इंटरफेरॉन अल्फा 2B का उपयोग
Interferon Alpha 2B का इस्तेमाल क्रोनिक हेपेटाइटिस बी, क्रोनिक हेपेटाइटिस सी, मल्टिपल मायलोमा (एक प्रकार का रक्त कैंसर), फोलिकुलर लिंफोमा और हेयरी सेल ल्यूकेमिया में किया जाता है
इंटरफेरॉन अल्फा 2B कैसे काम करता है
इंटरफेरॉन अल्फा 2B शरीर की रक्षात्मक प्रणाली की प्रतिक्रिया को बदलता है, जिससे संक्रमणों तथा गंभीर रोगों से मुकाबला करने में मदद मिल सकती है। इंटरफेरोन अल्फा 2b, इम्यूनोस्टिमुलेंट नामक दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह संक्रमण के खिलाफ शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को संशोधित करता है और शरीर में वायरस के परिमाण को कम करता है।
इंटरफेरॉन अल्फा 2B के सामान्य दुष्प्रभाव
सिर दर्द, चक्कर आना, धुंधली दृष्टि, अनिद्रा, उल्टी, उबकाई , सूखा मुँह, पेट में दर्द, आंदोलन, अन्न-नलिका का रोग, सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी, विषाणुजनित संक्रमण, Dyspepsia, थकान, बुखार, चिंता, निराशा , भूख में कमी , खांसी, एकाग्रता की गड़बड़ी , घबराहट, स्टोमेटाइटिस
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Read Our Editorial Policyइंटरफेरॉन अल्फा 2B के लिए उपलब्ध दवा
इंटरफेरॉन अल्फा 2B के लिए विशेषज्ञ की सलाह
•असामान्य रक्तस्राव या धूंस लगने पर चिकित्सकीय सहायता लें।
•इंटरफेरॉन अल्फा2βद्वारा उपचार के पहले और दौरान आपकी संपूर्ण रक्त कणिका जांच, लिवर के कार्य, गुर्दे के कार्य, थायरॉइड गतिविधि और सेरम इलेक्ट्रोलाइट्स पर नियमित नजर रखी जाएगी।
•यदि आप सोरायसिस (त्वचा का एक विकार जिसमें लाल, खुजलीवाले परतदार पैच होते हैं) से ग्रस्त हैं तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें क्योंकि इंटरफेरॉन अल्फा2βका उपचार शुरू होने के बाद स्थिति बिगड़ सकती है।
•यदि हेपाटाइटिस बी या सी के अलावा कोई मानसिक विकार जैसे अवसाद या आत्महत्या की प्रवृत्ति या सूत्रणरोग या लिवर की समस्या का इतिहास हो या विकसित हो तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।
•इंटरफेरॉन अल्फा2βका सेवन करते समय सावधानी बरतेंक्योंकि आपमें फ्लू जैसे लक्षण जैसे सर्दी या श्वसन प्रणाली के संक्रमण जैसे बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ या किसी प्रकार का ऐलर्जिक प्रतिक्रिया विकसित हो सकती हैं।
•यदि गर्भवती हों या होन वाली हों या स्तनपान करा रही हों तो डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।
•यदि इंटरफेरॉन अल्फा2βया इसके किसी घटक के प्रति एलर्जिक हैं तो इस दवा का सेवन न करें.
•पहले से ही मौजूद हृदय विकार, विप्रतिपूर्ति लिवर की बीमारी, दौरा पड़ना (मिर्गी) या मस्तिषक तंत्रिका संबंधी विकार वाले मरीजों को इंटरफेरॉन अल्फा2βनहीं देना चाहिए।
•इंटरफेरॉन अल्फा2βउन मरीजों को नहीं देना चाहिए जिनका ऑटोइम्यून बीमारी या अंग प्रत्यारोपण का इतिहास हो और जिनका इम्युनोसप्रेसेंट उपचार चल रहा हो।
•इंटरफेरॉन अल्फा2βउन मरीजों को नहीं देना चाहिए जिन्हें गैर-प्रतिक्रियात्मक थायरॉइड स्थिति हो।
•इंटरफेरॉन अल्फा2βउन बच्चों को नहीं देना चाहिए जिन्हें मानसिक रोग जैसे अवसाद, आत्महत्या के विचार की तकलीफ हो।



