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सर्दी-जुकाम से राहत पाने के घरेलू उपचार (Home Remedies for Common Cold)

जुकाम से पीड़ित होने के कई कारण हो सकते हैं। मौसम में बदलाव होने पर कई लोगों को जुकाम हो जाती है, तो अनेक लोग अधिक ठण्डी चीज खाने, नमी युक्त वातावरण में रहने से भी जुकाम से ग्रस्त हो जाते हैं। आमतौर पर जुकाम होने पर लोग सीधे एलोपैथिक दवा का प्रयोग करते हैं, लेकिन आप जुकाम का इलाज घरेलू उपायों से भी कर सकते हैं।

एक-दो नहीं बल्कि अनेक घरेलू नुस्खे हैं, जिनसे आप जुकाम से राहत पा सकते हैं।

Contents

जुकाम क्या है? (What is Common Cold in Hindi ?)

जुकाम को नजला (Rhinitis या Nasopharyngitis) भी कहते हैं। यह श्वसन तंत्र का संक्रमण के कारण होने वाला रोग है। इसमें व्यक्ति की नाक प्रभावित होती है। सामान्य जुकाम वायरस के संक्रमण के कारण होता है। जुकाम होने का सबसे आम कारण राइनोवायरस का संक्रमण है। जुकाम में व्यक्ति को नाक से पानी बहने (Behti naak), छींक आने, गले की खराश, नाक बन्द होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

जुकाम होने के लक्षण (Common Cold Symptoms in Hindi)

जुकाम में लोगों को ऐसी परेशानियां होती हैंः-

  • नाक से पानी बहना (Behti naak)
  • नाक में खुजली होना (Itching in Nose)
  • गले में खराश
  • नाक बंद होना
  • सिर में दर्द एवं भारीपन
  • आँखों में जलन
  • खाँसी
  • बुखार
  • छींक आना

जुकाम होने के कारण (Common Cold Causes in Hindi)

यह वायरस के संक्रमण के कारण होता है। दो सौ से अधिक वायरस जुकाम होने के कारण माने गए हैं, लेकिन मुख्य रूप से निम्न दो वायरस ही सामान्य जुकाम के लिए उत्तरदायी होते हैं।

  • कोरेनावायरस (15-30 प्रतिशत मामलों में)
  • राइनोवायरस ( 30-80 प्रतिशत मामलों में)

जुकाम का घरेलू इलाज करने के लिए उपाय (Home Remedies for Common Cold in Hindi)

आप जुकाम को ठीक करने के लिए ये घरेलू उपचार कर सकते हैंः-

हल्दी और दूध से जुकाम का इलाज (Turmeric and Milk:Home Remedies for Common Cold Treatment in Hindi)

एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच हल्दी पाउडर डालकर पिएं। इससे बंद नाक और गले की खराश में आराम मिलता है। नाक से पानी बहना (Behti naak) बंद हो जाता है।

और पढ़ें: गले की खराश में हल्दी के फायदे

तुलसी के सेवन से जुकाम का उपचार (Tulsi: Home Remedy to Cure Common Cold in Hindi)

  • जुकाम में तुलसी अमृत के समान फल देती है। खाँसी और जुकाम होने पर 5-7 पत्तियें को पीसकर पानी में डालकर काढ़ा बना लें। इस काढ़ा को पिएं।
  • नाक बंद होने पर तुलसी की मंजरियों को रुमाल में सूंघने से नाक खुल कर आराम मिलता है।
  • छोटे बच्चों में जुकाम हेने पर 6-7 बूंद अदरक एवं तुलसी का रस शहद में मिलाकर चटाएं। यह बंद नाक को खोलने और बहती नाक (Behti Naak) को रोकने दोनों में सहायक है।

और पढ़ें : तुलसी के फायदे

जुकाम का घरेलू इलाज मेथी और अलसी से (Methi and Alsi: Home Remedies to Treat Common Cold in Hindi)

मेथी और अलसी को 3-4 ग्राम की मात्रा में लेकर 1 गिलास पानी में उबालें। जब अच्छी तरह उबल जाए, तब इसकी 3-4 बूंद को दोनों नाक में डालें। इससे जुकाम में आराम मिलता है।

और पढ़ें – जुकाम में अलसी के फायदे

जुकाम का घरेलू इलाज हल्दी और अजवायन से (Haldi and Ajwain: Home Remedies for Common Cold in Hindi)

