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कैल्सिटोनिन (सैल्मन)

Written By Dr. Sakshi JainReviewed By Dr. Rajeev Sharma

कैल्सिटोनिन (सैल्मन) का उपयोग

Calcitonin (Salmon) का इस्तेमाल रजोनिवृत्ति के बाद ऑस्टियोपोरोसिस  (झरझरी हड्डियाँ) में किया जाता है

कैल्सिटोनिन (सैल्मन) कैसे काम करता है

कैल्सिटोनिन (सैल्मन) रक्त में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करता है और हड्डी के नुकसान को रोककर हड्डी के निर्माण में मदद करता है।
कैल्सिटोनिन एक हारमोन है जो हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है जो थाइरोइड ग्रंथि से निकलता है। इसका काम आंत के अवशोषण को नियंत्रित करके कैल्शियम के चयापचय को नियमित करना, हड्डी के साथ कैल्शियम का आदान-प्रदान करना, और किडनी से कैल्शियम का उत्सर्जन करना है। कैल्सिटोनिन स्वभाव से क्रत्रिम होता है और मुख्य रूप से खून में कैल्शियम के स्तर को कम करता है क्योंकि यह हड्डी में कैल्शियम और फॉस्फेट के निक्षेप में वृद्धि करता है। यह हड्डी के नुकसान को उलटने में भी सहायक होता है और हड्डी के गठन में भी मदद कर सकता है।

कैल्सिटोनिन (सैल्मन) के सामान्य दुष्प्रभाव

उबकाई , उल्टी
Authenticity

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कैल्सिटोनिन (सैल्मन) के लिए उपलब्ध दवा

कैल्सिटोनिन (सैल्मन) के लिए विशेषज्ञ की सलाह

  • यदि आप कैल्सीटोनिन के प्रति या इस दवा के किसी अन्य घटक के प्रति ऐलर्जिक हों (अतिसंवेदनशील) हों तो आप कैल्सीटोनिन न लें।
  • रक्त में कैल्शियम के निम्न स्तर की स्थिति (हाइपोलैशीमिया) में कैल्सीटोनिन के प्रयोग करने से बचें।
  • कैल्सीटोनिन का इस्तेमाल उम्र 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।
  • ड्राइव न करें या किसी भी उपकरण या मशीनों का इस्तेमाल न करें, यदि आप कैल्सीटोनिन लेने के बाद चक्कर, थकान, सिर में दर्द या दृष्टि की असहजता का अनुभव करते हों।
  • ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए कैल्सीटोनिन से लंबे इलाज के दौरान किए जाने वाले क्लिनिकल परीक्षणों में कैंसर के खतरे में वृद्धि का पता चला है।
  • कैल्सीटोनिन सोते समय लिया जाना चाहिए ताकि इसके दुष्प्रभावों को कम किया जा सके, जैसे कि उल्टी करने की इच्छा (मितली) और उल्टी, हालांकि ये लक्षण आपको इस उपचार की शुरुआत में ही दिखाई पड़ेंगे।