


टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन
लेखक डॉ. साक्षी जैन, एमएस, बीडीएस,
समीक्षक डॉ. सचिन गुप्ता, एमडी फैर्मकोलोगी, MBBS,
लास्ट अपडेटेड on 25 नवंबर 2025 | 03:07 पीएम (Ist)
अतिरिक्त ऑफ़र के साथ अधिक बचत करें







सामान्य जानकारी
शामिल है
मार्केटर
स्टोरेज के निर्देश



परिचय
टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन आमतौर पर एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर द्वारा लगाया जाता है और इसे खुद नहीं लगाया जाना चाहिए. आपकी बीमारी की गंभीरता के आधार पर, आपका डॉक्टर सटीक डोज़ और स्केड्यूल बताएगा, जिसके अनुसार यह इन्जेक्शन दिया जाना है. इसका इस्तेमाल सख्त रूप से डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार करने की सलाह दी जाती है.
इस दवा के सामान्य साइड इफेक्ट में मिचली आना, उल्टी, डायरिया, और रैश शामिल हैं. इसके अलावा, इंजेक्शन लगाने की जगह पर कुछ रिएक्शन, जैसे दर्द, सूजन या लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर ये ठीक नहीं होते हैं या लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करें.
दवा का उपयोग करने से पहले, अगर आपको किसी भी एंटीबायोटिक्स के लिए एलर्जी हैं या किडनी या लिवर की समस्या हो तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. आपका डॉक्टर आपकी डोज़ को बदल सकता है या कोई अन्य दवा आपको दे सकता है. डॉक्टर की देखरेख में इस दवा का इस्तेमाल गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान करना सुरक्षित है.
टिकोनाट इंजेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
टिकोनाट इंजेक्शन के फायदे
टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन में दो अलग-अलग दवाएं मौजूद हैं, जो संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एक साथ काम करती हैं. टिकैरसिलिन, पेनिसिलीन नामक दवाओं के एक ग्रुप से संबंधित है जो बैक्टीरिया के विकास को रोककर काम करते हैं. क्लेवुलेनिक एसिड एक बीटा-लैक्टामेज इनहिबिटर है जो प्रतिरोध को कम करता है और बैक्टीरिया के खिलाफटिकैरसिलिन के एक्शन को बढ़ाता है.
टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन का इस्तेमाल कई अलग-अलग बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण, जैसे कान, साइनस, गले, फेफड़े, मूत्रमार्ग, त्वचा, दांत, जोड़ों और हड्डियों के इलाज के लिए किया जा सकता है. यह दवा आमतौर पर आपको कुछ ही दिनों में बेहतर महसूस कराती है लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए, कि सभी बैक्टीरिया मर गए हैं और रेज़िज़्टेन्ट नहीं होंगे, आपको इसे बताए गए अनुसार लेते रहना चाहिए, चाहे आप बेहतर महसूस कर रहे हों.
टिकोनाट इंजेक्शन के साइड इफेक्ट
- मिचली आना
- उल्टी
- डायरिया
- रैश
- एलर्जिक रिएक्शन
टिकोनाट इंजेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
टिकोनाट इंजेक्शन किस प्रकार काम करता है
All substitutes for Ticonate 3.1g Injection
Ticarnic 3.1 Injection
Yestic 3.1g Injection
Ticarwin CV 3000mg/100mg Injection
Clatiplus 3000mg/100mg Injection
Ticarvib Injection
ख़ास टिप्स
- आपको बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स के इलाज के लिए इस कॉम्बिनेशन दवा को लेने की सलाह दी गई है भले ही उन्होंने प्रतिरोध विकसित कर लिया हो.
- भले ही आप बेहतर महसूस करना शुरू कर दें, तो भी निर्धारित कोर्स को खत्म करें. इसे जल्दी बंद करने से इन्फेक्शन वापस आ सकता है और इलाज करना मुश्किल हो सकता है.
- इस दवा को लेने से कभी-कभी पेट खराब या दस्त हो सकते हैं. टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन के साथ प्रोबायोटिक्स लेने से मदद मिल सकती है. अगर मल में खून दिखाई दे या पेट में ऐंठन हो, तो डॉक्टर से संपर्क करें.
- पेट को खराब होने से बचाने के लिए इसे खाने और बहुत सारे तरल पदार्थों के साथ लें.
- अगर आपको टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन लेते समय इची रैश, चेहरे, गले या जीभ पर सूजन या सांस लेने में कठिनाई होती है, तो इसे लेना बंद कर दें और तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं.
- भविष्य में किसी भी संक्रमण के इलाज के लिए बची हुई दवा का इस्तेमाल न करें. हमेशा कोई भी एंटीबायोटिक लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग
टिकोनाट 3.1g इंजेक्शन के कारण एलर्जिक रिएक्शन, चक्कर या फिट्स आना जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं जो आपको ड्राइव करने के लिए अयोग्य बना सकते हैं.

किडनी

लिवर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फैक्ट बॉक्स
लत लगने की संभावना
चिकित्सीय वर्ग
संबंधित लैब टेस्ट




और अधिक जानना चाहते हैं
हम आपको प्रमाणिक, भरोसेमंद और प्रासंगिक जानकारी प्रदान करते हैंक्या आपको यहां दी गई जानकारी से कोई समस्या है?
डिस्क्लेमर
मार्केटर की जानकारी
Address: B-2m 2 दूसरी मंजिल, फाई, इंडस्ट्रियल एरिया, पटपड़गंज, नई दिल्ली - 110092, भारत
विक्रेता विवरण
हमारे पास उपलब्ध टेस्ट
- सीबीसी (कम्पलीट ब्लड काउंट)
- एफबीएस (फास्टिंग ब्लड शुगर)
- थायरॉइड प्रोफाइल टोटल (T3, T4 और TSH)
- HbA1c (ग्लायकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन)
- पीपीबीएस (पोस्टप्रैन्डियल ब्लड शुगर)
- लिपिड प्रोफाइल
- विटामिन डी (25-हाइड्रॉक्सी)
- यूरिन आर/एम (यूरिन रूटीन और माइक्रोस्कोपी)
- कोरोनावायरस कोविड -19 टेस्ट- RT PCR
- एलएफटी (लिवर फंक्शन टेस्ट)
- केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट)
- टीएसएच (थायरॉयड स्टिमुलेटिंग हार्मोन) अल्ट्रासेंसिटिव
- ईएसआर (एरिथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट)
- यूरिक एसिड, सीरम
- विटामिन B12
- सीआरपी (सी-रिएक्टिव प्रोटीन), क्वांटिटेटिव
- यूरिन सी/एस (यूरीन कल्चर और सेन्सिटिविटी)
- सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स
- सीरम कैल्शियम
- सीरम क्रिएटिनिन
- डायबिटीज स्क्रीनिंग (HbA1C और फास्टिंग शुगर)
- इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ केएफटी (इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ किडनी फंक्शन टेस्ट)
- कोलेस्टेरॉल - टोटल
- एचबीए (हेमोग्लोबिन)
- कम्प्लीट हीमोग्राम (सीबीसी और ईएसआर)