दस ग्राम हल्दी और दस ग्राम अजवायन को एक कप पानी में डालकर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए, तब इसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर पिएं। इससे जुकाम में तुरंत आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम हो जाता है।

और पढ़ें : अजवायन के फायदे और उपयोग का तरीका

काली मिर्च का प्रयोग जुकाम में लाभदायक (Black Pepper: Home Remedy for Common Cold in Hindi)

  • काली मिर्च के चूर्ण को शहद के साथ चाटने से जुकाम में आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम होता है।
  • आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और एक चम्मच मिश्री मिलाकर एक गिलास गर्म दूध के साथ दिन में दो बार पिएं।

सरसों का तेल जुकाम में फायदेमंद (Mustard Oil: Home Remedies for Common Cold Treatment in Hindi)

सोते समय दोनों नाक के दोनों छिद्र में 2-2 बूंदे बादाम रोगन या सरसों के तेल की डालकर सोएं। इससे नाक का किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता।

और पढ़े: गले के रोग में वच के फायदे

अदरक के प्रयोग से जुकाम में लाभ (Ginger: Home Remedies for Common Cold in Hindi)

  • कफयुक्त खाँसी में दूध में अदरक उबालकर पिएं।
  • अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटने से भी जुकाम में आराम मिलता है।
  • 1-2 अदरक के छोटे-टुकड़े, 2 काली मिर्च, 4 लौंग और 5-7 तुलसी की ताजी पत्तियां पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। जब यह उबलकर आधा गिलास रह जाए, तब इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।
  • अदरक के छोटे-छोटे टुकड़ों को देसी घी में भूनकर दिन में 3-4 बार पीसकर खाएं। इससे नाक से पानी बहने (Behti Naak) की समस्या से आराम मिलता है.

और पढ़ेंः अदरक के फायदे और नुकसान

जुकाम में फायदा पहुंचाता है लहसुन (Garlic: Home Remedy for Common Cold Treatment in Hindi)

लहसुन में एलिसिन नामक रसायन होता है, जो एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल होता है। यह सर्दी-जुकाम के संक्रमण को दूर करता है। इसके लिए 4-5 लहसुन की कलियों को घी में भूनकर खाएं।

और पढ़ें: सर्दी-जुकाम में अजवाइन का उपयोग लाभदायक

गाय के घी से जुकाम में आराम (Cow Ghee Benefits in Common Cold Treatment in Hindi)

गाय का शुद्ध देशी घी को पिघलाकर 2 बूंद सुबह नाक में डालें। ऐसा नियमित रूप से तीन महीने तक करें। पुराना जुकाम भी ठीक हो जाता है।

और पढ़ें : घी के फायदे और नुकसान

जुकाम में मुनक्के से लाभ (Raisin: Home Remedy to Cure Common Cold in Hindi)

7-8 मुनक्के पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तब मुनक्के निकालकर खाएं, और पानी को पी लें। इससे बहती नाक की समस्या से आराम मिलता है.

और पढें हरीतकी के फायदे जुकाम से राहत दिलाने में

जुकाम से राहत पाने के अन्य घरेलू नुस्खे (Other Home Remedies to Cure Common Cold in Hindi)

  • सोंठ, छोटी पीपल और छोटी इलायची के बीज को 4-4 ग्राम की मात्रा में लेकर गुड़ के साथ पीस लें। इसकी 1-1 ग्राम की छोटी गोलियाँ बना लें। एक-एक गोली रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ लेने से जुकाम ठीक हो जाता है।
  • दोनों नासिकाओं में ताजा गोमूत्र की दो-दो बूंदें सुबह-शाम डालें।
  • बहती नाक (Behti Naak) से परेशान हैं तो चिरायता, सोंठ, अडूसे तथा कटेरी की जड़ को 5-5 ग्राम की मात्रा में लेकर काढ़ा बनाकर पिएँ।
  • कलौंजी के बीजों को तवे पर भूनकर कपड़े में लपेटकर सूंघने से आराम मिलता है।
  • आधा चम्मच दालचीनी को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर खाएँ।

जुकाम में आपका खान-पान (Your Diet in Common Cold Disease)

