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अप्राक्लोनिडीन

Written By Dr. Sakshi JainReviewed By Dr. Rajeev Sharma

अप्राक्लोनिडीन का उपयोग

Apraclonidine का इस्तेमाल ocular hypertension और आंख की रोशनी कम होनी की बीमारी (अधिक आंख दबाव) में किया जाता है

अप्राक्लोनिडीन कैसे काम करता है

अप्राक्लोनिडीन नेत्र गोलक के भीतर दबाव कम करता है।
एप्राक्लोनीडाइन, अल्फा एगोनिस्ट नामक दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। इसके नैदानिक प्रभावों की सटीक क्रियाविधि स्पष्ट नहीं है, हालाँकि, ऐसा माना जाता है कि यह आँखों की मांसपेशियों में कुछ प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले पदार्थों पर काम करता है और आँखों में द्रव (जलीय ह्यूमर) के निर्माण को कम करता है जिससे इंट्राऑक्यूलर दबाव कम होने लगता है।

अप्राक्लोनिडीन के सामान्य दुष्प्रभाव

आँखों में बाहरी वस्तु से सनसनी, धुंधली दृष्टि, सूखा मुँह, त्वचाशोथ , आंखों में जलन की अनुभूति , आंखों में चुभन, आँख में खुजली, आंखों में एलर्जिक प्रतिक्रिया
Authenticity

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अप्राक्लोनिडीन के लिए उपलब्ध दवा

अप्राक्लोनिडीन के लिए विशेषज्ञ की सलाह

  • अचानक बेहोश हो जाने वाले रोगी (वासोवेजल हमला) की लेजर आइ सर्जरी के दौरान उसकी इस परेशानी का निरीक्षण करना चाहिए।
  • आपकी आंखों के भीतर के द्रव का दबाव में अधिक कमी होने की जांच की जानी चाहिए।
  • ऐप्रोक्लोनाइडाइन का इस्तेमाल ऐसे रोगियों पर सावधानीपूर्वक करना चाहिए जिनमें सीन का दर्द हो (एंजाइना या गंडमाला), गंभीर कोरोनरी अपर्याप्तता हो (ऐसी स्थिति जिसमें हृदय पर्याप्त रूप से रक्त पम्प करने में सक्षन न हो), हाल में दिल का दौरा पड़ा हो (रोधगलन), हृदय रुकना, मस्तिष्क पर रक्त प्रवाह न होना (सेरीब्रोवास्कुलर रोग), दीर्घकालिक किडनी विफलता (जीर्ण वृक्कीय विफलता, लिवर विफलता, रक्त वाहिकाओं के विकार (रेनॉड्स रोग) या थ्रॉम्बोऐंजाइटिस ओब्लिटेरंस) या अवसाद की बीमारी हो।
  • हृदय समस्याओं के लिए सहवर्ती उपचार लेने वाले रोगियों में ( बीटा-ब्लॉकर्स [आइ ड्रॉप्स या ओरल रूप में], एंटीहाइपरटेसिव, तथा आइ सर्जरी किए जाने वाले रोगियों में बार-बार हृदय दर और रक्त चाप का निरीक्षण किया जाना चाहिए
  • संदूषण से बचने के लिए आइ ड्रॉप के टिप पर अंगुलियां न लगाएं, उसे आंखों या आस-पास के स्थानों के संपर्क में न लाएं। इस्तेमाल में न होने पर बोतल को कसकर बंद रखें।
  • इंस्टिलिंग एप्राक्लोनाडाइन आइ ड्रॉप के बाद, यदि आपको दूसरा आइ ड्रॉप लेना हो तो दोनों के बीच कम से कम 15 मिनट का अंतराल छोड़ें।
  • यदि आप गर्भवती है या होने वाली हैं या स्तनपान कराती हैं तो इस बारे में अपने डॉक्टर को बताएं।
  • ड्राइव करने या मशीन के परिचालन के समय सावधानी बरतें क्योंकि एप्राक्लोनाडाइन से चक्कर और तंद्रा (उनींदापन) आ सकती है।