Written by: Dixit rajput
ओमेगा-3, हमारे शरीर को कई फायदे पहुँचाता है, लेकिन क्या यह हमारी आँखों के लिए भी फायदेमंद है? आइए जानें विज्ञान इस बारे में क्या कहता है।
Photo Credit: Freepik
ओमेगा-3 फैटी एसिड आपकी आँखों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं, जिससे बढ़ती उम्र के साथ भी आपकी आँखों की रौशनी बरक़रार रहती है।
Photo Credit: Freepik
ओमेगा-3 फैटी एसिड ऐसे जरुरी फैट्स हैं, जिन्हें आपका शरीर नहीं बना सकता। इसके 3 मुख्य प्रकार होते हैं -ALA (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड), प्लांट बेस्ड
1
Photo Credit: Freepik
-EPA (इकोसापेंटेनोइक एसिड) -DHA (डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड) मुख्य रूप से मछली और शैवाल से प्राप्त होता है।
Photo Credit: Freepik
DHA, आँखों की रेटिना में एक प्रमुख संरचनात्मक (Structural) फैट है। DHA का लेवल कम होने पर हमारी आँखों की काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। साथ ही उसकी रौशनी पर भी असर पड़ सकता है।
2
Photo Credit: Freepik
रिसर्च से पता चलता है कि ओमेगा-3, आँसुओं के बनने में मदद कर सकता है। यह आँखों में आने वाली सूजन को कम भी करता है। साथ ही ज्यादा स्क्रीन देखने या उम्र बढ़ने के कारण होने वाले सूखेपन, जलन और लालिमा से राहत देता है।
3
Photo Credit: Freepik
AMD (Age Related Macular Degeneration) आँखों की रौशनी चले जाने का एक प्रमुख कारण है। कुछ अध्ययनों से संकेत मिलता है कि ओमेगा-3 अन्य पोषक तत्वों के साथ मिलकर AMD से आँखों की सुरक्षा कर सकता है या उसके होने में देरी कर सकता है।
4
Photo Credit: Freepik
DHA शिशुओं में रेटिना और मस्तिष्क के बेहतर विकास के लिए महत्वपूर्ण है। माँ का दूध और डीएचए-सप्लीमेंटेड फार्मूला शिशुओं में आँखों की रौशनी को बेहतर बनाता है।
5
Photo Credit: Freepik
हालाँकि इसकी कोई निर्धारित खुराक नहीं है, लेकिन फिर भी एक्सपर्ट्स सुझाव देते हैं कि : -सामान्य तौर पर एक दिन में 250 से 500 मिलीग्राम EPA + DHA -आंखों की समस्याओं के लिए डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ज्यादा मात्रा का उपयोग किया जा सकता है।
Photo Credit: Shutterstock
ओमेगा-3 आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। संतुलित आहार के साथ इसका सेवन करें और सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
Photo Credit: Freepik