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बथुआ खाने के फायदे और उपयोग (Bathua Khane Ke Fayde aur Upyog)

बथुआ (Bathua plant) हर सब्जी मार्केट में आसानी से मिल जाता है, और देश भर में लोग बथुआ  का सेवन करते हैं। आप भी जरूर बथुआ को खाते होंगे, लेकिन आपको केवल यह पता होगा कि बथुआ को साग के रूप में खाया जाता है। अधिकांश लोगों को बथुआ के औषधीय गुणों के बारे में ज्यादा जानकारी ही नहीं है। क्या आपको पता है कि बथुआ एक औषधी भी है, और बथुआ खाने के फायदे कई रोगों में मिलते हैं?

 

बथुआ खाने के फायदे | Benefits of Bathua

बथुआ खाने के फायदे | Bathua Benefits

आयुर्वेद के अनुसार, बथुआ एक बहुत ही फायदेमंद औषधि भी है। आप बथुआ के इस्तेमाल से कई रोगों का उपचार कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि हरे रंग का यह पौधा आपके कितने काम आ सकता है, और आप बथुआ के प्रयोग से किस-किस रोग में लाभ पा सकते हैं।

 

Contents

बथुआ क्या है? (What is Bathua in Hindi?)

बथुआ एक महत्त्वपूर्ण तथा स्वास्थ्यवर्धक शाक (Bathua vegetable) है। इस पौधे के पत्ते  शीतादरोधी (Antiscorbutic) तथा पूयरोधी (Antidiuretic) होते हैं।  बथुए में अनेक प्रकार के लवण एवं क्षार पाए जाते हैं, जिससे यह पेट रोग के लिए फायदेमंद होता ही है साथ ही अनेक बीमारियों में भी काम में लाया जा सकता है।

 

अन्य भाषाओं में बथुआ के नाम (Bathua Called in Different Languages)

बथुआ का वानस्पतिक नाम Chenopodium album Linn. (कीनोपोडियम् एल्बम्) Syn-Atriplex alba (Linn.) Crantz, है और यह कीनोपोडिएसी (Chenopodiaceae) कुल से है। देश भर में बथुआ को बथुआ या वास्तूक के नाम से जानते हैं लेकिन अलग अलग जगहों पर इसे और भी दूसरे नामों से बुलाया जाता है, जो ये हैंः-

Bathua in-

  • Hindi – बथुआ, बथुया, चिल्लीशाक, बथुआ साग
  • Bathua leaves in English – आलगुड (Allgood), बेकॉन वीड (Bacon weed), फ्रोंस्ट-बाइट (Frost-bite), वाइल्ड स्पिनिच (Wild spinach), वाइल्ड गूज फुट (Wild goose foot), लैम्ब्स क्वार्टर (Lamb’s Quarters)
  • Bathua leaves in Sanskrit – वास्तूक , क्षारपत्र, चक्रवर्ति, चिल्लिका, क्षारदला, शाकराट्, यवशाक
  • Bathua leaves in Oriya – बथुआ (Bathua)
  • Bathua leaves in Konkani – चकविट (Chakvit)
  • Bathua leaves in Kannada – विलिय चिल्लीके (Viliye chillikae), चक्रवत्ति (Chakravatti)
  • Bathua leaves in Gujarati – टांको (Tanko), बथर्वो (Batharvo)
  • Bathua leaves in Tamil – परुपकिराई (Parupkkirai)
  • Bathua leaves in Telugu – पप्पुकुरा (Pappukura)
  • Bathua leaves in Bengali – बेतुया (Betuya), चंदन बेथू (Chandan betu)
  • Bathua leaves in Nepali – बथु (Bathu)
  • Bathua leaves in Punjabi – बाथु (Bathu), लुनाक (Lunak)
  • Bathua leaves in Marathi – चाकवत (Chakavata), चकवत (Chakvat)
  • Bathua leaves in Malayalam – वस्तुक्कीरा (Vastuccira)
  • Bathua leaves in Arabic – रोक् बतुल बजामेल (Rok batul bajamel)
  • Bathua leaves in Persian – कताफ (Qataf), कुलफ (Kulf), खुरफा (Khurfa), खुरुअलसाफिर (Khuruelasafir)

