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सुपारी खाने के फायदे – Benefits of Betel Nut in Hindi – Balkrishna Ji (Patanjali)

Contents

सुपारी का परिचय (Introduction of Supari)

जो लोग पान खाते हैं या पूजा-पाठ के लिए पान को प्रयोग में लाते हैं, वे सुपारी (Betel nut in Hindi) के बारे में भी जरूर जानते होंगे। पान के साथ-साथ सुपारी का प्रयोग गुटखा-तंबाकू आदि के लिए भी किया जाता है। सच यह है कि अधिकांश लोग सुपारी को केवल इन्हीं चीजों के उपयोग के लिए जानते होंगे, लेकिन असलियत सिर्फ इतना नहीं है। आयुर्वेदिक किताबों के अनुसार, सुपारी एक गुणी औषधि है। आप सुपारी के फायदे भिन्न-भिन्न रोगों की रोकथाम या इलाज में ले सकते हैं। शायद आप भी सुपारी खाने के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे।

पतंजलि में अनुसार, सुपारी एक जड़ी-बूटी है, जिसके इस्तेमाल से रोगों को ठीक करने में मदद मिलती है। सुपारी के इस्तेमाल से कई बीमारियों को इलाज भी किया जा सकता है। आइए सुपारी के फायदे के बारे में जानते हैं।

सुपारी खाने के फायदे | Benefits of Betelnut

सुपारी क्या है? (What is Supari or Betel Nut in Hindi?)

सुपारी एक जड़ी-बुटी है। देश और भिन्नता के आधार पर सुपारी कई प्रकार की होती हैं। इसकी मुख्यतः दो प्रमुख प्रजातियां प्रचलित हैं, जो ये हैंः-

  • साधारण सुपारी
  • लाल सुपारी

सुपारी का वृक्ष, ताड़ एवं नारियल के समान ऊंचा होता है। इसका तना सीधा, चिकना, छल्लेदार होता है। इसके पत्ते बड़े, नारियल के पत्तों के समान लम्बे होते हैं। इसके फल चिकने, नारंगी रंग के होते हैं। पक जाने पर फल, गहरे नारंगी रंग का और अण्डाकार होता है। इसी फल के अन्दर सुपारी होती है।

अन्य भाषाओं में सुपारी के नाम (What is Betelnut or Supari Called in Different Languages)

सुपारी का वानस्पतिक नाम ऐरेका केटेचू (Areca catechu Linn, Syn-Areca hortensis Lour) है और यह एरिकेसी (Arecaceae) कुल से है। सुपारी को दुनिया भर में कई नामों से जाना जाता है जो ये हैंः-

Supari in-

  • Betelnut in Hindi – सुपारी, सोपारी, सुपाड़ी, कसेली
  • Supari in Urdu – सुपारी (Supari)
  • Supari in English – एरेका नट (Areca nut), बीटलपाम (Betelpalm), बीटल नट पाम (Betel nut palm)
  • Supari in Sanskrit – घोरण्ट, पूगी, पूग, गुवारक, चिक्कण, पूगीफल, उद्वेग
  • Supari in Oriya – पूगो (Pugo), त्रानोद्ररुम (Tranodrum), गुआ (Gua), सुपारी (Supari)
  • Supari in Assamese – ताम्बूल (Tambul)
  • Supari in Konkani – फूफल (Fufal), मेडडी (Maddi), सुपारी (Supari)
  • Supari in Kannada – बेट्टा (Betta), पूग (Puga), कडि (Kadi), आडिके (Adike)
  • Supari in Gujarati – सोपारी (Sopari), सुपारी (Supari)
  • Supari in Tamil – कमुगु (Kamugu), पाक्कूमरम (Paakkumaram)
  • Supari in Telugu – पोका (Poka), कोलापोका (Kolapoka)
  • Supari in Bengali – गूआ (Gua), शुपारी (Shupari), सुपारी (Supari)
  • Supari in Nepali – सुपारी (Supari)
  • Supari in Punjabi – सुपारी (Supari)
  • Supari in Marathi – पूंग (Pung), पोपहली (Pophali), सुपारी (Supari)
  • Supari in Malayalam – अडाक्कामरम (Adakkamaram), कुवन्गु (Kuvangu)
  • Supari in Arabic – फोफाल (Fofal), फूफल (Fufal)
  • Supari in Persian – पोपल (Popal), पुपल (Pupal)

सुपारी के फायदे (Supari Benefits and Uses in Hindi)

अब तक आपने जाना कि सुपारी (areca nut) क्या है, और इसे किस-किस नाम से जाना जाता है। अब जानते हैं कि सुपारी का आयुर्वेदीय गुण-कर्म क्या है, इसका औषधीय प्रयोग कैसे किया जाता है, और इसकी विधियां क्या हैंः-

सुपारी का इस्तेमाल कर मुंह के छाले का इलाज (Betel nut Benefits for Mouth Ulcers in Hindi)

