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पिगमेंटेशन (झाइयां) के लक्षण, कारण, घरेलू इलाज और परहेज (Home Remedies for Pigmentation)

हर व्यक्ति की चाहत होती है कि उसकी त्वचा खूबसूरत हो, लेकिन त्वचा संबंधित रोगों के कारण ऐसा नहीं हो पाता। त्वचा संबंधित कई तरह की बीमारियां होती है। पिग्मेंटेशन (झाइयां) त्वचा में होने वाली एक प्रमुख बीमारी है। पिग्मेंटेशन (झाइयां) सामान्य रूप से सिर, गाल एवं आँखों के नीचे होता है। पिग्मेंटेशन के कारण त्वचा का रंग सामान्य से हल्का या गहरा हो जाता है। क्या आप जानते हैं कि आप पिंगमेंटेशन (झाइयों) का घरेलू इलाज (home remedies for pigmentation) कर सकते हैं।

 

Pigmentation on face

कई बार पिग्मेंटेशन (रंजकता) की वजह से व्यक्ति के आत्मविश्वास में कमी आ जाती है, लेकिन आपको इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यहां पिग्मेंटेशन (रंजकता) के उपचार के लिए अनेक घरेलू उपायों की जानकारी दी जा रही है।

 

Contents

पिगमेंटेशन क्या है? (What is Pigmentation in Hindi?)

पिगमेंटेशन (रंजकता) त्वचा में मेलानिन के स्तर के बढ़ने से होता है। मेलानिन नामक तत्व मेलानासाइट्स से बनता है। मेलानिन वह घटक है जो त्वचा की ऊपरी परत पर मौजूद रहता है। इसका मुख्य काम सूर्य की तेज किरणों से आने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से त्वचा की सुरक्षा करना है। यह त्वचा की सुरक्षा के लिए एक कवच के रूप में काम करता है। जब इन मेलानिन तत्वों की मात्रा अधिक हो जाती है तो गहरे रंग की त्वचा (Dark skin) और धब्बेदार त्वचा (Patchy skin) की समस्या हो जाती है। पिग्मेंटेशन (झाइयां) की समस्या पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक देखी जाती है। महिलाओं में यह रोग विशेषकर 2550 वर्ष की अवधि में होता है। इसका कारण गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन, एवं हार्मोनल असंतुलन है। 

 

पिगमेंटेशन के प्रकार (Pigmentation Types in Hindi)

पिग्मेंटेशन की समस्या किसी चोट, घाव या मुहाँसों के बाद (Post inflammatory Hyperpigmentaion or Post inflamnatory Hypopigmentation) भी हो सकती है। जब त्वचा का रंग का सामान्य से गहरा या हल्का हो जाता है। इसे ठीक होने में ज्यादा समय लगता है।

पिग्मेंटेशन दो प्रकार का होता है-

  • हाइपरपिग्मेंटेशन (Hyperpigmentaion) – त्वचा का रंग सामान्य से गहरा होना। इसमें त्वचा पर झाइयाँ तथा मुहाँसे के बाद होने वाले काले धब्बे पड़ जाते हैं। यह मुख्य रूप से सिर एवं गालों वाले हिस्से पर पाए जाते हैं।

  • हाइपोपिग्मेंटेशन (Hypopigmentation) – त्वचा का रंग सामान्य से हल्का हो जाता है। इसमें त्वचा का रंग कहीं-कहीं पर सामान्य से हल्का होता है। यह गंभीर बीमारी सफेद दाग भी हो सकता है। कई बार यह कोई रोग ना होकर बच्चों में सामान्य रूप से भी हो जाता है। यह पेट में कीड़े होने या आहार में पोषक तत्वों की कमी की वजह से भी हो सकता है।

 

पिगमेंटेशन के कारण (Pigmentation Causes in Hindi)

पिग्मेंटेशन की समस्या निम्न कारणों से हो सकती हैः-

  • अधिक देर तक धूप में रहने से सूजन की अल्ट्रावायॅलेट किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचाती हैं।
  • पोषक तत्वों का सेवन ना करना। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।
  • केमिकल युक्त उत्पादों का त्वचा पर लम्बे समय तक प्रयोग करना।
  • महिलाओं में यह सबसे ज्यादा हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है।
  • अधिक समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से झाइयों के रूप में चेहरे पर पिग्मेंटेशन हो जाता है।
  • अत्यधिक तनावपूर्ण जीवन जीना।
  • उम्र बढ़ने के साथ भी चेहरे पर काले धब्बे या झाइयाँ पड़ने की समस्या हो जाती है।
  • कई बार मुहाँसे होने के बाद उनके दाग-धब्बों रह जाने के कारण पिग्मेंटेशन हो जाता है ।
  • महिलाओं में रजोनिवृति (Menopause) के समय (मासिक धर्म बंद होने के पहले) पिग्मेंटेशन की समस्या हो सकती है।

