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मिल्टेफोसिन का उपयोग

Miltefosine का इस्तेमाल काला-अज़र में किया जाता है

मिल्टेफोसिन कैसे काम करता है

मिल्टेफोसाइन, सूक्ष्म जीव रोधी घटक नामक दवाओं की श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह परजीवियों की वृद्धि और उत्तरजीविता के लिए आवश्यक प्रोटीन और केमिकलों के साथ पारस्परिक क्रिया करता है जिससे उनकी मौत हो जाती है।

मिल्टेफोसिन के सामान्य दुष्प्रभाव

सिर दर्द, उबकाई , खुजली, तंद्रा, भूख में कमी , पेट में दर्द, दस्त, उल्टी, चक्कर आना, रक्त में ट्रांसएमिनेज के स्तर में वृद्धि , रक्त में क्रिएटिनिन के स्तर में वृद्धि
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मिल्टेफोसिन के लिए उपलब्ध दवा

मिल्टेफोसिन के लिए विशेषज्ञ की सलाह

•माइल्टेफोसिन को भोजन के साथ लें ताकि मितली, उल्टी,पेट का दर्द तथा दस्त जैसे दुष्प्रभाव कम से कम हो।
•माइल्टेफोसिन के उपचार के दौरान तरल पदार्थ की अधिक मात्रा लेनी चाहिए।
•किडनी तथा लिवर के कार्यों के मूल्यांकन के लिए आपको लैबॉटरी रक्त परीक्षण करने को कहा जाएगा।
•आपको उपचार के दौरान विसरल लीशमेनियासिस की जांच के लिए नियमित रूप से प्लेटलेट काउंट की जांच करवानी होगी।
•यदि आप गर्भवती है या होने वाली हैं अथवा आप स्तनपान कराती हैं तो अपने डॉक्टर को इसकी सूचना दें।
•माइल्टेफोसिन के उपचार की अवधि में और उसके पांच महीने बाद तक गर्भ ठहरने से रोकने के लिए प्रभावी गर्भनिरोधक उपाय का इस्तेमाल करें।
•जो रोगी माइल्टेफोसिन या इसके किसी घटक के प्रति ऐलर्जिक होते हैं उन्हें यह नहीं दिया जाना चाहिए।
•गर्भवती महिलाओं को माइल्टेफोसिन नहीं दिया जाना चाहिए।
•ऐसे रोगियों में माइल्टेफोसिन नहीं चलाना चाहिए जिन्हें जॉगरेन-लारसन-सिंड्रॉम (एक आनुवंशिक विकार जिसमें नवजात शिशों में त्वचा की असामान्यताएं और न्यूरोलॉजिक असामान्यताएं पैदा हो जाती हैं)