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Home Remedies for Dry Hair : रुखे बालों के लिए घरेलू उपचार

मनुष्य के सिर के बाल कोई आभूषण से कम नहीं। यह एक प्रकृति द्वारा दिया जाने वाला आभूषण है। महिलाएं हो चाहे पुरुष सभी को बालों की चाहत होती है। मनुष्य की सुन्दरता उसके बालों द्वारा ही बढ़ती है। जिस व्यक्ति के बाल अच्छे होते है तो उस व्यक्ति की सुन्दरता में चार चाँद लग जाते है लेकिन अगर किसी व्यक्ति के बाल सुन्दर नहीं है तो उसकी सृन्दरता भी कम हो जाती है साथ ही आत्मविश्वास की कमी भी हो जाती है।

आजकल की दिनचर्या एवं प्रदूषण के कारण बालों का प्राकृत तेल नष्ट हो जाता है जिसके कारण बाल रुखे एवं बेजान हो जाते है। बालों की नमी उड़ जाती है। बालों में तीन परतें होती है यदि बाल स्वस्थ है, बाहरी परत में प्राकृतिक तेलों की मदद से आंतरिक परतों की रक्षा कर सकते हैं। जब बाहरी परत टूटती है तब ही बाल रुखे एवं बेजान होते है।

बालों का रूखापन क्या होता है (What is Dry hair)

आयुर्वेद में बालों के रूखेपन का मुख्य कारण वात दोष होता है। यह दो तरह से बालों को रुखा करता है-

जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में आहार नहीं मिलता है जिसके कारण बालों को पोषण पर्याप्त नहीं होता है। पोषण न मिलने से शरीर में वात गुण की अधिकता हो जाती है, वात अपने रुक्ष गुण के कारण बालों को रूखा कर देता है।

जब शरीर के अन्दर वात अवरोध उत्पन्न करता है। अवरोध के कारण पोषक तत्व बालों तक नहीं पहुँचता और  बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं।

बाल रूखे क्यों होते है (Causes of Dry hair)

बालों के रूखे होने के पीछे जीवनशैली, खान-पान, बीमारी, दवाईयां बहुत सारे चीजों की भूमिका होती है। चलिये इनके बारे में  जानते हैं-

हीट स्टाइलिंग उपकरण का अत्यधिक उपयोग- बालों पर हेयर ड्रायर (Dryers), कर्लर (Curlers) और स्ट्रेटनर (Straighteneres) का बहुत ज्यादा उपयोग भी बालें के टूटने, रूखे और बेजान होने का एक प्रमुख कारण होता है।

खराब या गलत हेयर केयर प्रोडक्ट्स का उपयोग– वास्तव में गलत एवं खराब उत्पादों में मौजूद रसायन किसी भी वस्तु को जला सकता है। सिर की त्वचा में हाथ-पैरों की त्वचा की तुलना में अधिक छिद्र होते हैं, इसलिए उस पर इतने तेज रसायनों का उपयोग करने से तनाव का सामना करना पड़ सकता है। जिसके कारण बाल रूखे हो जाते हैं।

अत्यधिक बाल धोने के कारण– बालों को बहुत ज्यादा शैम्पू करने से भी बाल रूखे हो सकते हैं। हालांकि शैम्पू करने की मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग होती है लेकिन एक सप्ताह में दो से तीन बार शैम्पू करना आदर्श माना जाता है। बहुत अधिक शैम्पू करने से बालें के प्राकृतिक और सुरक्षात्मक तेल बालों से निकल जाते हैं जो इसे चमक देते हैं। इससे सिर की त्वचा भी रूखी और खुजलीदार होती है और बाल भी रूखे हो जाते हैं।

पर्यावरणीय कारक– आप जिस वातावरण में रहते हैं, वह भी आपके बालों को रूखा बना सकता है। सूरज की अत्यधिक गर्मी, ठंडी हवाओंं और कम नमी आदि से भी आपके बालों पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। बालों की चमक भी धूप के संपर्क में आने पर फीकी हो जाती है। यदि आप उष्णकटिबंधीय जलवायु (Tropical climate) में रहते हैं, तो संभावना है कि आप क्लोरीनयुक्त पानी में अधिक समय बिताते हैं, जो बालों को रूखा बनाने के लिए मशहूर है।

