


एलवैक्स इयर ड्रॉप
लेखक डॉ. स्वाति मिश्रा, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. मेखला चंद्रा, MD, MBBS,
लास्ट अपडेटेड on 20 Apr 2026 | 01:28 PM (IST)
अतिरिक्त ऑफ़र के साथ अधिक बचत करें








सामान्य जानकारी
शामिल है
मार्केटर
स्टोरेज के निर्देश



परिचय
एलवैक्स इयर ड्रॉप केवल बाहरी अंगों के लिए है. इसे डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार लें. इससे अधिकतम लाभ पाने के लिए, इस दवा का इस्तेमाल नियमित रूप से किया जाना चाहिए. आप प्रभावित क्षेत्रों को साफ रखकर दवा के प्रभाव को बेहतर बना सकते हैं, ध्यान रखें कि इन्फेक्शन के इलाज से पहले और बाद में अपने हाथों को धोएं और उन्हें सूखा लें.
यह आमतौर पर थोड़े या बिना साइड इफेक्ट के अच्छी तरह से सहन हो जाता है. हालांकि, इसे लगाने के तुरंत बाद बैचेनी, खुजली और जलन महसूस हो सकता है. ये साइड इफेक्ट अस्थायी होते हैं और आमतौर पर अपने आप कम हो जाते हैं. अगर ये लंबे समय तक बने रहते हैं तो डॉक्टर को बताएं.
हालांकि कान पर इस्तेमाल की गई दवाएं आमतौर पर अन्य दवाओं से प्रभावित नहीं होती हैं, लेकिन अगर आप सुरक्षित रहने के लिए कोई अन्य दवा ले हे हैं तो आपको डॉक्टर को बताना चाहिए. अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान करवा रही हैं, तो दवा का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें.
एलवैक्स इयर ड्रॉप के मुख्य इस्तेमाल
एलवैक्स इयर ड्रॉप के फायदे
एलवैक्स इयर ड्रॉप, दवाओं का एक मिश्रण है जो कान में बैक्टीरिया और फंगी जैसे सूक्ष्मजीवों के कारण हुए संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. यह इंफेक्शन पैदा करने वाले माइक्रोऑर्गनिज्म को मारने और उनके विकास को रोकने का काम करता है, जिससे इंफेक्शन दूर हो जाता है. यह खुजली, लाली, सूजन, और इयर डिस्चार्ज जैसे लक्षण पैदा करने वाले केमिकल को रिलीज होने से रोकता है. इसलिए यह दवा इन इन्फेक्शन के कारण होने वाली सूजन से राहत दिलाती है.
बीमारी के लक्षण खत्म होने के बाद भी आपको तब तक इस दवा का इस्तेमाल करना चाहिए जब तक इसको लेने की सलाह दी गई हो, अन्यथा लक्षण वापस आ सकते हैं. जिस इन्फेक्शन का इलाज आप करवा रहे हैं उसके प्रकार के आधार पर, यह कई हफ्ते हो सकते हैं. आपका इन्फेक्शन पूरी तरह से ठीक होने के बाद भी, आपको कभी-कभी लक्षणों को वापस आने से रोकने के लिए इसका इस्तेमाल करना पड़ सकता है.
एलवैक्स इयर ड्रॉप के साइड इफेक्ट
- कोई आम साइड इफ़ेक्ट नहीं देखा गया
एलवैक्स इयर ड्रॉप का इस्तेमाल कैसे करें
एलवैक्स इयर ड्रॉप किस प्रकार काम करता है
ख़ास टिप्स
- एलवैक्स इयर ड्रॉप का इस्तेमाल डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार किया जाना चाहिए.
- भले ही आप बेहतर महसूस करें, तो भी निर्धारित खुराक को खत्म करें क्योंकि जल्दी इलाज बंद करना लक्षणों को वापस ला सकता है.
- संदूषण से बचने के लिए ड्रॉपर का टिप या अपने कान को न छूएं.
- ध्यान रहे कि खुली बोतल का इस्तेमाल 4 सप्ताह से अधिक न करें.
- एलवैक्स इयर ड्रॉप का इस्तेमाल डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार किया जाना चाहिए.
- भले ही आप बेहतर महसूस करें, तो भी निर्धारित खुराक को खत्म करें क्योंकि जल्दी इलाज बंद करना लक्षणों को वापस ला सकता है.
- संदूषण से बचने के लिए ड्रॉपर का टिप या अपने कान को न छूएं.
- ध्यान रहे कि खुली बोतल का इस्तेमाल 4 सप्ताह से अधिक न करें.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग

किडनी

लिवर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
संदर्भ




यूजर का फीडबैक
और अधिक जानना चाहते हैं
हम आपको प्रमाणिक, भरोसेमंद और प्रासंगिक जानकारी प्रदान करते हैंक्या आपको यहां दी गई जानकारी से कोई समस्या है?
डिस्क्लेमर
मार्केटर की जानकारी
Address: प्लॉट नं.. 249, दक्ष हाउस, इंडस्ट्रियल एरिया फेस -II, पन्च्कुला -134109 (हरियाणा) इंडिया
विक्रेता विवरण
हमारे पास उपलब्ध टेस्ट
- सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)
- एफबीएस (फास्टिंग ब्लड शुगर)
- थायरॉइड प्रोफाइल टोटल (T3, T4 और TSH)
- HbA1c (ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन)
- पीपीबीएस (पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर)
- लिपिड प्रोफाइल
- विटामिन डी (25-हाइड्रॉक्सी)
- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
- ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट)
- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)














