header-logo

AUTHENTIC, READABLE, TRUSTED, HOLISTIC INFORMATION IN AYURVEDA AND YOGA

AUTHENTIC, READABLE, TRUSTED, HOLISTIC INFORMATION IN AYURVEDA AND YOGA

Apple: सेब दूर करे कई बीमारियां – Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

Contents

सेब का परिचय (Introduction of Apple)

‘एन एप्पल ए डे, कीप्स डॉक्टर अवे’ अंग्रेजी की एक बहुत प्रसिद्ध कहावत है जिसके अनुसार, रोज एक सेब (apple ke fayde in hindi) खाने से डॉक्टर को दूर रखा जा सकता है। इसका कारण यह है कि सेब स्वाद में बेहतरीन होने के साथ-साथ कई प्रकार के पोषक तत्त्वों का ख़ज़ाना होता है। क्या आपको पता है कि सेब का इस्तेमाल आप औषधि के रूप में भी कर सकते हैं? जी हां, कई रोगों को ठीक करने के लिए भी सेब का प्रयोग किया जाता है।

apple benefits

सेब का जूस सारी दुनिया में काफी लोकप्रिय है। यह बाजार में रेडीमेड भी उपलब्ध है, लेकिन घर पर निकाला हुआ जूस अधिक फायदेमंद (apple khane ke fayde) होता है। सुबह खाली पेट सेब खाने से बहुत तरह के रोगों को शरीर से दूर (khali pet apple khane ke fayde)रखा जा सकता है। आयुर्वेद में सेब के फायदों का विस्तार से उल्लेख मिलता है। आइये सेब के गुणों (seb ke fayde) के बारे में विस्तार से जानते हैं।

 

सेब क्या है? (What is Apple?)

सेब लाल या हरे रंग का फल है, जो विटामिन से भरपूर होता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे ‘मेलस डोमेस्टिका’ (Melus domestica) कहते हैं। सेब का पेड़ लगभग 3 से 7 मीटर तक ऊंचा होता है। इसकी छाल भूरे रंग की होती है। इसके फूल गुलाबी से सफेद रंग या खून के रंग के होते हैं। इसके फल मांसल और लगभग गोलाकार होते हैं। कच्ची अवस्था में सेब हरे रंग का, तथा स्वाद में खट्टा होता है। पक जाने पर लाल रंग का और मीठा होता है। सेब के बीज छोटा, काले रंग का तथा चमकीला होता है।

 

अनेक भाषाओं में सेब के नाम (Name of Apple in Different Languages?)

सेब का वानस्पतिक नाम Malus sylvestris (Linn.) Mill. (मैलस सिल्वेस्ट्रिस) Syn-Pyrus malus Linn. है। यह Rosaceae (रोजेसी) परिवार का सदस्य है। भारत और दुनिया की विभिन्न भाषाओं में सेब को निम्न नामों से पुकारा जाता हैः—

Apple in –

  • Hindi – सेब
  • Sanskrit – मुष्टिप्रमाण, महाबदर, सिञ्चितिकाफल
  • Kannada – सेरवूकीट्टालय (Servu-kittalay), सेबु (Sebu)
  • Gujarati – सफरजंग (Sufferjang), सफरचंद (Safarchand), सफरजन (Safarjan)
  • Bengali – सेब (Seb)
  • Punjabi – चो (Cho), चूई (Chui)
  • Marathi – सफरचंद (Safarchand)
  • English – क्रैब एप्पल (Crab apple), वाईल्ड क्रैब (Wild crab)
  • Arabic – तूफाहा (Tuffah)
  • Persian – सेब (Seb) सिब (Sib)

 

 

सेब के फायदे (Apple Benefits and Uses in Hindi)

सेब में पोषक तत्त्वों की भरमार होती है, और यही वजह है कि ज्यादातर स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोज एक सेब खाने की सलाह देते हैं। बहुत से लोग सेब का जूस पीना पसंद करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सेब त्वचा रोग, जलन, दिल का दौरा, बुखार, कब्ज की परेशानी में लाभ पहुंचाता है। यह मानसिक विकार, एसिडिटी, बुखार, हाई ब्लड प्रेशर के साथ-साथ पेचिश में भी फायदेमंद होता है। सेब का सेवन कमजोरी, बदहज़मी, सांसों की बीमारी में भी लाभदायक (seb ke fayde)होता है। यह ल्यूकोरिया, दांतों की बीमारी, गठिया, पथरी, खून की कमी को दूर करता है। आइये सेब के फ़ायदों के बारे में विस्तार से जानते हैंः-