 

पिगमेंटेशन का इलाज करने के लिए घरेलू उपाय (Home Remedies for Skin Pigmentation in Hindi)

पिगमेंटेशन की समस्या के लिए आप ये घरेलू उपाय कर सकते हैंः-

 

गाजर से पिगमेंटेशन की समस्या का उपचार (Carrot: Home Remedies for Pigmentation in Hindi)

गाजर को कद्दूकस कर लें। इसमें मुल्तानी मिट्टी डालकर मिला लें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएँ। इसे त्वचा पर बीस मिनट के लिए लगाकर छोड़ दें। ऐसा सप्ताह में एक बार करें।

Gajar ke fayde in Pigmentation

और पढ़ेंः गाजर के फायदे और उपयोग

 

आलू से पिगमेंटेशन का इलाज (Potato: Home Remedy for Skin Pigmentation in Hindi)

आलू का रस निकाल कर रंजित त्वचा पर लगाएँ, और सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। यह आपको चेहरे की झाइयों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।

और पढ़ेंः आलू के अनेक लाभ

 

पिगमेंटेशन (रंजकता) की समस्या में तुलसी का प्रयोग (Tulsi: Home Remedies to Cure Pigmentation in Hindi)

57 तुलसी के पत्तों को पीसकर एक चम्मच नींबू का रस मिलाएँ। इसे त्वचा पर लगाएँ। जब यह सूख जाए तो ठण्डे पानी से धो लें। यह पिग्मेंटेशन (Hyperpigmentaion) में बहुत लाभदायक है।

और पढ़ेंः तुलसी के अनेक फायदे

 

पिगमेंटेशन (रंजकता) की समस्या में जैतून के तेल से लाभ (Olive Oil: Home Remedy to Treat Skin Pigmentation in Hindi)

जैतून के तेल में चीनी मिलाकर रंजित त्वचा पर 34 मिनट तक रगड़ें। बाद में ठण्डे पानी से धो लें। यह उपाय लाभ पहुंचाता है।

Olive oil benefits in Pigmentation

और पढ़ेंः जैतून के तेल के अनेक फायदे

 

पिगमेंटेशन (रंजकता) की समस्या में नींबू से फायदा (Lemon: Home Remedies to Treat Pigmentation in Hindi)

  • एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच शहद और बादाम का तेल डालकर मिला लें। इससे लगभग 810 मिनट तक चेहरे की मालिश करें।
  • एक चम्मच नींबू का रस व शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएँ। सूख जाने पर ठंडे पानी से धो लें।

और पढ़ेंः नींबू के अनेक फायदे

 

ओटमील का उपयोग पिगमेंटेशन में लाभदायक (Oatmeal: Home Remedies for Pigmentation in Hindi)

दो चम्मच ओटमील, दो चम्मच टमाटर का रस और आधा चम्मच दही डालकर अच्छी प्रकार मिलाएं। इसे रंजित त्वचा पर लगाएं। सूखने के बाद धीरे-धीरे पानी के साथ मालिश करते हुए साफ करें।

 

पिगमेंटेशन की समस्या में प्याज से लाभ (Onion: Home Remedy to Cure Skin Pigmentation in Hindi)

लाल प्याज पिग्मेंटेशन की समस्या में बहुत लाभदायक होता है। प्याज के एक टुकड़े को काटकर या रस निकालकर झाइयों, और धब्बों वाली जगह पर लगाएँ। करीब दस मिनट रखने के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

Onion benefits for pigmentation

और पढ़ेंः प्याज के फायदे और नुकसान

 

पिग्मेंटेशन की समस्या में सरसों से फायदा (Mustard: Home Remedies to Cure Pigmentation in Hindi)

सरसों और तिल, यवक्षार के साथ पीसकर लेप करने से कालापन दूर हो जाता है। बेहतर उपाय के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।

 

एलोवेरा का उपयोग कर पिगमेंटेशन से छुटकारा (Aloe Vera: Home Remedy to Treat Skin Pigmentation in Hindi)

एलोवेरा पिग्मेंटेड त्वचा के लिए जादुई औषधि है। ताजा एलोवेरा का गूदा निकालकर चेहरे पर 57 मिनट मालिश करें। सूखने पर ठण्डे पानी से धो लें।

और पढ़ें: एलोवेरा के औषधीय गुण

 

