स्ट्रोक

डिस्क्रिप्सन

परिभाषा
 
स्ट्रोक या आघात एक जानलेवा चिकित्सीय आपातकाल है। यह उस समय होता है जब मस्तिष्क की कोशिकाओं में अचानक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जब मस्तिष्क में होने वाली रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है या बहुत ज्यादा कम हो जाती है। मस्तिष्क की कोशिकाओं में ऑक्सीजन युक्त रक्त की कमी होने के कारण आसपास की नसों को काफी नुकसान पहुँचता है जिससे कुछ ही मिनट में मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लगती हैं। इन क्षतिग्रस्त मस्तिष्क कोशिकाओं द्वारा नियंत्रित होने वाले शरीर के अंग अपने काम करने की क्षमता खो देते हैं।
 
संकेत और लक्षण
 
यदि आपको संदेह है कि किसी को स्ट्रोक हो सकता है तो निम्नलिखित संकेतों और लक्षणों पर नजर रखना जरूरी होता है।
1.  बोलने और समझने में कठिनाई- अस्पष्ट भाषण
2.  चेहरे, बांह या पैर के एक तरफ पक्षाघात या स्तब्धता
3.  धुंधली नजर या दोनों आँखों से देखने में कठिनाई
4.  गंभीर सिरदर्द
5.  सीधा चलने में कठिनाई
 
जांच-पड़ताल

डॉक्टर को इस बात का आकलन और मूल्यांकन करने की जरूरत है कि आपको किस तरह का स्ट्रोक हो रहा है और आपके मस्तिष्क के कौन-कौन से क्षेत्र प्रभावित होते हैं। अन्य संभावित कारणों को समाप्त करना भी जरूरी है जैसे ब्रेन ट्यूमर, या प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया। व्यक्तिगत और पारिवारिक इतिहास के मूल्यांकन, वर्तमान दवाओं की समीक्षा, न्यूरोलोजिकल परीक्षा के साथ सम्पूर्ण शारीरिक परीक्षा की जाएगी।
 
रोग की पहचान के लिए किए जाने वाले जांच में शामिल है:
1. खून की जांच - आपके ब्लड शुगर, खून का थक्का बनाने वाले कारकों और इस बात की भी जांच करने के लिए कि क्या अतिमहत्वपूर्ण रक्त लवण का संतुलन ख़त्म हो गया है।
2. सीटी स्कैन- इस बात का आकलन करने के लिए कि यह एक ट्यूमर है, खून का रिसाव हुआ है या खून की आपूर्ति बंद हो गई है।
3. एमआरआई- मस्तिष्क में खून के बहाव का आकलन करने के लिए
4. कैरोटिड अल्ट्रासाउंड- आपकी गर्दन में कैरोटिड धमनियों का आकलन करने के लिए
5.  ईसीजी- आपके हृदय की क्रियाशीलता की जांच करने के लिए।
 
इलाज

स्ट्रोक के प्रकार के आधार पर अलग-अलग इलाज किया जाता है:
 
इस्केमिक स्ट्रोक: खून के थक्कों को खंडित करने वाली दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे एस्पिरिन। टीपीए यानी टिश्यू पलाज्मीनोजेन एक्टिवेटर भी इंजेक्ट किया जा सकता है क्योंकि यह खून के थक्कों बड़ी तेजी से घुला देता है। आपातकालीन परिस्थिति में इसे सीधे धमनी में एक कैथेटर के माध्यम से दिया जा सकता है।
 
हेमोरेजिक स्ट्रोक: मस्तिष्क में दबाव को कम करने और अचानक जब्ती को रोकने और रक्त वाहिनियों के संकुचन को रोकने की दवा दी जाती है।  
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Last updated on:
28 Dec 2016 | 12:02 AM (IST)
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