-दवाएं– कई दवाओं के कारण भी बाल रूखे और पतले हो जाते हैं। जिनमें अवसादरोधी, एंटीबायोटिक, मुहाँसों की दवाएं, एंटीफंगल, कीमोथेरेपी वाली दवाएं, हाई बीपी की दवाएं, वजन घटाने की दवाएं, गठिया और कई अन्य दवाएं आती हैं। डॉक्टर से परामर्श किए बिना कोई भी दवा लेना बंद या बदलनी नहीं चाहिए। लेकिन डॉक्टर से अपनी चिंताओं, समस्या के लक्षणों और संभावित विकल्पों के बारे में बात करें। कभी-कभी सिर्फ दवाएं बदलकर शुष्क बालों की समस्या का समाधान हो जाता है।

-बीमारी-बालों का रुखा होना इन दो बिमारियों का संकेत हो सकता है-

एनोरेक्सिया डिसॉर्डर (Anorexia nervosa)- ये एक ऐसी समस्या है जिसका संबंध हमारे खान-पान से होता है, इस समस्या में व्यक्ति मोटा होने के डर से अपने खाने-पीने में कमी कर देता है और भूख लगने पर भी खाना नहीं खाता, जिसके कारण उस व्यक्ति के शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते और शरीर में प्रोटीन और विटामिन्स की कमी होने लगती है, इस कमी का प्रभाव सबसे पहले व्यक्ति के बालों पर पड़ता है और उसके बाल रुखे और बेजान होकर टूटने या झड़ने लगते हैं।

हाइपोथाइरॉडिज्म (Hypothyroidism)- ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें थाइरॉयड ग्रन्थिया थाइरॉयड हॉर्मोन का उत्पादन करना बन्द कर देती है, इस बीमारी का सबसे पहला लक्षण रूखे और बेजान बाल है। यदि आप के बाल भी रूखे और बेजान होने लगे है तो शीघ्र अति शीघ्र इस बीमारी का टेस्ट कराएं।

और पढ़ें: थायराइड में अलसी का उपयोग

बाल के रूखेपन से बचने के उपाय (How to prevent Dry hair)

बालों को रूखापन से बचाने के लिए अपने जीवनशैली और आहार में कुछ बदलाव लाने की जरूरत होती है। चलिये वह क्या-क्या हैं इनके बारे में विस्तार से जानते हैं-

जीवनशैली-

-बालों को गंदा न होने दें- त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार बाल जैसे ही तैलीय दिखने लगे उन्हें धोना आवश्यक हो जाता है। सिर की त्वचा साफ रखने से रूसी भी नहीं होती तथा बाल भी बढ़ते हैं। बालों को सप्ताह में दो बार हल्के शैंपू से धोना चाहिए।

तेल लगाते समय रखें ध्यान- बालों में तेल लगाना उन्हें पोषण देने के लिए बहुत आवश्यक है लेकिन ज्यादा तेल लगाने से सिर की त्वचा के छिद्र बंद हो जाते हैं क्योंकि सिर की त्वचा से भी तेल निकलता है, अत सिर की त्वचा पर तेल लगाने के बजाय बालों पर अधिक तेल लगाना अधिक महत्वपूर्ण होता है।

केमिकलयुक्त प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से बचें- हेयर स्टाइल के लिए उपयोग में लाए जाने वाले स्प्रे तथा अन्य रसायन बालों को खराब करते हैं, ये बालों की जड़ों को कमजोर बना देते हैं जिससे बाल टूटने जैसी समस्याएं होने लगती हैं, हेयर स्टाइल बनाने के लिए घर पर ही पैक या मास्क बना लें।

बहुत ज्यादा कलरिंग करना- बालों को कलर और ब्लीच करने से बचें, नियमित तौर पर इनका उपयोग करना बालों को रूखा और कमजोर बना देता है जिससे बाल पतले होने लगते हैं। बालों को कलर करने के लिए प्राकृतिक हिना का उपयोग करें।

गीले बालों में कंघी न करें- जल्दबाजी में अधिकतर महिलाएं और लड़कियां गीले बालों में कंघी करने की गलती करती हैं, ऐसा करने से बचें, अगर बाल गीले हैं तो उन्हें उंगलियों की सहायता से सुलझाएं और जब बाल सूख जाएं तब ही कंघी करें।

हेयर ड्रायर का उपयोग करना- कभी-कभी हेयर ड्रायर का उपयोग करना ठीक है लेकिन रोज ही इसका इस्तेमाल बालों में रूखापन लाता है, इसलिए इसका उपयोग कम से कम करने की कोशिश करें।

