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सोडियम क्रोमोग्लाइकेट

Written By Dr. Sakshi JainReviewed By Dr. Rajeev Sharma

सोडियम क्रोमोग्लाइकेट का उपयोग

Sodium Cromoglycate का इस्तेमाल एलर्जिक डिसऑर्डर और श्वास-रोग के इलाज में किया जाता है।

सोडियम क्रोमोग्लाइकेट कैसे काम करता है

सोडियम क्रोमोग्लाईकेट, ‘मस्ट कोशिका’ (आँख, नाक, वायु मार्ग, के साथ-साथ पाचन पथ इत्यादि में मौजूद) नामक विशिष्ट कोशिकाओं से एलर्जी पैदा करने वाले केमिकलों को रिलीज होने से रोकता है और इस तरह यह एलर्जिक प्रतिक्रियाओं के विकास और प्रगति में हस्तक्षेप करता है।

सोडियम क्रोमोग्लाइकेट के सामान्य दुष्प्रभाव

नाक में जलन, जलन का अहसास, चुभने की अनुभूति, छींक आना
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सोडियम क्रोमोग्लाइकेट के लिए उपलब्ध दवा

सोडियम क्रोमोग्लाइकेट के लिए विशेषज्ञ की सलाह

  • सोडियम क्रोमोग्लाइकेट के उपचार को अचानक बंद न करें, क्योंकि इससे लक्षण फिर से वापस आ सकते हैं।
  • श्वसनी आकर्ष के तीक्ष्ण हमले के लिए (अचानक वायु मार्ग का तीक्ष्ण रूप से संकुचित हो जाना) आपको सोडियम क्रोमोग्लाइकेट के इन्हेलेशन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपको ईसोनोफिलिक निमोनिया हो (एक ऐसी स्थिति जिसमें ईसोनोफिल्स नामक रक्त कोशिकाएं फेफड़ों में जमा हो जाती हैं) तो सोडियम क्रोमोग्लाइकेट इन्हेलेशन उपचार नहीं लेना चाहिए।
  • संदूषण से बचने के लिए आप आइ ड्रॉप बोतल के टिप को अंगुलियों से न छुएं, आंखों या आस-पास के स्थानों के संपर्क में न लाएं। इस्तेमाल न होने की स्थिति में बोतल को कस कर बंद करें।
  • यदि आपको किडनी या लीवर के क्रियाओं की समस्या हो तो ओरल सोडियम क्रोमोग्लाइकेट लेने से पहले अपने डॉक्टर को बताएं।
  • ओरल सोडियम क्रोमोग्लाइकेट का इस्तेमाल 2 वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
  • यदि आप गर्भवती हैं या होने वाली हैं अथवा आप स्तनपान कराती हैं तो अपने डॉक्टर को इसकी सूचना दें।