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Patanjali Safed Musli Benefits in Hindi – सफ़ेद मूसली के फायदे

Contents

सफेद मूसली का परिचय (Introduction of Safed Musli)

सफेद मूसली (safed musli) को शक्तिवर्द्धक जड़ी बूटी माना जाता है, इसलिए आयुर्वेद में औषधि के रूप में इसका बहुत इस्तेमाल किया जाता है। सफेद मूसली की जड़ और बीज, विशेष रूप से औषधि के रूप में बहुत फायदेमंद होते हैं। इसकी जड़ों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम आदि अत्यधित मात्रा में पाए जाते हैं। इस लेख में हम आपको सफेद मूसली के अनजाने गुणों के बारे में विस्तार से बतायेंगे|

सफेद मूसली क्या है? (What is Safed Musli?)

मूसली (safed musli in hindi) के फूल सफेद रंग के होते हैं। इसकी जड़ मोटी तथा गुच्छों में होती है। इसका कंद (bulb) मीठा, कामोत्तेजक और कफ को कम करने में मदद करता है। यह स्तनों में दूध को बढ़ाने में मदद करता है। यहां तक सफेद मूसली मोटापा या ओबेसिटी (obesity), अर्श या पाइल्स (piles), सांसों के रोग, खूनी की कमी या एनिमिया (anemia) में भी लाभ पहुंचाता है। आप इसका लाभ ह्रदय विकार (heart disease) तथा डायबिटीज (diabetes) जैसे रोगों में भी ले सकते हैं।

अन्य भाषाओं में सफेद मूसली के नाम (Safed Musli in Different Languages)

सफेद मूसली का वानस्पतिक नाम Chlorophytum borivilianum Santapau R.R.Fern. (क्लोरोफायटम बोरिबिलिएनम्)  है। सफेद मूसली Liliaceae (लिलिएसी) कुल का है। सफेद मूसली दुनिया भर में भिन्न-भिन्न नामों से जाना जाता है, जो ये हैंः-

Musli in –

  • Safed Musli in Sanskrit-बल्यकन्दा, धवलमूली;
  • Safed Musli in Hindi-श्वेत मूसली;
  • Safed Musli in Urdu-मूसली सफेद (Musli safeda);
  • Safed Musli in Kannada-श्वेत मूसली (Swetha musli);
  • Safed Musli in Gujarati-सफेद मूसली (Safeda musali), उजली मुसली (Ujli musali);
  • Safed Musli in Tamil-तनीरवीथंग (Taniravithang);
  • Safed Musli in Telugu-श्वेत मूसली (Swetha musli);
  • Safed Musli in Marathi-कुलई (Kulai);
  • Safed Musli in Malayalam-सहेदेवेली (Shedevali)
  • Safed Musli in English-इण्डियन स्पाईडरी प्लान्ट (Indian spider plant), White musli (वाइट मूसली)
  • Safed Musli in Arabic-शुकाकुले हिन्दी (Shuqaqule hindi);
  • Safed Musli in Persian-शुकाकुले हिन्दी (Shukakule hindi), शकाकुल (Shaququl)।

सफेद मूसली के फायदे (Safed Musli Benefits andUses in Hindi)

सफेद मूसली (safed musli in hindi) सिर्फ एक बीमारी के लिए नहीं, बल्कि कई बीमारियों के लिए फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं कि आप किन बीमारियों में सफेद मूसली के फायदे ले सकते हैंः-

ब्रेस्टमिल्क को बढ़ाने में उपयोगी सफेद मूसली (Safed Musli Increase Breast Milk in Hindi)

माताओं के स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए सफेद मूसली फायदे का लाभ उठाना चाहिए। इसके लिए सफेद मूसली का प्रयोग इस तरह से करना चाहिए। 2-4 ग्राम सफेद मूसली के चूर्ण में बराबर भाग मिश्री मिला लें। इसे दूध के साथ सेवन करें। इससे स्तनों में दूध की वृद्धि होती है।

और पढ़ें: स्तनों में दूध बढ़ाने के लिए शतावरी का सेवन

दस्त को रोकने में सफेद मूसली के फायदे (Safed Musli Benefits to Fight Diarrhoea in Hindi)

सफेद मूसली का सेवन करने पर दस्त की परेशानी से निजात मिल सकता है। 2-4 ग्राम सफ़ेद मूसली की जड़ के चूर्ण (swet musli patanjali) को दूध में मिला लें। इसका प्रयोग करने से दस्त, पेचिश तथा भूख की कमी जैसी परेशानियों में लाभ मिलता है।

पेट की बीमारी में सफेद  मूसली के फायदे (Safed Musli  to Treat Digestive Disorder in Hindi)

पेट में गड़बड़ी, पेट दर्द, खाना ना खाने की इच्छा, दस्त जैसी समस्याएं होने पर सफेद मूसली का सेवन करें। इसके लिए सफेद मूसली के कंद के चूर्ण का सेवन करना चाहिए। 1-2 ग्राम कंद (bulb) के चूर्ण का सेवन करने से दस्त, पेट की गड़बड़ी, पेट दर्द और भूख ना लगने की समस्या ठीक होती है।

मूत्र संबंधी समस्या में सफेद मूसली के फायदे (Safed Musli Powder Benefits in Urinary Disease  in Hindi)

