चंदन के फायदे और नुकसान (Chandan ke fayde aur nuksaan)

चंदन का परिचय (Introduction of Chandan) आपने चंदन (sandalwood in hindi) के पेड़ को कभी देखा है? अगर नहीं देखा तो कभी न कभी यह जरूर सुना होगा कि चंदन नाम का एक पेड़ होता है जो बहुत...

ऋतुचर्या

(विभिन्न ऋतुओं में आचरण योग्य आहार-विहार)  हमारे शरीर पर खान-पान के अलावा ऋतुओं और जलवात का भी प्रभाव पड़ता है। एक ऋतु में कोई एक दोष बढ़ता है, तो कोई शान्त होता है और दूसरी ऋतु मे...

रात्रिचर्या

(रात में खान-पान और आचार-व्यवहार) दिन और रात को मिलाकर 24 घण्टों की पूरी अवधि को ही एक दिवस कहा जाता है। अतः रात्रिचर्या भी दिनचर्या का ही अंग होता है। दिन भर के सभी काम और परिश्रम...

रसायन चिकित्सा (Rejuvenation Therapy)

संसार में होने वाली प्रत्येक क्रिया, खोज एवं उन्नत चिकित्सा का चरम लक्ष्य है- मानव को आरोग्य, सुख-सुविधा एवं खुशियां प्राप्त कराना। इसी कड़ी में, समूचे विश्व के चिकित्सक और वैज्ञान...

उत्तम स्वास्थ्य प्राप्ति हेतु योग के प्रभावी उपाय एवं साधन

आयुर्वेद शात्र की तरह ही योग शात्र भी एक बहुआयामी एवं बहुत ही व्यापक शात्र है। इसलिए जो योग के सम्पूर्ण ज्ञान विज्ञान व अभ्यास को पूर्ण कर दक्षता प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें योगश...

अष्ट चक्र, विविध योग साधना पद्धतियों व कुण्डलिनी

योग का सम्बन्ध योग साधना में जहाँ भी चक्रों की चर्चा होती है। वहाँ पर योग साधक ऐसा मानने लगते है कि कुण्डलिनी जागरण से ही चक्रों का सम्बन्ध है। वस्तुतः ऐसा नहीं है, कुण्डलिनी जागरण...

पंचकोश

योग व आयुर्वेद के अनुसार मानव-शरीर ईश्वर द्वारा की गयी एक अनुपम रचना है। भारतीय अध्यात्म-विद्या के उपनिषद् आदि ग्रन्थों में शरीर, अन्तःकरण व उनकी क्रियाओं का बहुत सूक्ष्मता से वर्ण...

त्रिदण्डवत्- शरीर, सत्त्व (मन) व आत्मा

मन, आत्मा व शरीर, इन तीनों के संयोग को आयुर्वेद में त्रिदण्डवत् संयोग कहा गया है। तिपाई के समान ऊपर से सिरा जोड़ने पर जैसे तीन दण्ड किसी अन्य सहारे के बिना आपसी सहारे से ही खड़े रह...

Asana for Yog Vishram: विश्राम हेतु योग आसान – Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

शवासन (योगनिद्रा) पीठ के बल सीधे भूमि पर लेट जायें। दोनों पैरों में लगभग एक फुट का अन्तर हो तथा दोनों हाथों को भी जंघाओं से थोड़ी दूरी पर रखते हुए हाथों को ऊपर की ओर खोलकर रखें। आँ...

What is Ashtang Yog: क्या है अष्टांग योग – Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

अष्टांग योग की उपयोगिता संसार के सभी व्यक्ति सुख एवं शान्ति चाहते हैं तथा विश्व में जो कुछ भी व्यक्ति कर रहा है, उसका एक ही मुख्य लक्ष्य है कि इससे उसे सुख मिलेगा। व्यक्ति ही नहीं,...