Categories: स्वस्थ भोजन

Kharjuri: खर्जूरी के हैं अनेक अनसुने फायदे – Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

खजूर का परिचय (Introduction of Sugar Date Palm or India Date)

आपने खजूर (खर्जूरी) जरूर खाया होगा। खजूर का स्वाद जितना अधिक मीठा होता है उतना ही अधिक यह पौष्टिक (khajoor ke fayde) भी होता है। शारीरिक कमजोरी हो या शरीर में खून की कमी हो या अन्य कोई कारण हो, अक्सर डॉक्टर, घर-परिवार के सदस्य या अन्य लोग खजूर (खर्जूरी) के सेवन की सलाह (khajoor khane ke fayde) देते हैं। वास्तव में खजूर का उपयोग शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। आमतौर पर लोग खजूर (खर्जूरी) के फायदे से जुड़ी एक-दो बातें ही जानते हैं, लेकिन सच केवल इतना ही नहीं है।

आयुर्वेदिक किताबों में यह लिखा हुआ है कि खजूर का प्रयोग कर शारीरिक कमजोरी, शुक्राणु विकार, ह्रदय रोग, भूख की कमी को ठीक किया जा सकता है। इतना ही नहीं, नाक-कान से खून बहने की समस्या, बेहोशी, जलन, बुखार, अत्यधिक प्यास लगने की समस्या, सांसों की बीमारी, खांसी आदि में भी खजूर का उपयोग (khajoor ke fayde) लाभदायक होता है। यहां खजूर के लाभ हानि के बारे में पूरी बात जानकारी दी गई है।
खजूर क्या है (What is Sugar Date Palm or India Date?)

खजूर (kharjuri) को खर्जूरी के नाम से भी जाना जाता है। खर्जूरी के फल अत्यन्त बलकारक तथा पौष्टिक होते हैं। इसका वृक्ष 7.5-16 मीटर ऊँचा, स्थूल, विशाल ताड़ जैसा होता है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में तीन प्रकार के खजूर का जिक्र मिलता है।

अनेक भाषाओं में खजूर के नाम (Sugar Date Palm or India Date Called in Different Languages)

खजूर (खर्जूरी) का वानस्पतिक नाम Phoenix sylvestris (Linn.) Roxb. (पांपनिक्स सिल्वेस्ट्रिस) Syn-Elate sylvestris Linn. और यह Arecaceae (ऐरिकेसी) कुल का है। खजूर (खर्जूरी) को देश या विदेश में अनेक नामों से भी जाना जाता है, जो ये हैंः-

Sugar Date Palm or India Date in –

  • Hindi – खजूर, खजूरी, देशी खजूर, खिजूर, सलमा
  • English – वाइल्ड डेट (Wild date), इण्डिया डेट (India date), सिल्वर डेट पाल्म (Silver date palm ), Sugar Date Palm or India Date
  • (शुगर डेट पॉम)
  • Sanskrit – खर्जूरी, स्वाद्वी, दुरारोहा, मृदुच्छदा, स्कन्धफला, काककर्कटी, स्वादुमस्तका
  • Oriya – खोरजुरी (Khorjuri), खोरजुरो (Khorjuro)
  • Kannada – इचलु (Ichalu), एण्डादयिचलु (Andadayichalu), इचुली (Ichuli)
  • Gujarati – खजूर (Khajur), काजुरी (Kajuri), खाकरि (Khakari), खारक (Kharak), यादि (Yaadi)
  • Telugu – इण्टाचेट्ठ (Intachetath), पेड्डयीटा (Peddayita)
  • Tamil – इचमपनाई (Ichampanai), इचाई मारम (Ichai maram), कट्टिन्जु (Kattinju)
  • Bengali – खेजूर गाछ (Khejurgacch), खाजुर (Khajur)
  • Nepali – खजुर (Khajur)
  • Punjabi – खाजी (Khaji), खजूर (Khajur)
  • Marathi – शिन्दी (Shindi), बोई चांद (Boichand), सेन्द्राr (Sendri)
  • Malayalam – कट्टिन्टा (Kattinta), इन्टा (Inta)
  • Arabic – खुरमातर (Khurmatar), रतब हिन्दी (Ratab hindi)
  • Persian – तमर रुतब (Tamar rutab), खुरमाया हिन्दी (Khurmaya hindi)