और पढ़े: खून की कमी दूर करे प्रभाकर वटी

दांतों के रोग में सेब के फायदे (Apple Benefits to Cure Dental Disease in Hindi)

smiling face

सेब चबाकर खाने से लार अधिक बनती है, जो मुंह की साफ-सफाई करने के अलावा बैक्टीरिया को पनपने से भी रोकती है। इस प्रकार से सेब खाने से आपके दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं। सेब खाने से मुँह संबंधी बीमारियों को होने से कुछ हद तक रोका  जा सकता है।

और पढ़ेंदांतों के दर्द के लिए घरेलू उपचार

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सेब का प्रयोग  (Benefits of Apple to Treat Eye Disease in Hindi)

सेब (apple tree in hindi) में एंटी-ऑक्सीडेंट, फाइबर, विटामिन-सी और विटामिन-बी पाया जाता है। इसके नियमित उपयोग से रात को कम दिखाई देने की परेशानी में लाभ होता है। यही नहीं,  सेब आंखों की अन्य परेशानियां, जैसे— मोतियाबिंद, ग्लूकोमा आदि से भी बचाव करता है। सेब को पीसकर, पकाकर आँखों में बांधने से आँखों की बीमारियां दूर होती हैं।

और पढ़ें ड्राई आई सिंड्रोम में एलोवेरा जेल फायदेमंद

सेब के गुण से खांसी में लाभ (Apple Uses to Treat Cough in Hindi)

1 गिलास सेब का रस निकाल लें। इसमें मिश्री मिलाकर सुबह के समय पिएं। इससे सूखी खांसी में लाभ होता है। इससे बेहोशी की समस्या में भी फायदा होता है। सूखी खांसी में भरपूर लाभ लेने के लिए रोजाना पके हुए मीठे सेब खाने (apple ke fayde) चाहिए।

 

पाचनतंत्र को मजबूत बनाने के लिए करें सेब का उपयोग (Apple Benefits for Indigestion in Hindi)

सेब का सेवन करने से पेट के रोग ठीक होते हैं। रात को सोते समय दो सेब खाएं। ऐसा कुछ दिन मतलब कम से कम 7 दिन तक करें। इससे पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर आ जाते हैं। सेब खाने के बाद रातभर पानी नहीं पिएं। खाली पेट सेब खाने से कब्ज दूर होती है। सुबह के समय छिलके सहित सेब खाने से भी कब्ज की समस्या दूर (apple khane ke fayde) होती है।

और पढ़ेंः कब्ज के घरेलू इलाज

पेट के रोगों में लाभकारी सेब का सेवन (Apple is Beneficial for Abdominal Disease in Hindi)

सेब में टार्टरिक एसिड होने के कारण यह बहुत जल्दी पच जाता है। यह अपने साथ अन्य आहार को भी पचा देता है। इसके साथ ही, सेब के मुरब्बे का सेवन करने से आमाशय-संबधी रोगों में भी लाभ  (apple khane ke fayde) होता है।

 

आंतों के रोगों में सेब के सेवन से लाभ (Uses of Apple for Intestinal Disease in Hindi)

सेब के सेवन से प्यास खत्म होती है और आंत स्वस्थ बनते हैं। सेब में आंवयुक्त पेचिश मिटाने का गुण होता है, इसलिए सेब को भूनकर खाने से आंतों के रोगों में बहुत लाभ (apple ke fayde) होता है।

और पढ़ें पेचिश में पीपल के फायदे

उल्टी बंद करने के लिए करें सेब का इस्तेमाल (Apple Benefits to Stop Vomiting in Hindi)

Bloating

 अगर बार-बार उल्टी होने से परेशान है तो अधपके सेब का 5-15 मिली मात्रा में रस पिएं। इससे उल्टी बंद हो जाती है।

 

सेब के प्रयोग से खूनी पेचिश की रोकथाम (Apple Benefits to Stop Dysentery in Hindi)

