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क्विनीन का उपयोग

Quinine का इस्तेमाल मलेरिया और सेरेब्रल मलेरिया में किया जाता है

क्विनीन कैसे काम करता है

क्विनीन शरीर में मलेरिया के रोगाणुओं की संख्या को घटाता है। क्विनीन, मलेरिया रोधी दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह मलेरिया रोग पैदा करने वाले परजीवियों की अत्यंत महत्वपूर्ण जीवन प्रक्रियाओं को रोक देता है जिससे मानव शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं में परजीवियों की वृद्धि रुक जाती है।

क्विनीन के सामान्य दुष्प्रभाव

उबकाई , पेट में दर्द, धुंधली दृष्टि, चक्कर आना, चेहरे की लाली, सिर दर्द, परिवर्तित हृदय दर , कान में घंटी बजना , पसीना में वृद्धि , सिर का चक्कर, उल्टी
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क्विनीन के लिए उपलब्ध दवा

क्विनीन के लिए विशेषज्ञ की सलाह

  • पेट खराब होने की संभावना को कम करने के लिए इस दवा का भोजन के साथ सेवन करें।
  • यदि दिल के धड़कनों की अनियमितता या लिवर या गुर्दे का विकार हो तो अपने डॉक्टर को सूचित करें।
  • यदि अस्पष्ट रूप से रक्तस्राव या छिल जाए तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें क्योंकि क्विनाइन रक्त में पैटेलेट की गिनती कम (थ्रोम्बोसाइटोपेनिया)कर सकता है।
  • क्विनाइन से उपचार के समय रक्त में शर्करा के स्तर की नियमित जांच करवाएं।
  • यदि आप गर्भवती हैं या होने वाली हैं या स्तनपान करा रही हैं तो इसकी सूचना अपने डॉक्टर को दें।
  • क्विनाइन या इसके किसी अन्य घटक या मेफ्लोक्वाइन या क्विनिडाइन के प्रतिऐलर्जिक मरीजों में इस दवा का इस्तेमाल न करें।
  • लंबे समय से क्वूटी इंटरवेल ( हृदय की अव्यवस्थित इलेक्ट्रिकल गतिविधि जिस वजह से हृदय विकार हो जाए) से ग्रस्त मरीजों इस दवा के सेवन से बचें।
  • यदि मरीज ग्लूकोज-6-फॉस्फेट डीहायड्रोजिनेस कमी (रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करने वाली आनुवांशिक बीमारी) से ग्रस्त हो तो इस दवा के सेवन से बचे।
  • यदि म्यास्थेनिया ग्रैविस (गंभीर मांसपेशियों की कमजोरी का दुर्लभ विकार) से पीड़ित हों तो इस दवा का सेवन न करें।
  • ऑप्टिक न्यूराइटिस (आंखों की नसों में सूजन जिससे दृष्टि विकार हो) से ग्रस्त मरीज इस दवा के सेवन से बचें।
  • यदि ब्लैक्वॉटर फीवर (मलेरिया का एक जटिल रूप), थ्रोम्बोटिक थॉम्बोसाइटोपेनिक पुरपुरा (एक दुर्लभ रक्त विकार) या थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (रक्त में असामान्य रूप से प्लैटेलेट का कम होना) का इतिहास हो तो ऐसे मरीज इस दवा का सेवन का न करें।
  • टिनिटस (कान बजने की तकलीफ) या हेमाटुरिया (मूत्र में रक्त आए) से ग्रस्त मरीज इस दवा के सेवन से बचें।