एसपीआरएम टैबलेट
डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी है

परिचय
एसपीआरएम टैबलेट योनि से होने वाली ब्लीडिंग, माहवारी अधिक समय तक रहना और कमर में निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षणों को कम करता है. इसे खाने के साथ या बिना खाए लिया जा सकता है, लेकिन सबसे अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए इसे एक ही समय पर लें. इसे आपके डॉक्टर द्वारा बताई गयी मात्रा और समयांतराल में लिया जाना चाहिए. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह दवा बर्थ कंट्रोल को कम प्रभावी बनाती है, इसलिए गर्भावस्था से बचने के लिए उचित गर्भनिरोधक तरीकों का उपयोग करें.
इस दवा के सामान्य साइड इफेक्ट्स में एमेनोरिया (मासिक धर्म का न होना), सिरदर्द, चक्कर आना, थकान, और मिचली आना शामिल हैं. अगर आप इनसे परेशान हैं या स्थिति गंभीर होती जा रही है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. उन्हें कम करने या रोकने के तरीके हो सकते हैं. आमतौर पर, इसे लेने के 10 दिनों के भीतर आपकी माहवारी रुक जाती है, लेकिन यदि आपको अभी भी अधिक रक्तस्राव होता है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें. यह दवा कुछ समय के लिए आपकी माहवारी को रोक सकती है, लेकिन प्रत्येक उपचार कोर्स के अंत में आमतौर पर 4 सप्ताह के भीतर माहवारी वापस आ जाती है.
अगर आपको लीवर से जुड़े रोग हो चुके हैं या आप अस्थमा से गंभीर रूप से पीड़ित हैं तो इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं. एसपीआरएम टैबलेट लेने के दौरान आपके लीवर फंक्शन की निगरानी के लिए आपके डॉक्टर नियमित रूप से ब्लड टेस्ट कर सकते हैं. आपके द्वारा ली जा रही अन्य सभी दवाओं के बारे में अपने डॉक्टर को सूचित करें, क्योंकि इनमें से कई इस दवा को कम प्रभावी बना सकते हैं या इसके काम करने के तरीके में बदलाव ला सकते हैं. अगर आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं तो अपने डॉक्टर को बताएं.
एसपीआरएम टैबलेट के मुख्य इस्तेमाल
एसपीआरएम टैबलेट के फायदे
यूटराइन फाइब्रॉइड में
एसपीआरएम टैबलेट के साइड इफेक्ट
एसपीआरएम के सामान्य साइड इफेक्ट
- माहवारी ना होना
- सिरदर्द
- एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया
- थकान
- चक्कर आना
- मिचली आना
एसपीआरएम टैबलेट का इस्तेमाल कैसे करें
एसपीआरएम टैबलेट किस प्रकार काम करता है
सुरक्षा संबंधी सलाह
अगर आप एसपीआरएम टैबलेट लेना भूल जाएं तो?
सभी विकल्प
ख़ास टिप्स
- एसपीआरएम टैबलेट को यूटराइन फाइब्रॉइड और इनसे जुड़े लक्षणों जैसे पीरियड में दर्द, बहुत अधिक ब्लीडिंग और पेल्विक दर्द के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
- इलाज के पहले 10 दिनों के भीतर पीरियड्स होने के दौरान ब्लीडिंग काफी कम हो जाता है या रूक जाता है. अगर एसपीआरएम टैबलेट लेने के बावजूद आपको बहुत ज़्यादा रक्तस्त्राव हो रहा है तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.
- एसपीआरएम टैबलेट का सेवन रोकने के चार हफ्ते बाद आपके पीरियड सामान्य रूप से फिर से शुरू हो जाएंगे.
- जब आप एसपीआरएम टैबलेट ले रही हों तब आपको गर्भावस्था को रोकने के लिए एक विश्वसनीय बैरियर गर्भनिरोधन विधि (जैसे कि कंडोम या डायफ्राम) का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि यह हार्मोनल गर्भनिरोधन विधियों (जैसे कि गोलियों) को कम प्रभावी बना सकता है.
- आपके लिवर फंक्शन का आकलन करने के लिए आपका डॉक्टर रुटीन ब्लड टेस्ट करवा सकता है. अगर आप त्वचा/आंख का पीलापन, गहरे रंग की पेशाब देखते हैं या पेट में दर्द महसूस करते हैं तो अपने डॉक्टर को सूचित करें.
फैक्ट बॉक्स
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एसपीआरएम टैबलेट फाइब्रोइड के लिए कैसे काम करता है?
क्या एसपीआरएम टैबलेट पीरियड को रोकता है?
क्या ULIPISTAL का इस्तेमाल नियमित जन्म नियंत्रण दवा के रूप में किया जा सकता है?
एसपीआरएम टैबलेट को कैसे और कब लिया जाना चाहिए?
अगर एसपीआरएम टैबलेट लेने के बाद मुझे उल्टी होती है, तो क्या होगा?
क्या मुझे अपनी नियमित जन्म नियंत्रण विधि के साथ जारी रखने की आवश्यकता है?
एसपीआरएम टैबलेट के संबंध में मुझे कौन से अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखना होगा?
Disclaimer:
टाटा 1mg's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. हालांकि, यहां निहित जानकारी का उपयोग एक योग्य चिकित्सक की सलाह के लिए विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.रिफरेंस
- Briggs GG, Freeman RK, editors. A Reference Guide to Fetal and Neonatal Risk: Drugs in Pregnancy and Lactation. 10th ed. Philadelphia, PA: Wolters Kluwer Health; 2015. p. 1413.