पोस्त के दानों से बने काढ़ा में सेब का शर्बत मिलाकर पीने से खूनी पेचिश में लाभ होता है। सेब खाने के फायदे के फलस्वरूप पेट संबंधी समस्याओं में यह बहुत ही उपयोगी साबित होता है।

 

सेब के उपयोग से त्वचा रोगों में फायदा (Uses of Apple for Skin Disease in Hindi)

सेब के पत्तों को पीसकर लेप करने से त्वचा के रोग ठीक होते हैं। सेब के वृक्ष की जड़ को पीसकर दाद-खाज-वाले स्थान पर लगाएं। इससे लाभ होता है।

सेब ना केवल त्वचा के रोगों को ठीक करता है, बल्कि त्वचा के लिए एक बेहतरीन फेस पैक के रूप में भी काम करता है। फेस पैक के रूप में प्रयोग करने की जानकारी किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से लें।

और पढ़े- दाद से बचने के घरेलू उपाय

सेब का गुण जलन से दिलाए राहत (Importance of Apple in Skin Burning in Hindi)

कई बार खाना बनाते वक्त, गर्म पानी से या फिर बिजली के किसी उपकरण से जल जाने पर त्वचा पर फफोले हो जाते हैं, जो काफी तकलीफ देते हैं। ऐसे में सेब के पत्तों को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाएं। इससे लाभ होता है।

और पढ़ेफफोले में कुटज के फायदे

रोगभ्रम से दिलाए छुटकारा (Importance of Apple in Hypochondria in Hindi)

रोगभ्रम उस स्थिति को कहते हैं जिसमें व्यक्ति को रोगग्रस्त होने का भ्रम हो जाता है। व्यक्ति शरीर के किसी अंग में रोग की कल्पना करने लगता है, या रोग की चिंता करने लगता है। रोगभ्रम को अंग्रेजी में हाइपोकॉन्ड्रियाएक्स (Hypochondriacs) कहते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘पित्तोन्माद’ कहा जाता है। इसके लिए सेब के शर्बत में ब्राह्मी-चूर्ण मिलाकर पिएं। इससे रोगभ्रम की स्थिति में लाभ होता है।

 

दिमागी कमजोरी दूर करता है सेब (Apple Benefits for Mental Health in Hindi)

apple

सेब का मुरब्बा खाने से दिमाग तथा हृदय मज़बूत होता है। सेब दिमागी कोशिकाओं को स्वस्थ बनाने का काम करता है। विद्यार्थियों के लिए सेब स्मरण शक्ति और दिमागी शक्ति बढ़ाने का आसान स्रोत है।

और पढ़े: कमजोरी को दूर करने में ज्वार के फायदे

सेब के औषधीय प्रयोग से उतरता है बिच्छू का ज़हर (Apple Helps in Scorpion Biting in Hindi)

आप बिच्छू के काटने पर भी सेब का प्रयोग कर सकते हैं। 100 मिली सेब के रस में 500 मिग्रा कर्पूर मिला लें। इसका सेवन कराने से बिच्छू का ज़हर उतर जाता है।

 

सेब के पेड़ के उपयोगी भाग (Useful Parts of Apple Tree)

फल

पत्ते

छाल

 

सेब के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Apple)

आप सेब का सेवन इस तरह कर सकते हैं :-

फल – एक बार में 1 से 3 सेब

सेब का जूस – 5-15 मिली.

सेब का पूरा फायदा (benefits of Apple) लेने के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के परामर्श लें।

 

सेब कहाँ पाया या उगाया जाता है?(Where is Apple Found or Grown?)

सेब पर्वतीय क्षेत्रों में पैदा होने वाला फल है। यह उत्तरी-पश्चिमी हिमालय में लगभग 2,700 मीटर तक की ऊँचाई पर पैदा होता है। इसकी खेती मुख्यतः हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड और जम्मू-काश्मीर के कई क्षेत्रों में होती है। कश्मीर का सेब काफी प्रसिद्ध है।

यह मुख्यतः मध्य एशिया का फल है, लेकिन बाद में यह यूरोप में भी उगाया जाने लगा। इसे एशिया और यूरोप से उत्तरी अमेरिका बेचा जाता है। इसका यूनान और यूरोप में धार्मिक महत्व भी है।

और पढ़ेंः