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ऑस्टियोआर्थराइटिस (अस्थिसंधिशोथ) के मरीजों के लिए डाइट प्लान (Diet Plan for Osteoarthritis Patient)

ऑस्टियोआर्थराइटिस एक गंभीर रोग है। इस रोग में जोड़ों की हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं, जिससे जोड़ों में बहुत अधिक दर्द होता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण जोड़ों में अकड़न भी आ जाता है। यह बीमारी किसी व्यक्ति को अचानक नहीं होती, बल्कि उम्र के बढ़ने के बाद जब जोड़ों का कार्टिलेज खराब होने लगता है तब हड्डियां आपस में जुड़ने लगती है। जब भी कोई व्यक्ति इस रोग से पीड़ित होता है तो यही देखा जाता है कि वह डॉक्टर से ऑस्टियोआर्थराइटिस का इलाज कराता है, लेकिन सच यह है कि अगर आप रोग का इलाज कराने के साथ-साथ ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए डाइट प्लान का पालन नहीं करेंगे तो बीमारी पर उचित नियंत्रण नहीं पा सकेंगे।

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इसलिए यहां ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए डाइट चार्ट की जानकारी दी जा रही है। इस चार्ट को अपनाकर आप ना सिर्फ  ऑस्टियोआर्थराइटिस रोग को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाएंगे बल्कि उचित लाभ भी ले पाएंगे।

ऑस्टियोआर्थराइटिस रोग में क्या खाएं (Your Diet During Osteoarthritis)

ऑस्टियोआर्थराइटिस से ग्रस्त लोगों का आहार ऐसा होना चाहिएः-

और पढ़ेंः अदरक के फायदे और नुकसान

ऑस्टियोआर्थराइटिस रोग में क्या ना खाएं (Food to Avoid in Osteoarthritis)

ऑस्टियोआर्थराइटिस से ग्रस्त लोगों को इनका सेवन नहीं करना चाहिएः-

  • अनाज: नया धान, मैदा
  • दाल: काला चना, काबुली चना व देशी चना, मटर, उड़द दाल
  • फल एवं सब्जियां: कमल गट्टा (कमल ककड़ी), बैंगन
  • अन्य: दही, मछली, गुड़, अधिक नमक, कोल्ड्रिंक्स, संक्रमित/फफूंदी युक्त भोजन, अशुद्ध एवं संक्रमित जल, तला हुआ एवं कठिनाई से पाचने वाला भोजन
  • सख्त मना: तैलीय मसालेदार भोजन, मांसहार और मांसाहार सूप, अचार, तेल, अधिक नमक, कोल्डड्रिंक्स, मैदे वाले पदार्थ, शराब, फास्टफूड, अचार, सॉफ्टड्रिंक्स, जंक फ़ूड, डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ, ठंडा खाना, रुखा भोजन

और पढ़ेंः दही के औषधीय गुण

ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज के दौरान आपका डाइट प्लान (Diet Plan for Osteoarthritis Treatment)

ऑस्टियोआर्थराइटिस के उपचार के दौरान सुबह उठकर दांन्तों को साफ करने (बिना कुल्ला किये) से पहले खाली पेट 1-2 गिलास गुनगुना पानी लें। नाश्ते से पहले पतंजलि आवंला व एलोवेरा रस पिएं।