हल्दी का उपयोग कर पिगमेंटेशन से छुटकारा (Turmeric: Home Remedies to Cure Pigmentation in Hindi)

  • 1 चम्मच हल्दी पाउडर को नींबू के रस में मिला दें। इसे प्रभावित भाग पर लगाएँँ। 20 मिनट के बाद ठण्डे पानी के साथ धो लें। दिन में एक बार इस प्रक्रिया को करें।
  • मैनशिल, लोध्र, दोनों हल्दी, सरसों को बराबर मात्रा में लेकर पानी में पीसकर लेप बना लें। 20 मिनट तक लेप लगे रहने से बाद में धो लें। इससे सांवलापन दूर हो जाता है।

Haldi- Home remedies for pigmentation

और पढ़ेंः हल्दी के फायदे और नुकसान

 

पिग्मेंटेशन के दौरान आपका खान-पान (Your Diet in Pigmentation Problem)

पिग्मेंटेशन के दौरान आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

  • सूखे मेवों का सेवन करें, ताकि शरीर को जरूरी खनिज एवं पोषक तत्व मिल सके।
  • जितना हो सके फल एवं सब्जियों का सेवन करें। दिन में कम से कम 78 गिलास पानी पिएँ।
  • पोषक तत्वों एवं एन्टीऑक्सीडेंट्स से युक्त आहार (जैसे- ताजी सब्जियाँ, फल विशेषकर हरी पत्तेदार सब्जियाँ एवं मौसमी फल) का सेवन करें।
  • साइट्रस (Citrus) फलों (जैसे संतरा, आँवला आदि) का अधिक सेवन करें। इसमें मौजूद विटामिन सी त्वचा को पिग्मेंटेशन से बचाता है, और युवा बनाए (home remedies for pigmentation) रखता है।

 

पिग्मेंटेशन के दौरान आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle in Pigmentation Disease)

पिग्मेंटेशन (झाइयां) के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  • नियमित रूप से प्राणायाम एवं योगासन करने से त्वचा चमकदार एवं रोग रहित रहती है।

  • बहुत देर तक धूप में ना बैठें। धूप में जाने से पहले उच्च गुणवत्तायुक्त सनक्रीन लगाएँ। तेज धूप में जाने पर हमेशा ही सनक्रीन लगा कर निकलें। त्वचा को सूती कपड़े से ढक (home remedies for pigmentation) कर रखें।

 

पिगमेंटेशन के दौरान परहेज (Avoid These in Pigmentation Problem)

पिग्मेंटेशन की समस्या में व्यक्ति को इन चीजों से परहेज करना चाहिएः-

  • बासी भोजन एवं दूषित जल का सेवन ना करें।
  • जंकफूड एवं प्रिजरवेटिव युक्त आहार का सेवन ना करें।
  • अधिक मात्रा में चाय, कॉफी आदि का सेवन ना करें।
  • सिगरेट या शराब आदि नशीले पदार्थों का सेवन ना करें।
  • अत्यधिक तैलीय एवं मिर्च-मसाले युक्त भोजन का सेवन ना करें।
  • त्वचा पर केमिकलयुक्त उत्पादों का प्रयोग ना करें। इससे त्वचा में त्वचा में झाइयाँ या धब्बे पड़ सकते हैं। त्वचा की प्राकृतिक चमक खत्म हो जाती है।

 

पिग्मेंटेशन से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ Related Pigmentation Disease)

 

ऊपर के उपाय से फायदा ना मिलने का क्या कारण हो सकता है?

यदि पिग्मेंटेशन (झाइयां) से राहत पाने के लिए किए गए घरेलू उपचारों से लाभ नहीं मिलता है तो इसका मुख्य कारण खानपान और जीवनशैली में बदलाव ना करना है। बासी भोजन एवं प्रिजरवेटिव युक्त आहार का सेवन करने, चेहरे पर केमिकलयुक्त सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल करने, कैफीन युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करने और प्राणायाम एवं योगाभ्यास नहीं करने से पिग्मेंटेशन की समस्या ठीक नहीं होती है।

पिंग्मेंटेशन (झाई) में डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए?

त्वचा पर किसी भी तरह की समस्या कष्टकारक होती है। इसलिए पिग्मेंटेशन (झाइयां) की समस्या को नजरअन्दाज नहीं करना चाहिए। यह शरीर में चल रहे पोषक तत्वों की कमी और असंतुलित जीवनशैली के कारण होता है। इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। इससे समय पर पिग्मेंटेशन का उपचार हो पाएगा और आपकी त्वचा स्वस्थ हो पाएगी।