  • मुंह में छाले होने पर सुपारी, तथा बड़ी इलायची की भस्म बना लें। उसमें शहद मिलाकर मुंह में लगाएं। इससे मुंह के छाले की परेशानी में लाभ होता है।
  • सोंठ, सुपारी, अथवा मरिच, गोमूत्र, और नारियल के जल से काढ़ा बना लें। इससे गरारा करने से मुंह के रोग जैसे अधिजिह्वादि में लाभ होता है।

और पढ़ें: जायफल के उपयोग से होते हैं मुंह के छाले ठीक

सुपारी खाने के फायदे – खत्म होते हैं पेट के कीड़े (Betel nut Benefits in Treating Abdominal Worms in Hindi)

  • पेट में कीड़े होने पर 10-30 मिली सुपारी के फल का काढ़ा बना लें। इसका सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं।
  • इसी तरह, 5 मिली सुपारी के फल का रस पीने से भी पेट की बीमारी ठीक होती है। पेट की गंदगी मल द्वारा बाहर निकल जाती है।

आंतों के रोग में सुपारी खाने के फायदे  (Supari Benefits to Treat Intestinal Disorder in Hindi)

अनेक लोगों को आंतों से जुड़ी परेशानी होती रहती है। आंतों के रोग को ठीक करने के लिए, 1-4 ग्राम सुपारी के चूर्ण को छाछ के साथ सेवन करें। इससे आंतों के रोग में फायदा होता है।

और पढ़ें: आंतों के रोग में आरोग्यवर्धिनी वटी फायदेमंद

दांतों के दर्द में सुपारी के लाभ (Arecanut Benefits for Dental Pain in Hindi)

  • दांत दर्द कर रहा हो, तो बराबर-बराबर मात्रा में सुपारी, खदिर, पिप्पली, तथा मरिच का भस्म बना लें। इसे दांतों पर मलें। इससे दांतों का दर्द, मसूड़ों का दर्द, और जीभ के दर्द से राहत (supari benefits) मिलती है।
  • सुपारी के चूर्ण को दांतों पर मलने से भी दांतों के विकारों ठीक होते हैं।

और पढ़े: दांत दर्द के लिए घरेलू इलाज

सुपारी के प्रयोग से मिलता है दस्त में फायदा (Benefits of Supari to Stop Diarrhea in Hindi)

सुपारी खाने के फायदे दस्त में भी मिलते हैं। इसके लिए पांच हरे सुपारी फल को धीमी आग में पकाएं। जब अन्दर की ओर जलने लगे, तब इसे निकालकर, काटकर प्रयोग करें। इससे दस्त में लाभ होता है।

उल्टी को रोकने के लिए सुपारी का इस्तेमाल (Benefits of Supari to Stop Vomiting in Hindi)

  • सुपारी, तथा हल्दी के चूर्ण (1-3 ग्राम) में चीनी मिलाकर सेवन करने से उल्टी बन्द हो जाती है।
  • सुपारी (areca catechu) की भस्म, तथा नीम की छाल को पानी में मिला लें। इसे छानकर थोड़ा-थोड़ा पिलाने से उल्टी रुकती है।

और पढ़ें: उल्टी रोकने के चिलगोजा का सेवन

आंखों के रोग में सुपारी का प्रयोग (Benefits of Supari for Eye Disease in Hindi)

बराबर-बराबर भाग में अपांप्म, सुपारी, और कुछ कम मात्रा में स्फटिक को मिला लें। इन्हें नींबू के रस में घोल लें। इसे रस को एक-एक बूंद आंखों में डालने से आंखों की लालिमा की परेशानी ठीक होती है।

ल्यूकोरिया में लाभ पाने के लिए सुपारी का प्रयोग (Uses of Supari in Leukorrhea Treatment in Hindi)

सुपारी खाने के फायदे ल्यूकोरिया में भी मिलते हैं। ल्यूकोरिया में लाभ लेने के लिए सुपारी पाक (supari pak) का प्रयोग करना बेहतर होता है।

सुपारी के सेवन से मासिक धर्म विकार में फायदा (Uses of Supari for Menstrual Disorder in Hindi)

जो महिलाएं मासिक धर्म संबंधी विकार से पीड़ित हैं, उन्हें सुपारी पाक का सेवन करना चाहिए। इससे मासिक धर्म के विकारों में राहत मिलती है।

मूत्र रोग में फायदेमंद सुपारी का इस्तेमाल (Uses of Supari to Treat Urinary Disorder in Hindi)

मूत्र रोग जैसे पेशाब रुक-रुक आना, बार-बार पेशाब आना, या पेशाब में चीनी आना आदि में सुपारी (betel nut in hindi) का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए सुपारी, तथा खदिर की छाल का काढ़ा बना लें। काढ़ा के 10-30 मिली मात्रा में शहद मिलाकर पिलाने से मूत्र रोग में लाभ होता है।

और पढ़ें: मूत्र संबंधी बीमारी में फायदेमंद काली मूसली

सुपारी खाने के फायदे – शुक्राणु रोग में (Supari Uses for Sperm Disorder in Hindi)

शुक्राणु रोग में भी सुपारी खाने के फायदे मिलते हैं। इसमें 6 ग्राम सुपारी के फूल के चूर्ण में, 3 ग्राम चीनी मिलाकर दूध के साथ सेवन करें। इससे शुक्राणु रोग में लाभ होता है।