खजूर के औषधीय गुण (Sugar Date Palm or India Date Benefits and Uses in Hindi)

खजूर (kharjuri) के औषधीय प्रयोग (khajoor ke fayde), प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः-

दांतों के रोग में खजूर का सेवन फायदेमंद (Khajoor Benefits for Cure Dental Disease in Hindi)

खजूर की जड़ को जलाकर उसकी भस्म (राख) बना लें। इस भस्म से मंजन करने से दांतों में होने वाला दर्द (दांतों की पीड़ा) ठीक होता है।

और पढ़ें: दाँतों के रोग में फायदेमंद हींग

शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए करें खजूर का सेवन (Benefits of Khajoor in Treating Body Weakness in Hindi)

खजूर के फलों को बादाम, पिस्ता, शक्कर आदि के साथ मिलाकर खाने से शारीरिक कमजोरी दूर (khajur khane ke fayde) होती है।

खांसी में खजूर के सेवन से फायदा (Uses of Khajoor in Cure Cough in Hindi)

आप खजूर (kharjuri) के फायदे खांसी की बीमारी में भी ले सकते हैैं। खजूर (खर्जूरादि घी) तथा अंगूर को पीसकर घी में पकाएं। इसमें पिप्पली, शर्करा तथा मधु मिलाकर मात्रापूर्वक सेवन करने से गले की खराश, खांसी ठीक होती है।

बराबर भाग में खर्जूर, पिप्पली, अंगूर, शर्करा तथा धान का लावा लें। इसके चूर्ण (2-4 ग्राम) में मधु एवं घी मिलाकर सेवन करने से पित्तज दोष के कारण होने वाली खांसी की परेशानी में लाभ (khajoor khane ke fayde) होता है

हिचकी की समस्या में खजूर से लाभ (khajoor Benefits in Hiccup Problem in Hindi)

2-4 ग्राम खर्जूर बीज मज्जा तथा 500 मिग्रा पिप्पलीचूर्ण में मधु मिलाकर सेवन करें। इससे हिचकी की समस्या में लाभ होता है।

और पढ़ेंहिचकी के लिए घरेलू नुस्खे

उल्टी रोकने के लिए करें खजूर का प्रयोग (Benefits of Khajoor to Stop Vomiting in Hindi)

खजूर (kharjuri) के फायदे से उल्टी पर भी रोग लगती है। 2-4 ग्राम खर्जुर फल मज्जा में मधु, मिश्री तथा पिप्पली चूर्ण मिलाकर सेवन करें। इससे पित्तज दोष के कारण होने वाली छर्दि (उलटी) में लाभ होता है।

ग्रहणी (आईबीएस रोग) में खजूर का उपयोग लाभदायक (Uses of Khajoor in Controlling IBS Disease in Hindi)

10-30 मिली खर्जूरासव का सेवन करने से ग्रहणी रोग (आईबीएस रोग) में अत्यन्त लाभ (khajur ke fayde)  होता है।

पेशाब में खून आने की बीमारी में खजूर का सेवन फायदेमंद (Khajoor Uses in Cure Urinary Disease in Hindi)

खर्जूर, गम्भारी, तिन्दुकास्थि तथा गुडूचि से बने काढ़ा (10-30 ग्राम) या शीत कषाय में मधु मिलाकर सेवन करने से पेशाब में खून आने की बीमारी (रक्तमेह) में लाभ होता है।

