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Lemon: नींबू दूर करे कई बीमारियां – Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

Contents

नींबू का परिचय (Introduction of Nimbu)

नींबू (nimbu pani in hindi) से सब परिचित हैं। लोग नींबू का इस्तेमाल कर अचार बनाते हैं। नींबू की चटनी को सब लोग बडे चाव से खाते हैं। नींबू की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जहां दूसरे फल पकने पर मीठे हो जाते हैं, वहीं नींबू का स्वाद हर समय खट्टा ही रहता है। नींबू विटामिन C का मुख्य स्रोत होता है। नींबू के सेवन से स्कर्वी रोग भी ठीक होता है। इतना ही नहीं नींबू का प्रयोग कर कई और भी बीमारी ठीक (nimbu pani ke fayde in hindi) की जा सकती है।

 

Lemon

 

 

आयुर्वेद में नींबू के बारे में बहुत सारी अच्छी बातें बताई गई हैं। पतंजलि के अनुसार, आप नींबू का उपयोग पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए, पेट दर्द में आराम पाने के लिए, भूख बढ़ाने के लिए, पित्त और कफज विकारों को ठीक करने के लिए तो कर ही सकते हैं। इसके साथ और भी रोगों में लाभ (lemon ke fayde) पा सकते हैं। आइए सभी के बारे में जानते हैं।

 

नींबू क्या है (What is Nimbu?)

नींबू (lemon ke fayde) की कई जातियां पाई जाती है, जैसे- कागजी नींबू, बिजौरी नींबू, जम्मीरी नींबू, मीठा नींबू इत्यादि। औषधी के रूप में प्रायः कागजी नींबू का ही प्रयोग करना चाहिए। इसका आकार छोटा या मध्यम होता है। इसका वृक्ष कांटों से युक्त, झाड़ीनुमा होता है। इसके फूल छोटे, सफेद अथवा गुलाबी रंग के होते हैं। फूलों से सुगंध आती है।

 

अनेक भाषाओं में नींबू के नाम (Lemon names in Different Languages)

नींबू का वानस्पतिक नाम सिट्रस ऑरेन्टिफोलिया (Citrus aurantifolia (Christm.) Swingle, Syn-Citrus medica Linn. var. acida Hook.f.), रूटेसी (Rutaceae), लेकिन इसे अन्य और भी नामों से जाना जाता है, जो ये हैंः-

Lemon in-

  • English – बीटर ऑरेंज (Bitter orange), बीगेरेड ऑरेंज (Bigarade orange), Seville orange (सेवील्ले ऑरेंज), लाइम (Lime), सॉर ऑरेंज (Sour orange)
  • Hindi – खट्टा नींबू, कागजी नींबू
  • Sanskrit – बृहत् जम्बीर, निम्बुक
  • urdu – लिमू (Limu)
  • Kannada – बीजपूर (Bijpur)
  • Tamil – चामपलम (Champalam)
  • Telugu – बीजपूरम (Beejpuram)
  • Bengali – लेबू (Lebu)
  • Nepali – बिमिरो (Bimiro
  • Manipuri – चाम्प्रा (Champra)
  • Marathi – अंबटनिंबू(Ambatanimbu), लिंबू (Limbu)
  • Arabic – लीबू (Leebu)
  • Persian – लीबू (Leebu)

 

नींबू के फायदे (Nimbu Benefits and Uses)

अब तक आपने नींबू (lemon ke fayde) क्या है और नींबू के नामों के बारे में जाना। आइए जानते हैं कि नींबू का आयुर्वेदीय गुण क्या है और इसका क्या प्रभाव होता हैः-

 

 

रक्तस्राव को रोकने के लिए करें नींबू का प्रयोग (Benefits of Lemon in Stop Bleeding in Hindi)

स्वामी रामदेव जी का किया गया प्रयोग : 

1 कप पीने लायक गर्म दूध में आधा नींबू निचोड़-कर दूध फटने से तुरन्त पहले पी जायें। यह रक्तस्राव को तुरन्त बंद कर देता है। इस प्रयोग को एक या दो बार से अधिक ना करें।

 

अधिक प्यास लगने की समस्या को ठीक करता है नींबू (Lemon Benefits in Thirsty Problem in Hindi)

अधिक प्यास लगने की परेशानी में नींबू का शर्बत बनाकर पीएं। इससे अधिक प्यास लगने की समस्या ठीक हो जाती है।

5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे अधिक प्यास लगने की परेशानी ठीक होती है।

