एवरोलिमस का उपयोग
Everolimus का इस्तेमाल स्तन कैंसर, अग्नाशय का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर और गुर्दे का कैंसर में किया जाता है
एवरोलिमस कैसे काम करता है
एवरोलिमस कैंसर कोशिकाओं में रक्त आपूर्ति को कम कर उसके विकास तथा प्रसार को कम करता है। यह उन कोशिकाओं की गतिविधि को भी रोकता है जो अभिक्रियाएं पैदा करती हैं, जिससे अंग प्रत्यारोपण को शरीर अस्वीकार कर देता है।
एवेरोलिमस, रैपामाइसिन (एमटीओआर) इन्हिबिटरों का स्तनधारी लक्ष्य नामक दवाओं की श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। एवेरोलिमस, ट्यूमर में खून की आपूर्ति को कम करता है जिससे ट्यूमर या कैंसर की वृद्धि अवरुद्ध हो जाती है। यह प्रतिरक्षी कोशिकाओं (टी कोशिकाएं) को भी रोकता है जो प्रत्यारोपित अंगों को अस्वीकार कर सकती हैं।
एवरोलिमस के सामान्य दुष्प्रभाव
दुर्बलता, साइनस सूजन, संक्रमण, बुखार, खांसी, थकान, स्टोमेटाइटिस, मध्यकर्णशोथ (कान का संक्रमण), दस्त, उपरी श्वसन पथ संक्रमण



