Categories: आयुर्वेदिक दवाएं

Raja Pravartini Vati: वरदान रूप है रजः प्रवर्तिनी वटी -Balkrishan Ji Patanjali

रजः प्रवर्तनी वटी महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है। महिलाओं की मासिक धर्म संबंधी परेशानी जैसे मासिक धर्म में अनियमितता, सुस्ती और शारीरिक दर्द के इलाज में रजः प्रवर्तनी वटी के फायदे मिलते हैं। इसी तरह आंखों के रोग आदि में भी रजः प्रवर्तनी वटी से लाभ (rajahpravartani vati benefits) मिलता है।

क्या आपको पता है कि रजःप्रवर्तिनी वटी का सेवन कैसे किया जाता है और रजः प्रवर्तिनी वटी को कैसे बनाया जाता है। आयुर्वेद में रजःप्रवर्तिनी वटी के उपयोग (rajahpravartani vati) के बारे में बहुत सारी अच्छी बातें बताई गई हैं। आइए सभी के बारे में जानते हैं।

रजः प्रवर्तिनी वटी क्या है? (What is Raja Pravartini Vati in Hindi?)

रजः प्रवर्तिनी वटी मासिक चक्र (Menstrual Cycle) को नियमित करने और मासिक धर्म विकार (Menstrual Health) को ठीक करने वाली औषधि है। यह मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए पतंजलि की सबसे उपयोगी औषधियों (Patanjali Medicine for Menstrual Health) में से एक है।

रजः प्रवर्तिनी वटी के फायदे और उपयोग (Benefits of Raja Pravartini Vati Benefits and Uses in Hindi)

आप रजःप्रवर्तिनी वटी का उपयोग इस तरह से कर सकते हैंः-

अनियमित मासिक स्राव में रजः प्रवर्तिनी वटी के फायदे (Raja Pravartini Vati Benefits in Menstrual Disorder in Hindi)

अनेक महिलाएं अनियमित मासिक धर्म की शिकायत करती हैं। मासिक धर्म के समय रक्त के कम स्राव की शिकायत भी की जाती है। ऐसा गर्भाशय के दूषित होने के कारण होता है। कई स्थूल शरीर वाली स्त्रियों के गर्भाशय और डिम्बाशय कठोर हो जाते हैं, जिससे उनको मासिक स्राव कम में होता है। इस स्थिति में उपचार के लिए यह उत्तम औषधि (rajahpravartani vati for pcos) है। महिलाएं मासिक धर्म संबंधी विकार में रजःप्रवर्तिनी वटी करेंगी तो बहुत लाभ मिलेगा।

यह वटी मासिक धर्म की अनयमितता के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों को भी तुरंत ठीक कर देती है। इस योग के सेवन से गर्भाशय के दोष दूर होते हैं, और मासिक ऋतु स्राव नियमित समय पर सामान्य मात्रा में होने लगता है।

सुस्ती और थकावट को दूर करने के लिए रजः प्रवर्तिनी वटी का सेवन (Raja Pravartini Vati Reduces  Tiredness in Hindi)

कई महिलाओं को मासिक स्राव के समय बहुत अधिक कष्ट होता है। तबीयत में सुस्ती और थकावट बनी रहती है। इस स्थिति को कष्टार्तव या अल्पार्तव कहा जाता है। मासिक धर्म के समय होने वाली शारीरिक थकावट को दूर करने के लिए रजःप्रवर्तिनी वटी का सेवन लाभदायक होता है।

शारीरिक दर्द में रजः प्रवर्तिनी वटी के फायदे (Benefits of Raja Pravartini Vati in Body Pain in Hindi)

मासिक धर्म रुकने पर महिलाओं को कमर और पेडू में दर्द होता है। हाथ–पैर के तलुओं तथा शरीर में दर्द की शिकायत रहती है। इन रोगों को दूर करने के लिए, और मासिक धर्म को दोबारा सही करने में रजः प्रवर्तिनी वटी बहुत मदद (raja pravartini vati benefits) पहुंचाती है।