जुकाम के दौरान आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

  • आधा चम्मच मूली के बीजों का चूर्ण शहद के साथ चाटें।
  • पके हुए अमरूद को उपलों की आग में हल्का भून कर खाएं।
  • जीरे का चूर्ण घी और शक्कर के साथ मिलाकर खाएं। इससे नाक से पानी बहना कम होता है।
  • जायफल को पीसकर इसकी एक चुटकी की मात्रा को दूध में मिलाकर पिएं।
  • गुड़, घी और औंठ को समान मात्रा में लेकर मिला लें। इसे गर्म करके रात को सोते वक्त एक चम्मच की मात्रा में लें।

और पढ़े: जुकाम में कटेरी के फायदे

जुकाम में आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle for Common Cold Disease)

जुकाम के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  • गर्म वातावरण से आकर तुरंत ठण्डे पानी से स्नान ना करें।
  • ए.सी. में न बैठें।
  • जुकाम संक्रमण से होने वाला रोग है, इसलिए भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी प्रकार धोएं।
  • धूल एवं प्रदूषण युक्त वातावरण में चेहरे पर मास्क लगा कर चलें।
  • प्राणायाम करें।
  • लगभग 10-15 मिनट भस्त्रिका एवं कपालभाँति रोज करें।

और पढ़ेंः जानिए क्या है योग

जुकाम में परहेज (Avoid These in Common Cold Disease)

  • ठण्डी एवं बादी चीजों का सेवन बिल्कुल ना करें।
  • दही और चावल का सेवन कम करें।
  • कोल्ड्रिंक, आइसक्रीम बहुत ठण्डा पानी और बर्फ से बनी चीजों को नहीं खाना चाहिए।
  • बासी भोजन बिल्कुल ना करें।
  • जंकफूड और तेलीय भोजन का सेवन ना करें।
  • मौसमी फल एवं सब्जियों का सेवन करें।

जुकाम से जुडे़ सवाल-जवाब (FAQ Related Common Cold)

जुकाम क्यों होता है?

आयुर्वेद में हर रोग का कारण दोषों के असंतुलन को माना गया है। आयुर्वेद में जुकाम को प्रतिश्याय कहा गया है। आपके ऊपरी श्वसन तंत्र में वात एवं कफ दोष के असंतुलन के कारण जुकाम की समस्या हो जाती है। उचित उपचार ना करने पर यह गंभीर होकर कष्टकारक हो जाता है।

जुकाम कितने दिनों में ठीक होता है?

सामान्य जुकाम 8-10 दिन में उचित खान-पान और घरेलू उपचार से ठीक हो जाता है। इसके लक्षण आमतौर पर 6-10  दिन के भीतर समाप्त हो जाते हैं। कई बार यह लक्षण 2 सप्ताह तक भी रह सकते हैं। यह सबसे अधिक होने वाला संक्रामक रोग है, जो वर्ष में एक या दो बार सबको होता है। छोटे बच्चे संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते है, इसलिए यह बच्चों में ज्यादा जल्दी होता है।

जुकाम को गंभीर कब समझना चाहिए?

यदि जुकाम 8-10 दिनों से ज्यादा अवधि तक चलता रहे, और लक्षण (गले में खराश व नाक से पानी बहना) और भी ज्यादा दिखने लगे, तो यह गंभीर रोग में बदल सकता है या साइनुसाइटिस हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

जुकाम किस गंभीर बीमारी का लक्षण होता है?

यदि लम्बे समय तक जुकाम बना रहे, और नाक बन्द होना या नाक से पानी बहना (behti naak), सिर दर्द , सूंघने की शक्ति का कमजोर हो रही हो तो यह साइनुसाइटिस भी हो सकता है। यह सामान्य जुकाम से अलग गम्भीर रोग है। साइनुसाइटिस मुख्य रूप से प्रदूषण, धूम्रपान और इन्फेक्शन के कारण होता है। इस रोग में साइनस की अंदरूनी सतह पर सूजन एवं एलर्जी हो जाती है। यह सूजन बैक्टेरिया या वायरस के संक्रमण के कारण होता है।

और पढ़ेजुकाम में इसबगोल के फायदे

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, स्वामी रामदेव जी के साथी और पतंजलि योगपीठ और दिव्य योग मंदिर (ट्रस्ट) के एक संस्थापक स्तंभ है। उन्होंने प्राचीन संतों की आध्यात्मिक परंपरा को ऊँचा किया है। आचार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

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आचार्य श्री बालकृष्ण

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