बालों पर रंगों (डाई) और ब्लीच का अधिक उपयोग– हेयर कलर और ब्लीच में आमतौर पर कठोर रसायन पाए जाते हैं जो बालों में मौजूद प्राकृतिक तेलों को नष्ट करते हैं। अपने बालों को चमकदार और स्वस्थ रखते हुए उन्हें कलर करने के लिए आप मेहंदी का उपयोग कर सकते हैं।

आहार-योजना

सोया प्रोटीन शेक-प्रोटीन शेक खास कर जिनमें सोया प्रोटीन यह बालों के लिए बहुत नुकसानदेह होता है क्योंकि सोया में हेक्सन (पेट्रोलियम साल्वेंट) जो कि बालों के झड़ने का कारण होता है।

-कोलेस्ट्रॉल युक्त आहार-कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटड फैट युक्त आहार खाने से डीएचटी (डायहाइडोटोस्टोस्टेरोन) का स्तर बढ़ता है जिससे बालों के फॉसिल नष्ट हो जाते हैं।(और पढ़े: कोलेस्ट्रॉल के घरेलू उपचार )

-शराब, निकोटीन, कैफीन युक्त आहार-निकोटीन और कैफीन युक्त आहार शरीर में मौजूद विटामिन-सी को नष्ट करता है। जिससे पोषक तत्व शरीर में पहुँच नहीं पाते हैं। इससे बाल रूखे और शुष्क हो जाते हैं।

-शुगर-शुगर शरीर में प्रोटीन के अवशोषण में बाधा डालता है। यह बाल कूप के लिए विशेष रूप से हानिकारक है जिसके लिए प्रोटीन सामान्य स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। स्वस्थ बालों के लिए शुगर से जितना हो सके बचा जाना चाहिए।

और पढ़ेंबालों के लिए गुंजा के फायदे

-सोडियम- सोडियम यानी नमक शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन एक तय मात्रा में ही। सामान्य अवस्था में रोजाना 2,300 मि.ग्रा. से कम नमक शरीर को चाहिए। बीमारी (हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी की बीमारी) या 50 साल से ऊपर की आयु में नमक की रोजाना की मात्रा 1,500 मि.ग्रा. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यदि इससे ज्यादा नमक नियमित रूप से शरीर में जाता है तो न सिर्फ शरीर को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि बाल झड़ने तथा रूखे होने का कारण भी बनता है।

प्रोसेस्ड फूड-प्रोसेस फूड में होता है स्वस्थ बालों का विरोधी एमएसजी एक पदाथ्र होता है मोनोसोडियम ग्लूटैमेट। इसका संक्षिप्त नाम एमएसजी है। एमएसजी या इसी से मिलता-जुलता डिब्बाबंद भोज्य पदार्थों में। इसलिए हमें स्वस्थ बाल पाने के लिए इस तरह के खान-पान से दूर रहना चाहिए।

प्रोसेस्ड फूड में मौजूद सोक्रोज, फ्रूक्टोज और डेक्सट्रोस जैसे मीठे पदार्थ शरीर से विटामिन-ई, के और सी जैसे आवश्यक विटामिन को नष्ट कर देते हैं जिससे बालों को नुकसान पहुँचता है।

ब्लीच किया गेहूँ का आटा-ब्लीच किया गेहूँ का आटा भी कर सकता है नुकसान। सफेद रंग देने के लिए गेहूँ के आटे को ब्लीच कर दिया जाता है। सामान्य आटे के मुकाबले ऐसे आटे में पोषक तत्वों की बहुत कमी होती है। इसके लिए ऐसे आटे को फिर से पोषक तत्वों से समृद्ध करने की कोशिश की जाती है, मगर विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रयास में ये पोषक तत्व (जैसे आयरन) फायदे की जगह नुकसानदायक हो जाते हैं और शरीर के साथ ही बालों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए बाल झड़ने की समस्या में इस प्रकार के आटे से दूर ही रहना चाहिए।

-डायट सोडा-डायड सोडा में स्वीटनर्स होते हैं जिनमें एस्पोर्टम एक घटक के रूप में होता है जो सुस्त बालों के लिए जिम्मेदार होता है और बालों के खराब होने के अलावा बनावट का नुकसान होता है।

बालों का रूखापन कम करने के घरेलू उपाय (Home remedies for Dry hair)

आम तौर पर बालों का रूखापन कम करने के लिए लोग पहले घरेलू नुस्खें आजमाते हैं। चलिये जानते हैं कि ऐसे कौन-कौन-से घरेलू उपाय हैं  जिससे बाल सुलझे और मुलायम हो जाते हैं-