सुपारी के उपयोग से सिफलिस रोग में लाभ (Supari Uses in Syphilis Treatment in Hindi)

सुपारी के चूर्ण को सिफलिस के घाव पर लगाने से घाव तुरंत ठीक हो जाता है। इस दौरान आपको रोज घाव पर सुपारी के फल के पेस्ट का लेप करना जरूरी है। इस उपाय के दौरान जौ से बने भोजन का सेवन करना है।

त्वचा रोग में सुपारी का उपयोग फायदेमंद (Supari Uses for Skin Disease in Hindi)

त्वचा रोग को ठीक करने के लिए सुपारी के फल को पीसकर लेप करें। इससे त्वचा के घाव, और त्वचा के अन्य विकार ठीक होते हैं।

एक्जिमा में सुपारी के उपयोग से लाभ (Benefits of Betel nut in Fighting with Eczema in Hindi)

  • एक्जिमा में सुपारी की भस्म में थोड़ा तिल का तेल मिला लें। इसमें थोड़ा घी मिला लें, और बीमार अंग पर लगाएं। इससे एक्जिमा में लाभ (supari benefits) होता है।
  • अगर त्वचा लाल हो गई हो, तो रात को सुपारी को उबलते हुए जल में भिगों दें। सुबह उस जल से त्वचा की लाली को धोएं। इससे त्वचा रोगों में लाभ होता है।

और पढ़ें: तिल के तेल के फायदे

सुपारी खाने के फायदे चेचक में (Benefits of Betel nut for Chicken Pox in Hindi)

आप सुपारी का इस्तेमाल चेचक जैसी बीमारी में भी कर सकते हैं। 1-2 ग्राम सुपारी के चूर्ण को पानी के साथ सेवन करें। सुपारी खाने के फायदे में एक यह भी है।

गंजेपन की समस्या में सुपारी का उपयोग लाभदायक (Supari Benefits in Fighting with Baldness in Hindi)

गंजापन बहुत लोगों की समस्या है, जिसके लिए लोग बहुत सारे उपाय आजमाते हैं। गंजेपन में सुपारी का इस्तेमाल लाभ पहुंचाता है। इसके लिए बराबर-बराबर भाग में नीलकमल, बहेड़ा फल मज्जा, तिल, तथा अश्वगंधा लें। इसमें आदा भाग प्रिंगु फूल, तथा सुपारी की छाल मिलाकर, पीस लें। इससे लेप करने से गंजेपन की समस्या में लाभ होता है।

और पढ़ें: अश्वगंधा के फायदे

वात दोष में सुपारी का प्रयोग (Benefis of Supari in Vata Disorder in Hindi)

शल्लकी, और सुपारी का काढ़ा बना लें। इसे तेल में मिलाकर मालिश करें। इससे 21 दिनों में वात रोग से पीड़ित रोगी स्वस्थ होने लगते हैं।

कमर दर्द में फायदेमंद सुपारी का उपयोग (Benefits of Betel Nut to Get Rid from Back Pain in Hindi)

सुपारी के पत्ते के रस को तेल में मिलाकर, कमर पर मालिश करने से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

रक्तस्राव में सुपारी के सेवन से फायदा (Betel nut Benefits to Stop Bleeding in Hindi)

  • शरीर के विभिन्न अंग जैसे नाक, कान आदि से खून बहने पर सुपारी के 2 ग्राम चूर्ण लें, और इतनी ही मात्रा में चन्दन के चूर्ण को मिला लें। इसे चीनी युक्त तण्डुलोदक के साथ पिएं। इससे रक्तपित्त में लाभ (supari benefits) होता है।
  • सुपाड़ी के फूल के चूर्ण, व चंदन के तने के चूर्ण को समान मात्रा में लें। इन्हें तण्डुलोदक, तथा शहद के साथ सेवन करें। इससे रक्तस्राव पर रोक लगती है।

सुपारी के उपयोगी भाग (Useful Parts of Betel nut in Hindi)

सुपारी का प्रयोग इस तरह किया जा सकता हैः-

  • सुपारी का फूल
  • सुपारी का चूर्ण
  • सुपारी फल
  • सुपारी के पत्ते

सुपारी का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use Betel nut in Hindi)

आप सुपारी का इस्तेमाल निम्न मात्रा में कर सकते हैंः-

  • फूल का चूर्ण- 5-6 ग्राम
  • फल का काढ़ा- 10-20 मिली
  • पेस्ट- 10-12 ग्राम

अगर आप सुपारी के प्रयोग से रोगों में लाभ लेना चाहते हैं, तो बेहतर परिणाम के लिए सुपारी का इस्तेमाल चिकित्सक के परामर्श लेकर करें।

सुपारी कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Supari Found or Grown?)

सुपारी की खेती समुद्र के तटवर्ती क्षेत्रों में की जाती है। पूरे भारत के समुद्र-तटवर्ती क्षेत्रों में बहुलता से सुपारी के वृक्ष (arecanut tree) पाए जाए हैं।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

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आचार्य श्री बालकृष्ण

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