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डेंगू बुखार के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज (Home Remedies for Dengue Fever)

डेंगू बुखार एक गंभीर बीमारी है, जो एडीस इजिप्ती (Aedes egypti) नामक प्रजाति के मच्छरों से फैलता है। इसके कारण हर साल अनेक लोगों की मृत्यु हो जाती है। जब कोई मच्छर डेंगू बुखार से ग्रस्त किसी रोगी को काटता है, और फिर वही मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट लेता है, तो वायरस स्वस्थ व्यक्ति के खून में पहुंच जाता है। इससे स्वस्थ व्यक्ति को भी डेंगू बुखार हो जाता है। मच्छर के एक बार काटने से भी डेंगू होने की संभावना रहती है। क्या आप जानते हैं कि डेंगू बुखार का घरेलू उपचार भी किया जा सकता है।

 

Dengue home remedies

आयुर्वेद में डेंगू बुखार के इलाज के लिए अनेक घरेलू उपाय बताए गए हैं। आप इन उपायों द्वारा डेंगू का उपचार कर सकते हैं। आइए जानते हैं।

Contents

डेंगू बुखार क्या है? (What is Dengue Fever in Hindi?)

डेंगू बुखार एक वायरस के कारण होता है, जो मच्छरों द्वारा फैलता है। डेंगू के वायरस को फैलने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है, और ये माध्यम मच्छर होते हैं। इसे हड्डीतोड़ बुखार (Breakbone fever) भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें रोगी हड्डी टूटने जैसा दर्द होता है।

 

डेंगू वायरस के प्रकार (Dengue Types in Hindi)

डेंगू के वायरस चार प्रकार के होते हैं। डेंगू का बुखार चार प्रकार के वायरस में से किसी एक प्रकार के वायरस के कारण होता है। यदि किसी व्यक्ति को एक बार डेंगू हो जाए तो ठीक होने के बाद शरीर में उस वायरस के लिए एक विशेष एन्टीबॉडी बन जाती है। इस कारण शरीर में उस वायरस के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। बाकी के तीन प्रकार के वायरस से वह कुछ समय के लिए ही सुरक्षित रहता है।

Dengu Fever

 

डेंगू बुखार के लक्षण (Dengue Symptoms in Hindi)

डेंगू होने पर रोगी को ये लक्षण महसूस होते हैंः-

  • डेंगू वायरस से संक्रमित होने के 3 से 14 दिनों के बाद ही किसी व्यक्ति में लक्षण दिखते हैं। ज्यादातर 4 या 7 दिनों के बाद लक्षण दिखना शुरू हो जाता है।
  • डेंगू वायरस के खून में फैलने के एक घंटे में ही संधियों (Joints) में दर्द शुरू हो जाता है, और व्यक्ति को 104 डिग्री तक बुखार भी आता है।
  • ब्लड प्रेशर (Blood pressure) का तेजी से गिरना और हृदयगति का कम होना।
  • आँखों का लाल होना और दर्द होना।
  • चेहरे पर गुलाबी दाने निकलना डेंगू का सूचक है।
  • भूख ना लगना, सिर दर्द, ठंड लगना, बुखार आना। इन चीजों के साथ डेंगू की शुरुआत होती है।
  • यह सभी लक्षण डेंगू के पहले चरण में होते हैं। यह चार दिन तक चल सकते है।
  • डेंगू के दूसरे चरण में बढ़ा हुआ शरीर का तापमान कम हो जाता है, और पसीना आने लगता है। इस समय शरीर का तापमान सामान्य होकर रोगी बेहतर महसूस करने लगता है, लेकिन यह एक दिन से ज्यादा नहीं रहता।
  • डेंगू के तीसरे चरण में शरीर का तापमान पहले से और अधिक बढ़ने लगता है, और पूरे शरीर पर लाल दाने दिखने लगते हैं।

 

डेंगू बुखार के लिए घरेलू उपचार (Home Remedies for Dengue Fever Treatment in Hindi)

आप इन उपायों द्वारा डेंगू का घरेलू उपचार कर सकते हैंः-

 

