वीकेसी इन्जेक्शन
डॉक्टर की पर्ची ज़रूरी हैपरिचय
वीकेसी इन्जेक्शन का इस्तेमाल आमतौर पर अस्पताल में भर्ती गंभीर रूप से बीमार रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है. यह दवा एक हेल्थकेयर प्रोफेशनल की देखरेख में ड्रिप या सीधे इंजेक्शन के माध्यम से दी जाती है. डोज़ इन बातों पर निर्भर करेगी कि आपको किस प्रकार का इन्फेक्शन है, वह शरीर में कहां है और वह कितना गंभीर है. अगर आपके लक्षणों में तेजी से सुधार हो रहा है, तब भी आपको निर्धारित अवधि तक इन्जेक्शन लेना चाहिए. अगर आप इसे समय से बहुत पहले लेना बंद करते हैं तो इन्फेक्शन वापस आ सकता है या बिगड़ सकता है.
कुछ लोगों को सिरदर्द, मिचली आना , डायरिया, और रैश जैसे साइड इफेक्ट हो सकते हैं. ये साइड इफेक्ट आमतौर पर अस्थायी होते हैं और जैसे ही आपका शरीर दवा में एडजस्ट हो जाता है, वैसे ही चले जाते हैं. अगर इन साइड इफ़ेक्ट से आपको परेशानी हो रही है या ये बने रहते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें.
यदि आपको एपिलेप्सी है, आप लिवर या किडनी की किसी समस्या से पीड़ित हैं या आपको किसी एंटीबायोटिक दवा से एलर्जी है तो इस दवा से इलाज शुरू करने से पहले, आपको अपने डॉक्टर को इस बारे में बताना चाहिए. इसका इस्तेमाल करते समय, आपको ब्लड सेल काउंट और किडनी फंक्शन की निगरानी करने के लिए ब्लड टेस्ट की सलाह दी जा सकती है. डॉक्टर की सलाह अनुसार इस दवा का इस्तेमाल गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान करना सुरक्षित माना जाता है.
वीकेसी पाउडर फॉर इन्जेक्शन के मुख्य इस्तेमाल
- गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन
वीकेसी पाउडर फॉर इन्जेक्शन के फायदे
गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन में
वीकेसी इन्जेक्शन से आमतौर पर आप बहुत जल्दी बेहतर महसूस करते हैं, लेकिन आपको इसे तब भी जारी रखना चाहिए, जब आप अच्छा महसूस करने लगते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बैक्टीरिया नष्ट हो चुके हैं और प्रतिरोधी नहीं बने हैं.
वीकेसी पाउडर फॉर इन्जेक्शन के साइड इफेक्ट
वीकेसी के सामान्य साइड इफेक्ट
- सिरदर्द
- मिचली आना
- रैश
- डायरिया
- नस की सूजन
वीकेसी पाउडर फॉर इन्जेक्शन का इस्तेमाल कैसे करें
वीकेसी पाउडर फॉर इन्जेक्शन किस प्रकार काम करता है
सुरक्षा संबंधी सलाह
अगर आप वीकेसी पाउडर फॉर इन्जेक्शन लेना भूल जाएं तो?
सभी विकल्प
ख़ास टिप्स
- वीकेसी इन्जेक्शन एक एंटीबायोटिक है जो आमतौर पर केवल गंभीर इंफेक्शन के लिए अस्पताल में दिया जाता है.
- इसे 20 से 60 मिनट पर नसों में ड्रिप (इंट्रावेनस इन्फ्यूजन) द्वारा दिया जाता है. गंभीर मामलों में, इंट्रावेनस इन्फ्यूजन के जरिए यह दवा 3 से 4 घंटों तक धीरे-धीरे दी जा सकती है.
- अगर आपको पेनिसिलिन से एलर्जी है या किसी प्रकार के दौरे के लिए दवाएं ले रहे हैं, तो इस दवा के साथ इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर को बताएं.
- दस्त एक दुष्प्रभाव की तरह हो सकते हैं. अगर आपको तेज पेट दर्द हो या आपके मल में ब्लड आता है, तो अपने डॉक्टर को बताएं.
- इस दवा से इलाज के दौरान, आपका डॉक्टर आपके लिवर और किडनी फंक्शन की निगरानी कर सकता है.
- वीकेसी इन्जेक्शन एक एंटीबायोटिक है जो आमतौर पर केवल गंभीर इंफेक्शन के लिए अस्पताल में दिया जाता है.
- इसे 20 से 60 मिनट पर नसों में ड्रिप (इंट्रावेनस इन्फ्यूजन) द्वारा दिया जाता है.
- अगर आपको पेनिसिलिन से एलर्जी है या किसी प्रकार के दौरे के लिए दवाएं ले रहे हैं, तो इस दवा के साथ इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर को बताएं.
- दस्त एक दुष्प्रभाव की तरह हो सकते हैं. अगर आपको तेज पेट दर्द हो या आपके मल में ब्लड आता है, तो अपने डॉक्टर को बताएं.
- इस दवा से इलाज के दौरान, आपका डॉक्टर आपके लिवर और किडनी फंक्शन की निगरानी कर सकता है.
फैक्ट बॉक्स
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वीकेसी इन्जेक्शन का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है?
क्या वीकेसी इन्जेक्शन ओवर-द-काउंटर उपलब्ध है?
वीकेसी इन्जेक्शन को कैसे लगाया जाता है?
क्या वीकेसी इन्जेक्शन फ्लू का इलाज करता है?
अगर मैं बहुत अधिक वीकेसी इन्जेक्शन लेता हूं, तो क्या होगा?
क्या मुझे वीकेसी इन्जेक्शन लेते समय कुछ दवाओं से बचना चाहिए?
वीकेसी इन्जेक्शन को कैसे स्टोर करें?
Disclaimer:
टाटा 1mg's का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके उपभोक्ताओं को एक्सपर्ट द्वारा जांच की गई, सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिले. हालांकि, यहां निहित जानकारी का उपयोग एक योग्य चिकित्सक की सलाह के लिए विकल्प के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. यहां दिए गए विवरण सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए हैं. यह संभव है कि इसमें स्वास्थ्य संबधी किसी विशेष समस्या, लैब टेस्ट, दवाओं और उनके सभी संभावित दुष्प्रभावों, पारस्परिक प्रभाव और उनसे जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनियों के बारे में सारी जानकारी सम्मिलित ना हो। किसी भी दवा या बीमारी से जुड़े अपने सभी सवालों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. हमारा उद्देश्य डॉक्टर और मरीज के बीच के संबंध को मजबूत बनाना है, उसका विकल्प बनना नहीं.रिफरेंस
- Briggs GG, Freeman RK, editors. A Reference Guide to Fetal and Neonatal Risk: Drugs in Pregnancy and Lactation. 10th ed. Philadelphia, PA: Wolters Kluwer Health; 2015. p. 427.




