Written by: dixit rajput
क्या आप लगातार उदास रहते हैं या आपका मूड बहुत ज़्यादा बदलता रहता है? अध्ययन से पता चलता है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
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आइए जानें कि कैसे ओमेगा-3 डिप्रेशन से बचाने में आपकी मदद कर सकता है:
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लंबे समय तक ब्रेन में सूजन रहने से डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड में एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण होते हैं जो मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
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ओमेगा-3, सेरोटोनिन और डोपामाइन के उत्पादन में मदद करता है - ये ऐसे दो महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर हैं जो आपके मूड और भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इनके लवेल को संतुलित करने से मूड को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
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ब्रेन की सेल-मेम्ब्रेन फैट से बनी होती है, और ओमेगा-3 उन्हें लचीला बनाए रखने में मदद करता है। जिससे सोचने-समझने की क्षमता तो बेहतर होती ही है, साथ ही ब्रेन सेल्स के बीच कम्युनिकेशन भी आसान हो जाता है।
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स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल के ज्यादा बढ़ने से डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षण आने लगते हैं। ओमेगा-3, स्ट्रेस के लेवल को करते हुए कोर्टिसोल के उत्पादन को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।
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ओमेगा-3, याददाश्त को बेहतर बनाता है और फोकस को भी इम्प्रूव करता है। जिससे यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो डिप्रेशन की वजह से उलझन में रहते हैं।
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अपनी डाइट में अलसी, चिया के बीज और फैटी फिश (जैसे मैकेरल) शामिल करें। प्लांट बेस्ड फ़ूड खाने वालों के लिए, अलसी आधारित ओमेगा-3 सप्लीमेंट एक बढ़िया विकल्प है।
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मेंटल हेल्थ से जुड़े फायदों के लिए रोजाना 1,000-2,000 mg ओमेगा-3 लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
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