हार्ट फेल

डिस्क्रिप्सन

परिभाषा

हृदय विफलता (या संचयशील हृदय विफलता) को आम तौर पर हार्ट फेल के नाम से जाना जाता है।  हार्ट फेल होने का मतलब यह नहीं है कि हृदय पूरी तरह काम करना बंद कर देता बल्कि यह एक ऐसी अवस्था है जिसमें हृदय की क्रियाशीलता गंभीर रूप से कम हो जाती है, और यह रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए आवश्यक पर्याप्त खून को पम्प नहीं कर सकता है।
 
कारण और जोखिम कारक

इस रोग के आम कारण और जोखिम कारक हैं
1. उम्र: बढ़ती उम्र के कारण हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं; इसलिए, 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों में हार्ट फेल होने का ज्यादा खतरा रहता है।
2. मोटापा: अत्यधिक वजन, हृदय पर दबाव डालता है और दिल की बीमारी और टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाता है। इन बीमारियों के कारण हार्ट फेल हो सकता है।
3. जन्म दोष: जन्मजात जन्म दोष वाले बच्चों का हार्ट फेल हो सकता है।
4. कोरोनरी हृदय रोग
5. डायबिटीज
6. हाई ब्लड प्रेशर
7. अन्य हृदय समस्याएँ या बीमारियाँ: अनियमित दिल की धड़कन (एरिथमिया या अतालता), हृदय कपाट की बीमारियाँ, हृदय का बढ़ा होना (कार्डियोमायोपैथी), हार्ट अटैक या दिल का दौरा पड़ने का पूर्व इतिहास।  
8. अन्य कारक जो हृदय की मांसपेशियों को चोट पहुंचाते हैं जैसे शराब का नशा या कोकीन और अन्य गैर कानूनी दवाओं का उपयोग, एचआईवी/एड्स, थाइरोइड सम्बन्धी विकार, कैंसर का इलाज, जैसे रेडिएशन और कीमोथेरपी। 
 
संकेत और लक्षण

हार्ट फेल के सबसे आम संकेत और लक्षण हैं:
1. सांस की कमी  
2. कमजोरी
3. पैर, पेट, और गर्दन की नसों में सूजन
4. द्रव प्रतिधारण के कारण वजन बढ़ना
5. बार-बार पेशाब लगना
6. तीव्र या अनियमित दिल की धड़कन
7. व्यायाम करने की क्षमता में कमी
8. लगातार खांसी, रात में हालत और ख़राब हो जाती है या सफ़ेद या गुलाबी रंग के खून के दाग वाले बलगम के साथ घरघराहट
9. भूख का अभाव और उबकाई
10. ध्यान लगाने में कठिनाई या सतर्कता में कमी
 
जांच-पड़ताल

ऐसा कोई टेस्ट नहीं है जो हार्ट फेल की पहचान कर सके। यदि डॉक्टर को संदेह है कि रोगी में हार्ट फेल के संकेत और लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो वह निम्नलिखित टेस्ट करवाने का सुझाव देगा:
1. ईकेजी (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) हृदय की विद्युतीय गतिविधि का आकलन करने के लिए और दिल कितनी तेजी से धड़क रहा है, उसकी लय स्थिर है या अनियमित।
2. छाती का एक्स-रे: इस टेस्ट से पता चल सकता है कि आपका हृदय बड़ा है या नहीं, आपके फेफड़ों में द्रव है या नहीं, या आपको फेफड़े का रोग है या नहीं।
3. बीएनपी ब्लड टेस्ट: इस टेस्ट से आपके खून में बीएनपी (ब्रेन नैट्रीयूरेटिक पेप्टाइड) नामक हारमोन के स्तर की जांच होती है जो हार्ट फेल होने के दौरान बढ़ जाता है।
4. इकोकार्डियोग्राफी: इस टेस्ट से आपके हृदय के आकार और आकृति का पता चलता है और आपके हृदय के कक्ष और कपाट कितनी अच्छी तरह से काम करते हैं।  
5. कोरोनरी एंजियोग्राफी: कोरोनरी एंजियोग्राफी से आपके डॉक्टर को आपके हृदय की मांसपेशियों में खून का बहाव देखने में मदद मिलती है और आपका हृदय कितनी अच्छी तरह से पम्प कर रहा है।
6. कार्डियक एमआरआई: यह टेस्ट आपके हृदय और प्रमुख रक्त वाहिनियों की स्थिर और गतिशील दोनों तरह की तस्वीरें प्रदान करता है।
7. खून की जांच: किडनी, लीवर और थाइरोइड की क्रियाशीलता की जांच करने के लिए।
 
इलाज

हार्ट फेल के प्रकार, उसकी गंभीरता और कुछ विशेष दवाओं पर रोगी की प्रतिक्रिया के आधार पर दवाइयाँ लिखी जाएंगी। हार्ट फेल का इलाज करने के लिए आम तौर पर निम्नलिखित दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है: 
1. एसीई इनहिबिटर
2. बेटा ब्लॉकर
3. मूत्रवर्धक
4. एल्डोस्टेरोन एंटागोनिस्ट
5. आइसोसोर्बाइड डाईनाइट्रेट
6. एंजियोटेंसिन रिसेप्टर ब्लॉकर
7. डाइगोक्सिन  
 
जटिलताएं और आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए

यदि आपको हार्ट फेल की समस्या है तो अपने स्वास्थ्य पर बारीक नजर रखने के लिए नियमित रूप से अपने डॉक्टर के पास जाना जरूरी है। निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती हैं और आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाने के लिए प्रेरित कर सकती।
1. पेशाब कम निकलने पर दिखाई देने वाले हार्ट फेल की समस्या के कारण रक्त की आपूर्ति में कमी आने के कारण किडनी ख़राब या फेल होना
2. एरिथमियास या अटलता
3. लीवर ख़राब होना  
 
रोग की पहचान और रोकथाम

इन बीमारियों की पहचान असंगत है, इसलिए हार्ट फेल के संकेतों और लक्षणों से राहत पाने और इस समस्या को बद से बदतर होने से रोकने के लिए आप बस नियमित रूप से अपनी दवा ले सकते हैं।
1. नियमित रूप से अपने खून में ग्लूकोज के स्तर और ब्लड प्रेशर पर नजर रखें।
2. अपनी जीवन शैली में बदलाव करके जैसे धूम्रपान, शराब और गैर कानूनी दवाओं का इस्तेमाल बंद करके
3. स्वास्थ्यप्रद भोजन करना, नमक के सेवन को सीमित करना, स्वास्थ्यप्रद वजन को बनाए रखना, नियमित रूप से व्यायाम करना, तनाव कम करना और अच्छी तरह सोना सहायक हो सकता है। 
 
 
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Last updated on:
28 Dec 2016 | 12:02 AM (IST)
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