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Indian Sweet Fennel (Saunf): गुणों से भरपूर है सौंफ – Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)

Contents

सौंफ का परिचय (Introduction of Saunf)

आपने यह देखा होगा कि प्रायः रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद वेटर सौंफ (fennel seeds in hindi) खाने को देते हैं। सौंफ का उपयोग घरों में भी अनेक तरह से किया जाता है इसलिए आप लोग बराबर सौंफ का सेवन करते होंगे। वास्तव में छोटा सा दिखने वाला सौंफ बहुत ही गुणकारी होता है लेकिन अधिकाश लोग सौंफ के इस्तेमाल के बारे में बहुत अधिक नहीं जानते होंगे। आपको शायद यह पता नहीं होगा कि सौंफ एक औषधि है और इसके बारे में आयुर्वेद में बहुत सारी बातें बताई गई हैं।

पतंजलि के अनुसार, सौंफ (fennel seeds in hindi) वात तथा पित्त को शांत करता है, भूख बढ़ाता है, भोजन को पचाता है, वीर्य की वृद्धि करता है। हृदय, मस्तिष्क तथा शरीर के लिए लाभकारी होता है। यह बुखार, गठिया आदि वात रोग, घावों, दर्द, आँखों के रोग, योनि में दर्द, अपच, कब्ज की समस्या में फायदा पहुंचाता है। इसके साथ ही यह पेट में कीड़े, प्यास, उल्टी, पेचिश, बवासीर, टीबी आदि रोगों को ठीक करने में भी सहायता करता है। इसके अलावा सौंफ का प्रयोग कई अन्य रोगों में भी किया जाता है।

सौंफ क्या है (What is Saunf?)

सौंफ (fennel seeds in hindi) का उपयोग प्राचीन काल से मुंह को शुद्ध (Mouth Freshner) करने और घरेलू औषधि के रूप में होता आ रहा है। इसका पौधा लगभग एक मीटर ऊंचा तथा सुगन्धित होता है। इसके पत्तों का प्रयोग सब्जी के रूप में भी किया जाता है। भूमध्यसागरीय इलाके में सौंफ जैसा ही एक पौधा पाया जाता है जिसे एनीसीड (aniseed) कहते हैं। इसका उपयोग इटालवी भोजन में किया जाता है।

अनेक भाषाओं में सौंफ के नाम (Saunf Called in Different Languages)

सौंफ (sauf) का वानस्पतिक नाम फीनीकुलम वलगैरि (Foeniculum vulgare Mill., Syn-Foeniculum officinale All.  Anethum foeniculum Linn.) है और यह Apiaceae (एपिएसी) कुल का है। सौंफ को दुनिया भर में इन नामों से भी जाना जाता हैः-

Saunf in –

  • English (sauf in english) – बिटर फेनेल (Bitter fennel), कॉमन फेनेल (Common fennel), इण्डियन स्वीट फेनेल (Indian sweet fennel), Fennel fruit (फेन्नेल फ्रूट)
  • Hindi (aniseed in hindi) – सौंफ, बड़ी सौंफ
  • Marathi (fennel seeds in Marathi) – बड़ी सेपू (Badi sepu), सौंफ (Saunf)
  • Sanskrit – छत्रा, शालेय, शालीन, मिश्रेया, मधुरिका, मिसि
  • Urdu – पनमधुरी (Panamadhuri)
  • Kannada – बड़ी सोपु (Badisopu), सब्बसिगे (Sabbsige)
  • Gujarati – वरीयाली (Variyaali), वलीआरी (Valiaari)
  • Telugu – सोपु (Sopu), पेद्दजिलकुर्रा (Pedhyajilkurra)
  • Tamil – सोहिकिरे (Sohikire), सोम्बु (Shoumbu)
  • Bengali – मौरी (Mouri), पान मौरी (Pan mori)
  • Punjabi – सोम्पू (Sompu), सोंफ (Saunf)
  • Malayalam – पेरूमजीकम (Perumjikam), कट्टुसत्कुप्पा (Kattusatkuppa)
  • Nepali – मदेशी सौंफ (Madesi saunf)
  • Arabic – एजियानज (Ejiyanaj), असलुल एजियानज (Aslul ejiyanaj)
  • Persian – राजीयानज (Razianaj), राजयाना (Rajyana)