पर्याप्त पानी पीने से बाल सिल्की और सॉफ्ट होते हैं (Drink plenty water for Silky and Sofy hair)

बालों में रूखापन उनमें आयी नमी की कमी के कारण होता है, इससे बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें, ऐसा करने से आपके बालों को उपयुक्त नमी प्राप्त होगी और वो रूखे नहीं होंगे।

तेल का इस्तेमाल रूखे बालों के लिए फायदेमंद (Oil helps to ease Dry hair)

बालों का रूखापन दूर करने के लिए पोषण बहुत जरूरी होता है। आपको अपने बालों को ऐसा पोषण देना चाहिए, जो उन्हें सिल्की और मजबूत बनाये। तेल बालों को पूरा पोषण देने में मदद करते हैं। इसके लिए बराबर मात्रा में नारियल और बादाम का तेल मिलायें। इसमें आधा चम्मच अरंडी का तेल मिला लें। इसके बाद यदि आप चाहें तो इसमें कुछ बूंदे रोजमैरी या लैवेंडर का तेल भी मिला सकते हैं। इन्हें अच्छी तरह मिला लें और स्कैल्प पर इससे मालिश करें। बाद में बालों को शैम्पू करके हल्के गुनगुने पानी से धो लें।

शायद आप नहीं जानते होंगे बालों में अलग-अलग प्रकार के तेल लगाने से बालों का झड़ना शुरु हो जाता है तो कोशिश करें कि बालों में हमेशा सरसों का तेल, नारियल तेल, तील का तेल, जेतुन का तेल इस्तेमाल करे ये आपके बालों को मजबूत और घना बनाने में काफी मददगार होती है ये तेल बालों को मुलायम बनाते हैं।

और पढ़ें : बालों का झड़ना रोकने के घरेलू उपाय

कद्दू रूखे बालों में लाये जान (Pumpkin help to smooth Dry hair)

कद्दू के प्रयोग से भी डैमेज बालों की समस्या को ठीक किया जा सकता है। इसके लिए आप एक कद्दू को लेकर इसके टुकड़े बना लें। अब इन टुकड़ों में थोड़ा दही मिलाकर इस मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने बालों में लगाए। कुछ देर रखने के बाद बालों को साफ पानी से धों दें। कद्दू में बहुत से विटामिन मौजूद होते हैं जो हमारे बालों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।

कच्चा दूध और बेसन रूखे बालों के लिए लाभकारी (Milk and Besan good for Dry hair)

ड्राई या रफ बालों को ठीक करने का यह अच्छा तरीका है। इसके लिए सबसे पहले एक कप कच्चा दूध लीजिये और इसमें दो से तीन चम्मच बेसन मिला लीजिये, अब इन्हें अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों पर अच्छी तरह से लगाये और 15 मिनट तक लगा रहने दें। फिर बालों को ठंडे पानी से धो लें। ऐसा करने से आपके बाल चमकदार तो होंगे ही साथ ही उनका रूखापन भी गायब हो जायेगा।

पौष्टिक आहार रूखे बालों को बनाये सुलझे और शाइनी (Nutritious food beneficial for Dry hair)

इन सबके अलावा आपको अपने खान-पान का भी ध्यान रखना होगा। आप पौष्टिक और संतुलित भोजन लें और अधिक से अधिक तरल पदार्थ लें। अपने भोजन में प्रोटीन युक्त आहार अधिक शामिल करें। बालों के सही पोषण के लिए आपके आहार का सही होना बहुत जरूरी है।

शहद रूखे बालों में लाये जान (Honey best for Silky and Shiny hair)

सेहत पर शहद के फायदों के बारे में तो हमें जानकारी है। लेकिन, क्या आपको मालूम है कि बालें को सिल्की और हेल्दी बनाने में शहद का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए दो कप गर्म पानी में एक चम्मच शहद मिला लें और अच्छी तरह मिक्स कर लें। इसे बालों पर अच्छी तरह लगाकर छोड़ दें। आधा घंटे बाद अच्छी तरह धो लें। आपके बाल नरम और स्मूथ हो जाएंगे।

ऐलोवेरा ड्राई हेयर को बनाये स्मूथ (Aloe vera beneficial for Dry hair)