नाक-कान आदि अंगों मे खून बहने (रक्तपित्त) पर करें खजूर का इस्तेमाल (Khajoor Uses in Bleeding Problem in Hindi)

खजूर फल में मधु मिलाकर सेवन करने से रक्तपित्त (नाक-कान आदि अंगों मे खून बहने की समस्या) में लाभ (khajur ke fayde) होता है।

खजूर का उपयोग ठीक होता है बुखार (Khajoor Benefits in Fighting with Fever in Hindi)

शर्करा, अनार, अंगूर तथा खजूर (kharjuri) को पीसकर, पेस्ट बना लें। इसे मुंह में रखने से पित्त दोष के कारण होने वाला बुखार और भूख की कमी में लाभ मिलता है।

सांसों की बीमारी में खजूर का सेवन लाभदायक (Benefits of Khajoor in Cure Respiratory Disease in Hindi)

खजूर (खर्जूरादि घी) तथा अंगूर को पीसकर घी में पकाएं। इसमें पिप्पली, शर्करा तथा मधु मिलाकर मात्रापूर्वक सेवन करने से गले की खराश, सांसों की बीमारी और बुखार ठीक (khajur khane ke fayde)  होते हैं।

मलेरिया में लाभदायक खजूर का इस्तेमाल (Uses of Khajoor in Fighting Malaria Fever Hindi)

खजूर बीज तथा अपामार्ग की जड़ के पेस्ट (1-2 ग्राम) को समान मात्रा में लें। इसे ताम्बूल के साथ सेवन करने से विषमज्वर (मलेरिया) ठीक होता है।

खजूर (kharjuri) के उपयोगी भाग (Beneficial Part of Kharjuri)

पत्ते

फल

बीज

छाल

खजूर के प्रयोग की मात्रा (How Much to Kharjuri?)

चिकित्सा के लिए खजूर (खर्जूरी) का इस्तेमाल (khajur ke fayde) चिकित्सक के परामर्शानुसार ही करें।

खजूर कहां पाया या उगाया जाता है (Where is Kharjuri Found or Grown?)

खजूर (खर्जूरी) प्रायः नेपाल, म्यान्मार, श्रीलंका, पाकिस्तान के विभिन्न भागों में 1500 मीटर तक की ऊँचाई पर पाया जाता है।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

Share
Published by
आचार्य श्री बालकृष्ण

Recent Posts

गले की खराश और दर्द से राहत पाने के लिए आजमाएं ये आयुर्वेदिक घरेलू उपाय

मौसम बदलने पर अक्सर देखा जाता है कि कई लोगों के गले में खराश की समस्या हो जाती है. हालाँकि…

6 months ago

कोरोना से ठीक होने के बाद होने वाली समस्याएं और उनसे बचाव के उपाय

अभी भी पूरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह उबर नहीं पाया है. कुछ महीनों के अंतराल पर…

7 months ago

डेंगू बुखार के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज (Home Remedies for Dengue Fever)

डेंगू एक गंभीर बीमारी है, जो एडीस एजिप्टी (Aedes egypti) नामक प्रजाति के मच्छरों से फैलता है। इसके कारण हर…

8 months ago

वायु प्रदूषण से होने वाली समस्याएं और इनसे बचने के घरेलू उपाय

वायु प्रदूषण का स्तर दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है और सर्दियों के मौसम में इसका प्रभाव हमें साफ़ महसूस…

8 months ago

Todari: तोदरी के हैं ढेर सारे फायदे- Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

तोदरी का परिचय (Introduction of Todari) आयुर्वेद में तोदरी का इस्तेमाल बहुत तरह के औषधी बनाने के लिए किया जाता…

2 years ago

Pudina : पुदीना के फायदे, उपयोग और औषधीय गुण | Benefits of Pudina

पुदीना का परिचय (Introduction of Pudina) पुदीना (Pudina) सबसे ज्यादा अपने अनोखे स्वाद के लिए ही जाना जाता है। पुदीने…

2 years ago