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पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल

Written By Dr. Sakshi JainReviewed By Dr. Rajeev Sharma

पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल का उपयोग

Polyethylene Glycol का इस्तेमाल मलबन्ध और किसी भी सर्जरी से पहले आंत की तैयारी के इलाज में किया जाता है।

पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल कैसे काम करता है

पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल परासरण (ऑस्मोसिस) के जरिए पानी को आंत में लाने द्वारा काम करता है, जिससे मल मुलायम होता है और मलोत्सर्जन आसान हो जाता है। पोलिथिलिन ग्लाइकोल, ओस्मोटिक लैक्सेटिव नामक दवाओं की एक श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह मल में पानी को रोके रखकर मल को मुलायम बनाता है और मलोत्सर्ग की बारंबारता में वृद्धि करता है।

पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल के सामान्य दुष्प्रभाव

उबकाई , दस्त, पेट में दर्द
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पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल के लिए उपलब्ध दवा

पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल के लिए विशेषज्ञ की सलाह

  • आंत की क्रियाशीलता को स्वास्थ्यप्रद बनाए रखने के लिए, पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल के साथ, साबूत अनाज की रोटी और अन्न, चोकर, फल, और हरी पत्तेदार सब्ज्जियों वाला फाइबर युक्त भोजन लेना आवश्यक है।
  • पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल को 1 सप्ताह से अधिक समय तक न लें जब तक डॉक्टर न कहे, क्योंकि इससे आंत में आन्दोलन पैदा करने के लिए लैक्सेटिव क्रिया पर निर्भर रहने की आदत पड़ सकती है।
  • पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल को ख़ास तौर पर सोने के समय लेना चाहिए क्योंकि यह 6 से 8 घंटे में असर दिखाता है।
  • यदि आप कम शुगर वाला भोजन करती हैं तो अपने डॉक्टर को सूचित करें क्योंकि पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल में शुगर होता है।
  • पॉलीएथिलीन ग्लाइकोल को अन्य दवा लेने के2घंटे बाद लें क्योंकि यह अन्य दवाओं के अवशोषण में हस्तक्षेप कर सकता है।