सौंफ के फायदे (Saunf Benefits and Uses)

सौंफ (sauf) का औषधीय प्रयोग, प्रयोग की मात्रा और विधियां ये हैंः-

पेट की गैस की परेशानी में सौंफ के सेवन से लाभ (Saunf Treats Gas Problem in Hindi)

1-2 ग्राम सौंफ की जड़ के चूर्ण का सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है। सौंफ के बीज का काढ़ा बना लें। इसे 5-10 मिली मात्रा में भोजन के प्रत्येक ग्रास के साथ छोटे बच्चों को पिलाने से बच्चों का कब्ज ठीक होता है। आयु के अनुसार मात्रा में सौंफ के बीजों की चटनी का सेवन करने से डकार और पेट की गैस की समस्या ठीक होती है।

और पढ़े: पेट दर्द में उस्तूखूदूस के फायदे

सौंफ के इस्तेमाल से सिरदर्द से आराम (Saunf Benefits in Reducing Headache in Hindi)

सौंफ (sof) को पानी के साथ पीसकर ललाट पर लगाने से सिरदर्द से आराम मिलती है।

और पढ़ें: सिर के दर्द में फायदेमंद गम्भारी

आँखों के रोग में सौंफ से फायदा (Benefits of Saunf to Cure Eye Disease in Hindi)

सौंफ के पत्ते के रस में रूई को भिगोकर आँखों पर रखें। इससे आँखों की जलन, दर्द तथा लालिमा की परेशानी ठीक होती है।

1-2 ग्राम सौंफ (sauf) चूर्ण में 65 मि.ग्रा. खसखस यानी पोस्त के दानों का चूर्ण मिला लें। इसे नियमित सेवन करने से आँखों के रोग ठीक होते हैं तथा आँखों की रोशनी बढ़ती है।

2-4 ग्राम सौंफ चूर्ण में बराबर भाग खाँड मिलाकर सेवन करें। इससे मानसिक रोग तथा गाय के दूध के साथ सेवन करने से आँख के रोग ठीक होते हैं।

सौंफ के उपयोग से जुकाम में फायदा (Uses of Saunf to Cure Common Cold in Hindi)

15-30 मिली सौंफ (sof) के काढ़ा में खांड मिलाकर पिलाने से जुकाम में लाभ होता है।

और पढ़े: जुकाम में कटेरी के फायदे

सौंफ के सेवन से खाँसी में लाभ (Saunf  is Beneficial in Cough Problem in Hindi)

अंजीर के साथ सौंफ का सेवन (fennel in hindi) करने से सूखी खाँसी, गले की सूजन से राहत जल्दी मिलती है। बस सेवन की मात्रा सही होनी चाहिए।

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मुँह के रोग में सौंफ का उपयोग फायदेमंद (Saunf Uses in Oral Problem Treatment in Hindi)

सौंफ का काढ़ा बनाकर उसमें फिटकरी मिलाकर गरारा करने से मुँह के छालों में लाभ होता है। सौंफ में बराबर मिश्री मिलाकर सेवन करने से मुँह से बदबू आने की परेशानी ठीक होती है।

और पढ़े: मुँह के छालों में आलू के फायदे

हकलाने की बीमारी में करें सौंफ का प्रयोग (Uses of Saunf in Stuttering Problem in Hindi)

15-30 मिली सौंफ काढ़ा में मिश्री तथा गाय का दूध मिलाकर पिएं। इससे हकलाना की परेशानी कम होती है।

सांसों की बीमारी (दमा) में सौंफ का सेवन लाभदायक (Saunf Helps in Asthma in Hindi)

अंजीर के साथ सौंफ (sof) का सेवन करने से सूखी खाँसी, गले की सूजन तथा लंग कैंसर में लाभ होता है। 5 मिली सौंफ के पत्तों के स्वरस का सेवन करने से अस्थमा में लाभ होता है।

