के छाल का काढ़ा मुंह के छालों में फायदेमंद (Banyan bark decoction good for Mouth Ulcer)

30 ग्रा. बरगद की छाल को 1 ली. पानी में उबालकर गरारा करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है।

दूध और कपूर का पेस्ट मुंह के छालों का दर्द करे कम (Milk and Camphor paste help to get relief from the pain of Mouth Ulcer)

10 ग्रा. हल्के गर्म दूध में 21/2 ग्रा. कपूर का चूरा मिलाकर छालों पर लगाने से मुंह के छाले (Muh ke chale) नष्ट हो जाते है।

नारियल का तेल मुंह के छालों पर असरदार (Coconut oil help to deal with Mouth Ulcer)

नारियल तेल को मुंह के अल्सर पर लगाकर छोड़ दें। फिर कुछ घण्टे बाद यह प्रक्रिया दोहरायें। मुख के छालों (Muh ke chale) में आराम मिलता है।

लौंग का तेल मुंह के छालों से दिलाये राहत (Clove oil benefit in Mouth Ulcer)

रुई के फाहे को लौंग के तेल में डुबाकर मुंह के अल्सर पर लगाए। इससे छाले जल्दी ठीक होते हैं।

हल्दी के पानी से गरारा करने पर मुंह के छालों से मिलता है आराम (Turmeric water gargle help to get relief from Mouth Ulcer)

हल्दी भी मुंह के छालों (Muh ke chale) से राहत दिलाने में सहायक है। रोजाना सुबह-शाम हल्दी वाले पानी से गरारे करने से छालों और उससे होने वाले दर्द से राहत पाई जा सकती है।

घी मुंह के छालों के लिए फायदेमंद (Ghee help to ease pain of Mouth Ulcer)

मुंह और जीभ के छालों ((Muh ke chale) से छुटकारा पाने के लिए रात को सोने से पहले देसी घी को छालों पर लगाएं। घी लगाने से सुबह तक छाले गायब हो जाएंगे।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए (When to see a Doctor)

वैसे मुंह में छाले पड़ना आम समस्या होती है लेकिन जब ये बार-बार होने लगे या जल्दी ठीक न हो तो तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्श...

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