


आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल
लेखक डॉ. अनुज सैनी, एमएमएसटी, MBBS,
समीक्षक डॉ. राजीव शर्मा, एमबीए, एमबीबीएस,
लास्ट अपडेटेड on 31 Aug 2026 | 01:06 AM (IST)
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सामान्य जानकारी
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परिचय
आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल को नियमित रूप से हर दिन एक नियत समय पर भोजन के साथ लिया जाना चाहिए. डॉक्टर द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपको नियमित रूप से समान अंतराल पर इसे लेना चाहिए. इसे रोज एक ही समय पर लेने से आपको इसे लेना याद रहेगा. डोज़ और इलाज का समय इस बात पर निर्भर करेंगे कि आपका इलाज किस लिए किया जा रहा है. इस तरह यह आपके शरीर में आयरन को स्टोर करने का काम करता है और आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया के इलाज में मदद करता है. लाइफस्टाइल में कम-फैट की डाइट, व्यायाम और धूम्रपान न करने से इस दवा को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है.
पेट में दर्द, डायरिया, और सिरदर्द इस दवा के कुछ आम साइड इफेक्ट हैं. इस दवा से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ता है, इसलिए शेविंग करने, नाखून काटने और तेज धार वाली वस्तुओं का इस्तेमाल करते समय या खलते समय (जैसे फुटबॉल, रेसलिंग) सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है. शुरुआत में इससे चक्कर आना की समस्या आ सकती है, इसलिए यह दवा लेते समय ड्राइविंग या ध्यान की आवश्यकता वाली गतिविधियां न करें.
इस दवा को लेने से पहले, अगर आपको लिवर या किडनी से जुड़ी बीमारी या ब्लीडिंग संबंधी विकार है, तो अपने डॉक्टर को बताएं. अगर आप गर्भवती हैं,गर्भधारण की योजना बनी रही हैं अथवा स्तनपान करवा रही हैं तो आपको अपने डॉक्टर को बताना चाहिए. आपको अपनी हेल्थकेयर टीम को उन सभी अन्य दवाओं के बारे में बताना चाहिए जो आप ले रहे हैं क्योंकि क्योंकि इस दवा से उनका असर प्रभावित हो सकता है या वे इसके असर को प्रभावित कर सकती हैं.
इसोलोप्रिन कैप्सूल के मुख्य इस्तेमाल
इसोलोप्रिन कैप्सूल के फायदे
आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल रक्त वाहिकाओं को रिलेक्स करता है ताकि आपके शरीर में रक्त का प्रवाह आसानी से हो सके, इस प्रकार यह सुनिश्चित करता है कि आपके हृदय को ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा मिलती रहे. इससे आपमें एंजाइना के कारण छाती में दर्द होने की संभावनाएं कम हो जाती हैं. इसके अलावा, इसमें ब्लड थिनर, एस्पिरिन भी शामिल है, जो रक्त के थक्के बनने से रोकता है और मौजूदा थक्कों को आकार में बढ़ने से रोकता है. यह आपके शरीर में मुक्त ब्लड फ्लो में मदद करता है, जो हार्ट अटैक या स्ट्रोक (या डीप वेन थ्रोम्बोसिस या पल्मोनरी एम्बोलिज्म) को रोकता है.
यह दवा आपके व्यायाम करने की क्षमता को बढ़ाने और एंजाइना अटैक की आवृत्ति को कम करके आपके दैनिक जीवन को आसान बनाने में मदद कर सकती है. इसे प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आपको इसे नियमित रूप से और जब तक बताया गया हो तब तक लेना चाहिए.
इसोलोप्रिन कैप्सूल के साइड इफेक्ट
- खून निकलने की प्रवृत्ति बढ़ जाना
- पेट में दर्द
- डायरिया
- सिरदर्द
- थकान
- अपच
- श्वसन तंत्र के उपरी हिस्से में संक्रमण
- चक्कर आना
- खुजली
- त्वचा का रंग लाल पड़ना
इसोलोप्रिन कैप्सूल का इस्तेमाल कैसे करें
इसोलोप्रिन कैप्सूल किस प्रकार काम करता है
ख़ास टिप्स
- छाती में दर्द होने के फ्रीक्वेन्सी को रोकने और कम करने के लिए आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल लेने की सलाह दी जाती है.
- आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल के इस्तेमाल से चक्कर आना हो सकता है, अगर आप बैठे या लेटे हों, तो धीरे-धीरे उठें.
- अगर आप आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल ले रहे हैं तो कोई भी सर्जरी कराने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं.
- इससे ब्लीडिंग होने का जोखिम बढ़ सकता है. शेविंग करते समय, नाखून काटते समय, शार्प ऑब्जेक्ट का उपयोग करते समय या कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स (जैसे फुटबॉल, कुस्ती) में शामिल होते समय सावधानी बरतें.
सुरक्षा संबंधी सलाह

अल्कोहल

गर्भावस्था

स्तनपान

ड्राइविंग

किडनी
किडनी की गंभीर बीमारी वाले मरीजों को आइसोलोप्रिन 60 mg/75 mg कैप्सूल लेने की सलाह नहीं दी जाती.

लिवर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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