आंखों की बीमारी में रजः प्रवर्तिनी वटी के फायदे (Raja Pravartini Vati Benefits for Eye Disease in Hindi)

आंखों के रोग जैसे- आंखों में जलन होने आदि परेशानी में भी रजःप्रवर्तिनी वटी का प्रयोग लाभ पहुंचाता है। बेहतर लाभ के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।

रजः प्रवर्तिनी वटी की खुराक (Doses of Raja Pravartini Vati)

आप रजःप्रवर्तिनी वटी का सेवन (rajahpravartani vati uses) इतनी मात्रा में कर सकते हैंः-

250 मिली ग्राम,

अनुपान- गर्म पानी, तिल कषाय, कुलत्थ कषाय के साथ।

आयुर्वेद में रजः प्रवर्तिनी वटी के बारे में उल्लेख (Raja Pravartini Vati in Ayurveda)

रजः प्रवर्तिनी वटी के बारे में आयुर्वेदिक ग्रंथों में कहा गया है –

टङ्कणं हिङ्गु कासीसं कन्यासारं समांशकम्।

कुमारीस्वरसेनैव चणकप्रमिता वटी।।

रजोरोधं कष्टरजो वेदनाश्च तदुद्भवाः।

रजप्रवर्त्तिनी नाम वटी तूर्णं विनाशयेत्।

भाषिता नीलकण्ठेन वह्नि काष्ठचयं यथा।। – भैषज्य रत्नावली – 67/57-58

रजः प्रवर्तिनी वटी बनाने के लिए उपयोगी घटक (Composition of Raja Pravartini Vati)

रजः प्रवर्तिनी वटी को बनाने में निम्न द्रव्यों का प्रयोग किया गया हैं –

क्र.सं.

घटक द्रव्य

उपयोगी हिस्सा

अनुपात

1.

शुद्ध टंकण

1 भाग

2.

शुद्ध कासीस

1 भाग

3.

मुसब्बर (एलुआ)

पत्ते

1 भाग

4.

रामठ (हिंगु) (Ferula narthex Boiss.)निर्यास

1 भाग

5.

कुमारी स्वरस (Aloe vera Tourn.ex Linn.)

पत्ते

Q.S मर्दनार्थ

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

Share
Published by
आचार्य श्री बालकृष्ण

Recent Posts

गले की खराश और दर्द से राहत पाने के लिए आजमाएं ये आयुर्वेदिक घरेलू उपाय

मौसम बदलने पर अक्सर देखा जाता है कि कई लोगों के गले में खराश की समस्या हो जाती है. हालाँकि…

9 months ago

कोरोना से ठीक होने के बाद होने वाली समस्याएं और उनसे बचाव के उपाय

अभी भी पूरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी तरह उबर नहीं पाया है. कुछ महीनों के अंतराल पर…

10 months ago

डेंगू बुखार के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज (Home Remedies for Dengue Fever)

डेंगू एक गंभीर बीमारी है, जो एडीस एजिप्टी (Aedes egypti) नामक प्रजाति के मच्छरों से फैलता है। इसके कारण हर…

10 months ago

वायु प्रदूषण से होने वाली समस्याएं और इनसे बचने के घरेलू उपाय

वायु प्रदूषण का स्तर दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है और सर्दियों के मौसम में इसका प्रभाव हमें साफ़ महसूस…

11 months ago

Todari: तोदरी के हैं ढेर सारे फायदे- Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

तोदरी का परिचय (Introduction of Todari) आयुर्वेद में तोदरी का इस्तेमाल बहुत तरह के औषधी बनाने के लिए किया जाता…

2 years ago

Pudina : पुदीना के फायदे, उपयोग और औषधीय गुण | Benefits of Pudina

पुदीना का परिचय (Introduction of Pudina) पुदीना (Pudina) सबसे ज्यादा अपने अनोखे स्वाद के लिए ही जाना जाता है। पुदीने…

2 years ago