 

छालों की परेशानी में नींबू के उपयोग से फायदा (Benefits of Lemon in Mouth Ulcer Treatment in Hindi)

जीभ पर हुए छालों और मसूड़ों पर नींबू का छिलका रगड़ें। इससे जीभ के छालों और मसूड़ों की परेशानी में लाभ (lemon ke fayde) होता है।

 

नींबू से मुहांसे और चेहरे की झुर्रियों का इलाज (Benefits of Lemon in Fighting Acne and Wrinkles in Hindi)

नींबू के रस में शहद मिलाक चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरे के कील-मुहांसे और झुर्रियां ठीक हो जाती हैं।

नींबू, तुलसी और काली कंसौदी का रस बराबर मिलाकर धूप में रखें। जब वह गाढ़ा हो जाय तो मुंह पर मलें। यह मुहांसों को दूर कर देता है।

 

नींबू से बालों का झड़ना रोकें और करें रूसी का उपचार (Lemon Benefits in Stop Hair Fall and Fighting Dandruff in Hindi)

रूसी हटाने के लिए नींबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। नींबू के रस में आंवला के फलों को पीस लें। इसे बालों में लगाने से रूसी मिटती है तथा बालों का झड़ना रुकता है।

 

नींबू के प्रयोग से चर्म रोग का इलाज (Nimbu Pani Benefits for Treats Skin Problems in Hindi)

दाद, खाज, चमड़ी पर काले दाग आदि रोगों पर नींबू को काटकर रगड़ने से लाभ (lemon ke fayde) होता है।

नींबू के फल का रस का रोज प्रयोग करने से त्वचा के विकार ठीक हो जाते हैं।

 

दाद को ठीक करने के लिए करें नींबू का प्रयोग (Nimbu Pani Benefits for Ringworm Treatment in Hindi)

नींबू के रस में करौंदा की जड़ को पीसकर लगाने से तुरंत खाज या खुजली में लाभ (nimbu ke fayde) होता है।

नींबू फल के रस को एक गिलास उबले दूध में डालें। इसमें ग्लिसरीन मिलाकर, आधे घंटे तक रख दें। उसे शरीर पर लगाने से रूखी त्वचा सहित अन्य त्वचा की बीमारी में फायदा होता है।

 

मोटापा घटाने के लिए नींबू का इस्तेमाल लाभदायक (Benefits of Lemon for Fighting Obesity in Hindi)

मोटापा कम करने के लिए नींबू का प्रयोग फायदा देता है। सुबह-सुबह खाली पेट 200 मिली गुनगुने जल में 2 चम्मच नींबू व 1 चम्मच शहद डालकर पीने से मोटापा घटता है।

 

आंखों के दर्द में फायदेमंद नींबू का प्रयोग (Lemon Benefits in treatment of Eye Pain in Hindi)

नींबू के रस को लोहे की खरल में लोहे के दस्ते से घोटें। जब रस काला पड़ जाये, तब आंखों के आसपास पतला-पतला लेप करने से आंखों के दर्द ठीक हो जाते हैं।

 

टायफाइड में नींबू के इस्तेमाल से लाभ (Benefits of Lemon in Treatment Typhoid Fever in Hindi)

नींबू के दो भागकर लें। एक भाग में पिसी हुई काली मिर्च और सेंधा नमक भरें। दूसरे भाग में मिश्री भरकर दोनों को गर्म कर चूसें। इससे वर्षा-ऋतु के बाद होने वाले टायफाइड का ठीक (nimbu ke fayde) होता है।

 

बुखार उतारने के लिए करें नींबू का इस्तेमाल (Nimbu Pani reduces Fever in Hindi)

25 मिली नींबू रस, 25 मिली चिरायते का काढ़ा को मिलाकर थोड़ा-थोड़ा करके पीने से मौसमी बुखार ठीक हो जाता है।

नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस मिलाकर सेवन करने से गंभीर बुखार भी ठीक हो जाता है।

 

नींबू के इस्तेमाल से एसिडिटी का इलाज (Uses of Nimbu Pani for Acidity in Hindi)

5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे एसिडिटी ठीक होती है। अधिक प्यास लगने की परेशानी ठीक (nimbu ke fayde) होती है।

 

भूख को बढ़ाने के लिए करें नींबू का प्रयोग (Lemon Juice Uses in Increasing Appetite in Hindi)