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भूख की कमी को ठीक करता है सौंफ (Benefits of Saunf in Appetite Problem in Hindi)

बराबर-बराबर भाग में सौंफ, बिडंग, बनायं तथा काली मिर्च का चूर्ण लें। इसे 2-5 ग्राम की मात्रा में गुनगुने जल के साथ सेवन करने से भूख बढ़ती है।

कब्ज में फायदेमंद सौंफ का प्रयोग (Saunf Treats Gas Problem in Hindi)

1-2 ग्राम सौंफ (sof) की जड़ के चूर्ण का सेवन करने से कब्ज में लाभ होता है।

सौंफ के बीज के काढ़ा को 5-10 मिली मात्रा में भोजन के प्रत्येक ग्रास के साथ छोटे बच्चों को पिलाने से बच्चों का कब्ज ठीक होता है।

और पढ़े: कब्ज में नागफनी के फायदे

पेचिश में फायदेमंद सौंफ का इस्तेमाल (Saunf Benefits to Stop Dysentery in Hindi)

  • बराबर-बराबर भाग में बेल, नागरमोथा, सौंफ तथा स्थलपद्म के काढ़ा (10-30 मिली) में मिश्री मिलाएं। इसे पीने से आँवयुक्त पेचिश और खूनी पेचिश में लाभ होता है।
  • गेहूँ के आटे में सौंफ मिलाकर उसकी बाटियाँ बनाकर अंगारों पर सेंकें। पकने के बाद उसे कूटकर मिश्री तथा घी मिलाकर सेवन करने से आँवयुक्त पेचिश के दर्द में आराम मिलता है।
  • चार भाग सौंफ (sof) चूर्ण में एक भाग इलायची चूर्ण तथा पाँच भाग मिश्री चूर्ण मिला लें। इसे  उपयुक्त मात्रा में सेवन करने से पेचिश में शीघ्र लाभ होता है।
  • सौंफ बीज काढ़ा 25-50 मिली में मधु मिलाकर नियमित भोजनोपरांत सेवन करें। इससे अपच, एसिडिटी, गैस, कब्ज, प्यास, बुखार तथा पेशाब की कमी आदि रोग ठीक होते हैं।
  • 3-6 ग्राम बीजों को चबाने से या बीज चूर्ण का सेवन करने से पेट में मरोड़, उल्टी, पेट के कीड़े की परेशानी आदि में लाभ (benefits of saunf) होता है।
  • 2 ग्राम भुनी हुई सौंफ में 2 ग्राम बिना भुनी सौंफ तथा 4 ग्राम मिश्री मिलाकर सेवन करने से पेचिश ठीक होता है।
  • 5-10 मिली सौंफ के पत्तों के रस का सेवन करने से पेचिश में लाभ होता है।

और पढ़ेंगैस्ट्रिक अल्सर का इलाज सौंफ से

सौंफ के प्रयोग से मूत्र रोग का इलाज (Saunf Treats Urinary Problem in Hindi)

सौंफ के पत्तों का रस 5 मिली का सेवन करने से मूत्राशय की सूजन ठीक होती है।

सौंफ के फलों को पीसकर शर्बत बनाकर पीने से पेशाब की जलन शांत होती है।

मासिक धर्म विकार में सौंफ से फायदा (Saunf is Beneficial in Menstrual Disorder in Hindi)

सौंफ के बीज के 10-20 मिली काढ़ा में मधु मिलाएं। इसे नियमित सेवन करने से मासिक धर्म विकार जैसे- समय पर मासिक धर्म का ना आना, मासिक धर्म के समय दर्द होना और बांझपन आदि में लाभ होता है।

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स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध को बढ़ाता है सौंफ (Sauf is Beneficial for Breastfeeding Women in Hindi)

सौंफ के पत्तों के 5 मिली रस को 100 मिली दूध में मिलाकर पीने से स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दूध की वृद्धि होती है।

सौंफ के इस्तेमाल से  गठिया का इलाज (Saunf Benefits in Treating Arthritis in Hindi)