समय आहार योजना ( शाकाहार)
नाश्ता (8 :30 AM) 1 कप पतंजलि दिव्य पेय /1 कप दूध पतंजलि बादाम पाक /पावर वीटा + 2-3 पतंजलि आरोग्य बिस्कुट /पोहा /उपमा (सूजी) /पतंजलि आरोग्य दलिया (नमकीन) / अंकुरित अनाज / 2 पतली रोटी (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा) + 1 कटोरी  सब्जी/1 प्लेट फलों का सलाद (स्ट्रॉबेरी, सेब, आम)
दिन का भोजन (12:30-01:30) PM 1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा) + 1 कटोरी हरी सब्जियां (उबली हुई) + 1 कटोरी दाल मूंग (पतली) + 1 प्लेट सलाद
शाम का नाश्ता      (5:30-6:00 pm) 1 कप हर्बल चाय दिव्य पेय + 2-3 पतंजलि आरोग्य बिस्कुट/ सब्जियों का सूप
रात का भोजन (7: 00 – 8:00 Pm) 1-2 पतली रोटियां (पतंजलि मिश्रित अनाज आटा) + 1 कटोरी हरी सब्जियां ( रेशेयुक्त) + 1 कटोरी दाल मूंग (पतली)|
सोने से पहले 1 कप दूध + पतंजलि बादाम पाक/पावर वीटा

सलाह: यदि मरीज को चाय की आदत है तो इसके स्थान पर 1 कप पतंजलि दिव्य पेय दे सकते हैं।

और पढ़ेंः मूंग दाल के फायदे और उपयोग

ऑस्टियोआर्थराइटिस की बीमारी में आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle for Osteoarthritis Treatment)

ऑस्टियोआर्थराइटिस की बीमारी में आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  • दूध पिएं।
  • गतिशील रहें।
  • व्यायाम करें
  • दिन में न सोएं।
  • संतुलित आहार लें।
  • धूप का सेवन करें।
  • जोड़ों को चोट से बचाएं।
  • जोड़ों पर हल्का मालिश करें।
  • जोड़ों को ज्यादा स्ट्रेच नहीं करें।
  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • पहले का भोजन पचे बिना भोजन न करें
  • गुस्सा, डर और चिंता न करें।
  • पेशाब और शौच को न रोकें।
  • आसमान पर बादल होंने पर ठंडे जल का सेवन करें।
  • पूर्व दिशा से आने वाली हवाओं का अत्यधिक सेवन करें।

ऑस्टियोआर्थराइटिस की बीमारी में ध्यान रखने वाली बातें (Points to be Remember in Osteoarthritis Disease)

ऑस्टियोआर्थराइटिस के इलाज के दौरान आपको इन बातों का ध्यान रखना हैः-

(1) ध्यान एवं योग का अभ्यास रोज करें।

(2) ताजा एवं हल्का गर्म भोजन अवश्य करें।

(3) भोजन धीरे-धीरे शांत स्थान में शांतिपूर्वक, सकारात्मक एवं खुश मन से करें।

(4) तीन से चार बार भोजन अवश्य करें।

(5) किसी भी समय का भोजन नहीं त्यागें एवं अत्यधिक भोजन से परहेज करें।

(6) हफ्ते में एक बार उपवास करें।

(7) अमाशय का 1/3rd / 1/4th भाग रिक्त छोड़ें।

(8) भोजन को अच्छी प्रकार से चबाकर एवं धीरे–धीरे खायें।

(9) भोजन लेने के बाद 3-5 मिनट टहलें।

(10) सूर्यादय से पहले [5:30 – 6:30 am] जाग जायें।

(11) रोज दो बार दांतों को साफ करें।

(12) रोज जिव्हा करें।

(13) भोजन लेने के बाद थोड़ा टहलें।

(14) रात में सही समय पर [9- 10 PM] नींद लें।

 

योग और आसन से ऑस्टियोआर्थराइटिस का उपचार (Yoga and Asana for Osteoarthritis Treatment)

ऑस्टियोआर्थराइटिस के उपचार के दौरान आपको ये योग और आसन करना चाहिएः-

  • योग प्राणायाम एवं ध्यान: भस्त्रिका, कपालभांति, बाह्यप्राणायाम, अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उदगीथ, उज्जायी, प्रनव जप।
  • आसन: सूक्ष्म व्यायाम, उत्तानपादासन, पादवृतासन, बज्रासन, सर्वांगासन गोमुखासन, नौकासन।

और पढ़े- घुटनों में दर्द होने पर घरेलू इलाज

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

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आचार्य श्री बालकृष्ण

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