Written by: dixit rajput
नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) अक्सर गलत खान-पान, जरुरत से ज्यादा खाने और फिजिकल एक्टिविटी ना करने की वजह से होता है।
Photo Credit: Freepik
इसलिए, खाना पकाने में आप कौन सा तेल प्रयोग करते हैं, यह बात बहुत महत्वपूर्ण है। सही कुकिंग ऑयल चुनना आपको फैटी लिवर के साथ-साथ दूसरी बीमारियों से बचाने में भी मदद कर सकता है।
Photo Credit: Shutterstock
आइए जानते हैं 5 ऐसे कुकिंग ऑयल के बारे में, जो आपको स्वस्थ रखने में मदद करते हैं:
Photo Credit: Freepik
एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं। यह लिवर एन्ज़ाइम्स और फैट के लेवल को कम करता है, जिससे फैटी लिवर डिजीज को रोकने में मदद मिलती है।
1
Photo Credit: Freepik
मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और विटामिन E से भरपूर यह ऑयल, सूजन कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी में भी सुधार करता है। यह तेल आपको नॉन-एल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) से बचाने में मदद कर सकता है।
2
Photo Credit: Freepik
यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक बेहतरीन प्लांट बेस्ड सोर्स है। यह तेल लिवर की सूजन को कम करने और लिवर में फैट के इकठ्ठा होने को कम करने के में कारगर है। खासकर फैटी लिवर की शुरूआती स्टेज में यह विशेष रूप से फायदेमंद है।
3
Photo Credit: Freepik
इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड होते हैं, और सैचुरेटेड फैट कम होते हैं। जिससे यह रोजाना खाना पकाने में इस्तेमाल करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है। यह ऑयल आपके लिवर और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
4
Photo Credit: Freepik
इसमें सेसमीन नामक यौगिक होता है, जो लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। तिल के तेल में एंटीऑक्सीडेंट की अच्छी मात्रा होती है जिससे यह लिवर को ऑक्सीडेटिव डैमेज से भी बचाता है।
5
Photo Credit: Shutterstock