प्रोबेनेसिड का उपयोग
Probenecid का इस्तेमाल गाउट में किया जाता है
प्रोबेनेसिड कैसे काम करता है
यह किडनी द्वारा यूरेट्स के पुनरअवशोषण (मूत्र का वापस रक्त में प्रवेश करना) को बाधित करता है, जिससे यूरिक एसिड का स्राव बढ़ता है और जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल्स का जमाव रुक जाता है। यह पेनिसिलिन जैसे कुछ एंटीबायोटिक्स को किडनी द्वारा उन्मूलन (रक्त से मूत्र में उत्सर्जन) किए जाने पर रोक लगाता है, जिससे इसके उत्सर्जन में देरी होती है और रक्त में इसकी सांद्रता बढ़ जाती है।
प्रोबेनेसिड, यूरिकोसुरिक एजेंट नामक दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह किडनी द्वारा यूरेट के पुनः अवशोषण (पेशाब से वापस खून में जाना) को अवरुद्ध करने का काम करता है जिससे यूरिक एसिड के उत्सर्जन में वृद्धि होती है और जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल के जमाव की रोकथाम होती है। यह किडनी द्वारा पेंसिलिन जैसे कुछ विशेष एंटीबायोटिक के उन्मूलन (खून से पेशाब में उत्सर्जन) को रोकता है जिससे उसके उत्सर्जन में देरी होती है और खून में सांद्रता बढ़ जाती है।
प्रोबेनेसिड के सामान्य दुष्प्रभाव
पेट में दर्द , उबकाई , दस्त, भूख में कमी
Want to Know More
Read Our Editorial Policyप्रोबेनेसिड के लिए उपलब्ध दवा
प्रोबेनेसिड के लिए विशेषज्ञ की सलाह
- एस्पिरिन जैसे सैलिसाईट के साथ प्रोबेनेसिड का इस्तेमाल न करें।
- आपको प्रोबेनेसिड थेरपी के पहले 6 से 12 महीने के दौरान गंभीर गाउट के दौरों को रोकने के लिए कोल्कीसाइन या गैर-स्टेरॉयड सूजन-रोधी दवा (एनएसएआईडी, दर्दनाशक) का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी जा सकती है।
- यदिआपकीगुर्दे की पथरी (किडनी में स्टोन), किडनी की कोई अन्य बीमारी, पेट और छोटी आंत में अल्सर (पेप्टिक अल्सर),मधुमेह(डायबिटीज), गंभीरजिगर विकार(लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारी), रक्त विकार या ग्लूकोज 6-फॉस्फेट डिहाइड्रोजनेज (G6PD) की कमी है या कभी हुई थी तो प्रोबेनेसिड का इलाज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।
- अपने डॉक्टर ऐसी किसी निर्धारित सर्जरी के बारे में सूचित करें जिसके लिए आपको बेहोश करने वाली दवा दी जाएगी।
- गुर्दे की पथरी (किडनी में स्टोन)बनने से रोकने के लिए आपको प्रोबेनेसिड लेते समय पर्याप्त पानी या द्रव लेना चाहिए।
- यदि आप गर्भवती बनने की योजना बना रही हैं या स्तनपान करा रही हैं तो अपने डॉक्टर को बताएं।
- गाड़ी या मशीन चलाते समय सावधानी बरतें क्योंकि प्रोबेनेसिड के कारण चक्कर आता है।