कई लोग को पेशाब करते समय दर्द होता है। इस रोग में  मूसली बहुत फायदेमंद होता है। मूसली जड़ के चूर्ण को 1-2 ग्राम की मात्रा में सेवन करें। इससे राहत मिलती है।

और पढ़ें: मूत्र संबंधी रोग में गोखरू के फायदे

सुजाक रोग में सफेद मूसली चूर्ण के फायदे  ( Safed Musli Benefits in Gonorrhea in Hindi)

सुजाक एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन से संबंधित रोग है, जो यौन संपर्क के कारण होता है। अगर इसका समय पर इलाज ना किया गया तो नपुंसक होने की संभावना भी रहती है। सफेद मूसली के चूर्ण का सेवन करने से सुजाक में लाभ मिलता है।

ल्यूकोरिया में सफेद मूसली के फायदे (Benefits of Safed Musli in Leucorrhea in Hindi)

ल्यूकोरिया महिलाओं को होने वाली एक बीमारी है। इस रोग के कारण महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। आप सफेद मूसली का प्रयोग करके ल्यूकोरिया को ठीक करने में मदद पा सकते हैं। इसको ठीक करने के लिए 1-2 ग्राम सफेद मूसली के कंद चूर्ण का सेवन करें।

कमजोरी दूर करने में सफेद मूसली के फायदे (Safed Musli Helps to Fight Weakness in Hindi)

कभी-कभी असंतुलित आहार नहीं ले पाने, या फिर अन्य कारणों से लोगों को शारीरिक कमजोरी की शिकायत हो जाती है। इसमें सफेद मूसली चूर्ण का सेवन करने से लाभ मिलता है। सफेद मूसली के कंद के 2-4 ग्राम चूर्ण में मिश्री मिला लें। इसे दूध के साथ सेवन करें। सफेद मूसली का उपयोग सामान्य कमजोरी तथा लिंग से संबंधित कमजोरी दूर करने में होती है।

शुक्राणु (sperm) दोष को करे कम सफेद मूसली (Safed Musli Benefits to Boost Sperm Quality in Hindi)

  • कई पुरुषों में शुकाणु दोष की समस्या होती है, और इसके कारण वे काफी परेशान रहते हैं। शुक्राणु की कमी, पेशाब में जलन आदि रोगों में सफेद मूसली का प्रयोग लाभ पहुंचाता है। आप 2-4 ग्राम मूसली के चूर्ण में, समान मात्रा के शर्करा डाल लें। इसे गाय के दूध के साथ सेवन करने से लाभ मिलता है।
  • 1-2 ग्राम जड़ के चूर्ण में समान मात्रा में मिश्री मिला लें। इसका सेवन करने से कमजोरी दूर होती है, और वीर्य दोष (Semen) ठीक होता है।
  • सफेद मूसली की जड़ के 1-2 ग्राम चूर्ण में बराबर भाग में मिश्री मिला लें। इसका सेवन करने से सामान्य शारीरिक दुर्बलता और शुक्र-दुर्बलता की परेशानी ठीक होती है।

और पढ़ें: वीर्य रोगों में चंद्रप्रभा वटी के लाभ

गठिया के दर्द में सफेद मूसली के फायदे ( Safed Musli Benefits to Get Relief from Rheumatoid Arthritis in Hindi)

गठिया के लिए सफेद मूसली बहुत फायदेमंद होता है। पतंजलि के अनुसार, सफेद मूसली के कंद (bulb) को पीसकर लगाने, या सफ़ेद मूसली चूर्ण  का सेवन करने से गठिया के दर्द से आराम मिलता है।

और पढ़ें: अर्थराइटिस से दिलाये राहत अकरकरा

कामेच्छा को बढ़ाने में लाभकारी सफेद मूसली  (Safed Musli Benefits in Sexual Dysfunction in Hindi)

कई बार काम के तनाव के कारण, या किसी शारीरिक समस्या के कारण, या फिर दवा के साइड इफेक्ट के कारण सेक्स करने की इच्छा में कमी आ जाती है। सफेद मूसली के साथ, समान मात्रा में गुडूची सत्त्, कौंञ्च बीज, गोखरू, सेमलकंद, आँवला तथा शर्करा लें। इनका चूर्ण बना लें। इसे 2-4 ग्राम की मात्रा को घी तथा दूध में मिलाकर पीने से सेक्स करने की इच्छा बढ़ती है। पुरूषों के इस यौन समस्या में सफेद मूसली का उपयोग बहुत लाभकारी होता है।

सफेद मूसली का उपयोगी भाग (Useful Part of Safed Musli)

आयुर्वेद में सफेद मूसली के कंद, जड़ और बीज का प्रयोग औषधि के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है।

सफेद मूसली का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Consume Safed Musli in Hindi)

बीमारी के लिए सफेद मूसली (swet musli patanjali) का सेवन और इस्तेमाल कैसे करना चाहिए, इसके बारे में पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए सफेद मूसली का उपयोग कर रहे हैं, तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

  • 2-4 ग्राम सफेद मूसली का सेवन चिकित्सक के परमर्शानुसार कर सकते हैं।

सफेद मूसली कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Safed Musli Found or Grown?)

यह पश्चिमी हिमालय, पंजाब, उत्तराखण्ड में लगभग 1600 मीटर की ऊंचाई तक मिलता है। मध्य भारत में इसकी खेती की जाती है। दो तरह के पौधों का प्रयोग सफेद मूसली (swet musli) के लिए किया जाता है जो गुणों में लगभग समान होते हैं।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

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