ऐलोवेरा एक ऐसी औषधि है जिसका प्रयोग त्वचा संबंधी समस्याओं से छूटकारा पाने के लिए किया जाता है लेकिन क्या आप जानते है इसका प्रयोग बालों से रूखापन दूर करने के लिए भी किया जा सकता है, ये एक ऐसा पौधा है जिसे पनपने के लिए ज्यादा मिट्टी या ढेर सारे पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता  नहीं है, इसके उपाय के लिए कुछ करना है तो बस इतना की इस पौधे के पत्तों को काटकर उनमें से जेल निकाल लें। बाल धोने से एक घंटे पूर्व इस जेल को अपने बालों में लगाएं और फिर बाल धो दें, ऐसा सप्ताह में दो बार करें इससे आपके बालों का रुखापन दूर होगा और वे चमकदार बनेंगे।

और पढ़ें: एलोवेरा के फायदे

नींबू से बालों का रूखापन करे कम (Lemon good for Dry hair)

नींबू में विटामिन सी की अधिक मात्रा पायी जाती है जो बालों के लिए लाभकारी होता है। बालों की रूखेपन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए ये सबसे उत्तम घरेलू नुस्खा है। रूखेपन के अलावा नींबू बालों की अन्य समस्याओं से निजात पाने में भी मदद करता है, नींबू का प्रयोग करन से हमारे बालों की लम्बाई में भी फर्क पड़ता है। इसके लिए एक से दो नींबू का रस लें और उसमें पानी मिला लें। उसके बाद इस मिश्रण को अच्छी तरह से अपने बालों और स्कैल्प पर लगाएं। मिश्रण को लगाने के बाद बालों में हल्के हाथों से मसाज करें। एक घण्टे बाद सादे पानी से बालों को धो दें। सप्ताह में तीन बार इसका प्रयोग अवश्य करें आपके बालें का रूखापन कुछ ही प्रयोगों में कम होने लगेगा।

आंवला से रूखे बाल बने सिल्की और स्मूथ (Amla mixture best for Silky and Shiny hair)

बाल को मजबूत बनाने के लिए आंवला और ऐलोवेरा काफी फायदेमंद होता है, आंवला बालों को नेचुरल ग्रो (Hair Growth) करने के लिए काफी मददगार होता है। आंवला में विटामिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है जो बालों के लिए बेहद जरूरी है इसके अलावा एलोवेरा भी बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है ये बालों का झड़ना कम करता है और बालों को मजबूत बनाता है।

और पढ़ेंबहेड़ा के फायदे बालों के लिए

नारियल तेल और दही से रूखे बाल बने मजबूत (Coconut oil and curd helps to smooth Dry hair)

नारियल के तेल व दूध में कई तरह के गुण पाए जाते हैं। अन्य तेलों की तुलना में यह तेल आपके बालों को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है, इसके लिए नारियल के प्राकृतिक दूध को दही और शहद के साथ मिलाकर स्कैल्प में लगायें, कुछ देर रखने के बाद शैम्पू से अपने बाल धो लें। आप चाहे तो इस दूध में मेथी के बीज तथा काली मिर्च भी मिला सकती है।

गुड़हल का फूल रूखे बालों के लिए फायदेमंद (Hibiscus beneficial for Hair growth and silky hair)

बालों के लिए गुड़हल के फूलों और पत्तियें के कई फायदे होते हैं। यह आपके बालों को टूटने और सफेद होने से बचाता है और साथ ही उन्हें पोषण भी प्रदान करता है। इसके लिए गुड़हल के सूखे फूलों को तिल, नारियल या बादाम के तेल के साथ अच्छे से मिला लें। उसके बाद इस मिश्रण से अपने सर की मालिश करें। कुछ देर तक ऐसे ही रहने दे सुखने के बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें। ऐसा करने से आपके बाल शाइनी और नर्म हो जायेंगे।

और पढ़ें: गुड़हल के फायदे

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए (When to see a Doctor)

जब बालों का रंग बदल रहा हो। शरीर के अन्दर बदलाव नजर आ रहे हों जैसे; बहुत ज्यादा वजन का बढ़ना या बहुत ज्यादा कम लगना, बहुत ज्यादा भूख का लगना या बिल्कुल न लगना। बाल बहुत तेजी से गिरना- ये सब लक्षण महसूस होने पर बिना देर किये डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

आचार्य श्री बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण, स्वामी रामदेव जी के साथी और पतंजलि योगपीठ और दिव्य योग मंदिर (ट्रस्ट) के एक संस्थापक स्तंभ है। उन्होंने प्राचीन संतों की आध्यात्मिक परंपरा को ऊँचा किया है। आचार्य बालकृष्ण जी एक प्रसिद्ध विद्वान और एक महान गुरु है, जिनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में आयुर्वेदिक उपचार और अनुसंधान ने नए आयामों को छूआ है।

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