Location IconGPS icon
QUICK BUY! Get 25% off on medicines*

Prothionamide

PROTHIONAMIDE के बारे में जानकारी

Prothionamide का उपयोग

Prothionamide का इस्तेमाल टीबी या यक्ष्मा में किया जाता है

Prothionamide कैसे काम करता है

Prothionamide एक एंटीबायोटिक है। यह टीबी रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया के विकास को धीमा करने का काम करता है। प्रोथियोनामाइड, टीबी रोधी दवाओं की श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह माइकोलिक एसिड के संश्लेषण को अवरुद्ध करता है जो मायकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस की कोशिका भित्ति की अखंडता को बनाए रखने के लिए एक आवश्यक पदार्थ है और इस तरह इसके परिणामस्वरूप संक्रमण पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवों की मौत हो जाती है।

Prothionamide के सामान्य दुष्प्रभाव

Most side effects do not require any medical attention and disappear as your body adjusts to the medicine. Consult your doctor if they persist or if you’re worried about them
Common
भूख में कमी, उबकाई , उल्टी, गैस्ट्रिक जलन, ओर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन (निम्न रक्तचाप), निराशा , दुर्बलता, तंद्रा
CONTENT DETAILS
We provide you with authentic, trustworthy and revelant information
Read our editorial policy

Prothionamide के लिए विशेषज्ञ की सलाह

•प्रोथियोनामाइड का इस्तेमाल 14 वर्ष की आयु से कम वाले बच्चों में नहीं करना चाहिए।
•यदि आपको मधुमेह हो, मिर्गी आती हो, अवसाद या अन्य मानसिक बीमारी के शिकार हों, दौरे पड़ते हों, किडनी के गंभीर रोग हों, लिवर की समस्या हो या दृष्टि की समस्या हो तो प्रोथियोनामाइड लेने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह लें।
•यदि आपको मानसिक मानसिक विकार की कोई पूर्व समस्या हो, तो प्रोथियोनामाइड से उत्तेजनशीलता बढ़ जाती है।
•प्रोथियोनामाइड से उपचार लेने की अवधि में आपको ब्लड शुगर के स्तरों में परिवर्तन, लिवर के कार्यों, तथा थायरॉयड फंक्शन टेस्ट करवाना पड़ सकता है और आपको अपनी दृष्टि की जांच करवानी पड़ सकती है।
•प्रोथियोनामाइड से उपचार के दौरान अल्कोहल का सेवन न करें, क्योंकि इससे पैदा होने वाले दुष्प्रभाव और भी गहरा जाते हैं।
•प्रोथियोनामाइड या इसके किसी घटक के प्रति ऐलर्जिक रोगियों को यह नहीं दिया जाना चाहिए।
•पेट तथा/या ड्युओडेनल अल्सर, आंत के रोग जिनसे आंत में पुनरावृत्ति वाले अल्सर पैदा होते हैं, पेट का दर्द, बार-बार होने वाला दस्त/अतिसार से पीड़ित रोगियों को यह नहीं दिया जाना चाहिए।
•गर्भवती तथा स्तापान करवाने वाली महिला को यह नहीं दिया जाना चाहिए।
•गंभीर लिवर रोग वाले रोगियों को यह नहीं दिया जाना चाहिए।
•शराब पर निर्भर रहने वाले रोगियों में भी इस्तमाल नहीं करना चाहिए।