नीम से डेंगू बुखार का इलाज (Neem: Home Remedy to Treat Dengue Fever in Hindi)

नीम के पत्तों का रस पीने से प्लेटलेट्स (Platelets) और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली में भी सुधार करता है।

Neem juice

और पढ़ेंः नीम के फायदे और नुकसान

 

गिलोय के प्रयोग से डेंगू बुखार में लाभ (Giloy: Home Remedies for Dengue Treatment in Hindi)

  • गिलोय बुखार के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और शरीर के संक्रमण में कमी लाता है। गिलोय के तने को उबाल कर इसका काढ़ा बनाकर पिएँ।
  • 2-3 ग्राम गिलोय पीस लें। इसमें 5-6 तुलसी की पत्तियाँ मिलाकर एक गिलास पानी में उबाल कर काढ़ा बना लें। इसे मरीज को पिलाएँ।

और पढ़ें: गिलोय के औषधीय गुण

 

तुलसी का प्रयोग डेंगू बुखार में फायदेमंद (Tulsi: Home Remedies for Dengue Disease in Hindi)

तुलसी की पत्तियां डेंगू बुखार में बहुत फायदेमंद साबित होती हैं। यह शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालती हैं, और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती हैं।  5-7 तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। इसमें एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर पिएँ।

और पढ़ेंः तुलसी के अनेक फायदे

 

पपीते से डेंगू बुखार का इलाज (Papaya: Home Remedy for Dengue Fever Prevention in Hindi)

पपीते के पत्ते डेंगू बुखार में बहुत लाभदायक होते हैं। पपीते में पोषक तत्वों और कार्बनिक यौगिकों का मिश्रण प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या में वृद्धि करता है।

Papaya benefits for dengue

और पढ़ेंः पपीता के अनेक फायदे

 

डेंंगू बुखार में मेथी का उपयोग लाभदायक (Methika: Home Remedy for Dengue Prevention in Hindi)

मेथी के पत्ते बुखार में कमी लाते हैं, तथा शरीर में दर्द होने पर भी आराम पहुँचाते है। यह डेंगू बुखार के लक्षणों को शान्त करने के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपचार है।

और पढ़ेंः मेथी के फायदे और नुकसान

 

संतरे से डेंगू बुखार का इलाज (Orange: Home Remedy to Treat Dengue Fever in Hindi)

संतरे के रस में एंटीओक्सीडेंट्स (Antioxidants) और विटामिन सी होता है, जो डेंगू बुखार के वायरस को नष्ट करने के लिए बेहतर माना जाता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है।

और पढ़ेंः कैसे संतरे के सेवन से होता है रोगों से बचाव

 

जौ से डेंगू बुखार का उपचार (Barley: Home Remedy to Cure Dengue Fever in Hindi)

जौ घास में रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को सही करके, शरीर प्लेटलेट्स  (Platelets) की संख्या में वृद्धि करने की क्षमता होती है। डेंगू बुखार के समय खून में प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या बहुत कम हो जाती है, इसलिए जौ घास का सेवन बहुत लाभदायक होता है। जौ घास से काढ़ा बनाकर पिएँ। इस घास को खा भी सकते हैं।

Barley benefits for dengue

और पढ़ेंः जौ के अनेक फायदे और उपयोग के तरीके

 

नारियल पानी का सेवन डेंगू में फायदेमंद (Coconut Water: Home Remedy to Treat Dengue Fever in Hindi)

डेंगू के बुखार में राहत पाने के लिए खूब नारियल पानी पिएँ। इसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व जैसे मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स (electrolytes) शरीर को मजबूत बनाते हैं।

और पढ़ेंः नारियल के अनेक फायदे

 

डेंगू में कद्दू का सेवन लाभदायक (Pumpkin: Home Remedy for Dengue Fever Treatment in Hindi)

पके हुए कद्दू को पीस कर एक चम्मच शहद डालकर पिएँ। बेहतर लाभ के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परमार्श लें।

और पढ़ेंः कद्दू के फायदे और उपयोग

 