 

बथुआ के फायदे (Bathua Benefits in Hindi)

अब तक आपने जाना कि बथुआ को कितने नामों से जानते हैं। आइए अब जानते हैं कि बथुआ (Bathua plant) के औषधीय प्रयोग, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां क्या हैं-

 

बथुआ का उपयोग कर रक्तपित्त (नाक-कान से खून बहना) की समस्या में लाभ (Benefits of Bathua Seeds to Stop Bleeding in Hindi)

नाक-कान आदि अंगों से खून बहने की स्थिति में बथुआ के बीजों (1-2 ग्राम) का चूर्ण बना लें। इसे मधु के साथ सेवन करें। इससे रक्तपित्त में लाभ होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

दांतों के दर्द में बथुआ का प्रयोग (Bathua Benefits to Cure Dental Pain in Hindi)

  • दांत में दर्द हो रहा हो तो बथुआ के बीज का चूर्ण बनाकर दांतों पर रगड़ें। इससे दांत का दर्द तो ठीक होता ही है, साथ ही मसूड़ों की सूजन भी कम हो जाती है।  
  • बथुआ के पत्तों को उबालकर पीस लें। इसे सूजन वाले अंग पर लगाने से सूजन कम हो जाती है।  [Go to: Benefits of Bathua]

और पढ़ें : दांत दर्द दूर करने के घरेलू उपाय 

 

Bathua ke fayde aur nuksan

 

बथुआ के सेवन से खांसी का इलाज (Bathua Saag Benefits for Vata Disorder in Hindi)

बथुआ के पत्तों की सब्जी बनाकर सेवन करें। इससे खांसी में आराम मिलता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

और पढ़ें : खांसी से आराम दिलाते हैं ये घरेलू नुस्खे 

 

पेट में कीड़े होने पर बथुआ का सेवन फायदेमंद (Bathua Plant Benefits for Abdominal Bugs in Hindi)

  • पेट में कीड़े हो जाने पर बथुआ का उपयोग लाभ पहुंचाता है। बथुआ के रस (5 मिली) में नमक मिलाकर पिएं। इससे पेट के कीड़े खत्म होते हैं।
  • बथुआ के पत्ते में केरिडोल होता है, जिसका प्रयोग आंतों के कीड़े एवं केंचुए को खत्म करने के लिए भी किया जाता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

कब्ज की समस्या में फायदेमंद बथुआ का उपयोग (Benefits of Bathua Leaves in Fighting with Constipation in Hindi)

कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए बथुआ के पत्तों की सब्जी (bathua vegetable) बनाकर खाएं। इससे कब्ज के साथ-साथ बवासीर, तिल्ली विकार, और लिवर के विकारों में लाभ मिलता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

और पढ़ें : कब्ज़ दूर करने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे 

 

बथुआ के सेवन से मूत्र रोग में लाभ (Benefits of Bathua Saag Benefits for Urinary Disease in Hindi)

मूत्र रोग को ठीक करने के लिए बथुआ के पत्ते का रस (5 मिली) निकाल लें। इसमें मिश्री मिलाकर पिलाने से मूत्र विकार खत्म होते हैं।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

बथुआ के औषधीय गुण से ल्यूकोरिया रोग में फायदा (Benefits of Bathua Plant to Treat Leucorrhoea in Hindi)

बथुआ का इस्तेमाल ल्यूकोरिया में भी लाभ पहुंचाता है। ल्यूकोरिया से पीड़ित लोग 1-2 ग्राम बथुआ के जड़ को जल या दूध में पकाएं। इसे तीन दिन तक पिएं। इससे ल्यूकोरिया में लाभ होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

दस्त में बथुआ का औषधीय गुण फायदेमंद (Benefits of Bathua Saag to Stop Diarrhea in Hindi)