3 मिली नींबू का रस, 10 मिली चूने का पानी तथा मधु तीनों को मिलाएं। इसे 20-20 बूंद की मात्रा में लेने से भूख बढ़ती (nimbu pani ke fayde) है।

नींबू के रस का सेवन करने से भूख न लगने की समस्या ठीक हो जाती है।

नींबू के शर्बत में दोगना पानी और 1-2 नग लौंग के साथ काली मिर्च मिलाकर पीने से भूख बढ़ती (nimbu ke fayde in hindi) है।

नींबू को काटकर काला नमक बुरक कर चाटने से भी भूख न लगने की समस्या ठीक हो जाती है।

एक नींबू के रस में थोड़ी अदरक एवं थोड़ा काला नमक मिलाकर सेवन करने से भूख बढ़ती (nimbu ke fayde in hindi)  है।

5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे भूख बढ़ती है,

 

फूड प्वाजनिंग को ठीक करता है नींबू (Nimbu Benefits in Food Poisoning in Hindi)

नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु स्वरस तथा 1 ग्राम कर्पूर मिलाकर सेवन करें। इससे फूड प्वाजनिंग की परेशानी ठीक होती है।

 

पेट दर्द से राहत दिलाता है नींबू (Lemon Juice Cures Abdominal Pain in Hindi)

1-2 ग्राम कच्चे नींबू के छिलके को पीसकर खाने से पेट के दर्द से राहत मिलती है।

3 मिली नींबू का रस, 10 मिली चूने का पानी तथा मधु तीनों को मिलाएं। इसे 20-20 बूंद की मात्रा में लेने से पेट दर्द से राहत मिलती (nimbu pani ke fayde) है।

 

नींबू के  उपयोग से उल्टी को रोकें (Benefits of Nimbu Pani to Stop Vomiting in Hindi)

भोजन के बाद होने वाली उल्टी को रोकने के लिए 5-10 मिली ताजे नींबू के रस को पीना (lemon ke fayde) चाहिए।

5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करें। इससे उल्टी पर रोक लगती है।

 

नींबू के इस्तेमाल से खत्म होते हैं पेट के कीड़े (Benefits of Nimbu Fighting Abdominal Bugs in Hindi)

नींबू के रस का सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।

नींबू के पत्ते रस में मधु मिलाकर सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

 

जमालगोटा के नुकसान से बचने के लिए नींबू का उपयोग फायदेमंद (Nimbu is Beneficial in Side Effects of Purgative Croton in Hindi)

नींबू फल के रस में छाछ अथवा जल मिलाकर प्रयोग करने से जमालगोटा के दुष्प्रभाव में लाभ (nimbu ke fayde in hindi)  होता है।

 

नींबू का इस्तेमाल कर दस्त पर रोक लगाएं (Nimbu Benefits to Stop Diarrhea in Hindi)

30 मिली कागजी नींबू के रस को दिन में 2-3 बार सेवन करने से दस्त पर रोक लगती है।

 

हैजा में फायदेमंद नींबू का इस्तेमाल (Uses of Nimbu in Treatment of Cholera in Hindi)

रोजाना खाना खाने से पहले दो नींबू के रस का सेवन करें। इससे या रस में मिश्री मिलाकर सेवन करने से हैजा में लाभ (nimbu pani) होता है।

नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु रस तथा 1 ग्राम कर्पूर मिलाकर सेवन करने से भी हैजा में फायदा होता है।

 

पित्तज विकारों में लाभ पहुंचाता है नींबू (Nimbu Uses in Pitttaj Disorder in Hindi)

एक नींबू के रस में 5 ग्राम मिश्री मिलाकर सेवन करने से पित्तज विकार का ठीक होता है।

 

आंतों के रोग में फायदेमंद नींबू का उपयोग (Benefits of Lemon to Cure Intestinal Disorder in Hindi)

5 मिली फल के रस में मधु, नारिकेलोदक और नमक मिलाकर सेवन करने से आंतों के रोगों में लाभ मिलता है।

 

पेशाब कम आने की परेशानी या पेशाब में खून या पेशाब की जलन या सूजन आने पर करें नींबू का इस्तेमाल (Uses of Lemon in Treatment of Urinary Disease in Hindi)

नींबू फल के रस को उबले हुए जल में मिलाएं। इसका सेवन करने से पेशाब में खून या पेशाब की जलन या सूजन आने की समस्या ठीक हो जाती है।

