पाइपेराज़ीन का उपयोग
Piperazine का इस्तेमाल परजीवी कृमि संक्रमण में किया जाता है
पाइपेराज़ीन कैसे काम करता है
पिपेराजीन, एन्थेलमिन्टिक नामक दवाओं की श्रेणी से सम्बन्ध रखता है। यह कीड़ों को पंगु बना देता है और उन्हें मल के जरिए शरीर से निकाल देता है। यह आंत की निमेटोड गोलकृमि (एस्करिस लुम्ब्रिकोइड), सुईनुमा कृमि और धागानुमा कृमि (एंटेरोबिउस वर्मिकुलरिस) के खिलाफ असरदार है। पिपेराजीन एक तंत्रिका मांसपेशी अवरुद्ध उत्पन्न करता है जिसके फलस्वरूप कीड़ों की मांसपेशियां पंगु हो जाती हैं जिन्हें बाद में मल के जरिए शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।
पाइपेराज़ीन के सामान्य दुष्प्रभाव
उबकाई , सिर दर्द, उल्टी, चक्कर आना, असामान्य जिगर कार्य परीक्षण, बुखार, पेट में दर्द, बाल झड़ना, सिर का चक्कर