सौंफ, वच, सहिजन, गोक्षुर, वरुण, सहदेवी, वर्षाभू, शटी, गंधप्रसारिणी, अग्निमंथ फल तथा हींग की बराबर मात्रा लें। इसे कांजी से पीसकर, थोड़ा गरम करके लेप करें। इससे गठिया रोग में दर्द और सूजन दोनों ही ठीक (benefits of saunf) होते हैं।

और पढ़े: गठिया रोग में नारंगी के फायदे

मुँहासे में सौंफ का उपयोग फायदेमंद (Uses of Saunf in Relief from Acne in Hindi)

सौंफ को पीसकर मुंह पर लगाने से मुँहासे ठीक होते हैं, चेहरे की चमक बढ़ती है और रंग निखरता है।

और पढ़े: एक्ने का घरेलू उपचार

मैनिया (पागलपन) में सौंफ से लाभ (Benefits of Saunf in Mania in Hindi)

15-30 मिली सौंफ काढ़ा में मिश्री मिलाकर पीने से पागलपन या मैनिया रोग में लाभ होता है।

5-10 ग्राम सौंफ (sounf) को पीसकर उसमें इतना ही खाँड मिला लें। इसे पिलाने से पित्त के कारण होने वाले मैनिया रोग में लाभ होता है।

और पढ़े: पागलपन में चांगेरी के फायदे

बुखार उतारता है सौंफ (Saunf Uses in Fighting with Fever in Hindi)

सौंफ, वच, कूठ, देवदारु, रेणुका, धनिया, खस तथा नागरमोथा को बराबर मात्रा में लेकर उसका काढ़ा बना लें। इसमें मधु तथा मिश्री मिला लें। इसे 25-50 मिली की मात्रा में सुबह और शाम पीने से वात दोष के कारण होने वाला बुखार ठीक हो जाता है।

और पढ़ें: वायरल बुखार के घरेलू इलाज

शरीर दर्द में सौंफ का प्रयोग फायदेमंद (Saunf Help in Treating Body Pain in Hindi)

5-10 मिली सौंफ पत्तों के रस को पीने से पूरे शरीर का दर्द ठीक होता है।

अधिक नींद आने की समस्या को दूर करता है सौंफ (Saunf Cure Insomnia in Hindi)

10-30 मिली सौंफ काढ़ा में नमक मिलाकर पीने से अधिक नींद आने की परेशानी ठीक होती है।

10-30 मिली सौंफ (sounf) के काढ़ा में 100 मिली गाय का दूध तथा घी मिलाकर पिलाने से नींद अच्छी आती है।

मोटापा घटाने में सौंफ का प्रयोग लाभदायक (Saunf Help in Weight Loss in Hindi)

6-12 ग्राम शतपुष्पादि घी को गुनगुने दूध अथवा जल के साथ सेवन करें। इससे वात, पित्त, मेद, मूत्र रोग में फायदा होता है। इसके साथ ही मोटापा, फाइलेरिया (हाथीपाँव) तथा लीवर और तिल्ली की वृद्धि जैसी बीमारी में लाभ (benefits of saunf) होता है।

और पढ़े: तिल्ली के बढ़ने की समस्या में करंज के फायदे

बच्चों के रोग में सौंफ के इस्तेमाल से लाभ (Saunf is Beneficial for Infant Related Disorder in Hindi)

शतपुष्पादि काढ़ा में काला नमक मिलाकर बालकों को पिलाने से बाल रोगों में लाभ होता है।

सौंफ के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Saunf?)

रस – 5 मिली

काढ़ा – 15-30 मिली

चूर्ण – 2 ग्राम

सौंफ के सेवन का तरीका (How to Use Saunf?)

अधिक लाभ के लिए चिकित्सक के परामर्शानुसार ही सौंफ (sounf) का सेवन करें।

सौंफ कहां पाया या उगाया जाता है (Where is Saunf Found or Grown?)

पूरे भारत में समुद्र तल से 1800 मीटर की ऊँचाई तक सौंफ की खेती की जाती है।

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आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, आयुर्वेदिक विशेषज्ञ और पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्तंभ हैं। चार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

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