चुकंदर का सेवन डेंगू में लाभदायक (Sugar Beets: Home Remedy for Dengue Disease in Hindi)

चुकंदर के रस में अधिक मात्रा में एंटीओक्सीडेंट्स (Antioxidants) होता है, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक ग्लास गाजर के रस में मिलाकर पिएँ तो खून में प्लेटलेट्स (Platelets) तेजी से बढ़ता है।

Chukandar benefits for dengue

और पढ़ेंः चुकंदर के फायदे और उपयोग

 

एलोवेरा का प्रयोग डेंगू में लाभदायक (Aloe Vera: Home Remedy for Dengue Prevention in Hindi)

2-3 चम्मच एलोवेरा का रस पानी में मिलाकर रोज पिएं। इससे बहुत सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। डेंगू बुखार में भी यह राहत दिलाता है।

और पढ़ें: एलोवेरा के औषधीय गुण

 

डेंगू के दौरान खान-पान  (Your Diet in Dengue Fever)

डेंगू में खान-पान और जीवनशैली ऐसी होना चाहिएः-

  • अधिक से अधिक पानी पिएँ।
  • डेंगू होने पर तेज बुखार रहता है, साथ ही पेट की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में हल्का एवं सुपाच्य आहार ही लेना चाहिए। 
  • डेंगू में मरीज का मुंह और गला सूख जाता है। इसलिए रोगी को ताजा सूप, जूस और नारियल पानी का सेवन करना चाहिए।
  • नींबू पानी बनाकर पिएँ। नींबू का रस शरीर से गंदगी को पेशाब के द्वारा निकाल कर शरीर को स्वस्थ बनाता है।
  • हर्बल टी से बुखार में आराम मिलता है। इसमें अदरक और इलायची डालकर बनाएँ।
  • डेंगू के लक्षण आने पर ताजी सब्जियों का जूस पिएँ। इसमें गाजर, खीरा और अन्य पत्तेदार सब्जियाँ बहुत अच्छी होती हैं। ये सब्जियाँ आवश्यक विटामिन और खनिजों से परिपूर्ण है जो रोगी के प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने में मदद करते हैं।
  • दलिया का सेवन करें। इसमें मौजूद उच्च फाइबर और पोषक तत्व रोगों से लड़ने के लिए पर्याप्त शक्ति देते हैं।
  • डेंगू के रोगी को प्रोटीन की बहुत आवश्यकता होती है। इसलिए रोगी को दूध और डेयरी उत्पाद (Dairy product) का सेवन जरूर करना चाहिए।

 

डेंगू के दौरान जीवशैली (Your Lifestyle in Dengue Disease)

  • शारीरिक मेहनत ना करें।
  • जितना हो सके आराम करें।
  • गर्म कपड़े पहनें।

 

डेंगू के दौरान परहेज (Avoid These in Dengue Disease)

  • डेंगू होने पर पेट की समस्या हो जाती है। इसलिए तेलयुक्त और मसालेदार भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें।
  • मांसाहार में कई विषाक्त तत्व होते हैं जो व्यक्ति के शरीर को बीमार बनाते हैं। इसलिए मांसाहार से सदैव बचना चाहिये।

 

डेंगू बुखार से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ Related Dengue Fever)

 

डेंगू बुखार में जांच कब करवानी चाहिए

सिर्फ लक्षण देखकर ही नहीं खून की जाँच के बाद ही डेंगू बुखार का पता चलता है। डेंगू के लक्षण सामने आने पर NS1 टेस्ट शुरुआती पाँच दिनों के अन्दर कराना चाहिए, ताकि सटीक परिणाम प्राप्त हो सके। इसके बाद इस टेस्ट को करवाने पर गलत परिणाम भी आ सकते हैं। 

डेंगू बुखार में डॉक्टर से कब सम्पर्क करना चाहिए

डेंगू में व्यक्ति को बहुत तेज बुखार आता है। इसलिए यदि को बुखार आने पर अन्य लक्षण जैसे बदन दर्द, जी मिचलाना, भूख की कमी होने लगता है। ऐसा होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।