नींबू फल के रस में खीरे का रस या नारिकेलोदक या फिर गाजर का रस मिलाएं। इसका सेवन करने से कम पेशाब आने की समस्या ठीक हो जाती है। इसके साथ ही इससे किडनी विकार और सूजन ठीक हो जाती है। गर्भावस्था के कारण होने वाली परेशानियों में फायदा होता है।

 

नींबू से पीलिया का इलाज (Benefits of Nimbu in Jaundice Treatment in Hindi)

पीलिया के उपचार के लिए नींबू का उपयोग लाभ पहुंचाता है। नींबू रस को आंखों में लगाने से पीलिया में फायदा होता है।

 

नींबू के प्रयोग से लिवर विकारों में लाभ (Lemon Juice Uses for Liver Disorder in Hindi)

गुनगुने पानी में नींबू का रस और मिश्री मिलाकर सुबह चाय की तरह पीने से लिवर सही तरह से काम करता है और लिवर के विकार ठीक होते (nimbu pani ke fayde) हैं।

नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु स्वरस मिलाकर सेवन करने से लिवर संबंधित विकार ठीक हो जाते हैं।

5-10 मिली नींबू रस में भुनी हुई 500 मिग्रा अजवायन और स्वाद के अनुसार सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से लिवर और तिल्ली के रोगों में लाभ होता है।

 

तिल्ली के बढ़ने पर नींबू का उपयोग फायदेमंद (Nimbu Cures Spleen Disease in Hindi)

नींबू का अचार खाने से बढ़ी हुई तिल्ली या प्लीहा सामान्य हो जाती है।

नींबू फल के रस में बराबर मात्रा में पलाण्डु स्वरस मिलाकर सेवन करने से तिल्ली संबंधित विकार ठीक (lemon ke fayde) हो जाते हैं।

5-10 मिली नींबू रस में भुनी हुई 500 मिग्रा अजवायन और स्वाद के अनुसार सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से तिल्ली के रोगों में लाभ होता है।

 

नींबू से जोड़ों के दर्द का उपचार (Nimbu Benefits in Fighting with Arthritis in Hindi)

1-2 मिली नींबू के रस को 4-4 घंटे के अंतर पर सेवन करने से जोड़ों के दर्द में लाभ होता है।

एक नींबू के रस में थोड़ी अदरक एवं थोड़ा काला नमक मिलाकर सेवन करने से गठिया या जोड़ों के दर्द में फायदा होता है।

 

दिमागी बीमारी में फायदेमंद नींबू का इस्तेमाल (Lemon is Beneficial for Mental Health in Hindi)

नींबू के रस को मस्तक पर लेप करने से दिमागी बीमारी में लाभ होता है।

 

कीड़े-मकोड़े के काटने पर नींबू के प्रयोग से लाभ (Benefits of Lemon in Insect Bites Treatment in Hindi)

विषैले कीड़े-मकौड़ों या मच्छर के काटने पर नींबू का प्रयोग फायदा देता है। कीड़ों के काटने वाले स्थान पर नींबू का रस लगाना (lemon ke fayde) चाहिए।

 

नींबू के इस्तेमाल से मधुमक्खी के काटने का इलाज (Nimbu Pani Benefits for Honey Bee Biting in Hindi)

सज्जीक्षार, यवक्षार तथा काले नमक को नींबू के रस के साथ घोंटकर मधुमक्खी के डंक पर लगाएं। इससे मधुमक्खी के डंक से होने वाली परेशानी से आराम  मिलता है।

 

नींबू है बिच्छू के डंक की दवा (Nimbu is Beneficial in Cure Scorpion Stings in Hindi)

नींबू (nimbu) के बीजों की मींगी 9 ग्राम तथा सेंधा नमक 8 ग्राम को पीसकर मिलाएं। इसका सेवन करने से बिच्छू के काटने की परेशानी ठीक हो जाती है।

 

नींबू के इस्तेमाल की मात्रा (How Much to Consume Nimbu?)

औषधि के रूप में नींबू का इस्तेमाल चिकित्सक के परामर्शानुसार करें।

 

नींबू के इस्तेमाल का तरीका (How to Use Nimbu?)

नींबू (nimbu) का इस्तेमाल इस तरह किया जा सकता हैः-

फल

नींबू के वृक्ष के पत्ते

नींबू की बीज

 

नींबू कहां पाया या उगाया जाता है (Where is Nimbu Found or Grown?)

नींबू (nimbu) की खेती पूरे भारत में की जाती है। इसके पेड़ घरों, बाग-बगीचे में भी देखे जाते हैं।