दस्त को ठीक करने के लिए बथुआ का सेवन करना फायदा देता है। अनार के रस, दही तथा तेल से युक्त बथुआ की सब्जी का सेवन करें। इससे दस्त में फायदा होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

 

बथुआ के औषधीय गुण से पेचिश का इलाज (Benefits of Bathua Leaves in Dysentery in Hindi)

पेचिश में लाभ लेने के लिए बथुआ के पत्तों की सब्जी बना लें। इसमें घी मिला लें। इसका सेवन करने से पेचिश में लाभ होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

खूनी बवासीर में बथुआ खाने के फायदे (Bathua Leaves Benefits for Piles in Hindi)

बथुआ का सेवन खूनी बवासीर में भी लाभ पहुंचाता है। बथुआ के पत्ते के रस को बकरी के दूध के साथ सेवन करें। इससे खूनी बवासीर में फायदा होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

मोच आने पर बथुआ का उपयोग लाभदायक (Bathua Plant Benefits to Treat Sprain in Hindi)

मोच आने पर बथुआ के पत्ते को पीसकर लगाएं। इससे मोच के कारण होने वाले दर्द से आराम मिलता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

जोड़ों के दर्द (गठिया) में बथुआ से फायदा (Bathua Leaves Benefits for arthritis in Hindi)

  • जोड़ों में होने वाले दर्द के कारण लोगों को बहुत तकलीफ झेलनी पड़ती है। शरीर के जिस अंग में तकलीफ हो रही हो, उस अंग की गतिशीलता में कमी आ जाती है। आप जोड़ों के दर्द में बथुआ का सेवन करे। इससे जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलेगा।
  • बथुआ के पत्ते एवं तना का काढ़ा बनाकर जोड़ों पर लगाएं। इससे जोड़ों के दर्द ठीक होते हैं।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

आग से जलने पर बथुआ का उपयोग (Bathua Leaves Benefits in Fire Burning in Hindi)

आग से कोई अंग जल गया है तो बथुआ के पत्ते के रस को जले हुए स्थान पर लगाएं। इससे लाभ होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

साइनस में फायदेमंद बथुआ का प्रयोग (Bathua Benefits in Sinus Treatment in Hindi)

साइनस में बथुआ के पत्ते और तमाखू के फूलों को पीसकर घी में मिलाकर लगाएं। इससे साइनस में फायदा होता है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

बथुआ के सेवन से रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती (Bathua Saag Benefits to Boost Immune in Hindi)

रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर हो जाने पर लोगों को अनेक बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए रोग प्रतिरक्षा शक्ति का मजबूत होना बहुत जरूरी है। जिन लोगों कि रोग प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर हो, वे बथुआ के शाक (सब्जी) में सेंधा नमक मिलाकर, छाछ के साथ सेवन करें। इससे रोग से लड़ने की शक्ति (रोग प्रतिरक्षा शक्ति) मजबूत होती है।  [Go to: Benefits of Bathua]

 

Summary of Benefits of Bathua in Hindi:

 

बथुआ के उपयोगी भाग (Useful Parts of Bathua)

बथुआ का इस्तेमाल इस तरह से किया जा सकता हैः-

  • बथुआ के बीज (bathua seeds)
  • बथुआ के पत्ते
  • बथुआ के पौधे के तने (Bathua plant)
  • बथुआ की जड़

 

बथुआ का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use Bathua Leaves?)

लोग बथुआ की सब्जी बनाकर खाते हैं, लेकिन इसका औषधीय इस्तेमाल भी बहुत फायदेमंद होता है। बेहतर परिणाम के लिए आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से बथुआ के उपयोग की पूरी जानकारी जरूर लें। 

 

बथुआ कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Bathua Plant Found or Grown?)

चूंकि बथुआ एक सब्जी है, इसलिए आसानी से हर सब्जी मार्केट में मिल जाती है। बथुआ की खेती पूरे भारत में की जाती है।