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फ्लुपिर्टीन का उपयोग

Flupirtine का इस्तेमाल मांसपेशी-कंकाल में दर्द, सिरदर्द , नस में दर्द, ऑपरेशन के बाद दर्द और मासिक धर्म के दौरान दर्द के इलाज में किया जाता है

फ्लुपिर्टीन कैसे काम करता है

फ्लुपिर्टीन मस्तिष्क की गतिविधि (चालन) को कम करता है और दर्द में कमी लाता है।
फ्लुपिरटाइन, एनालजेसिक (दर्दनाशक) नामक दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। फ्लुपिरटाइन, शरीर में विभिन्न प्रक्रियाओं पर काम करता है जो दर्द की अनुभूति (पोटेशियम (K+) चैनल) को संचारित करता है। फ्लुपिरटाइन ‘एक चुनिन्दा न्यूरोनल-पोटेशियम-चैनल ओपनर’ की तरह काम करता है; यह पोटेशियम चैनल नामक तंत्रिका कोशिकाओं की सतह पर मौजूद विशेष छिद्रों को खोल देता है जिसकी वजह से मस्तिष्क में दर्दनाक अवस्था में योगदान देने वाली अत्यधिक विद्युतीय गतिविधि (चालन) में कमी आती है।

फ्लुपिर्टीन के सामान्य दुष्प्रभाव

थकान, चक्कर आना, तंद्रा, उबकाई , सूखा मुँह, उदरीय सूजन, खुजली, कंपन
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फ्लुपिर्टीन के लिए उपलब्ध दवा

फ्लुपिर्टीन के लिए विशेषज्ञ की सलाह

यदि आप फ्लुपिर्टाइन लेते हैं, आपका इलाज 2 हफ्ते से अधिक नहीं चलना चाहिए। हमेशा इसकी अवधि को लेकर अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें। फ्लूपर्टाइन आरंभ करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें:
  • यदि आपको लिवर की समस्याएं हों या आप शराब का अत्यधिक सेवन करते हों।
  • यदि आप गर्भवती हैं होने वाली हैं अथवा स्तनपान कराती हैं।
इन स्थितियों में आप फ्लूपर्टाइन लेना बंद कर दें और अपने डॉक्टर से सलाह लें, यदि आपको लिवर की समस्या हो। यदि स्तनपान करानी महिलाओं को फ्लूपर्टाइन दिया जाना हो तो स्तनपान रोक देना चाहिए, क्योंकि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं में इसकी सुरक्षा का पता नहीं लगाया गया है।